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तेंदुए के शिकार के चार आरोपियों को वन विभाग ने किया गिरफ्तार भेजे गए जेल
अनूपपुर
वन परिक्षेत्र जैतहरी अंतर्गत एक वन्यप्राणी तेंदुए के मृत होने की सूचना प्राप्त होने पर वन परिक्षेत्र अधिकारी जैतहरी द्वारा मुख्य वन संरक्षक के निर्देशन एवं वनमण्डलाधिकारी अनूपपुर एवं उपवनमंडलाधिकारी के मार्गदर्शन में एक टीम गठित कर जांच प्रारंभ की गई l जांच के दौरान डॉग स्क्वाड शहडोल की सहायता से संदिग्धों को वन विश्राम गृह जैतहरी लाकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान संदिग्धों द्वारा अपराध में शामिल व्यक्तियों की पहचान की गई जिन्हें वन विभाग टीम द्वारा गिरफ्तार कर वन विश्राम लाया गया एवं अपने अभिरक्षा में लेकर उनसे पूछताछ की गई जिस दौरान सभी ने अपना अपराध स्वीकार किया जिसमें सूरज भारिया 21 वर्ष , नोहर कोल 25 वर्ष, सुखलाल भैना 32 वर्ष, हीरालाल कोल 38 वर्ष सभी निवासी जैतहरी वार्ड क्रमांक 15 शामिल थे। उनके द्वारा बताया गया कि हम लोग सभी मिल कर जंगली सूअर का शिकार करने के लिए तार लगाए थे जिसमें तेंदुआ फंस गया l हम लोग डर के कारण तेंदुआ के शव को को घसीट के वनविभाग के द्वारा खोदी गई खाई में फेक दिए और तार ,बांस की खूंटी, शीशी सबको दूर नदी के दूसरे तरफ वाले जंगल में छिपा दिए।सभी अपराधियों को साथ ले जाकर घटना स्थल एवं सामान छिपाने वाले स्थान की शिनाख्त करवाई गई इसके बाद समान की जप्ती कर मौका पंचनामा तैयार किया गया। सभी अपराधियों को विवेचना उपरांत उनके विरुद्ध वन अपराध क्रमांक 4795/5 वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2(16) (a)(b), 9,39, 50, 51,52 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय अनूपपुर में पेश किया गया जहां से सभी अपराधियों को जिला जेल अनूपपुर भेज दिया गया। उक्त प्रकरण में वनपाल पूरन सिंह मरावी, राजू केवट एवं वनरक्षक सतेंद्र मिश्रा, राकेश शुक्ला, पंकजराज सक्तेल, कुंदन शर्मा, कोमल सिंह, तरुण सिंह व अन्य स्टाफ की भूमिका सराहनीय भूमिका रही।
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धूल भरी हवा से स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा, लोग परेशान त्वरित कार्रवाई की मांग
अनूपपुर/कोतमा
जमुना–कोतमा क्षेत्र में गोविंदा साइडिंग के ठीक बगल से गुजरने वाली मुख्य सड़क आज गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट का कारण बनती जा रही है। जिस प्रकार गंदा पानी पीने से शरीर को नुकसान होता है, उसी प्रकार धूल से भरी हवा में सांस लेना भी उतना ही घातक साबित हो रहा है। इस सड़क पर उड़ती धूल ने आम नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों और भारी वाहनों के चालकों को भी भारी मुश्किल में डाल दिया है।
दिनभर साइडिंग से जुड़े कोयला व अन्य भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर धूल का गुबार बना रहता है। हवा के साथ उड़ती महीन धूल सीधे लोगों के फेफड़ों में प्रवेश कर रही है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों, आंखों में जलन, खांसी और एलर्जी की शिकायतें बढ़ रही हैं। सीआईएसएफ के जवान, जो इसी मार्ग पर घंटों खड़े रहकर ड्यूटी निभाते हैं, लगातार इस प्रदूषित हवा को सांस लेने के लिए मजबूर हैं। यह उनके स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।
वाहन चालकों की स्थिति भी चिंताजनक है। दिन-रात इस मार्ग से गुजरने वाले ड्राइवरों के फेफड़े भी स्वच्छ हवा के हकदार हैं। धूल के कारण दृश्यता कम हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों की मांग है कि सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव (सिंचाई) किया जाए, ताकि धूल को नियंत्रित किया जा सके। साथ ही सड़क के पक्कीकरण, हरित पट्टी विकसित करने और प्रदूषण नियंत्रण के अन्य उपायों पर भी तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए।
यह समस्या केवल असुविधा की नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रशासन और संबंधित विभागों को चाहिए कि वे इसे प्राथमिकता से लेते हुए तुरंत प्रभावी कदम उठाएं, ताकि लोग स्वच्छ हवा में सांस ले सकें और अपने जीवन को सुरक्षित रख सकें।
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मां मातंगी के पीठाधीश्वर प्रेम साईं महाराज का आगमन, दिव्य दरबार का आयोजन, हिंदू शोभा यात्रा का हुआ समापन
अनूपपुर/कोतमा
धर्म और आध्यात्म की नगरी कोतमा में मां मातंगी के पीठाधीश्वर प्रेम साईं महाराज के आगमन से नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया। महाराज जी का नगर की पावन धरा पर आगमन होते ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। उनके सानिध्य में कोतमा में धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रारंभ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
दिनांक 10 एवं 11 जनवरी को कोतमा स्थित एलआईसी (LIC) कार्यालय के समीप ठाकुर बाबा मैदान में प्रेम साईं महाराज का भव्य दिव्य दरबार आयोजित किया गया। दिव्य दरबार में महाराज जी ने भक्तों के भूत, वर्तमान और भविष्य से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान किया। आयोजन में दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं को देखते हुए आयोजन स्थल पर सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।
इसी क्रम में 10 जनवरी को नगर में एक विशाल हिंदू शोभा यात्रा निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। शोभा यात्रा का समापन निर्धारित स्थल पर विधिवत रूप से हुआ। इस शोभा यात्रा का उद्देश्य क्षेत्र में चल रहे कथित धर्मांतरण के प्रयासों के प्रति समाज को जागरूक करना रहा। यात्रा के माध्यम से प्रेम साईं महाराज ने कोतमा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों के हिंदू समाज को अपनी संस्कृति, परंपरा और धर्म के प्रति सजग एवं अडिग रहने का संदेश दिया।
महाराज के आगमन और धार्मिक आयोजनों से पूरे नगर में भक्तिभाव और उत्सव का माहौल बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर धर्म लाभ अर्जित किया।
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गाय का मुआवजा दिलाने सरपंच ने बनाया फर्जी पंचनामा, ग्राम पंचायत पतौर का मामला
उमरिया
पंचो की वाणी में परमेवश्वर का वास मनाने वाले देश में आज पंचो की कमाऊ नीति के चलते आज वे परमेश्वर से पिशाच का रूप धारण कर लिया है। ऐसा ही एक मामला जिले के मानपुर विकास खंड के पतौर ग्राम पंचायत में आया है, जहाँ पर सरपंच ने एक लावारिस गाय का किसी अन्य के नाम पर फर्जी पंचनामा बना कर शासकीय राशि का चूना लगाना चाहते हैं। घटना के सन्दर्भ में बताया जाता है कि पतौर गाँव के वंश पति नामक युवक लावारिस गाय को रख रखाव के लिए तीन वर्ष तक अपने देख रेख के लिए रखें थे, बाद में उस गाय को गणेश पूजन में पंडित जी को दान कर दिया गया। पंडित जी गाय को अपने गाँव ले गयें थे, कुछ दिनों बाद गाय गाँव में वापस आ गयी थी, कुछ दिन बाद दिसम्बर 2025 में वंश पति के खेत में लावारिस गाय का शिकार बाघ ने कर लिया । उस लावारिस गाय का पंचनामा गाँव के ही पुष्पा देवी पति राम बहोर दाहिया के नाम पर फर्जी पंचनामा बना कर उसे लाभ दिलाने का प्रयास किया गया है। जानकर सूत्रों की माने तो जानकर अत्यंत हैरानी होगी की यह फर्जी पंचनामा आधा साझा में सौदा तय करके बनाया गया है ।मामले का खुलासा मुख्यमंत्री जन समाधान 181 में करते हुए फर्जी पंचनामा बनाने वाले पंचो के विरुद्ध कार्य वाही करने की मांग की गयी है जिस की शिकायत क्रमांक 35638672 पर दर्ज की गयी है। जिसकी जांच जनपद पंचायत मानपुर के पी सी ओ को दी गई है।
मामले के बारे में बताया जाता है कि पतौर ग्राम पंचायत के प्रभूत्व शाली पंचो के दबाव में जारी फर्जी पंचनामा ग्राम पंचायत में चल रहे फर्जी विकास कार्यों की कलई खोलने के लिये पर्याप्त माना जाता है । कहाँ जाता है कि फर्जी पंचनामा मामले को सुलझाने में कतिपय लोग लगे हुए हैं। पी सी ओ फर्जी पंचनामा की जांच में कितने खरे उतरते है, यह अभी भविष्य के गर्त में छिपा हुआ है।
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रास्ता रोककर बदमाशो ने युवक से की मारपीट, नकद और मोबाइल फोन लेकर हुए फरार
शहडोल
जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में 007 ग्रुप का आतंक है। लगातार इसमें जुड़े बदमाश लूट की घटना को अंजाम दे रहे हैं। अब फिर एक युवक से चाकू की नोक पर लूट की वारदात हुई है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ काफी नाराजगी है।
ब्यौहारी थाना क्षेत्र के भोगिया रोड में यह घटना घटी है। पीड़ित युवक विकाश गुप्ता ने बताया कि वह पपौंध का रहने वाला है। वह ब्यौहारी में एक कपड़े की दुकान में काम करता है। विकास ने कहा कि उसे सैलरी शुक्रवार को मिली थी। वह घर जाने के लिए दुकान से रात में निकला। तभी बाइक और स्कूटी में सवार कुछ बदमाशों ने भोगिया रोड पर उसे रोक लिया। बदमाश छह से अधिक संख्या में थे। चाकू की नोक पर वह सड़क किनारे ले गए और अपने आप को 007 ग्रुप के लोग बताते हुए जमकर मारपीट की। सैलरी में मिले 12 हजार नकद और मोबाइल फोन लूट कर फरार हो गए।
विकास कुछ लोगों को जानता है। पुलिस से शिकायत करते हुए विकास ने बताया कि 007 ग्रुप के बदमाशों ने लूट और मारपीट की है। मारपीट करने वालों में रवि सेन, आंनद यादव, आश्विनी पाण्डेय, अमीन खान, मानस यादव, गुलाब पटेल एवं सूर्यांश तिवारी जो सभी ब्यौहारी थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों में रहते हैं। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भाग गए।
ब्यौहारी के एक युवक ने अपना नाम न लिखने की शर्त में बताया कि इस ग्रुप में लगभग 50 से अधिक युवा वाट्सएप ग्रुप में जुड़े हैं। इसमें जितने लोग हैं लगभग अपराधी मानसिकता के हैं। अगर इस ग्रुप के किसी सदस्य को युवाओं की जरूरत होती है तो वह व्हाट्सएप ग्रुप पर मैसेज करता है। मैसेज करते ही सभी युवक वहां पहुंच जाते हैं। कोई भी घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। सभी के पास महंगी बाइकें हैं। लूट मामले में पुलिस ने नामजद आरोपियों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपियों में रवि सेन, आंनद यादव, आश्विनी पाण्डेय पर पहले भी मामले दर्ज हैं। उनकी तलाश पुलिस काफी दिनों से कर रही थी। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी फरार हैं। तलाश के लिए पुलिस लगी है।
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पवित्र नगरी अमरकंटक में कचरा दान स्वयं बने कचरे का ढेर, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
अनूपपुर
मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में नगर परिषद की स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। नगर परिषद द्वारा विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए गए कचरा दान समय पर कचरा उठाव न होने के कारण स्वयं कचरे का स्वरूप धारण करते नजर आ रहे हैं।
नगर के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर लोहे से बने कचरा दान लंबे समय तक गीला एवं सूखा कचरा भरे रहने से गल चुके हैं। कई कचरा दान टूट-फूट कर गिर गए हैं, जिससे वे स्वयं अनुपयोगी होकर खुले में पड़े कचरे में तब्दील हो गए हैं। स्थिति यह है कि कचरा रखने के लिए बनाए गए ये पात्र अब स्वयं गंदगी का कारण बन गए हैं।
विशेष रूप से नर्मदा पुष्कर बांध, रामघाट तट, तथा मां नर्मदा मंदिर के सामने स्थित मुंडन स्थल के पास टूटे हुए कचरा दान लंबे समय से पड़े हुए हैं। इन्हें हटवाने अथवा बदलवाने की दिशा में अब तक सफाई प्रभारी द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जो प्रशासनिक कार्यकुशलता पर प्रश्न उठाती है।
इतना ही नहीं, नर्मदा पुष्कर बांध स्थित यात्री प्रतीक्षालय के आसपास भारी मात्रा में कचरा इधर-उधर फैला हुआ है। क्षेत्र में शराब की खाली बोतलें, पानी की प्लास्टिक बोतलें, डिस्पोजेबल सामग्री एवं अन्य अपशिष्ट खुले में पड़े हुए हैं, जिससे तीर्थ की पवित्रता और स्वच्छता दोनों प्रभावित हो रही हैं।
श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की निरंतर आवाजाही वाले इस पवित्र स्थल पर ऐसी स्थिति न केवल नगर परिषद की उदासीनता को दर्शाती है, बल्कि मां नर्मदा की आस्था से जुड़े इस क्षेत्र की गरिमा को भी ठेस पहुंचा रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि नर्मदा जयंती जैसे पावन पर्व के पूर्व क्या स्थानीय प्रशासन सजग होकर सफाई प्रभारी एवं स्वच्छता कर्मियों से समुचित कार्रवाई कराएगा? क्या स्वच्छता अभियान के अंतर्गत इन स्थलों की साफ-सफाई कर टूटे कचरा दानों को हटाकर नए कचरा दान स्थापित किए जाएंगे—यह आने वाले दिनों में देखने योग्य होगा।
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हॉस्टल से एक के बाद एक छात्रा हो रही है गायब, 2 अधीक्षिका निलंबित, थाना में हुई शिकायत
शहडोल
जिले के सोहागपुर क्षेत्र स्थित माता शबरी शासकीय कन्या शिक्षा परिसर, कंचनपुर इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। यहां संचालित गर्ल्स हॉस्टल से एक के बाद एक छात्राओं के लापता होने की घटनाओं ने न सिर्फ शिक्षा विभाग बल्कि जिले की सुरक्षा व्यवस्था को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। ताजा मामला सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार 28 दिसंबर को कक्षा 12वीं की एक छात्रा हॉस्टल से अपने मामा के साथ घर जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वह घर नहीं पहुंची और लापता हो गई। इस मामले में तत्कालीन अधीक्षिका सुलोचना बट्टे ने सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अभी इस मामले की पड़ताल कर ही रही थी कि हॉस्टल से दूसरी छात्रा के लापता होने की सूचना ने सभी को चौंका दिया।
8 जनवरी को कक्षा 10वीं की एक छात्रा अपने नाना और दो अन्य छात्राओं के साथ हॉस्टल पहुंची थी। उसकी दोनों सहेलियां तो हॉस्टल के भीतर चली गईं, लेकिन उक्त छात्रा अपनी बहन को बाहर छोड़ने की बात कहकर मुंह में कपड़ा बांधे बाहर निकली और फिर वापस नहीं लौटी। जब रोल कॉल के दौरान छात्रा की अनुपस्थिति सामने आई, तब हॉस्टल प्रबंधन में अफरा-तफरी मच गई, इसके बाद प्रिंसिपल देवेंद्र श्रीवास्तव ने मामले की शिकायत सोहागपुर थाने में दर्ज कराई,पुलिस ने इस मामले में भी अज्ञात के खिलाफ अपहरण का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए अधीक्षिका सुलोचना बट्टे को निलंबित कर दिया,उनके स्थान पर चंद्रकला की पदस्थापना की गई, लेकिन उनके ज्वाइन न करने पर उन्हें भी निलंबित कर दिया गया। फिलहाल ममता सिंह को नई अधीक्षिका नियुक्त किया गया है। एक के बाद एक छात्राओं के लापता होने से अभिभावकों में दहशत है और पूरे जिले में इस गर्ल्स हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वहीं इस मामले में सहायक आयुक्त जन जातीय कार्य विभाग आनंद राय सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों मामलों में थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, मामले की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। वहीं इस पूरे मामले में उप पुलिस अधीक्षक शहडोल राघवेंद्र द्विवेदी का कहना है कि हॉस्टल से दो छात्रा के लापता होने की शिकायत पर मामला दर्ज कर मामले की पड़ताल की जा रही है।
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जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अनदेखा रहा गंभीर मुद्दा, दूषित पानी पर पूर्व नपा उपाध्यक्ष जिवेन्द्र सिंह का तीखा हमला
अनूपपुर
जिला स्वास्थ्य समिति अनूपपुर की महत्वपूर्ण बैठक मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, किंतु आश्चर्यजनक रूप से जिला अस्पताल अनूपपुर से निकलने वाले गंदे, बदबूदार एवं केमिकल युक्त पानी के गंभीर मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की गई।
पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष एवं कांग्रेसी नेता जिवेन्द्र सिंह ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि जिला अस्पताल का दूषित पानी सीधे तिपान नदी में छोड़ा जा रहा है, जबकि उसी नदी का पानी नगरपालिका अनूपपुर द्वारा पेयजल के रूप में नगरीय क्षेत्र में सप्लाई किया जा रहा है। इससे नगरवासियों में उदर संबंधी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
जिवेन्द्र सिंह ने सवाल उठाया कि जब स्वास्थ्य समिति की बैठक में जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी, तब इस गंभीर जल प्रदूषण को नजरअंदाज क्यों किया गया। उन्होंने जिला प्रशासन और नगरपालिका परिषद अनूपपुर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय परिसर में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की स्थापना तत्काल की जानी चाहिए, ताकि प्रदूषित पानी को नदी में मिलने से रोका जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला चिकित्सालय अनूपपुर और नगरपालिका परिषद अनूपपुर संयुक्त रूप से पानी के माध्यम से बीमारियों को न्यौता दे रहे हैं, जो जनहित के साथ सीधा खिलवाड़ है। पूर्व नपा उपाध्यक्ष ने कटाक्ष करते हुए पूछा क्या इस तरह का प्रदूषित पानी सप्लाई करना जनहित में है।
अपने सोशल हैंडल पर साझा किए गए वीडियो और तस्वीरों के माध्यम से जिवेन्द्र सिंह ने जनता से अपील की कि वे देखें, कैसे नाली का पानी नदी में मिलकर उनके घरों तक पहुंचाया जा रहा है। इस मुद्दे ने अब जिले की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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पत्रकार माता का हुआ निधन, दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
अनूपपुर
कीर्ति क्रांति के प्रतिनिधि एवं राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद के सक्रिय सदस्य अजीत तिवारी की पूज्य माताजी स्वर्गीय श्रीमती कुसुम तिवारी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन से तिवारी परिवार सहित संपूर्ण पत्रकार जगत में शोक की लहर व्याप्त है। यह क्षति अपूरणीय मानी जा रही है।दिवंगत माताजी की अंतिम यात्रा दिनांक 11 जनवरी को उनके निज निवास चोलना से मुक्तिधाम के लिए प्रस्थान करेगी। इस दुःखद समाचार के उपरांत जिले एवं संभाग के पत्रकारों, सामाजिकजनों तथा राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद के पदाधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की एवं शोकसंतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य व संबल प्रदान करने की कामना की।