ज्वलंत लंबित मांगों पर विद्युत कर्मचारियों ने भरी हुंकार, ऊर्जा मंत्री व मुख्यमंत्री के नाम सौपा ज्ञापन
*प्रदेश स्तरीय मांगों पर कराया ध्यानाकर्षण*
अनूपपुर
भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ व मध्य प्रदेश विद्युत उत्पादन कर्मचारी संघ ने शुक्रवार को केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर व प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम अनूपपुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर कलेक्टर दिलीप पाण्डेय को ज्ञापन सौंपा। मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ ने पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंप कर बताया कि भारतीय मजदूर संघ और अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ द्वारा घोषित आंदोलन ज्ञापन के समर्थन में 29 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर आयोजित राष्ट्रव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन कार्यक्रम के तहत मांगे सरकार की ओर विचार एवं कार्यवाही के लिए दिया गया है।
*महासंघ की यह है राष्ट्रीय मांगे*
संघ ने केन्द्र स्तर मांग रखी है कि पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू किया जाना चाहिए। भारत सरकार को बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए एक राष्ट्र एक ग्रिड एक सेवा नियम लागू करना चाहिए। विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण क्षेत्रों के लिए एक नई त्रिपक्षीय औद्योगिक समिति का गठन और संचालन किया जाना चाहिए ताकि विद्युत अधिनियम, 20003 की धारा 133 के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। केंद्र सरकार को विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण के निजीकरण को रोकने और उसे युक्तिसंगत बनाने के लिए कदम उठाने चाहिए। ठेका, आउटसोर्सिंग और फ्रेंचाइजिंग प्रथाओं को रोका जाना चाहिए इन श्रेणियों के कर्मचारियों को सुरक्षात्मक कानून, सामाजिक सुरक्षा गारंटी और समान कार्य के लिए समान वेतन प्रदान किया जाना चाहिए। विद्युत अधिनियम 2003 और विद्युत संशोधन विधेयक 202.3 पर तब तक पुनर्विचार किया जाना चाहिए जब तक कि सरकारी स्वामित्व वाली डिस्कॉम के लिए प्रतिस्पर्धी माहौल सुनिश्चित न हो जाए।
*प्रदेश स्तरीय मांगों पर कराया ध्यानाकर्षण*
संघ ने प्रदेश स्तर की मांगो मे बताया कि विद्युत विभाग के संविदा कर्मियों को नियमित किया जावे। विभाग में जो पद विज्ञापित हुये है या होने वाले है, उनके विज्ञापन में संविदाकर्मियों के बारे में किसी प्रकार की रियायत का अनुच्छेद नहीं है जबकि आपके द्वारा विज्ञापित पदों में ही अन्य विभागों से अनुभव प्राप्त कार्मिको को विज्ञापन में अर्हता बनाया गया है, तो बिजली कम्पनी में ती कार्यरत संविदाकर्मियों को आरक्षण क्यों नहीं? संविदा कर्मियों को नियमित किया जावे। विद्युत कम्पनियों की नई नियुक्ति में, विद्युत कम्पनियों के सेवा प्रदाता द्वारा नियोजित बाह्य स्रोत कर्मियों को विज्ञापन में कोई आरक्षण या बोनस अंक प्रदान नहीं किये गये हैं नाहि कोई रियायत की गई है। विभाग के विज्ञापन में अनुभव को भी योग्यता मानते हुये पद विज्ञापित हुये है तो बाह्यस्रोत कर्मियों का अनुभव तो इसी विभाग से है। इन्हें नियुक्ति में वरीयता दी जावे या विभागीय परीक्षा के द्वारा इन्हें नियमित किया जावे। विद्युत कंपनी के परीक्षण सहायक, सयंत्र सहायक की वेतन विसंगति में सुधार किया जावे। विद्युत कंपनी के परीक्षण सहायक संयंत्र सहायक को कनिष्ठ यंत्री का कार्य सौंपा जावे। अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों में विभिन्न कंपनियों में अलग-अलग विधान बनाये गये है, उन्हें एक समान किया जावे। पूर्वक्षेत्र कंपनी में संविदा नियुक्ति दी गयी है तथा शर्त भी है कि रिक्त स्थान होने पर नियमित किया जावेगा, परन्तु यदि रिक्त पदों पर प्रत्यक्ष भर्ती होगी ता अनुकम्पा नियुक्ति वाले हमेशा संविदा में ही रहेंगे। मप्र विद्युत मंडल के समय की विद्युत सहकारी समिति सीधी, नौगाव, लौड़ी, बंदा के कर्मचारी, वर्तमान में विद्युत कंपनियो में कार्यरत हैं परन्तु उन्हें आज भी विद्युत सहकारी समितियों का लाभ दिया जा रहा है, उन्हें संविलियन किया जावे।
*बीएमएस ने इन समस्याओं पर चाहा निदान*
म.प्र. विद्युत उत्पादन कर्मचारी संघ (बीएमएस) ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुये मांग की कि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कं.लि.में 2009 से 2018 तक नियुक्त हुये नियमित कर्मचारियों को तीन वेतन वृद्धि देकर वेतन विसंगति को दूर किया जाये। विभागीय अनुमती प्राप्त कर उच्च शिक्षा (पार्ट टाईम डिप्लोमा) उत्तीर्ण कर लेने वाले कर्मचारियों को पूर्व के वर्ष 2003 की भांति कनिष्ठ अभियंता के पद पर पदस्थ किया जाये। आउटसोर्स ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों को जो कि 5 वर्ष से अधिक समय से कार्य कर रहे हैं, उनका कंपनी में संविलियन किया जाये, जिससे उनका भी रोजगार सुरक्षित होगा। वर्तमान में कार्यरत श्रमिकों को बिना पूर्व सूचना के, अकारण फर्म/ठेकेदार द्वारा कार्य से निकाल दिया जाता है, जिससे इस आयु में श्रमिक के समक्ष रोजगार का संकट उत्तपन्न हो जाता हैं. अतः नियमित कर्मचारियों की तरह इनके भी कार्य की उम्र 60 वर्ष निर्धारित की जाये। न्यूनतम वेतन अधिनियम 1947 के अंतर्गत बढे हुए मजदूरी का अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक का एरियर का भुगतान कराया जाये साथ ही सामाजिक सुरक्षा, ईएसआई लागू की जाये।
*यह रहे उपस्थित*
कलेक्ट्रेट मे ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के सत्येंद्र पाटकर, जेपीएन शर्मा, जुगल किशोर मौर्य, बृजेश तिवारी, बृजेश द्विवेदी, दुर्गेश तिवारी, सुमित बक्सरिया, सुनील चौरसिया, संदीप द्विवेदी, प्रदीप पटेल, अशोक विश्वकर्मा, विपुल श्रीवास्तव, सीताराम मिश्रा, तेजवली दहायत, रामकृष्ण रौतेल, विवेक पटेल, नर्मदा पटेल, देवव्रत पटले, नितेश मेश्राम, राजकुमार ढीमर, संतलाल, सावन कुमार, दीपक पटेल समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
