रेल लाइन में मिला महिला का शव, कोबरा के जहर से जंग जीतकर लौटी जिंदगी
उमरिया
जिला मुख्यालय स्थित स्टेशन से करीब पांच किलोमीटर दूर मारुति एजेंसी के सामने रेल ट्रैक पर एक महिला का क्षत-विक्षत शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। महिला का शरीर कई टुकड़ों में बंटा हुआ था। दिल दहला देने वाला नजारा देखकर मौके पर मौजूद लोग सहम गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा संभवतः बीती रात का है। सुबह शव दिखते ही लोगों ने तत्काल रेलवे और पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और पंचनामा कार्यवाही शुरू की। फिलहाल मृतका की पहचान नहीं हो सकी है और न ही यह स्पष्ट हो पाया है कि किन परिस्थितियों में वह ट्रेन की चपेट में आई। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
*कोबरा के जहरीले दंश से जंग जीतकर लौटी जिंदगी*
उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बाका की 17 वर्षीय महक कुशवाहा पिता तारा कुशवाहा को उसके ही घर में घात लगाए बैठे कोबरा सर्प ने डस लिया। महज एक घंटे के भीतर स्वजन घबराई हालत में जब महक को जिला अस्पताल उमरिया लेकर पहुंचे, उस समय वह बेहोशी की हालत में थी और उसकी साँसें थमी-थमी सी लग रही थीं।
आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात डॉ. ज्योति ने तत्काल हालात को भांपते हुए बिना पल गंवाए उपचार शुरू किया और स्थिति की गंभीरता देखते हुए वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजीव लोचन द्विवेदी को सूचना दी। परिजनों की चीख-पुकार और घबराहट के बीच कैजुअल्टी स्टाफ ने तत्काल मामले की जानकारी सिविल सर्जन डॉ. केसी सोनी व डॉ. संदीप सिंह को दी। सभी ने मिलकर न सिर्फ परिवार को भरोसा दिलाया बल्कि सामूहिक प्रयासों से समय रहते एंटी स्नेक वेनम और जीवनरक्षक इंजेक्शन देकर लड़की की जान बचा ली।
अब महक पूरी तरह स्वस्थ है। उसके माता-पिता गदगद होकर कहते हैं कि अगर हम डॉक्टरों पर भरोसा न करते और झाड़-फूंक में उलझ जाते तो शायद आज हमारी बेटी हमारे बीच न होती। परिजनों ने डॉ. ज्योति, डॉ. राजीव लोचन द्विवेदी, सिविल सर्जन डॉ. केसी सोनी, डॉ. संदीप सिंह, कैजुअल्टी स्टाफ, नर्सिंग अधिकारियों और अस्पताल के समस्त स्टाफ का आभार जताते हुए जनता से अपील की है कि ऐसे मामलों मे झाड-फूंक मे समय खराब न करते हुए मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचे ताकि उसकी जीवन रक्षा हो सके।
