अनिश्चितकालीन कलमबंद हडताल, पटवारियों ने तहसीलदार को सौपा सशर्त सामूहिक इस्तीफा
अनूपपुर
जिले के तहसील-कोतमा, अनूपपुर, जैतहरी, पुष्पराजगढ़ के समस्त पटवारी 12 फरवरी 2026 से अपनी समस्या के समाधान को लेकर अनिश्चितकालीन कलमबंद हडताल पर है, किन्तु आज तक जिला प्रशासन द्वारा समस्या का ठोस निराकरण प्रदाय रहने के बजाय अनूपपुर की आम जनता की हितों और काम को लेकर परेशानी को दरकिनार करते हुये पटवारियों की हड़ताल को तोंडने एवं अनावश्यक वार्यवाही करके डराने व धमकाने की रणनीति पर काम करता दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी पर सभी तहसीलों में तहसील अध्यक्षों को हड़ताल से वापस आने का नोटिस जारी किया गया है, नवीन पटवारी साथियों को सेवा समाप्ति का नोटिस एस०डी०एम० के माध्यम से जारी करवाया गया है तथा संघ पदाधिकारियों को व्यक्तिगत नोटिस जारी कर कार्यवाही का भय दिखाया गया है, जिससे स्पष्ट है कि जिला प्रशासन की 15 दिवस से जिले की जनता के रूके हुये नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा तरमीम, फार्मर रजिस्ट्री, विभिन्न समस्या के जांच प्रतिवेदन, जाति प्रमाण पत्र, गिरदावरी, जैसे कार्यों को निरंतर करवाने की बजाय कार्यवाही की जा रही है, जो कि अनुचित होकर पटवारियों के मनोवल को गिराने वाली है, यह स्पष्ट है कि पटवारी/तहसीलदार चाहे जितना कार्य करले, प्रगति प्राप्त करले यदि आप जिला प्रशासन के तुगलकी फरमानों को मानेगें नहीं तो आपके ऊपर द्वेष पूर्वक कार्यवाही तय है, चाहे आप कर्मचारी या अधिकारी भले क्यों ना हो जिसका ताजा उदाहरण पुष्पराजगढ़ तहसीलदार श्री जाट साहब हैं, फार्मर रजिस्ट्री में 35% से अधिक प्रगति प्राप्त करके जिले में सबसे अच्छा कार्य किया गया जो जिले की औसत प्रतिशत 26.59 से 8.76% अधिक था, किन्तु कम प्रगति का हवाला देते हुए उनकों निलंबित कर देना कर्मचारी अधिकारीयो का मनोबल तोडने वाला कार्य है। इससे जिले में कार्य करने के वातावरण को समझा जा सकता है इससे जिले का समस्त पटवारी भयभीत और हतोस्ताहित है। जिले के समस्त पटवारियों को इस बात का इल्म हो गया है कि इस प्रकार के दबाव, राजनीतिक, भयभीत और हतोस्ताहित करने वाले माहौल में कार्य नहीं किया जा सकता है। सलग्न 10 सूत्रीय मांगों का निराकरण किया जाये या कि सशर्त सामूहिक पद से इस्तीफा स्वीकार किया जावे।
