सिंघौरा के हाट बाजार में हों रही है अवैध वसूली, चारो तरफ गंदगी का आलम, दुकानदार परेशान
अनूपपुर
विकास खण्ड जैतहरी के आने वाली ग्राम पंचायत सिंघौरा आश्रम के हाट बाजार में साप्ताहिक बाजार लगने की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है, यह बाजार स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों के लिए आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है। हालांकि, हाल के दिनों में यहाँ अवैध वसूली और साफ-सफाई की गंभीर लापरवाही के मामले सामने आए हैं, जिससे दुकानदारों में रोष है ।
उपसरपंच जगनारायण यादव द्वारा मनमानी वसूली हर रविवार को बाजार में दूर दरार से आए छोटे-बड़े सभी दुकानदारों से हजारों रुपये की बैठकी वसूली कर दुकानदारो को पर्ची नहीं दी जाती है, पंचायत अधिकारियों उपसरपंच के प्रभाव में है और उनकी संलिप्तता है जिससे उपसरपंच ने सरपंच सचिव को अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सीधे तौर पर दुकानदारों से मनमानी तरीके से बिना पर्ची दिए पैसा वसूली करता हैं और साफ-सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, आलम यह है कि दुकान के अगल बगल और जगह-जगह कचरे के ढेर लगी है, प्लास्टिक पॉलीथिन और अन्य अपशिष्ट बिखरे होने के बावजूद, पंचायत या ठेकेदार द्वारा सफाई का कोई प्रबंध नहीं किया जाता।
बाजार वसूली की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। इससे प्राप्त राशि का सीधे पंचायत विकास कार्यों में उपयोग होना चाहिए न कि निजी हाथों में जाना जवाबदेही का अभाव: ग्राम पंचायत के सचिव का कर्तव्य है कि वह सरपंच के प्रति उत्तरदायी हो और गाँव के विकास तथा धन के अभिलेखों का रखरखाव करे । हालाँकि, इस मामले में सचिव की भूमिका संदिग्ध है सैकड़ों दुकानदार गंदगी और अवैध वसूली से तंग आ चुके हैं उनका कहना है कि पंचायत और ठेकेदार की लापरवाही से उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है, वसूली की गई राशि का हिसाब-किताब पेश किया जाए। बाजार में नियमित सफाई की व्यवस्था की जाए उपसरपंच और ठेकेदार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए सिंघौरा का हाट बाजार मामला पंचायत प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही की ओर इशारा करता है।
