रीवा महाराजा पुष्पराज सिंह ने पर्यटन, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर पीएम से की मांग
*अहम सुझाव पर IATO ने दिया समर्थन, पत्रकारवार्ता संपन्न*
रीवा
पूर्व मंत्री महाराजा पुष्पराज सिंह आज होटल रीवा राजविलास में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रमुख बिंदु है पर्यटन सांस्कृतिक ऐतिहासिक धरोहर सुरक्षित करने 3 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रेषित एक ईमेल द्वारा कुछ महत्वपूर्ण सुझाव वन्य जीव पर्यटन को और बेहतर करने के लिए दिया था।
यह ज्ञातव्य रहे कि वन्य जीव पर्यटन के साथ-साथ संस्कृति ऐतिहासिक धरोहर वनवासी आदिवासी की लोक कला संगीत एवं सभ्यता तथा प्राचीन सनातन भारत का इतिहास जुड़ता है इसके अलावा एडवेंचर वा इको टूरिज्म भी जुड़ा हुआ है।
यह ई मेल की जानकारी (IATO) आईएटीओ अध्यक्ष रवि गोसाई को मिलते ही उन्होंने इसका समर्थन किया और प्रधानमंत्री को लिखे ईमेल की प्रति मागी जो एक बहुत बड़ा सफलता का संकेत है। (IATO ) पूरे भारत के ट्रैवल एजेंट का सबसे बड़ा संगठन है, जिसने इन सुझावों का संज्ञान लिया है।
निश्चित रूप से इसमें सबसे बड़ा फायदा विंध्य क्षेत्र को होगा, जहां बांधवगढ़ दुवरी, रतापानी, रानी दुर्गावती एवं कान्हा जैसे विश्व प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान एवं बोरी, पचमढ़ी,सतपुड़ा जैसे बायो डाइवर्सिटी के केंद्र है, इन सारी जगह पर भारी मात्रा में पर्यटन बढ़ता जा रहा है, पन्ना और पेंच भी अपने प्रदेश में आते हैं, जहां बाघों की संख्या उत्तरोत्तर बढ़ रही है, ईमेल में प्रधानमंत्री से तथा वित्त मंत्री से निवेदन किया है कि वह बजट में निम्नलिखित छूट प्रदान करेंगे तो बहुत फायदा होगा।
होटल रूम रेंट पर जो कमरा 7500 के ऊपर हो उन पर 12% की जगह 6% किया जाए। राज्य सरकार के लिए ऑफ सीजन में इलेक्ट्रिसिटी, (विद्युत बिल) में 30% की छूट दी जाय। राज्य सरकार को यह सलाह दी जाए कि बांधवगढ़, पन्ना, कान्हा और पेंच जैसे अधिक भीड़ वाले पर्यटन स्थलों पर संतुलित और टिकाऊ पर्यटन नीति लागू की जाए।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि इन सुझावों पर अमल होता है तो मध्यप्रदेश विशेषकर विंध्य क्षेत्र पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
