खदान को चूस रहा है चंदेश्वर एसईसीएल का विद्युत यांत्रिकी विभाग बना लूट विभाग

खदान को चूस रहा है चंदेश्वर एसईसीएल का विद्युत यांत्रिकी विभाग बना लूट विभाग


अनूपपुर/कोतमा

एसईसीएल की जमुना कोतमा खदान में अगर कोई सबसे खतरनाक बीमारी फैल रही है, तो वह है — भ्रष्टाचार की महामारी! और इसके मुख्य वाहक हैं खुद विभाग प्रमुख चंदेश्वर दयाल, जिन्होंने पूरे विद्युत यांत्रिकी विभाग को कमीशनखोरी का चार्जिंग स्टेशन बना दिया है।खदान के श्रमिक मशीन खराब होने से सिर पकड़ कर बैठ जाते हैं, वहीं चंदेश्वर दयाल साहब अपने घर में लोकल परचेज के नाम पर लाखों की फर्जी बिलिंग से एसी ठंडा कर रहे हैं।

मशीनें चलें या न चलें, उत्पादन ठप हो या ज़ीरो पर पहुँचे इनको फर्क नहीं पड़ता, जब तक कमीशन की गाड़ी पटरी पर दौड़ रही है, मशीनें मरती जा रही हैं पर साहब की जेब मोटी होती जा रही है। जिन मोटर्स और मशीनों की मरम्मत एरिया वर्कशॉप में मुफ्त या न्यूनतम खर्च में हो सकती है, उन्हें जानबूझकर बाजार भेजा जा रहा है। मामला सीधा-सीधा कमीशनखोरी का है। काम नहीं, किकबैक चाहिए। खदान को नुकसान हो रहा है।

पूरे विभाग में एक अजीब तमाशा चल रहा है। सुबह होते ही सप्लायर नाम के दलाल झोला लेकर चंदेश्वर दयाल और उनके चमचों के घर-ऑफिस में हाज़िरी लगाते हैं, यह कोई सरकारी कार्यालय नहीं, यह तो ‘घूस मेला’ बन चुका है। जमुना कोतमा की कॉलोनियों में बिजली नाम की चीज़ सिर्फ कागज़ों में है। श्रमिक दिन भर की थकान के बाद न तो चैन से सो पा रहे हैं, न ही सुबह ड्यूटी जाने की हालत में होते हैं।उत्पादन लगातार गिर रहा है। मशीनें हर रोज़ ब्रेकडाउन पर हैं। लेकिन विद्युत यांत्रिकी विभाग के कर्ताधर्ता अब भी “माल कहाँ से आये?” में लगे हैं।


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