दो दिवसीय नर्मदा महोत्सव का भव्य शुभारंभ, शोभायात्रा में गूंजा मां नर्मदा का यशोगान
अनूपपुर
पतित पावनी भगवती परंबा मां नर्मदा जी के पावन जन्मोत्सव नर्मदा महोत्सव 2026 का शुभारंभ शुक्रवार को मां नर्मदा के उद्गम स्थल मंदिर से निकाली गई सुसज्जित शोभायात्रा के साथ हुआ। दो दिवसीय महोत्सव के प्रथम दिवस श्रद्धा, आस्था और भक्ति से सराबोर वातावरण में मां नर्मदा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर मां नर्मदा मंदिर, उद्गम स्थल एवं मंदिर परिसर को पुष्पों, रंगोलियों एवं विद्युत सज्जा से आकर्षक रूप में सजाया गया। मां नर्मदा को फूलों से सुसज्जित रथ में विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें साधु-संतों, महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं भक्तों ने मां नर्मदा का यशोगान किया।
शोभायात्रा में स्थानीय जनजातीय दलों ने अपनी पारंपरिक कला एवं संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी। कर्मा, सैला लोकनृत्य दलों एवं गुदुम बाजा दलों ने ढोल, नगाड़ा, टिमकी, बांसुरी, मंजीरा, चटकोला सहित पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों पर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। शासन की मंशानुरूप जिले के जनजातीय कलाकारों की सहभागिता ने शोभायात्रा को और अधिक भव्य बना दिया।
जैसे-जैसे मां नर्मदा की पालकी अमरकंटक के प्रमुख मार्गों पर पहुंची, मार्ग के दोनों ओर खड़े श्रद्धालुओं ने “नर्मदे हर” एवं “त्वदीय पाद पंकजं नमामि देवी नर्मदे” के जयघोष के साथ पुष्पवर्षा कर मां नर्मदा का स्वागत किया। भजन मंडलियों द्वारा भजन-कीर्तन एवं नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियां दी गईं। रथयात्रा में हजारों श्रद्धालु झांझ, मंजीरा, ढोल एवं डमरू बजाते हुए उत्साहपूर्वक मां नर्मदा की आराधना करते चले।
मां नर्मदा की शोभायात्रा पंडित दीनदयाल चौक, थाना परिसर एवं बस स्टैंड मार्ग से होते हुए पुनः नर्मदा मंदिर परिसर पहुंची। मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में विधि-विधान से पूजन-अर्चन एवं आरती संपन्न हुई, तत्पश्चात 24 घंटे का नर्मदा नाम अखंड भजन-कीर्तन प्रारंभ किया गया।
