विद्यालय छोड़ नाबालिग बच्चे लगा रहे हैं चंदन, नर्मदा मंदिर के सामने असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
*पर्यटकों को हो रही परेशानी*
अनूपपुर/अमरकंटक
प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में इन दिनों दो दर्जन से अधिक नाबालिग छात्र-छात्राएं विद्यालय जाने के बजाय पैसों के लालच में दिनभर बाहर से आने वाले पर्यटक, तीर्थयात्री एवं श्रद्धालुओं को चंदन लगाते हुए देखे जा सकते हैं। यह प्रवृत्ति जुलाई माह से शुरू हुई और पूरे सावन मास में तेज़ी से बढ़ गई है। इन बच्चों के स्कूल न जाने में उनके माता-पिता भी प्रश्रय दे रहे हैं। प्राधिकरण कर्मचारी एवं मंदिर ट्रस्ट द्वारा रोक-टोक करने पर ये अनावश्यक विवाद में उलझ जाते हैं। यह स्थिति शिक्षा के अधिकार कानून और राज्य सरकार के शिक्षा अभियान के विपरीत है, जहां हर बच्चे को विद्यालय भेजने पर जोर दिया जाता है।
*रामघाट व मंदिर में सक्रिय असामाजिक तत्व*
नर्मदा मंदिर के सामने और रामघाट क्षेत्र में केवल नाबालिग ही नहीं, बल्कि बाहर से आए असामाजिक और नशेड़ी तत्व भी चंदन लगाने के बहाने सक्रिय हैं। इनके आड़ में कुछ लोग यात्रियों का सामान चोरी करने और पर्यटकों से अभद्रता करने तक से नहीं चूकते। दोपहर तक चंदन लगाकर कमाई करने के बाद ये लोग शाम और रात में नशे में धुत्त होकर मंदिर परिसर और घाटों पर दिखाई देते हैं। कई बार ये पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से उलझ जाते हैं, जिससे धार्मिक वातावरण दूषित हो रहा है।
*नागरिकों की प्रशासन से कार्रवाई की मांग*
स्थानीय नागरिकों और मंदिर पुजारियों ने नगर परिषद अमरकंटक, विकास प्राधिकरण और अनूपपुर जिले के लोकप्रिय कलेक्टर हर्षल पंचोली से इस पर सख़्त कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांग है कि अवैध रूप से चंदन लगाने वाले तत्वों को रोका जाए। नशेड़ी और असामाजिक व्यक्तियों को मंदिर परिसर और घाटों से हटाया जाए। नाबालिग बच्चों को विद्यालय में वापस भेजने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।