01.

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सीतापुर (अनूपपुर)

अनूपपुर जिला मुख्यालय के सीतापुर में स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भारत की केन्द्र सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय की योजना है। जिसका उद्‌देश्य आदिवासी बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करना एवं प्रतिभाओं को निखारना है। जिसमे एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय अनूपपुर के शिक्षकों के द्वारा बच्चों की प्रतिभाओं को उभारा एवं उन्हें उपलब्धिया प्राप्त करने के लिये अथक प्रयास किये है। विद्यालय द्वारा पिछले सत्र में कई उपलब्धियां हमारे विद्यालय में प्राप्त हुई है।

*छात्रों की शैक्षणिक सफलता*

02 छात्रों का NEET में तथा 02 छात्रों का JEE में चयन हुआ। 01 छात्रा का आकांक्षा योजना में चयन हुआ। 01 छात्रा का दक्षिणा योजना में चयन हुआ। Govt. Service (Railway) में छात्रों का चयन हुआ है।

*खेल एवं सांस्कृति उपलब्धियां*

07 विद्यार्थियों का राष्ट्रीय स्तरीय खेल प्रतियोगिता में चयन हुआ। 46 विद्याथियों का राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता भोपाल के लिये चयन हुआ जिसमें 07 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 28 विद्यार्थियों को रजत पदक तथा 08 विद्यार्थियों को कांस्य पदक प्राप्त कर विद्यालय को गौरवंतित किया। सांस्कृतिक एवं कला गतिविधियों में भी विद्यालय का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है। इस गतिविधियों में 06 विद्यार्थी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक प्राप्त कर विद्यालय को गौरवंतित किया।

*डिजीटल एवं तकनीकी शिक्षा*

Smart Classroom, Extra Class, लैब और डिजिटल लर्निंग टूलस, कम्प्यूटर इत्यादि की उपयोग। Online शिक्षा और E-Learning का उपयोग।

02. 

"Noble Public Higher Secondary  School Jaithari (Anuppur)

अनूपपुर जिले के जैतहरी कस्बे में वर्ष 2010 में "ज्ञान धारा शिक्षा समिति" जैतहरी के द्वारा वार्ड नंबर 9 में नोबल पब्लिक हायर सेकेंडरी इंग्लिश मीडियम स्कूल एक किराए की बिल्डिंग में स्थापना की गई। स्कूल का फर्श से अर्थ तक का सफर देखने लायक है। प्रारंभिक अवस्था में संस्था ने काफी संघर्ष करते हुए क्षेत्र के बच्चों का सर्वांगीण विकास करते हुए बेहतर से बेहतर शिक्षा मुहैया कराई।

क्षेत्रीय संभ्रांत जनों का काफी अच्छा सहयोग मिला, क्योंकि स्कूल में टीचिंग स्टाफ और स्कूल मैनेजमेंट बच्चों की शिक्षा के लिए समर्पित था और वर्तमान में है, संस्था संघर्ष करते हुए निरंतर आगे बढी एवं शिक्षा के क्षेत्र में शायद ही कोई ऐसी उपलब्धि होगी जो जिले, संभाग एवं प्रदेश स्तर पर विद्यालय को प्राप्त ना हुई हो।

इस विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर यहां के छात्र-छात्राएं वर्तमान में मेडिकल, इंजीनियरिंग, रियल स्टेट के क्षेत्र में अग्रणी होते हुए अपने माता-पिता एवं विद्यालय का नाम रोशन कर चुके हैं, विद्यालय में शासन की आर टी ई निशुल्क योजना के अतिरिक्त विद्यालय प्रबंधन द्वारा माता-पिता विहीन बच्चों को निशुल्क शिक्षा व्यवस्था दी जा रही है, ताकि हमारे क्षेत्र के निर्धन एवं अनाथ बच्चे शिक्षा से वंचित न हों और अच्छी शिक्षा प्राप्त कर अच्छे नागरिक बन सके, उल्लेखनीय है कि पिछले सत्र 19 अगस्त 2024 को संभाग एवं जिले में बेहतर प्रदर्शन को ध्यान रखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यालय से विद्यालय को आमंत्रण प्राप्त हुआ था एवं विद्यालय की सराहना की गई थी। विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु खेल, स्वच्छ वातावरण, लाइब्रेरी एवं आधुनिक प्रयोगशाला की संपूर्ण व्यवस्था है।

विद्यालय में अच्छी शिक्षा के साथ साथ अच्छे संस्कार भी दिए जाते हैं, जो आज वर्तमान परिवेश में अत्यंत आवश्यक हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति में क्षेत्र के अच्छे शिक्षाविद एवं क्षेत्रीय संभ्रांत जनों का सहयोग प्राप्त है, इसलिए विद्यालय निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर है।

03

"Dayanand Anglo Vedic DAV School Burhar (Shahdol)"

शहडोल जिले के बुढ़ार में स्थित दयानंद एंग्लो-वैदिक (डीएवी) विद्यालयों का इतिहास एक सदी से भी ज़्यादा पुराना है। 1886 में लाला हंसराज द्वारा लाहौर में स्थापित, डीएवी स्कूलों का उद्देश्य प्राचीन वैदिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक ज्ञान के साथ जोड़ना है। 900 से ज़्यादा स्कूलों, 75 कॉलेजों और एक विश्वविद्यालय के साथ, डीएवी भारत के सबसे बड़े गैर-सरकारी शैक्षिक संगठनों में से एक है, जो समग्र शिक्षा प्रदान करता है और अपने छात्रों में राष्ट्रीय गौरव और सामाजिक ज़िम्मेदारी को बढ़ावा देता है। डीएवी विद्यालय बुढ़ार से हर वर्ष दर्जनों छात्र- छात्राए अच्छी जॉब में जाकर विद्यालय, शहर व परिवार का नाम रोशन कर रहे हैं। इस विद्यालय में छात्रावास सुविधा उपलब्ध होने से दूर बुढ़ार शहर से बाहर से आने वाले बच्चो को असुविधा नही होती है। इस विद्यालय का मूल उद्देश्य अच्छी शिक्षा व संस्कार देकर बच्चो सफल बनाना है।

समाज के प्रति सदैव कल्याणकारी भावना रखने वाले छोटेलाल सरावगी ने बुढ़ार, एक सुदूर क्षेत्र में एक डीएवी स्कूल की स्थापना के नेक मिशन की शुरुआत की। उनके निस्वार्थ प्रयास का उद्देश्य वंचितों को सशक्त बनाना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को उन लोगों तक पहुँचाना था जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी। इस परोपकारी पहल ने अनगिनत छात्रों के जीवन को बदल दिया है और समुदाय के उज्जवल भविष्य की प्रेरणा दी है।

04.

"St.  Aloysius Senior Secondary School, Shahdol"

शहडोल जिला मुख्यालय में स्थित सेंट एलोयसियस सीनियर सेकेंडरी स्कूल की स्थापना 1 जुलाई 2010 को फादर जॉर्ज पी.ए. द्वारा की गई थी और 14 अगस्त 2010 को जबलपुर के सेवानिवृत्त बिशप जेराल्ड अल्मेडा द्वारा इस विद्यालय की आधारशिला रखी गई। यह स्कूल, सेंट एलोयसियस स्कूल जबलपुर की एक शाखा है, जिसकी स्थापना वर्ष 1869 में हुई थी। शहडोल में इस विद्यालय की स्थापना का विचार कई वर्षों से एक लंबे समय से संजोया हुआ सपना था।

हर महान संस्था केवल ईंट और दीवारों से नहीं बनती, बल्कि सपनों, मूल्यों और दृढ़ संकल्प से बनती है। सेंट एलोयसियस शहडोल आज ज्ञान और चरित्र का एक उज्ज्वल प्रतीक बनकर खड़ा है, जो परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम प्रस्तुत करते हुए पीढ़ियों से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करता आ रहा है। इसके प्रांगण से गुजरना मानो ऐसी दुनिया में प्रवेश करना है, जहाँ अनुशासन और रचनात्मकता मिलते हैं और शिक्षा उन मूल्यों के साथ आगे बढ़ती है जो जीवन को आकार देते हैं।

*शहडोल के लिए दृष्टिकोण*

ईमानदारी, नेतृत्व और करुणा को पोषित करके, सेंट एलोयसियस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शहडोल ने नगर की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना को सीधे प्रभावित किया है। यह केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक विकास का केंद्र है। सामाजिक जागरूकता अभियानों से लेकर सामुदायिक सेवा कार्यक्रमों तक, विद्यालय ने शहडोल की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाया है और एकता तथा शांति को बढ़ावा दिया है।

*विद्यालय निम्नलिखित उद्देश्यों पर विशेष रूप से केंद्रित है*

प्रत्येक छात्र को समाज का दूरदर्शी और आत्मविश्वासी व्यक्ति बनाना।प्रत्येक छात्र को राष्ट्र का ईमानदार नागरिक बनाना। शिक्षकों में आत्म-मूल्य की भावना विकसित करना। प्रत्येक छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना। बालक/बालिका के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना।

*उपलब्धियाँ*

विद्यालय ने छात्रों की असाधारण प्रतिभा और क्षमता को प्रोत्साहित किया है। इसके विद्यार्थियों ने खेलकूद के क्षेत्र में स्थानीय, जिला, संभागीय, राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तरों पर उल्लेखनीय पहचान बनाई है। विज्ञान, वाणिज्य और कला के क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।

*भविष्य के लिए दृष्टिकोण* 

सेंट एलोयसियस का भविष्य दृष्टिकोण परंपरा और नवाचार का संगम करना है, ताकि छात्र वैश्विक स्तर पर सक्षम बनें और साथ ही मूल्यों में गहराई से जुड़े रहें। विद्यालय का लक्ष्य है कि कक्षाओं में और अधिक आधुनिक तकनीक को शामिल किया जाए, जिससे विद्यार्थी डिजिटल युग की दुनिया के लिए तैयार हो सकें।

यह ऐसे नेताओं को तैयार करने की कल्पना करता है जो न केवल अपने करियर में उत्कृष्ट हों बल्कि शहडोल और उससे आगे के विकास में भी योगदान दें। विद्यालय शोध-आधारित शिक्षा, आलोचनात्मक चिंतन और रचनात्मकता पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रहा है। पर्यावरणीय जागरूकता और स्थिरता इसके भविष्य की शिक्षा मॉडल का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगी।

विद्यालय की दृष्टि में विद्यार्थियों को वैश्विक अवसर प्रदान करना शामिल है। सहयोग, आदान-प्रदान कार्यक्रमों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से। सेंट एलोयसियस हर बच्चे की व्यक्तिगतता को संवारने का लक्ष्य रखता है, ताकि वे अपनी विशिष्ट प्रतिभा और रुचि को खोज सकें।

चरित्र निर्माण और मूल्य-आधारित शिक्षा इसकी नींव बने रहेंगे। विद्यालय एक ऐसा आदर्श संस्थान बनने की आकांक्षा रखता है, जो मध्य प्रदेश और पूरे भारत के अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणा बने। सबसे बढ़कर, इसका दृष्टिकोण है, विद्यार्थियों को ऐसे जिम्मेदार नागरिक बनाना जो समाज के लिए एक उज्ज्वल और बेहतर भविष्य का निर्माण करें।

05.

"बाल विकास शिक्षण केंद्र, बुढ़ार"

शहडोल जिले के बुढ़ार में बाल विकास शिक्षण केंद्र, वार्ड क्रमांक 3 बनियान टोला में स्थित हैं। 27 फरवरी 1988 इसकी स्थापना की गई। यह विद्यालय हिन्दी माध्यम से कक्षा L.K.G. से 12 वीं तक, कला वाणिज्य, विज्ञान(गणित, जीव विज्ञान) के विषयों द्वारा संचालित किया जा रहा है। विद्यालय में अध्यापनरत 15 शिक्षक एवं शिक्षिकाएं व 03 कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विद्यालय में 209 छात्र- छात्राएं अध्ययनरत है। विद्यालय में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू हैं। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत 26 बच्चे R.T.E. के तहत शिक्षा ले रहे हैं। विद्यालय के अध्यक्ष बाल मुकुंद गुप्ता व प्राचार्य सुधाकर शर्मा हैं।

विद्यालय का उद्देश्य छात्रों से कम से कम शुल्क लेकर छात्रों का सर्वांगीण विकास करना हैं, साथ ही शासन द्वारा निर्धारित पुस्तक विद्यालय में पढ़ाई जाती हैं, कोई अतिरिक्त पुस्तक चलाकर विद्यालय अभिभावकों को ऊपर बोझ नहीं डालती है। विद्यालय में अधिकतर गरीबों एवं मध्यम वर्ग के ही बच्चे अध्यनरत हैं। वर्तमान सत्र में विद्यालय 23 छात्रों को R.T.E. से अतिरिक्त निशुल्क शिक्षा उपलब्ध करा रही है। हमारे विद्यालय के पिछले वर्ष 2024- 25 में 10 वीं 58% तथा 12 वीं 72% बारहवीं में 04 छात्रों को मुख्यमंत्री लैपटॉप योजना के तहत 25 - 25 हजार रुपए शासन द्वारा प्रदान किए गए तथा एक छात्र को आदित्य गुप्ता को नेशनल स्कॉलरशिप का लाभ मिला, विद्यालय में पढ़ने वाले एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के समस्त छात्रों को शासन द्वारा छात्रवृत्ति की राशि उनके खाते में सीधे हस्तांतरित की जाती है। 

विद्यालय को कहीं से कोई अनुदान नहीं मिलता है, विद्यालय छात्रों से प्राप्त शुल्क से ही संचालित है। विद्यालय सेवा भावना से कार्य कर रहा है। विद्यालय का उद्देश्य सिर्फ छात्रों को कम शुल्क पर अच्छी से अच्छी शिक्षा देकर उन्हें आगे बढ़ाना है। विद्यालय में छोटे बच्चों की विभिन्न एक्टिविटी के साथ योगा क्लास तथा स्पोर्ट्स एक्टिविटी भी कराए जाते हैं। पिछले वर्ष विद्यालय के चार छात्र-छात्राओं को दिल्ली में नेशनल खेल हेतु चयनित किया गया था।

06. 

"The MegaMind Pre-Nursery School Anuppur"

जिला मुख्यालय अनूपपुर में स्थित द मेगामाइंड पहला प्री-स्कूल है। इस विद्यालय का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे में छुपे मेगामाइंड को जगाने व शिक्षा, संस्कार सामाजिक जिम्मेदारी का संकल्प लिया है। शहर के शैक्षिक परिदृश्य में जब बात प्रारंभिक शिक्षा की आती है, तो द मेगामाइंड का नाम सबसे पहले सामने आता है। अनूपपुर का यह पहला प्री-स्कूल वर्ष 2015 में स्थापित हुआ था और अपनी अभिनव शिक्षा पद्धति व बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करने के कारण बहुत ही कम समय में चर्चा का विषय बन गया। ज्ञान, संस्कृति और संस्कार का संगम हैं द मेगामाइंड।

विशेषताएँ और वातावरण

द मेगामाइंड की सबसे बड़ी खासियत इसका विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात है, जिससे प्रत्येक बच्चे पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जा सके।

एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग यहां की शिक्षा प्रणाली की पहचान है, जो बच्चों के अंदर सीखने की जिज्ञासा और रचनात्मकता बढ़ाती है।

विद्यालय का वातावरण स्वच्छ, सुरक्षित और बच्चों के अनुकूल है, जो प्रत्येक नन्हे विद्यार्थी को आकर्षित करता है।

यही कारण है कि प्रारंभिक शिक्षा के लिए अभिभावकों की पहली पसंद अनूपपुर में द मेगामाइंड विद्यालय है।

*उपलब्धियाँ और सम्मान*

द मेगामाइंड को मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय से मिले स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार (वर्ष 2017 और 2022) ने इसकी उत्कृष्टता को और स्थापित किया।

यह विद्यालय जिले ही नहीं, पूरे मध्यप्रदेश में अद्वितीय है क्योंकि यहां 2-3 वर्ष के बच्चों को राष्ट्रीय पर्वों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल किया जाता है।

केंद्रीय व्यवसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में विद्यालय के संचालक आकाश सिंह का “फ़न बेस्ड लर्निंग एक्टिविटी” पुस्तक में योगदान विशेष रूप से सराहा गया, जो जिले के लिए गर्व की बात है।

अभिभावकों और बच्चों दोनों के लिए समय-समय पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा को मनोरंजक बनाया जाता है, जिससे विद्यार्थियों का रुझान सदैव शिक्षा की ओर बना रहे।

*बच्चों का भविष्य और सामाजिक सरोकार*

द मेगामाइंड से हर वर्ष कई विद्यार्थी नवोदय और सैनिक विद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में चयनित होते हैं।

यहां केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि बच्चों को संस्कार और नैतिक मूल्यों से भी संपन्न किया जाता है।

विद्यालय द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित “उम्मीदों की दिवाली” कार्यक्रम विशिष्ट है, जिसमें जरूरतमंद और वंचित बच्चों की मदद का संकल्प लिया जाता है। इस पहल ने प्रदेश स्तर पर भी अपनी विशेष पहचान बनाई है।

*निष्कर्ष*

अनूपपुर के पहले प्री-स्कूल द मेगामाइंड ने शिक्षा की नई दिशा तय की है। यह केवल एक विद्यालय नहीं, बल्कि बच्चों के सुनहरे भविष्य का निर्माण करने वाला केंद्र है। अपनी उत्कृष्ट शिक्षा पद्धति, उपलब्धियों और सामाजिक कार्यों के माध्यम से यह विद्यालय अनूपपुर ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया है। अनूपपुर से लेकर पूरे मध्यप्रदेश तक यह संस्था शिक्षा और संस्कारों का सशक्त प्रतीक बन चुकी है।

07.

"Maharishi Vidya Mandir (MVM) School, Shahdol"

महर्षि विद्या मंदिर (एमवीएम) स्कूल, शहडोल में स्थित है। महर्षि ग्लोबल एजुकेशन मूवमेंट का एक भाग है। भारत में महर्षि विद्या मंदिर स्कूल श्रृंखला देश की सबसे बड़ी स्कूल प्रणालियों में से एक है, जिसमें 15 राज्यों में 153 शाखाएँ हैं। लगभग 6000 शिक्षक, प्रशासनिक और सहायक कर्मचारी लगभग 80,000 छात्रों को केजी से 12वीं कक्षा तक शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। यह विद्यालय महर्षि शिक्षा संस्थान नामक संस्था द्वारा संचालित है, जिसकी पंजीयन अवधि 99 वर्षों के लिए मान्य है।

महर्षि विद्या मंदिर, शहडोल की स्थापना वर्ष 1992 में हुई थी और यह शहडोल के महर्षि विद्या मंदिर क्षेत्र में 7.5 एकड़ भूमि में फैला हुआ है। विद्यालय में विशाल अधोसंरचना है तथा इसमें अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जैसे कि ऑडियो-विजुअल शिक्षण प्रणाली, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, वाचन कक्ष, संगीत कक्ष, कला कक्ष, ट्रान्सेंडेंटल मेडिटेशन हॉल, योग हॉल आदि।

महर्षि विद्या मंदिर, शहडोल की स्थापना अन्य सभी महर्षि संस्थानों की तरह ही छात्रों के लिए महर्षिजी की चेतना आधारित शिक्षा प्रणाली (MCBE) को मुख्यधारा की शिक्षा में लाने के उद्देश्य से की गई है। यह प्रणाली 35 देशों की 215 विश्वविद्यालयों और स्वतंत्र अनुसंधान संस्थानों में किए गए 700 से अधिक वैज्ञानिक अनुसंधानों द्वारा सफलतापूर्वक आज़माई गई, लागू की गई और बार-बार सिद्ध की गई है। ये शोध 6 खंडों में प्रकाशित हुए हैं और इन्होंने चेतना आधारित शिक्षा के अद्भुत लाभों को प्रमाणित किया है, जैसे कि – बुद्धिमत्ता की अधिकतम उपयोगिता, श्रेष्ठ मस्तिष्क तरंग क्रियाशीलता, तेज़ अधिगम क्षमता, शीघ्र प्रतिक्रिया समय, विचारों की संगति, ज्ञान की दीर्घकालिक स्मृति, स्वास्थ्य में सुधार और वृद्धावस्था की प्रक्रिया में उलटाव।

विद्यालय सीबीएसई, दिल्ली से संबद्ध है (नर्सरी से 12वीं कक्षा तक)। विद्यालय ने दिनांक 28/06/2005 को सीबीएसई से एनओसी संख्या F/73-37/20-3/2005 प्राप्त की है। विद्यालय की शिक्षा प्रणाली पूर्णत: समग्र (होलिस्टिक) और अद्वितीय है। महर्षि विद्यालय पाठ्यक्रम की विशेषता यह है कि यह एनसीईआरटी और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित विभिन्न विषयों को 'जीवन के परम विज्ञान – वैदिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी' के साथ सहज रूप से एकीकृत करता है।

सभी छात्र योग, महर्षि ट्रान्सेंडेंटल मेडिटेशन तथा उन्नत तकनीकों का अभ्यास करते हैं, जिससे वे चेतना की उच्च अवस्थाओं को प्राप्त कर सकें। मन, शरीर और चेतना के बीच संतुलन और समन्वय हेतु यह वैज्ञानिक पद्धति अभिभावकों द्वारा अत्यधिक सराही गई है और उन्होंने अपने बच्चों में उल्लेखनीय सुधार देखा है।

महर्षिजी के शब्दों में, "आधुनिक समस्याओं की जड़ अधूरी और खंडित शिक्षा के कारण मानव मस्तिष्क की अपूर्ण विकास प्रक्रिया है। जब छात्र अपनी रचनात्मक मस्तिष्क क्षमता का उपयोग या विकास नहीं कर पाते, तो जीवन में असंतुलन उत्पन्न हो जाता है।"

"असफलता से उत्पन्न असंतोष दरअसल प्रकृति के नियमों के घोर उल्लंघन से उत्पन्न तनाव और दबाव का परिणाम है। अतः यह आवश्यक हो जाता है कि शिक्षा के माध्यम से ज्ञान को शुद्ध चेतना के स्तर तक ले जाया जाए, जहाँ प्रकृति के सभी नियम समन्वित होते हैं। इससे प्रत्येक छात्र को प्रकृति के नियमों के अनुसार जीवन जीने और एक आदर्श, सफल वातावरण को प्राप्त करने की सुविधा मिलती है।"

इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु, महर्षि विद्या मंदिर स्कूल पूरे देश में छात्रों में शुद्ध चेतना के मूल्य को स्थापित कर रहे हैं। यह न केवल छात्रों को पारंपरिक ज्ञान और व्यावसायिक कौशल प्राप्त करने में सहायता करता है, बल्कि उन्हें प्रकृति के समग्र ज्ञान को अपने व्यक्तिगत जीवन में लागू करने में भी सक्षम बनाता है। इससे छात्र तनावमुक्त और बाधारहित जीवन जी सकते हैं तथा अपनी इच्छाओं को सहजता से पूर्ण कर सकते हैं। लक्ष्य यह है कि प्रत्येक पीढ़ी समस्त ज्ञान के फल का आनंद उठाए और अपने पूर्ण जीवन के माध्यम से विश्व चेतना को जाग्रत कर पुनः जगत गुरु की भूमिका निभा सके।

08. 

"Green Bells Public School Budhar"

शहडोल जिले के बुढ़ार में स्थित ग्रीन बेल्स पब्लिक स्कूल वर्ष 1 जुलाई 2005 से कक्षा नर्सरी केजी 1 एवं केजी 2 से 37 विद्यार्थी व 5 कमरों से शरीफ़ नियाज़ी द्वारा संचालित किया गया, प्रत्येक वर्ष 1-1 कक्षा की बढ़ोतरी होती गई जिससे 12 वर्षों में 12वीं कक्षा तक विद्यालय पहुंच गया, विद्यालय को वर्ष 2014 में सीबीएसई नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त हुई, कक्षा 11वीं से मैथ, बायोलॉजी, कॉमर्स, आर्ट्स एवं आईटी, फिजिकल एजुकेशन की स्ट्रीम से पढ़ाई कराई जाती है।

विद्यालय में लगभग 1400 छात्र-छात्राएं हैं, लगभग 55 कमरों से विद्यालय संचालित है, जिसमे म्यूजिक क्लास, डांस क्लास, इंडोर गेम्स क्लास,आर्ट एंड क्राफ्ट, 50 कंप्यूटर से सुसज्जित कंप्यूटर लैब, बायो लैब, केमिस्ट्री लैब, फिजिक्स लैब, 5000 वर्ग फिट का कान्वेंशन हॉल शामिल है, बच्चों की सुरक्षा के लिए फायर हाइडरेंट, स्मोक डिटेक्टर, हीट डिटेक्टर, फायर अलार्म एवं पूरा प्रांगड़ व क्लास रूम में लगभग 86 सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है, विद्यालय में 18 स्मार्ट कक्षाएं संचालित है, यहाँ पर 70 टीचर सहित 92 स्टाफ अपनी सेवाएं दे रहे है।

विद्यालय कैंपस लगभग 4 एकड़ में फैला है, जिसमे 2 एकड़ का खेल मैदान शामिल है, आउट-डोर खेल में क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, खो-खो, कबड्डी व इथेलेटिक्स कराए जाते है, प्रत्येक वर्ष बच्चे जिला, संभाग, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर खेलो इंडिया खेलो तक खेलने जाते हैं, आने जाने के लिये विद्यालय द्वारा वाहन की सुविधा भी प्रदान करता है।विद्यालय द्वारा 2016 से हर वर्ष एजुकेशनल टूर में छात्र-छात्राओं को भारत के दर्शन कराया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष 3 से 5 छात्र छात्राएं नवोदय विद्यालय में सिलेक्शन होता आ रहा है। हर 3 वर्ष में वार्षिक उत्सव विद्यालय द्वारा कराया जाता है जो अपने अपने देश के प्रति समर्पित होता है।

वर्ष 2019 में आर्मी डे भव्य व शानदार तरीके से बनाया गया, जिसमे अपने ज़िले के शहीदों के माता पिता को फिल्मी एक्टर गुलशन ग्रोवर द्वारा सम्मानित किया गया था, तुषार कपूर जैसे फ़िल्म सितारे विद्यालय में आकर बच्चों को प्रोत्साहित कर चुके हैं।

वर्ष 2024 में 10वीं एवं 12वीं के अच्छे रिजल्ट व को-कुरिक्युलर एक्टिविटी से प्रभावित होकर वर्ल्ड स्कूल सम्मिट द्वारा एजुकेशनल एक्सीलेंस अवार्ड बैंकाक में फिल्मी एक्टर ईशा देओल द्वारा दिया गया।

09.

"Sunrise Academy High School, Burhar" 

शहडोल जिले के बुढ़ार नगर में सनराइज एकेडमी हाई स्कूल अंग्रेजी माध्यम से संचालित है।यह स्कूल समग्र और संतुलित पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं, जो क्षेत्र के अन्य स्कूलों के मानक के अनुरूप है।अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ, यह स्कूल मूल्य-आधारित, समग्र और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी ज़ोर देता है। छात्रों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। पाठ्यक्रम में कला, नृत्य और संगीत जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ शामिल हैं।

स्कूल छात्रों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करता है और विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के माध्यम से उनकी प्रतिभा को उभारने का प्रयास करता है। स्कूल में भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान और कंप्यूटर की मानक प्रयोगशालाएं उपलब्ध हैं। छात्रों के अध्ययन में सहायता के लिए एक पुस्तकालय की सुविधा भी मौजूद है। स्कूल में एक गतिविधि कक्ष (Activity Hall) और संगीत कक्ष (Music Room) भी है। स्कूल परिसर को प्रदूषण-मुक्त (Pollution-Free) बताया गया है।

सोशल मीडिया अपडेट्स: स्कूल इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नियमित रूप से कार्यक्रमों (जैसे जन्माष्टमी उत्सव) और विद्यालय जीवन से जुड़ी गतिविधियों को साझा करता है।शिक्षण पर ज़ोर: उनकी पोस्ट्स में "Happy Learning" (खुशहाल शिक्षा) और छात्रों के "Bright Future" (उज्ज्वल भविष्य) की बात प्रमुख रूप से की जाती है।

*शैक्षणिक फोकस (Academic Focus)*

यह विद्यालय एक समग्र शिक्षा प्रदान करता है, जो क्षेत्र के अन्य स्कूलों के लिए मानक पाठ्यक्रम के अनुरूप है।अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यालय नैतिक मूल्यों, समग्र विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी बल देता है।

*अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधियाँ (Extracurricular Activities)*

विद्यार्थियों को विभिन्न खेलों और खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर मिलते हैं। पाठ्यक्रम में कला, नृत्य और संगीत जैसी गतिविधियाँ भी शामिल हैं। विद्यालय विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के माध्यम से छात्रों की रचनात्मकता और अकादमिक प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित करता है।

*संरचना और सुविधाएँ (Infrastructure and Facilities)*

विद्यालय में भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान और कंप्यूटर की मानक प्रयोगशालाएँ उपलब्ध हैं। छात्रों की पढ़ाई में सहायता हेतु एक पुस्तकालय भी है। स्कूल में एक गतिविधि कक्ष और संगीत कक्ष भी मौजूद हैं। विद्यालय परिसर को प्रदूषण-मुक्त बताया गया है।

*समुदाय से जुड़ाव (Community Engagement)*

विद्यालय नियमित रूप से अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (विशेष रूप से इंस्टाग्राम और फेसबुक) पर कार्यक्रमों जैसे जन्माष्टमी उत्सव और दैनिक विद्यालय जीवन की झलकियाँ साझा करता है। पोस्ट में "खुशहाल शिक्षा" और छात्रों के "उज्जवल भविष्य" की बात की जाती है।

10.

"Good Shepherd Convent Sr. Sec. School shahdol"


गुड शेफर्ड कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शहडोल जिला मुख्यालय के पांडव नगर में स्थित हैं। इस स्कूल की स्थापना 1971 में हुई थी। यह एक अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थान है, जिसका स्वामित्व और प्रबंधन मदर ऑफ कार्मेल सीएमसी की धर्मबहनों द्वारा किया जाता है। इसका प्रबंधन निर्मल ज्योति एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा किया जाता है। स्कूल सीबीएसई से संबद्ध है, जिसका पंजीकरण नंबर 1030 258 है और स्कूल कोड 50233 है। स्कूल पूरी तरह से निजी है और इसे किसी भी सरकार से कोई बड़ी सहायता नहीं मिलती है। इस संस्था की कई शाखाएं दलितों, आदिवासियों, सड़क पर रहने वाले बच्चों और अन्य वंचित वर्गों के लिए सक्रिय रूप से सेवा का कार्य करती हैं।

स्कूल छात्रों की आध्यात्मिक, नैतिक, बौद्धिक और शारीरिक ऊर्जा को सक्रिय करने के लिए काम करता है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें और जीवन जी सकें। स्कूल का विशेष कार्य छात्रों की आध्यात्मिक, नैतिक, बौद्धिक और शारीरिक ऊर्जा को सक्रिय करना है। छात्रों को भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए जीवन जीने के लिए सशक्त बनाना।

स्कूल कक्षा 1 से 12 तक संचालित है, इसका क्षेत्रफल 20740 वर्ग मीटर है। स्कूल में 82 क्लासरूम  है, जिसमे लगभग 2261 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लगभग 116 शिक्षक व शिक्षिकाएं अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

स्कूल में पुस्तकालय, खेल का मैदान, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशालाएँ, चिकित्सा कक्ष, और नृत्य कक्ष, जिम और संगीत कक्ष जैसी अन्य सुविधाएँ शामिल हैं। यहाँ विभिन्न गतिविधियों और शिक्षा के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में मदद करती हैं। छात्रों के कलात्मक और रचनात्मक विकास के लिए समर्पित कमरे। इनडोर खेल, और एक समर्पित खेल का मैदान। छात्रों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए स्वास्थ्य और चिकित्सा जाँच की सुविधा। आधुनिक कंप्यूटर लैब और नवीनतम तकनीकों के साथ शिक्षण मॉड्यूल। विभिन्न विषयों की जानकारी के लिए एक पुस्तकालय। विशाल कक्षाएं, जिम और एक वाचनालय भी उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से स्कूल बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित करता है, जिसमें अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक कौशल और आलोचनात्मक सोच को भी बढ़ावा दिया जाता है।

राष्ट्रीय खिलाड़ी बास्केटबॉल आशी गुप्ता अंडर 14, आराध्या द्विवेदी अंडर 14, सृष्टि गुप्ता अंडर 17, खुशी त्रिपाठी अंडर 19 का चयन हो चुका है।

11. 

"सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुढ़ार (शहडोल)"

शहडोल जिले के रामजानकी मंदिर के पास बुढ़ार में सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय संचालित हो रही है। विद्यालय की स्थापना सन् 1968 में पूरनमल सरावगी के धर्मशाला में हुई, विद्यालय की स्थापना का उदेश्य शिक्षा की कमी एवं गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए किया गया इसके लिए पूरनमल सरावगी म.प्र. सरस्वती शिशु मंदिर के जनक रोशनलाल के सम्पर्क में आये। विद्यालय का प्रारंभ संरक्षक सदस्य छोटेलाल सरावगी के धर्मशाला में हुआ। विद्यालय को चलाने के लिए आर्थिक व्यवस्था श्री सरावगी के पिता के द्वारा की गई। प्रारम्भ में विद्यालय में भैया बहिनों की संख्या 20 या 25 के आसपास थी। उस समय 02 कमरे में विद्यालय प्रधानाचार्य कुन्जबिहारी मिश्रा के मार्गदर्शन में संचालित हुआ। भैया/बहिनों की संख्या निरंतर बढ़ती गई धर्मशाला में जगह की कमी के कारण स्वयं के भवन की व्यवस्था के लिए जमीन क्रय की गई यह जमीन श्रीरामजानकी मंदिर के स्वामी द्वारा सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराई गई। विद्यालय की देखरेख हेतु एक समिति का गठन हुआ जिसमें निर्मल पाईया, नत्थूलाल सराफ, बैजनाथ शर्मा एवं वर्तमान संरक्षक सदस्य छोटेलाल सरावगी रहें। सर्वप्रथम कक्षा प्रथम एवं द्वितीय कक्षा का शुभारंभ हुआ एवं निरंतर प्रत्येक वर्ष कमशः कक्षाएँ बढ़ती गई।

विद्यालय की प्रगति होती गई और कक्षाओं की संख्या बढ़ती गई इस हेतु विद्यालय ने हवाई प‌ट्टी लालपुर में 8 एकड, गोपालपुर रोड में 14 एकड एवं अंबेडकर नगर में 70 डिसिमिल की भूमि क्रय की गई। कमशः माध्यमिक कक्षा 1976 में, नवम 1984 में एवं द्वादश की कक्षा 1988 में संचालित की गई। 

*विद्यालय की विशेषताएं*

विद्यालय पूर्ण रूप से भारतीय संस्कृति की विचारधारा का पोषक है तथा विद्यालय के हर गतिविधि में भारतीय संस्कृति की छाप झलकती है। विद्यालय में विषय शिक्षा के अतिरिक्त शारीरिक शिक्षा, योग शिक्षा, संगीत शिक्षा, संस्कृति सिक्षा, नैतिक एवं अध्यात्मिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है। विद्यालय से निकले पूर्व छात्र देश विदेश में अपनी प्रतिभा प्रदर्शन करते हुए प्रशासनिक पदों में सेवाएं प्रदान कर रहे है।शिशु शिक्षा के लिए पृथक से शिशुवाटिका के माध्यम से शिशुओं में आत्मविश्वास का निर्माण हो रहा है।

प्रशिक्षित एवं योग्य आचार्यों / दीदियों द्वारा अध्ययन अध्यापन की व्यवस्था है। प्रयोगशाला के लिए विशाल अटल टिंकरिंग लैब की व्यवस्था है। सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुढ़ार के माध्यम से ओ.पी.एम, बंगवार, राजेंद्रा, संजयनगर, धनपुरी, अमराडण्डी आदि स्थानों में सरस्वती शिशु मंदिर प्रारंभ किया गया। विद्यालय में आज की मंहगाई के समय भी अत्यंत न्यूनतम शुल्क लेकर शिक्षा दी जाती है। खेल के क्षेत्र में विद्यालय के भैया बहिनों ने अखिल भारतीय प्रतियोगिता में सफल हो रहे है।

12. 

"Vidhyasagar Sr Secondary school Burhar"

शहडोल जिले के बुढ़ार में विद्यासागर सीनियर सेकेंडरी स्कूल संचालित हो रहा है। विद्या सागर इंग्लिश स्कूल में शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। जिसकी स्थापना क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय के रूप में सन 1997 में हुई, यह स्कूल विगत 27 वर्षों की सफल यात्रा को करते हुए सीनियर सेकेंडरी स्कूल के रूप में प्रोन्नत हुआ है । विद्यालय में विज्ञान एवं वाणिज्य दोनों ही संकाय की शिक्षा प्रदान की जाती है। विद्यालय को सदैव ही अभिभावकों, छात्रों एवं समस्त स्टाफ का सहयोग प्राप्त होता रहा है । विद्यालय में समस्त स्टाफ अनुभवी हैं । विद्यालय परिसर में खेलकूद के लिए विभिन्न सामग्रियों की उपलब्धता है। विद्यालय परिसर में छात्रों के शैक्षणिक विकास हेतु स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, लेबोरेटरी तथा एआई जैसी आधुनिक तकनीक के लिए पाइथन कोडिंग भी पढ़ाई जाती है । छात्रों के कलात्मक विकास हेतु संगीत शिक्षक भी विद्यालय में उपस्थित हैं । छात्रों की सुरक्षा हेतु कैमरा सर्विलेंस हमेशा चालू रहता है ।  खेलकूद की प्रतिस्पर्धा में भी विद्यालय के छात्र कुछ कम नहीं है , प्रतिवर्ष वॉलीबॉल, खो-खो, कबड्डी एवं अन्य खेलों में जिला एवं संभागीय स्तर एवं राज्य स्तर तक छात्र विद्यालय से जिले का नेतृत्व करते हैं। विद्यालय का परीक्षा परिणाम प्रतिवर्ष सराहनीय रहता है । विद्यालय से विगत वर्ष भी कक्षा दसवीं से छात्र अंशुमान नामदेव एवं महक यादव ने कक्षा दसवीं में 88% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया एवं कक्षा 12वीं में संस्कार गर्ग ने 90% प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। यह विद्यालय एक संतुलित शिक्षा प्रदान करता है जिसमें शैक्षणिक विषयों के साथ-साथ कला और शारीरिक शिक्षा को भी शामिल किया गया है। 

विद्यालय में रसायन प्रयोगशाला और कंप्यूटर प्रयोगशाला, सुव्यवस्थित पुस्तकालय उपलब्ध है। एक ऑडिटोरियम हैं जहाँ सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा खेल का मैदान व इनडोर और आउटडोर खेलों की सुविधाएं उपलब्ध हैं। चित्रकला व हस्तकला की गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को रचनात्मकता का अवसर मिलता है। एक मल्टी-एक्टिविटी रूम भी है, जहाँ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विद्यार्थियों के लिए परिवहन सेवा उपलब्ध है, जिसमें GPS ट्रैकिंग की सुविधा भी है, छोटे बच्चों के लिए डे केयर सुविधा भी मौजूद है।

13.

"Little Steps High School Anuppur"

एक ऐसा स्कूल जो आपके बच्चे के सर्वांगीण विकास की गारंटी देता है, शैक्षणिक, सामाजिक और व्यक्तिगत। लिटिल स्टेप्स हाई स्कूल जिले का पहला ऐसा स्कूल है, जिसने JEE/NEET फाउंडेशन कोर्स की शुरुआत की है — जिससे बच्चे केवल प्रतिशत के पीछे नहीं, बल्कि अपने करियर के लिए भी तैयारी कर रहे हैं।

यहाँ स्पोकन इंग्लिश पढ़ाई का हिस्सा है। हमारे छात्र कक्षा में और शिक्षकों के साथ अंग्रेजी में बात करते हैं और अभ्यास करते हैं, जिससे उन्हें अलग से इंग्लिश स्पीकिंग कोचिंग की जरूरत नहीं पड़ती। हम मानते हैं कि शिक्षा सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि अनुभव से होती है। इसलिए हम बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाते हैं, जहाँ वे पढ़कर नहीं, बल्कि देखकर और करके सीखते हैं।

हमारे समर्पित प्रबंधन, प्रशिक्षित और उत्साही शिक्षक, जिज्ञासु विद्यार्थी और उम्मीदों से भरे अभिभावक, लिटिल स्टेप्स हाई स्कूल को जिले का सबसे तेज़ी से बढ़ता हुआ स्कूल बना रहे हैं। हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि? अभिभावकों का विश्वास। उनकी मौखिक सराहना ने इस स्कूल को शहर का सबसे पसंदीदा स्कूल बना दिया है।आइए जुड़िए हमारे साथ जहाँ आपके बच्चे का हर कदम, भविष्य की ओर एक मजबूत कदम है।

अभिभावकों द्वारा दी गई समीक्षाएं पर इस स्कूल को एक सकारात्मक और विकासोन्मुखी वातावरण वाला स्थान बताती हैं। विशेष रूप से शिक्षकों की देखभाल, मजेदार शिक्षण विधियाँ और बच्चों की मजबूत नींव तैयार करने पर ध्यान दिया गया है।

 शिक्षक बच्चों के प्रति बेहद सहृदय से समर्पित हैं। वे एक स्वागतपूर्ण और सहयोगात्मक माहौल तैयार करते हैं। स्कूल केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सामाजिक कौशल, और रचनात्मकता जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देता है। विद्यालय का वातावरण बच्चों के अनुकूल है, जहाँ खेल आधारित शिक्षण (Play-based learning) और मज़ेदार विधियों के माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है। विद्यालय परिसर को सुरक्षित हैं, जो छोटे बच्चों के लिए बेहद जरूरी है।

14.

"Bethel Mission Higher Secondary School Anuppur"

जिला मुख्यालय सकरिया अनूपपुर में बेथल मिशन स्कूल (सीबीएसई) संचालित है। सीबीएसई कक्षा 10वीं के हाल ही में घोषित परीक्षा परिणाम में जिले के बेथल मिशन स्कूल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। स्कूल के सभी छात्र परीक्षा में सफल रहे, जबकि 6 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। विद्यालय के मेधावी छात्र सार्थक केसरवानी ने 96.4% अंक प्राप्त कर जिले में सर्वाधिक अंक लाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। 

जिले में शिक्षा के क्षेत्र में बेथल मिशन स्कूल ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। सीबीएसई द्वारा घोषित कक्षा 10वीं के 2024-25 के परिणामों में स्कूल का रिजल्ट 100% रहा। स्कूल प्रशासन ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी छात्र परीक्षा में सफल हुए हैं, जिनमें से 6 छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर स्कूल और परिजनों का नाम रोशन किया। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि का श्रेय विद्यालय के संचालक श्री पी.के. पुन्नुस, प्राचार्य श्री सुदीप चक्रवर्ती, तथा समर्पित शैक्षणिक स्टाफ के निरंतर मार्गदर्शन व प्रयासों को जाता है। 

स्कूल प्रबंधन ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह परिणाम बच्चों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का नतीजा है।बेथेल मिशन स्कूल में प्रत्येक वर्ष विद्यार्थियों को NCERT आधारित पाठ्यक्रम के अनुरूप गहन अध्ययन एवं करियर मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है, जिससे वे शैक्षिक रूप से सक्षम और भविष्य के लिए तैयार बन सकें। 

*शैक्षणिक सुविधाएँ*

एयर-कंडीशन्ड कक्षाएं,  विज्ञान, भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान, गणित, अर्थशास्त्र, भूगोल और कंप्यूटर शिक्षा के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएँ उपलब्ध हैं। विविध प्रकार की पुस्तकों, विश्वकोशों और पत्रिकाओं से सुसज्जित एक अच्छी तरह से सुसज्जित पुस्तकालय। शैक्षणिक और सामाजिक रूप से प्रासंगिक कार्यक्रमों के लिए शिक्षण उपकरणों से सुसज्जित कक्ष। क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल और कबड्डी जैसे बाहरी खेलों के लिए विशाल मैदान। बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कैरम और शतरंज जैसे खेलों के लिए हॉल उपलब्ध हैं। छात्रों की संगीत और नृत्य प्रतिभा को निखारने के लिए समर्पित कक्ष। लड़कों और लड़कियों के लिए सुरक्षित और आरामदायक बोर्डिंग सुविधाएँ उपलब्ध हैं। छात्रों के लिए स्कूल परिवहन की सुविधा उपलब्ध है। स्कूल परिसर में CCTV निगरानी की सुविधा है।

15.

"JEM Higher secondary School Jamuna Colliery Anuppur"

JEM स्कूल का पूरा नाम जमुना इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल है, जो अनूपपुर जिले के जमुना कॉलरी में स्थित है, इसकी स्थापना  1977 में हुई। यह एक प्राइवेट एचएसएस (उच्चतर माध्यमिक विद्यालय) है, जो कक्षा 1 से 12 तक शिक्षा प्रदान करता है और शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी है। 16 कक्षाएँ हैं, जो अच्छी स्थिति में हैं। स्कूल में एक पुस्तकालय है जिसमें 2500 किताबें हैं। शिक्षण और सीखने के उद्देश्य से एक कंप्यूटर उपलब्ध है।छात्रों के लिए एक खेल का मैदान उपलब्ध है। परिसर में सुरक्षा के लिए पक्की चारदीवारी है। यह एक सह-शैक्षणिक संस्था है, जो सभी छात्रों के लिए एक समावेशी और सहायक वातावरण को बढ़ावा देती है। स्कूल शिक्षा के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करता है। एक अच्छी तरह से गोल पाठ्यक्रम और एक पोषणपूर्ण वातावरण के साथ, वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक छात्र को उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक ध्यान और समर्थन मिले।

16.

"D.V.M. Public Schoal anuppur"

डीवीएम पब्लिक स्कूल CBSE की अनूपपुर स्थापना 1 जुलाई 2010 को सुशीला कुलवंत के द्वारा की गई थी। यह अनूपपुर की प्रथम CBSE विद्यालय हैं। यह दयानन्द एंग्लो वैदिक संस्था के द्वारा संचालित विद्यालय हैं। इस विद्यालय को उद्घाटन में डॉ वी. कुलवंत द्वारा किया गया, जिन्होंने डीएवी के लगभग 150 विद्यालयो की स्थापना और संचालन में महात्वपूर्ण योगदान दिया दिये हैं। इन्होने सन् 1982 में अविभाजित बिहार में लगभग 14 वर्ष तक डी.वी. एम के अनेक विद्यालय का शुभारंभ किया, उसके बाद इन्होंने हरियाणा और राजस्थान में भी अनेक विद्यालय की स्थापना की, इन्होंने मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ में भी विद्यालय की स्थापना की, जिसने से एक डी.वी.एम स्कूल अनुपपुर भी हैं। इसके अलावा भी इन्होंने बहुत सामाजिक कार्य किए, इन्होने बाढ़ पीडितो की भी समय-समय पर सहायता की हैं। और इन्होंने ने अपने विद्यालय में जरूरतमंद मंद महिलाओं को रोजगार देकर सहायता की, जरूरत मंद विद्यार्थीयों की भी सहायता की है।

डी.वी.एम विद्यालय स्वामी दयानन्द सरस्वती के सिद्धान्तो एवं आदर्शो का पालन एवं ग्रहण करता हैं। डी.वी.एम विद्यालय आर्य समाज के आदर्शों को विद्यार्थियों को सिखाया जाता हैं। यहाँ के विद्यार्थी बहुत ही सभ्य संस्कारी और अनुशासित हैं, हमारे विद्यालय का अव्वल रहा हैं। हमारे विद्यार्थी शिवम सिंह राठौर पिछले सत्र में JEE में उत्तीर्ण हुआ हैं हमारा विद्यालय 15 अगस्त में नृत्य प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जिसके कारण जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देकर प्रशंसा की। हमारे विद्यालय सारे त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। हर शनिवार Co-Carricular Activities भी कराई जाती है। हमारे विद्यालय में सुसज्जित प्रयोगशाला है, यहाँ के छात्र-छात्राए हमेशा राज्य स्तर पर खेलकूद भाग लेते हैं। यहाँ पर बच्चों को सारी क्रियाओं में प्रोत्साहित किया जाता है। विद्यालय की सबसे अच्छी बात यह है कि यहाँ बच्चों को भोजन, स्वल्पाहार के समय मंत्रो का उच्चारण, वंदे मातरम, राष्ट्रगान के साथ देश के सारे संस्कार दिए जाते हैं।

17.

"St Joseph's Mission School Bijuri Anuppur"

"A Mission with a Vision"

अनूपपुर जिले के बिजुरी में सेंट जोसेफ मिशन स्कूल (SJMS) की यात्रा 1998 में मात्र 48 छात्रों के साथ एक अधूरे तीन कमरों की इमारत से बिजुरी जैसे गाँव में शुरू हुई, जो उस समय निरक्षरता में जकड़ा हुआ था। विद्यालय ने निरंतर प्रगति की और जुलाई 1998 तक 150 छात्रों तक पहुँच गया। आज, 27 वर्षों की दृढ़ता और कड़ी मेहनत के बाद, SJMS मध्य प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित विद्यालयों में से एक बनकर खड़ा है। विद्यालय को प्राप्त ISO प्रमाणन इसकी उपलब्धियों में एक अतिरिक्त श्रेय है।

विद्यालय आज एक सजीव परिसर के रूप में विकसित हो चुका है, जहाँ सुदृढ़ अधोसंरचना और प्रेरक वातावरण है। यह न केवल मध्य प्रदेश से बल्कि छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, झारखंड और अन्य राज्यों से भी छात्रों को आकर्षित करता है। जो कभी एक सुदूर गाँव से शुरू हुआ था, आज शैक्षणिक उत्कृष्टता का केंद्र बन गया है।

"अग्नि में अंकुरित हुआ पौधा गर्मी से मुरझा नहीं सकता"

हाँ, इस कहावत के अनुसार, कठिनाइयों के बावजूद, निरंतर प्रयास, कड़ी मेहनत और समर्पित शिक्षण के माध्यम से SJMS ने सैकड़ों सफल छात्र तैयार किए हैं, जिनमें डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, पीएचडी धारक, सीए, सीएस, IITian, वकील, जज और विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर शामिल हैं, जो भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी कार्यरत हैं। यह उपलब्धि विद्यालय की गुणात्मक शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

ईश्वर में आस्था और दृढ़ संकल्प के साथ, हम विश्वास करते हैं कि “काँटों को मोती और पत्थरों को हीरा बनाया जा सकता है।”

अपनी शैक्षणिक कठोरता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के संगम के साथ, विद्यालय निरंतर अपने आदर्श “जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता” को बनाए रखता है, छात्रों को ऊँचा लक्ष्य रखने और समाज के लिए एक अच्छा इंसान बनकर योगदान देने के लिए प्रेरित करता है। इस प्रकार, सेंट जोसेफ मिशन स्कूल इस क्षेत्र में आशा और प्रगति का प्रकाशस्तंभ बना हुआ है, प्रत्येक उपलब्धि को गौरव की ओर एक कदम में परिवर्तित करता हुआ और आज शिक्षा के क्षेत्र में सफलता के शिखर पर स्थापित है।

SJMS एक CBSE से मान्यता प्राप्त बोर्डिंग स्कूल है, जो नर्सरी से कक्षा 12वीं तक शिक्षा प्रदान करता है। इसमें छात्रों के लिए PCM (भौतिकी, रसायन, गणित), PCB (भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान), वाणिज्य (Commerce) और कला (Arts) जैसे विभिन्न स्ट्रीम की सुविधा उपलब्ध है।

सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल, बिजुरी एक शैक्षणिक संस्थान है जो शिक्षा के प्रति एक व्यापक और संरचित दृष्टिकोण अपनाता है। यह स्कूल छात्रों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करता है और इसमें पुस्तकालय, खेल का मैदान, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला और चिकित्सा सुविधा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्कूल का उद्देश्य छात्रों के लिए एक समावेशी और सहयोगात्मक वातावरण प्रदान करना है।

विद्यालय में अध्ययन और प्रयोग के लिए पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशाला जैसी आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।शारीरिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने के लिए स्कूल में खेल का मैदान और कैंटीन की सुविधा भी दी गई है। छात्रों की सामान्य स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक चिकित्सा क्षेत्र उपलब्ध है।

स्कूल सभी छात्रों के लिए एक पोषणकारी और सहयोगी वातावरण प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, चाहे उनका पृष्ठभूमि कुछ भी हो। विद्यालय की शैक्षणिक नीति और सुविधाएं छात्रों के सामाजिक, भावनात्मक, शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को संतुलित रूप से बढ़ावा देती हैं।

सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल एक सह-शैक्षिक संस्थान है जो विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले छात्रों का स्वागत करता है और एक समावेशी समुदाय का निर्माण करता है। विद्यालय एक संगठित और सुनियोजित शैक्षणिक तथा प्रशासनिक प्रणाली प्रदान करता है, जिससे छात्रों को प्रभावी शिक्षा अनुभव प्राप्त हो सके।

सेंट जोसेफ मिशन स्कूल (SJMS) बिजुरी ने विभिन्न कार्यक्रमों में छात्रों की सफल भागीदारी के माध्यम से कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। इसमें स्वतंत्रता दिवस पर भारत के विशाल नक्शे का निर्माण, छात्र चुनाव, और इंटर-स्कूल खेल प्रतियोगिताओं जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं। शैक्षणिक क्षेत्र में भी स्कूल ने कक्षा 10 के टॉपर्स को सम्मानित कर अपनी शिक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाया है।

स्कूल में नियमित रूप से छात्र चुनाव आयोजित किए जाते हैं, जिससे छात्रों को भारतीय चुनाव प्रणाली को समझने और नेतृत्व कौशल विकसित करने का अवसर मिलता है। कक्षा 10 के टॉपर्स बच्चो को सम्मानित किया, जो स्कूल की शिक्षा में गुणवत्ता और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। छात्रों ने क्रिकेट और वॉलीबॉल जैसी इंटर-स्कूल खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा और खेल भावना का प्रदर्शन किया है।

स्कूल गणित को रोचक और व्यावहारिक बनाने के लिए गणितीय खेलों और प्रमेयों के वर्किंग मॉडल बनाने जैसी गतिविधियाँ आयोजित करता है। "ग्रीन डे" जैसे कार्यक्रम आयोजित कर छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाता है। स्कूल शिक्षा, कला और शारीरिक शिक्षा के संतुलित मिश्रण के माध्यम से समग्र शिक्षा को बढ़ावा देता है। छात्रों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और सहयोगात्मक कौशल को विकसित करने पर विशेष ध्यान देता है। छात्रों को चर्चा, भाषण और लेखन जैसे कार्यों के माध्यम से प्रभावी संचार कौशल विकसित करने के अवसर प्रदान किए जाते हैं।


18.

"GreenLand Public Higher Secondary School, Kotma Anuppur"

अनूपपुर जिले के कोतमा में ग्रीनलैंड पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल संचालित हो रही है, स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं और इसका ध्येय वाक्य है – "स्मार्ट एजुकेशन विद ग्रेट वैल्यूज़" (सुनियोजित शिक्षा, श्रेष्ठ संस्कारों के साथ)। हमारा उद्देश्य बच्चों को सामाजिक रूप से जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। हम छात्रों में 21वीं सदी के अनुरूप आवश्यक कौशल, दृष्टिकोण और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने पर विशेष ध्यान देते हैं।

ग्रीनलैंड पब्लिक स्कूल की सभी कक्षाएं स्मार्ट बोर्ड और ओवरहेड प्रोजेक्टर से सुसज्जित हैं, जिससे छात्रों को ऑडियो-विजुअल लर्निंग का लाभ मिलता है। पर्याप्त शैक्षणिक सॉफ्टवेयर भी उपलब्ध हैं। कक्षाओं का फर्नीचर और बैठने की व्यवस्था इंटरएक्टिव लर्निंग के अनुरूप की गई है। हर कक्षा में व्हाइट बोर्ड भी लगाया गया है।

सभी कक्षाएं स्मार्ट बोर्ड और प्रोजेक्टर से सुसज्जित हैं, जिससे पढ़ाई रोचक और प्रभावशाली बनती है। हर बच्चे को घर जैसी व्यक्तिगत देखभाल और ध्यान दिया जाता है ताकि उसका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। विद्यालय के पास समर्पित, प्रशिक्षित और अनुभवी शिक्षक हैं जो छात्रों को पूरी निष्ठा से शिक्षा प्रदान करते हैं। छात्रों के लिए नवीनतम तकनीकों से युक्त ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की सुविधा भी उपलब्ध है।

अंग्रेज़ी भाषा में प्रवीणता को हम सभी छात्रों के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता मानते हैं और उसी अनुसार वातावरण प्रदान करते हैं। हमारे पुस्तकालय में छात्र रचनात्मकता, कला और मीडिया के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं और अपने विचारों को विस्तृत कर सकते हैं। स्कूल में एक अत्याधुनिक ऑडिटोरियम है जिसकी क्षमता लगभग 500 लोगों की है और यह सभी कार्यक्रमों के लिए अत्यंत सुविधाजनक है। खेलकूद को छात्र जीवन का अहम हिस्सा माना गया है। इसलिए स्कूल में विभिन्न खेल गतिविधियों के लिए उपयुक्त व्यवस्था है। स्कूल में 30 से अधिक इंटरनेट-सक्षम कंप्यूटरों से युक्त एक अत्याधुनिक आईटी लैब है जो छात्रों की तकनीकी ज़रूरतों को पूरा करती है।

19.

"Kalyanika Kendriya Shiksha Niketan Senior Secondary English Medium Public School Amarkantak"

कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन, व्रत और तपस्या की मूर्ति, परम पूज्य बाबा कल्याण दास जी महाराज द्वारा स्थापित, तथा उनके योग्य शिष्य और प्रबंध-विश्वासी श्री हिमाद्रि मुनि जी द्वारा संचालित  जो स्वयं ऊर्जा के स्रोत हैं, के.के.एस.एन. (कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन) श्री बाबाजी के शैक्षिक स्वप्नों का साकार रूप है।

बिना किसी औपचारिक शिक्षा के, केवल विश्वमाता की कृपा से अपार ज्ञान प्राप्त करने वाले इस अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त संत को औपचारिक शिक्षा के महत्व का गहन अनुभव है; विशेषकर ऐसे दूरस्थ क्षेत्र अमरकंटक में, जो घने और गहरे वनों एवं ऊँचे पर्वतों से घिरा हुआ है, सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध, लेकिन आधुनिक सभ्यता की कसौटी पर पिछड़ा हुआ। के.के.एस.एन., इस दिव्य प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित स्थल में, शिक्षा के माध्यम से एक उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर है।

कल्याणिका अमरकंटक मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के अमरकंटक में  स्थित है, इसकी शाखा पेंड्रा व राजेन्द्रग्राम में भी संचालित है, यह एक शिक्षण संस्थान है, जिसमें कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन कॉलेज ऑफ एजुकेशन शामिल है, जो शिक्षक प्रशिक्षण के लिए मान्यता प्राप्त है, यह एक मंदिर की तरह है, जो बौद्धिक विकास के साथ आत्म-अनुशासन, भावनात्मक स्थिरता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देता है, संस्थान आधुनिक तकनीकों का उपयोग करता है और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद, कला और संगीत पर भी जोर देता है।

छात्रों को आत्मनिर्भर बनाना और आधुनिक समाज की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना। ज्ञान के उच्च आदर्शों के साथ मुक्ति और आंतरिक बाधाओं पर नियंत्रण पाने की प्रेरणा देना। प्रवेश योग्यता के आधार पर होता है, जिसमें राज्य सरकार, विश्वविद्यालय और अन्य चयन मानदंडों का पालन किया जाता है। प्राथमिक कक्षाओं से कंप्यूटर प्रदान किए जाते हैं, जिससे सीखने की प्रक्रिया आसान और आनंददायक बनती है। विद्यालय शारीरिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक विकास को भी बढ़ावा देता है। छात्रों में ईमानदारी, करुणा, सम्मान, आत्म-अनुशासन व मानवीय मूल्यों को विकसित करना संस्थान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। 

स्मार्ट कक्षाएं, सुसज्जित प्रयोगशालाएं, खेल के मैदान और कला व संगीत के लिए समर्पित सुविधाएं छात्रों के विकास के लिए उपलब्ध हैं।सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा गार्ड सुरक्षित और आरामदायक माहौल सुनिश्चित करते हैं।

शिक्षक प्रशिक्षण के साथ-साथ समग्र शिक्षा प्रदान करता है। यह संस्थान छात्रों को शैक्षणिक, शारीरिक और नैतिक मूल्यों में उत्कृष्ट बनाने पर ध्यान केंद्रित करता है, जिसमें प्रकृति के साथ जुड़ाव, अत्याधुनिक सुविधाएं और संगीत, नृत्य व खेल जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहन शामिल है। संस्थान का उद्देश्य आत्म-अनुशासन, आत्मविश्वास और करुणा जैसे मूल्यों को विकसित करना है, ताकि विद्यार्थी ज्ञान और जिम्मेदारी के साथ दुनिया का सामना कर सकें। 

संस्थान छात्रों को प्रकृति के करीब लाता है, जिससे उनमें पर्यावरण के प्रति प्रेम और जुड़ाव की भावना पैदा होती है।छात्रों को आत्मनिर्भर बनने और अपने जुनून को खोजने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। स्मार्ट कक्षाएँ, सुसज्जित प्रयोगशालाएँ और एक विशाल खेल का मैदान छात्रों को उत्कृष्ट शैक्षणिक और शारीरिक विकास के लिए आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करते हैं। छात्रों के लिए एक सुरक्षित और आरामदायक शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी निगरानी और अन्य सुरक्षा उपाय उपलब्ध हैं।

छात्रों को नवीनतम सूचना प्रौद्योगिकी (IT) से जोड़ा जाता है, जिससे उन्हें प्रभावी ढंग से सीखने में मदद मिलती है। संस्थान में अनुभवी और समर्पित शिक्षक हैं जो व्यक्तिगत प्रतिभा को निखारने और जिज्ञासा को बढ़ावा देने के लिए पाठ्यपुस्तकों से परे जाकर शिक्षा देते हैं। संगीत, नृत्य, कला और खेल जैसी गतिविधियों में छात्रों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे उनके व्यक्तित्व का पूर्ण विकास हो सके।

Address- Main Road Amarkantak Dist: Anuppur (MP) PIN: 484886

Contact Number- 9303878600, 9806428178

Email- kalyanika.amk@gmail.com


Address- Karpa Road, Langha Tola, Patna, Rajendragram, Anuppur, M.P., 484881

Contact Number- 9303878620 (Principal) 7067371478 (Office)

Email- kksnpatna@gmail.com

20.

"नेहरू बाल निकेतन स्कूल अनूपपुर"

जिला मुख्यालय आ अनूपपुर में नेहरू बाल निकेतन विद्यालय वर्ष 1989 से संचालित हो रहा है। यह निजी, गैर-सहायता प्राप्त संस्था है। हिंदी माध्यम से प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक शिक्षा प्रदान करता है। नेहरू बाल निकेतन एक समग्र शिक्षा प्रदान करता है जिसमें शामिल हैं, मुख्य शैक्षणिक विषय, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा, पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है, हालांकि विषय-वस्तु कक्षा के अनुसार भिन्न हो सकती है। 8 कक्षाएँ संचालित है जो शिक्षण के लिए अच्छी स्थिति में हैं। खेल-कूद और शारीरिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध है। प्री-प्राइमरी सेक्शन के साथ प्रारंभिक बाल शिक्षा की सुविधा है। सह-शैक्षिक एवं समावेशी वातावरण मौजूद हैं, केवल अकादमिक ही नहीं, बल्कि कला और खेल पर भी जोर, छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य हेतु बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

21.

"Time Public Hr. Sec. School Shahdol"

"Time Coching Center Shahdol"

टाइम पब्लिक स्कूल, शहडोल जिला मुख्यालय में पॉलीटेक्निक ग्राउंड के पास, पांडव नगर, शहडोल व रीवा रोड बायपास के पास, शहडोल में संचालित है, कक्षा 1 से 12 तक की अंग्रेज़ी माध्यम की शिक्षा दी जाती  है। मुख्य विषयों में वाणिज्य (Commerce), रसायन शास्त्र (Chemistry), गणित (Maths), और जीव विज्ञान (Biology) शामिल हैं। समृद्ध पुस्तक संग्रह के साथ एक पुस्तकालय उपलब्ध है।अच्छी तरह से सुसज्जित कक्षाएँ, जिनमें इंटरैक्टिव लर्निंग के लिए तकनीकी साधन मौजूद हैं। ऑनलाइन संसाधन: ई-लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता। संदेह समाधान सत्र (Doubt-Clearing Sessions) और मॉक टेस्ट, जो परीक्षा की तैयारी में सहायक हैं। तनाव प्रबंधन और करियर मार्गदर्शन के लिए परामर्श सुविधा। नियमित अभिभावक-शिक्षक बैठकें आयोजित की जाती हैं।स्कूल में खेल मैदान उपलब्ध है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को शैक्षणिक पाठ्यक्रम के साथ जोड़ना इस संस्था की एक प्रमुख विशेषता मानी जाती है। यह स्कूल और इसके कोचिंग सेंटर "प्रसिद्ध" और "विश्वसनीय शैक्षणिक संस्थान" के रूप में जाने जाते हैं, IIT-JEE, NEET, और AIIMS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्रदान की जाती है।

*ग्रामीण अंचल के कुछ मेधावी छात्र एम्स जैसी संस्थानों में अपनी सेवा दे रहे हैं*

*कोटा से भी बढ़कर वरदान साबित हो रहा है टाइम पब्लिक स्कूल कोचिंग*

*टाइम कोचिंग संस्थान से अब तक 300 छात्र एमबीबीएस, 120 छात्र आईआईटी में हुए चयनित*

शहडोल संभागीय मुख्यालय में निरंतर 18 वर्ष से संचालित टाइम पब्लिक स्कूल कोचिंग के बढ़ते कदम जिला शहडोल सहित अनूपपुर, उमरिया जिले के शहरी एवं ग्रामीण छात्र छात्राओं के लिए इस आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में कोटा से भी बढ़कर वरदान साबित हो रहा है। संस्था के संचालक जितेंद्र शुक्ला की कड़ी मेहनत एवं कुशल मार्गदर्शन में अभी तक इस संस्था से अध्ययन कर लगभग 300 से अधिक बच्चे नीट की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर एमबीबीएस डॉ बनकर काम कर रहे यहा तक कि टाइम संस्थान से पढ़कर कुछ ऐसे छात्र है जो एम्स जैसी संस्थानों में अपनी सेवा दे रहे जो अपने शहडोल संभाग के लिए बड़े ही गर्व का विषय है। इतना ही नहीं जेई की परीक्षा में भी अभी तक में टाइम पब्लिक संस्थान के 120 से अधिक छात्रों ने अच्छे रैंक साबित कर चुके है कि राजस्थान में अगर कोटा का नाम पढ़ाई के नाम पर मशहूर है तो शहडोल जिले में संचालित टाइम पब्लिक स्कूल किसी कोटा कम नहीं है।

10वीं 12वीं की बोर्ड परीक्षा में भी अच्छा प्रदर्शन किया छात्र-छात्राओं ने माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा आयोजित 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में टाइम्स स्कूल के छात्र-छात्राओं ने प्रदेश की मैरिट एवं जिले की मैरिट में स्थान हासिल कर शानदान प्रदर्शन किया। बोर्ड परीक्षाओं में इस विद्यालय का शत प्रतिशत रिजल्ट रहा एवं 90 प्रतिशत छात्र-छात्राओं ने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होकर विद्यालय एवं अपने-अपने परिवार को गौरवान्वित किया। जिले में कोई नगर या कोई गांव ऐसा नहीं है जहां के लोग टाइम्स संस्थान की उपलिब्धयों के बारे में न जानते हो।

*टाइम पब्लिक स्कूल का फिर बजा डंका, नीट और आईआईटी-जेईई में 5 छात्रों ने लहराया परचम*

शहडोल जिले के टाइम पब्लिक स्कूल ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का परचम लहराया है. इस वर्ष स्कूल के 5 होनहार छात्रों ने प्रतिष्ठित NEET और IIT-JEE परीक्षाओं में सफलता हासिल कर स्कूल और ज़िले का नाम रोशन किया है. इस शानदार सफलता में भूमि गुप्ता ने NEET परीक्षा में 2664वीं रैंक प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. उनकी यह उपलब्धि निश्चित रूप से अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनेगी. वहीं, अनुपमा दुबे ने IIT-JEE एडवांस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना स्थान सुनिश्चित किया है. NEET परीक्षा में अन्य छात्रों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है. तिशा जसूजा ने 493 अंक प्राप्त किए, जबकि अंशिका केशरी ने 492 अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. टाइम पब्लिक स्कूल के प्रबंधन और शिक्षकों ने इस शानदार सफलता पर छात्रों को बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है. यह उपलब्धि एक बार फिर साबित करती है कि टाइम पब्लिक स्कूल शहडोल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में अग्रणी है और छात्रों को उनके लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर रहा है.

संपर्क विवरण- फोन: +91 62612 54607

वेबसाइट: timepublicschool.in

21.

"Satguru Public Hr. Sec. School Shahdol"

सतगुरु पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल शहडोल में संचालित है, इस क्षेत्र का अग्रणी शैक्षणिक संस्थान है। इसकी स्थापना के समय से ही यह संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों और आधुनिक प्रयोगशालाओं के उपयोग द्वारा तेजी से प्रगति करता रहा है। अब यह मध्य भारत के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी संस्थानों में से एक माना जाता है। शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ यह संस्थान अब प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा कुशल और प्रतिभाशाली मानव संसाधन की भर्ती का पसंदीदा केंद्र बन गया है।

प्रगति मानव जाति की नियति है। हम वही बनते हैं, जो हमारे भीतर होता है। उस "भीतर के आत्मबल" को जाग्रत और पोषित करना आवश्यक होता है, जो केवल सीखने की प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है, यही सतगुरु पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल की महिमा है। प्रगति का मार्ग कैरियर योजना से होकर गुजरता है, जो अध्ययन के क्षेत्र का चुनाव करने का पहला तार्किक कदम होता है। हम अपने छात्रों के कौशल, स्वाभाविक क्षमताओं और ताकत का मूल्यांकन करके उन्हें सही करियर निर्णय लेने में सहायता करते हैं। हम अपने छात्रों को ऐसे बदलते वैश्विक परिदृश्यों के लिए तैयार करते हैं, ताकि वे नई तकनीकों के अनुरूप ढल सकें।

खेल के क्षेत्र में भी हमारे संस्थान की एक शानदार परंपरा रही है। स्कूल इंटरकॉलेजिएट प्रतियोगिताओं और टूर्नामेंट्स में सफलता प्राप्त कर एक विशिष्ट पहचान बनाई है, कई बार अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ मिलकर टीम बनाते हुए। हमारे कई छात्र राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी भाग लेते हैं।

22. 

Shri Rawatpura Sarkar Institute Of Nursing, Shahdol"

श्री रावतपुरा सरकार नर्सिंग संस्थान, शहडोल की स्थापना शैक्षणिक सत्र 2015 में की गई थी और इसे मध्य प्रदेश शासन द्वारा औपचारिक रूप से अनुमोदित किया गया है। यह महाविद्यालय "मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, मध्य प्रदेश" से सम्बद्ध है तथा इसे भारतीय नर्सिंग परिषद, नई दिल्ली एवं मध्य प्रदेश नर्स रजिस्ट्रेशन काउंसिल, भोपाल द्वारा मान्यता प्राप्त है। यह संस्थान शहडोल, मध्य प्रदेश में स्थित है।

प्रबंधन:

यह नर्सिंग कॉलेज ‘रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट’ के अंतर्गत संचालित है। इस प्रतिष्ठित संस्थान की नींव 2015 की गर्मियों में 'गैर-लाभकारी' संस्था के रूप में रखी गई थी। इसकी प्रेरणा श्री रविशंकर जी महाराज के मिशनरी उत्साह से मिली और इसे ट्रस्ट के सदस्यों की प्रतिबद्धता और सहयोग ने आकार दिया।

विकास यात्रा:

दो दशकों पहले एक छोटे से प्रारंभ से शुरू हुआ यह संस्थान अब उत्कृष्टता का प्रतीक बन चुका है। कुशल शिक्षकों, सतर्क प्रबंधन और दिव्य मार्गदर्शन के समन्वय से यह संस्था भारत की अग्रणी नर्सिंग संस्थानों में शामिल हो गई है, जिसमें उत्कृष्ट अधोसंरचना, नवीनतम तकनीक और अनुभवसंपन्न स्टाफ की भूमिका है।

हमारा मिशन (Mission):

हमारा लक्ष्य समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित लोगों को उच्चतम स्तर की स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है। साथ ही, नर्सिंग देखभाल, शिक्षा, अनुसंधान और सामुदायिक सेवा में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए लोगों को करुणा, चिंता और बलिदान जैसे उच्च आदर्शों की शिक्षा देना है।

हमारा दृष्टिकोण (Vision):

रावतपुरा सरकार नर्सिंग संस्थान ऐसे प्रशिक्षित नर्सों को तैयार करता है जो विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं में व्यक्तियों, परिवारों और समुदायों को जीवन भर गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग सेवा दे सकें। ये नर्सें शिक्षक, पर्यवेक्षक, प्रबंधक और शोधकर्ता की भूमिका भी निभा सकें।

श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, शहडोल में दिनांक 30 अगस्त 2025 को B.Sc. नर्सिंग बैच 2024-25 के नव प्रवेशित छात्रों के लिए एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान परिसर में उल्लासपूर्ण वातावरण देखने को मिला, जहाँ छात्र-छात्राओं, शिक्षकों ने मिलकर इस आयोजन को यादगार बनाया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुई। संस्थान के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी मुकेश मार्को ने छात्रों को संबोधित करते हुए नर्सिंग के क्षेत्र में सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता के महत्व को रेखांकित किया। वरिष्ठ अध्यापको ने छात्रों को संस्थान की परंपराओं, पाठ्यक्रम संरचना एवं नैतिक मूल्यों से अवगत कराया।

संस्थान में विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया अत्याधुनिक केंद्रीय पुस्तकालय है, जिसमें 25,000 से अधिक संदर्भ पुस्तकें उपलब्ध हैं और यह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं, पाठ्यपुस्तकों, मासिक पत्रिकाओं, उद्योग रिपोर्टों, मामला अध्ययन (case studies) और शोध हेतु उद्योग सूचना डेटाबेस की सदस्यता लेता है। श्री रावतपुरा विश्वविद्यालय में एक डिजिटल पुस्तकालय खंड भी है, जिसमें बड़ी संख्या में वर्गीकृत टेक्स्टबुक्स और संदर्भ सामग्री सीडी फॉर्मेट में उपलब्ध है। कॉलेज में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त अच्छी तरह से सुसज्जित प्रयोगशालाएँ उपलब्ध हैं।

कॉलेज में हाई-टेक कंप्यूटर लैब है, जिसमें LAN, वायरलेस इंटरनेट कनेक्टिविटी, LCD प्रोजेक्शन सिस्टम, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर, डिजिटल कैमरे, प्रिंटर, स्कैनर, प्लॉटर, फोटोकॉपी मशीन, और वीडियो कैमरे जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। ये सभी हमारे बुनियादी ढांचे की रीढ़ हैं। एडवांस ग्राफिक्स लैब में LCD प्रोजेक्टर, उन्नत कॉन्फ़िगरेशन कंप्यूटर, केंद्रीय नियंत्रण कक्ष, ऑडियो-विजुअल प्रोजेक्शन सुविधाएँ और डाटा संग्रहण केंद्र जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। हमने एक ऐसा खेल वातावरण विकसित किया है जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है और छात्रों को वैश्विक अनुभव प्रदान करता है। सभी खेल सुविधाएँ कॉलेज परिसर के अंदर ही उपलब्ध कराई गई हैं।

23.

"Bharat Jyoti vidhyalay Samatpur Anuppur"

भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर की स्थापना वर्ष 2008 में की गई थी। यह एक सीबीएसई से संबद्ध सह-शैक्षणिक विद्यालय है, जो नर्सरी से कक्षा 12 तक की शिक्षा प्रदान करता है। यह विद्यालय जबलपुर डायोसिसन एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा संचालित है और शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ समग्र विकास (होलीस्टिक डेवलपमेंट) पर विशेष ध्यान देता है। विद्यालय में कला और शारीरिक शिक्षा के साथ संतुलित, सर्वांगीण शिक्षा प्रदान की जाती है। विद्यालय सामतपुर, अनूपपुर में स्थित है और इसमें छात्रों की शैक्षणिक और सह-पाठ्य गतिविधियों को प्रोत्साहित करने हेतु आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध है। नर्सरी से कक्षा 12 तक की शिक्षा प्रदान की जाती है। शैक्षणिक विषयों के साथ-साथ कला और शारीरिक शिक्षा को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है ताकि छात्रों को समग्र शिक्षा प्राप्त हो सके। विद्यालय परिसर में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो शैक्षणिक और सह-पाठ्य गतिविधियों को पूर्ण समर्थन देती हैं।

भारत ज्योति विद्यालय, अनूपपुर में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का आयोजन किया जाता है, जिसमें राष्ट्रीय पर्वों जैसे स्वतंत्रता दिवस की भव्यता से मनाई जाने वाली प्रस्तुतियाँ भी शामिल हैं, जैसे कि विद्यालय के फेसबुक पेज पर साझा की गई देशभक्ति समूह नृत्य की पोस्ट। विद्यालय छात्रों को शैक्षणिक, कला, और शारीरिक शिक्षा सहित समग्र शिक्षा प्रदान करता है, जिसे सह-पाठ्य गतिविधियों के लिए उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाएं और संसाधन सहयोग देते हैं।

विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ नृत्य, संगीत और अन्य रचनात्मक कलाओं को भी बढ़ावा दिया जाता है, जिससे विद्यार्थियों का समग्र विकास हो सके। छात्रों को विभिन्न खेलों और शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने के अवसर दिए जाते हैं, जो टीम वर्क और शारीरिक स्वास्थ्य के विकास में सहायक होते हैं। विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस जैसी राष्ट्रीय पर्वों को उत्साहपूर्वक मनाया जाता है, जिसमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, भाषण और प्रतियोगिताएँ शामिल होती हैं।

छात्र विज्ञान, साहित्य, सामाजिक सेवा जैसे विभिन्न रुचियों पर आधारित क्लबों में शामिल होकर अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं।विद्यालय विद्यार्थियों को हाइकिंग, कैम्पिंग जैसे आउटडोर और साहसिक कार्यक्रमों में भाग लेने का भी अवसर दे सकता है, जिससे वे प्रकृति से जुड़ें और आत्मनिर्भर बनें। विद्यालय एक विशेष मोबाइल ऐप का उपयोग करता है जिसके माध्यम से अभिभावकों और छात्रों को दैनिक गतिविधियों, सूचनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी समय पर दी जाती है।

पता: सामतपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश, पिन कोड: 484224

🌐 वेबसाइट: www.bharatjyotianuppur.in

📧 ईमेल: bharatjyotianuppur@gmail.com

📞 फोन: 07659-222877

24.

 MGM School Dhanpuri, shahdol

एमजीएम स्कूल धनपुरी

एमजीएम स्कूल धनपुरी जिला शहडोल जिसका पूरा नाम (Mar Gregorios Memorial) हैं। जो कि काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन्स (CISCE) से संबद्ध है, एक समग्र शिक्षा पर बल देता है जिसमें शैक्षणिक, कला, खेल, और जीवन कौशल शामिल हैं। यह स्कूल 1999 में स्थापित हुआ था और इसका प्रबंधन मलंक्कारा ऑर्थोडॉक्स चर्च द्वारा किया जाता है। यह स्कूल नर्सरी से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक सभी कक्षाओं के लिए CISCE बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम का पालन करता है। शिक्षण माध्यम अंग्रेज़ी हैं।

स्कूल एक मजबूत शैक्षणिक कार्यक्रम प्रदान करता है जिसमें भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल, हिंदी और अंग्रेज़ी जैसे विषय शामिल हैं। उच्चतर माध्यमिक छात्रों के लिए स्कूल तीन प्रमुख शैक्षणिक धाराएँ प्रदान करता है- विज्ञान (PCM और PCB) और वाणिज्य। कक्षाओं में डिजिटल प्रोजेक्टर और इंटरएक्टिव व्हाइटबोर्ड जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग विभिन्न शिक्षण विधियों के समर्थन के लिए किया जाता है। पाठ्यक्रम में नैतिक मूल्यों, नैतिकता और विवेक पर बल दिया जाता है ताकि छात्र जिम्मेदार नागरिक बन सकें। व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देने के लिए कला, नाटक, संगीत, नृत्य और खेल सहित कई गतिविधियाँ कराई जाती हैं।

प्रारंभिक शिक्षा गतिविधियाँ: छोटे बच्चों के लिए विशेष गतिविधियाँ होती हैं जैसे – पेंटिंग, संगीत और गायन, कहानी सुनाना, पानी और रेत से खेलना, कठपुतली केंद्र आदि। साथ ही एक गतिविधि केंद्र में पज़ल्स, खिलौने और अबेकस भी उपलब्ध हैं। इनडोर गेम्स और अन्य खेलों के माध्यम से शारीरिक गतिविधियों के लिए अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। प्रत्येक कक्षा के छात्रों को सामुदायिक सेवा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे उनमें सामाजिक जिम्मेदारी का विकास हो।

स्कूल में पैरेंटिंग सेमिनार, कविता पाठ जैसी प्रतियोगिताएँ और इंटर-एमजीएम फेस्ट जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। 2,351 से अधिक पुस्तकों से सुसज्जित पुस्तकालय। 33 कार्यशील कंप्यूटरों वाला कंप्यूटर-आधारित शिक्षण प्रयोगशाला। प्रायोगिक विषयों के लिए अलग-अलग प्रयोगशालाएं। खेल और बाहरी गतिविधियों के लिए खेल मैदान। शैक्षणिक और अतिरिक्त गतिविधियों के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा। एमजीएम स्कूल धनपुरी क्षेत्र के प्रमुख स्कूलों में से एक माना जाता है और यह कला, विद्वता और खेलों में लंबी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है।

स्कूल अपने पूर्व छात्रों से मजबूत और दीर्घकालिक संबंध बनाए रखता है। छात्रों को शैक्षणिक, खेल और सामाजिक सेवाओं के माध्यम से नेतृत्व कौशल विकसित करने के कई अवसर दिए जाते हैं। स्कूल का पोषणकारी वातावरण और समग्र शैक्षणिक दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि हर छात्र को उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए पूरा समर्थन मिले। एमजीएम स्कूल, धनपुरी की प्रमुख उपलब्धि इसका यह समर्पण है कि वह अंग्रेज़ी माध्यम से शिक्षा प्रदान कर वैश्विक मानकों के अनुरूप विद्यार्थियों को शिक्षित करता हैं। स्कूल का एक प्रमुख मिशन छात्रों के मन में देशभक्ति, राष्ट्रवाद और धर्मनिरपेक्षता की भावना विकसित करना है, ताकि वे सक्रिय और उपयोगी नागरिक बन सकें।

25.

Bharat Mata School Shahdol

भारत माता स्कूल शहडोल वर्ष 1988 में स्थापित हुआ, यह मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त है। स्कूल छात्रों के समग्र विकास पर केंद्रित गतिविधियाँ प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य उन्हें "आदर्श नागरिक" के रूप में विकसित करना है। यह स्कूल अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रदान करता है। छात्रों के लिए एक व्यापक विकास का वातावरण प्रदान करता है, जिसमें शारीरिक, बौद्धिक, नैतिक और रचनात्मक क्षमताओं को विकसित करने पर विशेष बल दिया जाता है। शैक्षणिक विषय, कला, शारीरिक शिक्षा, और आध्यात्मिक/नैतिक विकास विषय शामिल हैं। इन गतिविधियों को पुस्तकालय, खेल मैदान जैसी सुविधाओं से समर्थन मिलता है।

स्कूल शैक्षणिक उपलब्धियों का भी उत्सव मनाता है, जैसे कि लैपटॉप योजना में जिला टॉपर्स और सामुदायिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेता है। उपमंत्री राजेंद्र शुक्ला द्वारा लैपटॉप योजना के अंतर्गत शहडोल जिले की मेरिट में commerce विषय में जिला टॉप करने वाली विद्यालय की छात्रा राशि परचानी को agriculture विषय में, जिला टॉप करने वाले विद्यालय के ओम गुप्ता को 25,000 का चेक दे कर सम्मानित किया,  साथ ही विद्यालय के लैपटॉप योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी के खाते में राशि भेज कर ससम्मानित किया इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्राचार्य किशोर श्रीवास्तव ने छात्रों को शुभकामनाएं दी।

एक अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब उपलब्ध है, जिसमें नवीनतम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर हैं, जो छात्रों की तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाते हैं।स्कूल में एक समृद्ध पुस्तकालय है जिसमें संदर्भ पुस्तकें, पाठ्यपुस्तकें, विश्वकोश और जर्नल्स शामिल हैं, ताकि छात्र अद्यतन और जानकारीपूर्ण रह सकें। शारीरिक शिक्षा और खेल के लिए छात्रों को खेल मैदान की सुविधा प्रदान की जाती है, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास में सहायता मिलती है। छात्र विभिन्न खेलों और गतिविधियों में भाग लेने के लिए एक खुला मैदान उपयोग कर सकते हैं।

विद्यालय छात्रों के आध्यात्मिक, नैतिक, बौद्धिक और शारीरिक विकास पर बल देता है। यह एक सह-शैक्षिक संस्थान है, जो सभी छात्रों के लिए एक समावेशी और सहयोगात्मक माहौल प्रदान करता है। स्कूल एक संतुलित पाठ्यक्रम सुनिश्चित करता है जिसमें अकादमिक विषयों के साथ-साथ कला और शारीरिक शिक्षा भी शामिल होती है।

26.

"Hatemi Hospital & Advanced Care Centre Shahdol" 

"Best Hospital in Shahdol"

हातेमी हॉस्पिटल एंड एडवांस्ड केयर सेंटर एक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल है जो व्यापक चिकित्सा सेवाएं और सुविधाएं प्रदान करता है। यह अस्पताल डॉ. मरियम द्वारा स्थापित किया गया था और हाल ही में इसमें एक नया 50-बिस्तरों वाला यूनिट जोड़ा गया है, जिससे यह विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय समुदाय तक पहुंचा रहा है।

अस्पताल निम्नलिखित चिकित्सा क्षेत्रों में उपचार प्रदान करता है:

हृदय रोग (कार्डियोलॉजी):

नियमित जांच, डायग्नोस्टिक सेवाएं, हृदय रोगों और धड़कन की अनियमितता का इलाज, और एंजियोग्राफी, स्टेंटिंग, तथा कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्टिंग (CABG) जैसी सर्जिकल प्रक्रियाएं।

कैंसर उपचार (ऑन्कोलॉजी):

कैंसर का निदान, उपचार और प्रबंधन।

नेफ्रोलॉजी:

किडनी से संबंधित बीमारियों का उपचार।

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी:

पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों का निदान और उपचार।

यूरोलॉजी:

मूत्र प्रणाली और पुरुष प्रजनन प्रणाली से जुड़ी समस्याओं का उपचार।

जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी:

हर्निया, एपेंडिसाइटिस, पित्ताशय की पथरी आदि की सर्जरी, मिनिमली इनवेसिव तकनीकों के माध्यम से तेज़ रिकवरी सुनिश्चित की जाती है।

जनरल मेडिसिन:

सामान्य बीमारियों का उपचार।

स्त्री एवं प्रसूति रोग (Gynecology & Obstetrics):

अस्पताल में जुलाई 2025 में पहली सफल सी-सेक्शन डिलीवरी (LSCS) की गई।

बाल चिकित्सा (Pediatrics):

बच्चों की स्वास्थ्य देखभाल।

हड्डी रोग (Orthopaedics):

हड्डी और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं का इलाज।

क्रिटिकल केयर:

गहन चिकित्सा देखभाल, गंभीर रूप से बीमार रोगियों के लिए।

नेत्र रोग (Ophthalmology):

आंखों की देखभाल।

दंत चिकित्सा (Dental Care):

मौखिक स्वास्थ्य सेवाएं।

प्लास्टिक सर्जरी:

पुनर्निर्माणात्मक और सौंदर्य सर्जरी।

न्यूरोलॉजी:

तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों का इलाज।

किडनी फंक्शन टेस्ट, लीवर फंक्शन टेस्ट, HIV टेस्ट, ब्लड ग्रुप आदि की विस्तृत लैब सेवाएं। अल्ट्रासाउंड (USG) और एक्स-रे सेवाएं उपलब्ध। चौबीसों घंटे इमरजेंसी सेवा, प्रशिक्षित नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ। अस्पताल व्यक्तिगत, सहानुभूतिपूर्ण और किफायती उपचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नवीनतम तकनीक से सुसज्जित। व्हीलचेयर-अनुकूल पार्किंग और प्रवेश द्वार।

27.

शासकीय, कन्या शिक्षा परिसर, अनूपपुर

*अभिनन्दन पत्र*

फूल सिंह पट्टावी प्राचार्य प्रथम श्रेणी मेकलसुता पुण्य सलिला नर्मदांचल की पवित्र धरा शासकीय कन्या शिक्षा परिसर अनूपपुर में आज आपकी अर्द्धवार्षिकी आयु के 62वर्ष पूर्ण होकर 31 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त हुए, इनका जन्म माँ नर्मदा के उद्गम स्थल से लगे हुए ग्राम लालपुर, टेड़ी, तहसील पुष्पराजगढ़, जिला अनूपपुर के प्रतिष्ठित व्यक्ति वेदी सिंह के यहाँ हुआ, पिता की देख-रेख एवं मार्गदर्शन में आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्रामीण अंचल लालपुर, टेड़ी से हुई । विद्यार्थी जीवन में आप एक आदर्श विद्यार्थी के रूप में जाने जाते थे। आपकी उच्च शिक्षा पं. शम्भूनाथ महाविद्यालय शहडोल से पूर्ण कर शिक्षा के क्षेत्र में उप सहा० शिक्षक के पद पर प्रथम नियुक्ति सन् 1986 में शासकीय प्राथमिक विद्यालय निगौरा के अबोध बच्चों को अपनी शिक्षा का लाभ दिया, शासन की नीति के अनुसार वर्ष 1988 में आपका चयन व्याख्याता पद में शास० उ०मा०विद्यालय कुड़ेली जिला सरगुजा में हुआ और वर्ष 1996 में आपका स्थानांतरण शास० उ० विद्या० गाड़ासरई, जिला मण्डला के लिए हुआ। इसी प्रकार वर्ष 1999 में आपकी पदोन्नति प्राचार्य पद के लिए शास०कन्या उ०मा०विद्या० बेनीबारी में हुई। 14 अगस्त 2015 को शासन ने प्रथम श्रेणी प्राचार्य के पद से आपको सुशोभित किया गया तथा शास० एकलव्य आवासीय विद्यालय अनूपपुर का दायित्व भलीभाँति निर्वहन करते हुए दिनांक 18 जुलाई 2018 को पुनः आपका स्थानांतरण शासकीय कन्या शिक्षा परिसर पुष्पराजगढ़ के लिए हुआ तथा दिनांक 18 अगस्त 2021 से सेवानिवृत्त तक शास०कन्या शिक्षा परिसर अनूपपुर में पदस्थ होकर निर्विवाद एवं निष्कलंक रूप से पूर्ण करते हुए अर्द्धवार्षिकी आयु पूरी हुई आपने शासकीय सेवा अवधि के लम्बे अंतराल को बहुत ही सूझ बूझ एवं इमानदारी से पूरा किया। आप जैसे कर्मठ, लगनशील, कर्तव्यपरायण, मृदुभाषी तथा सादा जीवन उच्च विचारों के ओत प्रोत शिक्षक से समग्र शिक्षक समुदाय गौरवांवित रहा है। लगातार लगभग 39 वर्ष की सेवा अवधि में श्री पट्टावी ने अपनी शिक्षा दक्षता से न जाने कितने अबोध नवनिहाल बच्चों को सुयोग्य नागरिक बनाकर उनके भविष्य को सजाया एवं संवारा है। कर्मठता के धनी श्री पट्टावी की शिक्षा जगत में की गई तपश्चर्या अवश्य ही प्रसंशनीय, सराहनीय एवं अनुकरणीय है। आज की कुलषित राजनीति से सदैव दूर रहकर स्वच्छ, पवित्र, ज्ञान, कर्म और भक्ति की त्रिवेणी आपके अन्दर समाहित है। आपने शासकीय सेवा अवधि के लम्बे अंतराल को निर्विवाद एवं निष्कलंक पूर्ण करते हुए एक आदर्ष गुरूतर दायित्व का निर्वहन भलीभाँति किया है। आपकी धर्म परायणता एवं सुमधुर स्वभाव से समस्त विद्यालय परिवार गौरवान्वित है। शासन की नीति के अनुसार सेवा निवृत्ति अवश्यम्भावी है, आपकी सेवा निवृत्ति शिक्षा जगत के लिए एवं इस विद्यालय के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जो निश्चित ही यह एक अविस्मरणीय अध्याय है जिसे भुलाया नहीं जा सकता।

शासकीय शिक्षा परिसर अनूपपुर का पूरा विद्यालय परिवार ईश्वर से अनुरक्षण कामना करता है कि आप एवं आपके परिवार की यश, कीर्ति, अहर्निश बढ़ती रहे, तथा आपका शेष जीवन सुमनों की तरह प्रफुल्लित होकर आप शतायू को प्राप्त करें। इसी आराधना के साथ आपका शत-शत नमन, वंदन एवं अभिनन्दन...!

28.

"सरस्वती शिशु मंदिर पाण्डव नगर शहडोल"

विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान जो सम्पूर्ण विश्व में शिक्षा के क्षेत्र में का कार्य करने वाला तंत्र है। विद्या भारती शिक्षा क्षेत्र में नगरीय शिक्षा, ग्रामीण शिक्षा, वनांचल शिक्षा व संस्कार केन्द्र के माध्यम से समाज में समाज में शिक्षा के संस्कार प्रदान करने का सतत कार्य कर रही है। विद्या भारती निर्धारित पाठ्यक्रम के साथ पांच आधारभूत विषय शारीरिक शिक्षा, योग शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, संगीत शिक्षा व आध्यात्मिक शिक्षा के माध्यम छात्रो के सर्वांगीण विकास के के लिए कटिबद्ध है, समाज में विद्याभारती की शिक्षा से पद्धति सभी के लिए अनुकरणीय व समाजपपोषित रही है। आज विद्याभारती स्कूल से पढ़कर निकले छात्र सभी क्षेत्रो में उत्कृष्ट कार्य कर रहे है। सरस्वती शिशु मंदिर का संचालन स्थानीय प्रबन्ध समिति के निर्देशन में किया जाता है। साथ ही यह विद्यालय समाज पोषित समाज हित में कार्य करता है। विष्णुकांत मिश्रा, व्यवस्थापक, भारती गुप्ता अध्यक्ष, अनिल द्विवेदी प्राचार्य।

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"OPM Higher Secondry School Amlai Shahdol"

ओपीएम हायर सेकेंडरी स्कूल, ओपीएम अमलाई के शहडोल जिले में संचालित है। ओपीएम हायर सेकेंडरी स्कूल छात्रों को एक समग्र शिक्षा प्रदान करता है जिसमें अकादमिक विषय, कला, और शारीरिक शिक्षा शामिल हैं। स्कूल ने सिग्नोड के सहयोग से स्मार्ट डिजिटल कक्षाओं की शुरुआत की है। स्क्रीन की मदद से डिजिटल लर्निंग को और प्रभावशाली बनाया गया है। छात्रों को आधुनिक शिक्षण अनुभव और दक्षताओं से सुसज्जित करके उन्हें आलोचनात्मक विचारक, सामाजिक रूप से जागरूक और चिंतित नागरिक बनाने में सक्षम बनाने का लक्ष्य रखता है. इस प्रयास में शिक्षक और शिक्षार्थी के समग्र प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाता है, जिसका उद्देश्य बच्चों को उनके भविष्य के पथ पर आगे बढ़ाना है।

यह स्कूल मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा मंडल से संबद्ध है और अंग्रेज़ी माध्यम का सह-शैक्षणिक (Co-educational) संस्थान है। स्कूल का परिसर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जो शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों दोनों का समर्थन करता है। यह स्कूल प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा प्रदान करता है, जिससे विभिन्न आयु वर्गों के छात्रों की जरूरतों को पूरा किया जाता है।

ओपीएम हायर सेकेंडरी स्कूल, अमलाई, विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान देता है। यह स्कूल डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, अकादमिक विषयों, कला और शारीरिक शिक्षा के माध्यम से समग्र शिक्षा प्रदान करने, शिक्षकों के प्रशिक्षण और छात्र कल्याण पर केंद्रित है। साथ ही, यह आधुनिक शिक्षण अनुभवों के माध्यम से छात्रों में आलोचनात्मक सोच को विकसित करने और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए पोषक वातावरण प्रदान करने में भी सक्रिय भूमिका निभाता है।

स्कूल ने स्मार्ट डिजिटल कक्षाओं की शुरुआत की है, जिनमें आधुनिक डिजिटल स्क्रीन का उपयोग किया जाता है। इसका उद्देश्य छात्रों की डिजिटल साक्षरता बढ़ाना और उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए तैयार करना है। केवल शैक्षणिक विषयों तक सीमित न रहते हुए, स्कूल अपने पाठ्यक्रम में कला और शारीरिक शिक्षा को भी शामिल करता है, जिससे छात्रों को एक संतुलित और पूर्ण शिक्षा मिलती है।

संस्थान शिक्षकों के प्रशिक्षण को प्राथमिकता देता है, जिससे वे उत्कृष्ट शिक्षण प्रदान कर सकें और छात्रों को प्रेरित कर सकें। विद्यालय आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से छात्रों में आलोचनात्मक सोच, सामाजिक जागरूकता, और नेतृत्व क्षमता का विकास करता है।

ओपीएम स्कूल छात्रों के लिए एक पोषक और सहयोगी वातावरण प्रदान करता है, साथ ही अभिभावकों की भागीदारी को भी प्रोत्साहित करता है, ताकि छात्र की शैक्षणिक यात्रा और भी सशक्त हो। स्कूल में मौजूद आधुनिक सुविधाएं सांस्कृतिक, खेलकूद और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देती हैं, जो छात्रों के समग्र विकास में सहायक होती हैं।

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"ज्ञान निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुढ़ार शहडोल"

ज्ञान निकेतन विद्यालय बुढ़ार की स्थापना वर्ष 1986 में कई गई। यह विद्यालय है जो कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा प्रदान करता है, जिसका शैक्षणिक सत्र अप्रैल में शुरू होता है. यह स्कूल शहडोल जिले के बुढ़ार में स्थित है, जिसका प्रबंधन एक निजी गैर-सहायता प्राप्त संस्था द्वारा किया जाता है और यहाँ हिंदी शिक्षा का माध्यम है।

ज्ञान निकेतन, बुरहार, खेल, कला और नेतृत्व कार्यक्रमों सहित विभिन्न प्रकार की पाठ्येतर गतिविधियों (एक्टिविटीज) संचालित करता है, जो छात्रों को उनके शैक्षणिक पाठ्यक्रम के पूरक के रूप में प्रदान की जाती हैं, जिससे छात्र समुदाय के बीच एक समग्र और समग्र दृष्टिकोण बनता है।  

ज्ञान निकेतन में विभिन्न प्रकार के खेल शामिल हैं, जिससे छात्रों की शारीरिक सक्रियता बढ़ती है। स्कूल कला के क्षेत्र में भी बच्चों की रुचि विकसित करता है। ये कार्यक्रम छात्रों में नेतृत्व के गुणों को विकसित करने में मदद करते हैं। यह स्कूल छात्रों को समग्र विकास का अवसर प्रदान करता है, जिसमें खेल, कला और नेतृत्व जैसे कार्यक्रम शामिल होते हैं।

शिक्षण और अधिगम (learning) के लिए 24 कंप्यूटर उपलब्ध है, विद्यालय का पाठ्यक्रम अकादमिक विषयों, कला, और शारीरिक शिक्षा पर केंद्रित है, जिससे छात्रों को समग्र शिक्षा प्रदान की जाती है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं सह-पाठयक्रम गतिविधियों की व्यवस्था है। इस स्कूल में माध्यमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा दी जाती है, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप है। स्कूल में प्रभावशाली शासन व्यवस्था और शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्यों के लिए एक संरचित दृष्टिकोण अपनाया जाता है। अकादमिक उत्कृष्टता पर ध्यान केंद्रित करता है और छात्रों के समग्र विकास को समर्थन देने के लिए अपनी अत्याधुनिक सुविधाओं में विभिन्न सह-पाठयक्रम गतिविधियाँ प्रदान करता है।

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"Vivek Public School Shahdol"

विवेक पब्लिक स्कूल, शहडोल का परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है, जो अकादमिक और सह-पाठयक्रम दोनों गतिविधियों का समर्थन करता है। यहां एक संतुलित पाठ्यक्रम, संरचित प्रवेश प्रक्रिया और छात्रों की शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत वृद्धि के लिए एक पोषणकारी वातावरण है। स्कूल शहडोल में स्थित एक शैक्षणिक संस्था है जो प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक सह-शिक्षा (Co-Educational) का वातावरण प्रदान करती है। यह स्कूल विद्यार्थियों को शैक्षणिक, कला और शारीरिक शिक्षा का संतुलित पाठ्यक्रम प्रदान करता है। इसका उद्देश्य छात्रों में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ समग्र विकास को प्रोत्साहित करना है।

विद्यालय एक समग्र शिक्षा प्रणाली अपनाता है, जिसमें शैक्षणिक विषयों के साथ-साथ कला और शारीरिक शिक्षा को भी शामिल किया गया है। विज्ञान और गणित की प्रयोगशालाएं उपलब्ध हैं, जिससे छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होता है। स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से पढ़ाई को अधिक प्रभावशाली और इंटरैक्टिव बनाया गया है। एक समर्पित पुस्तकालय छात्रों के लिए अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराता है।

नृत्य, कला और विभिन्न खेलों जैसे क्रिकेट, बैडमिंटन और टेबल टेनिस के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं। खेलकूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए खुले मैदान मौजूद हैं। यह विद्यालय लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए समान अवसर और सहयोगात्मक वातावरण प्रदान करता है। विद्यालय एक संगठित और सुव्यवस्थित शैक्षणिक व प्रशासनिक प्रणाली पर आधारित है। शिक्षण को सुविधाजनक बनाने के लिए अच्छी तरह से सुसज्जित कक्षाएं हैं।

अध्ययन और अनुसंधान के लिए पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध है। कंप्यूटर आधारित शिक्षा के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं। शारीरिक शिक्षा और खेल गतिविधियों के लिए एक मैदान उपलब्ध है। स्कूल का परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। छात्रों को सहयोगात्मक और पोषणकारी वातावरण प्रदान किया जाता है। शिक्षा के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसमें अकादमिक, कला और शारीरिक शिक्षा का समावेश है।

32. 

(St Jude's Christian Mission Higher Secondary School, Shahdol)

सेंट जूड्स क्रिश्चियन मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल, शहडोल, मध्य प्रदेश में स्थित एक सह-शैक्षणिक (co-educational) संस्थान है जिसकी स्थापना वर्ष 1990 में हुई थी। यह विद्यालय नर्सरी से कक्षा 12वीं तक की शिक्षा प्रदान करता है और समग्र शिक्षा के लिए जाना जाता है।शिक्षा का माध्यम अंग्रेज़ी हैं। विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का अनुसरण करता है, जो छात्रों को भविष्य की सफलता के लिए तैयार करता है। यह स्कूल छात्रों को अकादमिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराता है और एक पोषणकारी (nurturing) वातावरण को बढ़ावा देता है।

यह स्कूल अकादमिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। विद्यालय में लगभग 1000 पुस्तकों वाला एक पुस्तकालय मौजूद है। स्कूल का अपना निजी भवन है जिसमें कक्षाएं और गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए अलग-अलग कमरे उपलब्ध हैं

"बी एन एंजेल डे" (Be an Angel Day) के अवसर पर छात्रों ने जरूरतमंदों के लिए खाद्य सामग्री एकत्र की। छोटे बच्चों ने "वॉटर डे" (Water Day) के अवसर पर कला परियोजनाओं के माध्यम से अपनी रचनात्मकता दिखाई। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में स्कूल ने "हर घर तिरंगा" अभियान के अंतर्गत रैली और झांकी में भाग लिया।विद्यालय विभिन्न गतिविधियों जैसे विज्ञान परियोजनाएं (Science Projects) और रंगोली प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेता है और स्वयं भी ऐसे आयोजन करता है। जिससे छात्रों की प्रतिभा को बढ़ावा मिलता है और उनकी भागीदारी को प्रोत्साहन मिलता है। सेंट जूड्स में इंटर-हाउस खो-खो मैच जैसे आयोजन किए जाते हैं, जो छात्रों में खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हैं।

"इन्वेस्टिचर सेरेमनी" जैसे आयोजनों के माध्यम से छात्रों में नेतृत्व की भावना को प्रोत्साहित किया जाता है। विद्यालय में रचनात्मक और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित किया जाता है, जैसे कि "साइंस विद ए स्माइल" अभियान के माध्यम से।

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"जिला महिला समिति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहडोल"

जिला महिला समिति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (हायर सेकेंडरी स्कूल) शहडोल एक लड़कियों का सरकारी स्कूल है जो शहडोल जिला मुख्यालय में स्थित है, जिसमें 9वीं से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है। इसका संचालन जिला महिला समिति द्वारा किया जा रहा है। इस विद्यालय में बहुत ही कम शुल्क में गरीब बच्चो को शिक्षा प्रदान किया जाता है, इस विद्यालय में शिक्षक व शिक्षिका बहुत ही कम मानदेय में बच्चो को शिक्षा प्रदान करके अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विद्यालय में आनंद मेला के आयोजन में कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला महिला समिति डॉ.केदार सिंह  एवं पुलिस अधीक्षक राम जी श्रीवास्तव ने जिला महिला समिति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहडोल  में आनंद मेला का फीता काटकर शुभारंभ किया। आनंद मेला में लगाए गए कटोरी चाट, चना मसाला, मुगौड़ी की दुकान, आलू बड़ा सांभर बड़ा,गुलाब जामुन आदि की दुकानों के स्टालो का  अवलोकन कर खाद्य प्रतिष्ठानों का स्वाद भी चखा। आनंद मेले के दौरान  छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों कि प्रस्तुति दी गई। इस वर्ष परिसर में कृष्ण जनमाष्टमी के उपलक्ष्य में छात्र,छात्रओं द्वारा मटकी फोड प्रतियोगिता, राधकृष्ण की झॉकी, फैन्सी ड्रेस आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये तथा प्रतिभागी सभी छात्र छात्राओं को पुरुरूकृत किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती संगीता दुबे सचिव, गायत्री वासुदेव, राखी शर्मा विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

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Gyanoday English Medium Higher Secondary School, Shahdol

ज्ञानोदय इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल, शहडोल एक स्थापित स्कूल है जो मध्य प्रदेश बोर्ड से संबद्ध है और छात्रों को सर्वोत्तम शिक्षा प्रदान करने पर केंद्रित है। इसे 1996 में स्थापित किया गया था, जो इसे शहर के स्कूलों में एक प्रतिष्ठित स्थान दिलाता है। स्कूल का उद्देश्य अनुभवी और प्रभावी शिक्षकों के माध्यम से छात्रों को सर्वोत्तम शैक्षिक वातावरण प्रदान करना है। ज्ञानोदय स्कूल छात्रों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और स्मार्ट बनने की उम्मीद करता है, जो एक उच्च-गुणवत्ता वाली शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

ज्ञानोदय इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल, शहडोल, में स्थित एक शैक्षणिक संस्थान है, जो अंग्रेज़ी माध्यम से समग्र शिक्षा प्रदान करता है। यह विद्यालय अकादमिक, कला और शारीरिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देता है ताकि छात्र बहुआयामी विकास के साथ आत्मविश्वासी बनें और वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सकें। विद्यालय में अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं जैसे कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास सॉफ्टवेयर, खेलकूद, संगीत, और अनुभवी शिक्षकों द्वारा संचालित एक सुरक्षित एवं पोषणकारी वातावरण।

विद्यालय का शिक्षण माध्यम अंग्रेज़ी है, जिससे छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा प्राप्त होती है। शिक्षा में अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ कला और शारीरिक शिक्षा को भी शामिल किया गया है, ताकि छात्र आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट बन सकें।

विद्यालय परिसर में आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जैसे सिम्प्शन स्मार्ट स्कूल सॉफ्टवेयर से युक्त कंप्यूटर लैब। पुस्तकों से भरा समृद्ध पुस्तकालय। संगीत प्रशिक्षण की सुविधा। खेल सुविधाएँ अंतर-विद्यालय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए। सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा कर्मियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था।

विद्यालय छात्रों के व्यक्तिगत सीखने की आवश्यकताओं पर ध्यान देता है और उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करता है। अनुभवी शिक्षकगण छात्रों का मार्गदर्शन करने और उन्हें हर कदम पर सहयोग देने के लिए समर्पित हैं। छात्रों को पेशेवर कोच की देखरेख में खेलों में भाग लेने का अवसर मिलता है। इसके अलावा, कम्युनिटी हेल्पर्स की भूमिका निभाने जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित की जाती हैं, विशेषकर पैरेंट-टीचर मीटिंग्स के दौरान। विद्यालय एवं बसों में 100% छात्र सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए हैं।

ज्ञानोदय विद्यालय, शहडोल राष्ट्रीय सक्रिय चैम्पियनशिप (National Active Championship) में भाग लेता है, जिसका उद्देश्य स्क्रीन समय को कम करना और छात्रों को शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से सक्रिय बनाना है। इस कार्यक्रम में छात्रों को सह-पाठ्यक्रम, खेल और शैक्षणिक क्षेत्रों में मासिक असाइनमेंट दिए जाते हैं, और विद्यालय की रैंक छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर तय की जाती है।

छात्रों को मजेदार शारीरिक और सह-पाठ्य गतिविधियों के माध्यम से सक्रिय रखता है। छात्रों की प्रगति पर नज़र रखी जाती है और विद्यालय की रैंक स्क्रीन टाइम रिडक्शन लीडरबोर्ड पर प्रदर्शित होती है, जो उनकी भागीदारी और प्रदर्शन को दर्शाती है। छात्रों को हर महीने सह-पाठ्यक्रम, खेल, और शैक्षणिक क्षेत्र में असाइनमेंट दिए जाते हैं, जो इस चैम्पियनशिप के ढांचे के अंतर्गत पूरे किए जाते हैं। ज्ञानोदय इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल को शहडोल में एक विश्वसनीय और लंबे समय से सेवा दे रहे शैक्षिक संस्थान के रूप में देखा जाता है।

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हर मिलाप कंप्यूटर सेंटर का नाम किसी को बताने की आवश्कता नही इसका नाम ही काफी है। हरमिलाप इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर एंड टेक्नोलॉजी जो अनूपपुर जिले के कोतमा में संचालित है, यह सेंटर कंप्यूटर प्रशिक्षण और कौशल विकास पर केंद्रित गतिविधियाँ प्रदान करते हैं। ये केंद्र ऐसे कार्यक्रम उपलब्ध कराते हैं जो आज के नौकरी बाजार में कैरियर की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

ये केंद्र विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम प्रदान करते हैं, जिनका उद्देश्य कंप्यूटर कौशल को बढ़ाना और आधुनिक नौकरी बाजार की माँगों के लिए व्यक्तियों को तैयार करना होता है। मुख्य गतिविधि कंप्यूटर प्रशिक्षण है, जिसमें तकनीक और सॉफ्टवेयर के विभिन्न पहलुओं को कवर किया जाता है। छात्रों को कक्षा के दौरान अभ्यास के लिए कंप्यूटर प्रदान किए जाते हैं, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है।

नियमित मूल्यांकन के माध्यम से छात्रों की प्रगति पर निगरानी रखी जाती है और उनके तकनीकी कौशल में निरंतर सुधार को प्रोत्साहित किया जाता है। केंद्रों में अनुभवी प्रशिक्षक होते हैं जो छात्रों को सफलता प्राप्त करने और उनके कैरियर को बेहतर बनाने में मार्गदर्शन करते हैं।
इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य यह है कि व्यक्ति नए कौशल सीखकर अपने कैरियर की संभावनाओं को मजबूत कर सकें।

हरमिलाप इंस्टीट्यूट ऑफ कम्प्यूटर कई वर्षो से अपनी सेवाएं दे रहा है। जिसकी शाखा अनूपपुर जिले के कोतमा मे संचालित है। यह सेंटर माखनलाल चतुर्वेदी रा. प. एवं संचार वि.वि. भोपाल, द्वारा मान्यता प्राप्त है। इस संस्था में BCA ग्रेजुएशन-03 वर्ष/धोग्यता 11वी पास,
M.SC (CS) पोस्ट ग्रेजुएशन 02 वर्ष /योग्यता ग्रेजुएशन, B.Com (CA) ग्रेजुएशन 03 वर्ष/योग्यता 12वीं पास, DCA, PGDCA
डिप्लोमा - 01 वर्ष /योग्यता ग्रेजुएशन, डिप्लोमा 01 वर्ष/ योग्यता 12वीं पास। स्नातक छात्र .... MA, M.COM आदि की जगह अब सीधे M.Sc [CS] में प्रवेश लेकर अपने कैरियर को नई दिशा दें सकते हैं।

इस क्षेत्र के सबसे बेहतर व अनुभवी शिक्षक (20 वर्षीय अनुभव, इंजीनियर, एम.सी.ए. टीचर्स। हजारों पुस्तकों से सुसज्जित कम्प्यूटराइज्ड लायब्रेरी उच्च क्वालिटी नोट्स एवं प्रिन्टेड नोट्स,
एल.सी.डी. प्रोजेक्टर मुक्त क्लासरूम, एडवांस कम्प्यूटर लैब (एल.ई.डी. युक्त), फ्री पर्सनालिटी डेवलपमेंट, सर्वश्रेष्ठ परीक्षा परिणाम, Wi-Fi एवं CCTV युक्त सुरक्षित कैम्पस, आधुनिक कम्प्यूटर एवं 24 घंटे इंटरनेट सुविधा, न्यूनतम फीस, प्रशिक्षण का माध्यम हिन्दी व अंग्रेजी, विशेष रूप से छात्राओं के अध्यापन हेतु महिला अध्यापक तथा सुरक्षित वातावरण, CPCT Free, प्रत्येक छात्रों को मोबाइल एप फ्री
म.प्र. शासन के राजपत्र में घोषित सभी सरकारी नौकरी में मान्य।

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हरमिलाप आई.टी.आई. कोतमा, भारत सरकार NCVT से मान्यता प्राप्त संस्था है। जिसका Reg. No. DGET-6/12/78/2014-TC है।
संभाग में सबसे हाइजेस्ट स्टार ग्रेडिंग की ITI-7.6 स्टार रेटिंग संस्था है।
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100+कम्प्यूटरो से सुसज्जित विशाल कम्प्यूटर लैब। प्रोजेक्टर के द्वारा क्लास संचालित एवं आईटीआई, ऑनलाइन परीक्षा की ट्रेनिंग। सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला कोर्स योग्यता - 10वीं पास, अवधि - 2 साल।
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शा.एम.एम. कॉलेज तिराहा, भालूमाड़ा रोड, कोतमा

हरमिलाप पब्लिक स्कूल, कोतमा (अनूपपुर) में संचालित है। यह स्कूल किंडरगार्टन (के.जी.), प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक स्तर तक की शिक्षा प्रदान करता है। स्कूल में शैक्षणिक संसाधनों के रूप में लाइब्रेरी (पुस्तकालय), इंटरनेट सुविधा और बच्चों के खेलने के लिए मैदान उपलब्ध है। स्कूल में समय-समय पर मुफ्त दंत जांच और नेत्र जांच शिविर जैसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता है, जिसमें छात्रों और अभिभावकों को लाभ मिलता है। मोबाईल- 9340606842

36.

Carmel Convent Senior Secondary School, Amlai

"दृष्टि (Vision) और मिशन (Mission"


कार्मल कॉन्वेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल शहडोल जिले के अमलाई में संचालित है। यह स्कूल CBSE से संबद्ध, अंग्रेजी माध्यम विद्यालय
प्री-नर्सरी से 12वीं कक्षा तक संचालित है। छात्रों को आध्यात्मिक, नैतिक, बौद्धिक और शारीरिक ऊर्जा को प्रेरित करना ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें और एक न्यायपूर्ण समाज का निर्माण कर सकें। शिक्षण का माध्यम अंग्रेजी है, जबकि हिंदी अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाई जाती है। स्कूल परिसर 6.77 एकड़ में फैला हुआ है।

अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यालय अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधियों (Extra-curricular activities) और छात्र विकास (Student development) पर भी विशेष ध्यान देता है। अनुभवी शिक्षकों की टीम (Experienced Faculty) विद्यालय में अनुभवी और ज्ञानवान शिक्षक कार्यरत हैं, जो उच्च गुणवत्ता की शिक्षा सुनिश्चित करते हैं।

विद्यालय का संचालन काँग्रेगेशन ऑफ मदर ऑफ कार्मेल (Congregation of Mother of Carmel) की सिस्टर्स द्वारा किया जाता है।

37. ELC English Medium School Shahdol 

ईएलसी इंग्लिश मीडियम स्कूल शहडोल जिला मुख्यालय में स्थित एक अग्रणी स्कूल है, जो छात्रों को अकादमिक रूप से उत्कृष्टता प्रदान करता है. यह स्कूल छात्रों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम संचालित करता है, यह सड़क मार्ग से हर मौसम में पहुँचा जा सकता है, स्कूल अपने छात्रों के लिए अकादमिक 
यह छात्रों की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम करता है। जिसमे क्विज़, वाद-विवाद, विज्ञान मेले, शैक्षणिक प्रतियोगिताएँ आदि, जो छात्रों के ज्ञान और प्रस्तुति कौशल को बढ़ावा देती हैं। खेलकूद, कला, संगीत, नाटक, और विभिन्न क्लब, जो छात्रों की रुचियों को विकसित करते हैं। त्योहारों का उत्सव, सांस्कृतिक दिवस, विद्यालय सभा आदि जो विविधता और परंपराओं को सम्मान देते हैं। शैक्षणिक भ्रमण, सामाजिक जागरूकता अभियान, समूह गतिविधियाँ, जो छात्रों में सामाजिक कौशल और सहभागिता की भावना उत्पन्न करती हैं।

38.

Sunrise Public High School, Bijuri 

सनराइस पब्लिक हाई स्कूल बिजुरी अनूपपुर जिले के बिजुरी में स्थित है। स्कूल में अनुभवी शिक्षक शिक्षिकाओ से छात्र- छात्राओं को शिक्षा प्रदान किया जाता है। विद्यालय में क्रिकेट, फुटबॉल और बैडमिंटन जैसी गतिविधियाँ कराई जाती हैं। छात्रों के लिए शतरंज और अन्य इनडोर खेल उपलब्ध हैं। शारीरिक विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। 

गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों को छात्र बड़े उत्साह से मनाते हैं। होली, रक्षाबंधन और दीपावली जैसे त्योहारों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
शिक्षक दिवस और बाल दिवस को भी विद्यालय में उल्लासपूर्वक मनाया जाता है। छात्रों को कला, नृत्य और संगीत जैसे क्षेत्रों में अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है, जिसके लिए योग्य प्रशिक्षक नियुक्त किए गए हैं। विद्यालय विभिन्न कार्यक्रमों और शिविरों का आयोजन करता है जिससे छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों से परे भी सीखने और विकसित होने का अवसर मिले। विद्यालय का उद्देश्य छात्रों को रचनात्मक बनाना है, जिसके लिए शिक्षकगण विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित करते हैं। केवल शैक्षणिक क्षेत्र पर ही नहीं, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास पर बल देता है, जिससे उनका सम्पूर्ण व्यक्तित्व निखरे।

39.

Minds Eye International School, Shahdol


माइंड्स आई इंटरनेशनल स्कूल जिला मुख्यालय शहडोल में संचालित है, स्कूल छात्रों के समग्र विकास और जीवंत शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सुविधाएं और गतिविधियाँ प्रदान करता है। यहाँ गणित प्रयोगशाला, ईवीएस (पर्यावरण अध्ययन) लैब, कला और संगीत के लिए एक्टिविटी सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। साथ ही, अबेकस कक्षाएं, मेमोरी तकनीक, मिड-ब्रेन एक्टिवेशन जैसी मस्तिष्क विकास की गतिविधियाँ भी आयोजित की जाती हैं। स्कूल में विज्ञान के प्रायोगिक प्रयोगों के साथ-साथ वाद-विवाद और ओलंपियाड जैसी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होता है।

स्कूल में समर्पित गणित प्रयोगशाला और ईवीएस लैब है जहाँ छात्रों को व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से सीखने का अवसर मिलता है। कला और संगीत गतिविधियों के लिए एक विशेष केंद्र उपलब्ध है, जहाँ बच्चों की रचनात्मक क्षमताओं को बढ़ावा दिया जाता है। स्कूल में अबेकस, मेमोरी टेक्निक, डीएमआईटी टेस्ट और मिड-ब्रेन एक्टिवेशन जैसी विशेष कक्षाएँ चलाई जाती हैं, जो बच्चों के मानसिक विकास में सहायक हैं। यहाँ बच्चों को अनुभवात्मक शिक्षा दी जाती है, जैसे कि "दहन में ऑक्सीजन की भूमिका" जैसे विज्ञान प्रयोग।

स्कूल छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न गतिविधियाँ और कार्यक्रम आयोजित करता है, जैसे कि “स्कूल यूनिफॉर्म के फायदे” जैसे विषयों पर वाद-विवाद आयोजित कर छात्रों के आत्मविश्वास और आलोचनात्मक सोच को विकसित किया जाता है।

छात्र World Color International Hindi Olympiad जैसी शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किए जाते हैं।
ओलंपियाड के बारे में जानें। नर्सरी बच्चों के लिए हिंदी वर्णमाला सिखाने जैसी गतिविधियाँ भी कराई जाती हैं जिससे शिक्षा को मजेदार और इंटरैक्टिव बनाया जा सके। स्कूल की "नो होमवर्क, नो ट्यूशन" नीति छात्रों पर पढ़ाई का दबाव कम करने के उद्देश्य से बनाई गई है।

40. विवेकानंद पैरामेडिकल कॉलेज शहडोल

विवेकानंद पैरामेडिकल कॉलेज जिला मुख्यालय शहडोल में कई वर्षों से स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इस कॉलेज में प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा शिक्षा दी जाती है, अच्छा अनुकूल वातावरण एवं सभी सुविधाओं से युक्त कॉलेज हैं। यहाँ पर शिक्षा का स्तर बहुत अच्छा होने के कारण दूर-दूर से छात्र- छात्राए शिक्षा लेने आते हैं। कॉलेज में एक समृद्ध पुस्तकालय (फिजिकल और ई-लाइब्रेरी) हैं जिसमे विभिन्न विषयों की किताबों का संग्रह उपलब्ध है, जो आधुनिक शिक्षण विधियों और नवीनतम जानकारी तक पहुंच प्रदान करती है। अत्याधुनिक विभागीय प्रयोगशालाएँ, और डिजिटल शिक्षा के लिए सूचना प्रौद्योगिकी संसाधन उपलब्ध हैं। छात्रों को कुशाभाऊ ठाकरे जिला चिकित्सालय, शहडोल में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है, जहाँ एक आधुनिक पैथोलॉजी लैब और अनुभवी विशेषज्ञ मौजूद हैं। कॉलेज में स्मार्ट क्लासरूम, कैफेटेरिया, हॉस्टल और मनोरंजन की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं ताकि छात्रों को एक समग्र शिक्षा अनुभव प्रदान किया जा सके।

छात्रों को प्रयोगात्मक प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव देने के लिए प्रयोगशालाएँ आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हैं, जो विशेष रूप से पैरामेडिकल छात्रों के लिए उपयोगी हैं। छात्रों को स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल कौशल सिखाया जाता है ताकि वे आधुनिक तकनीकी आवश्यकताओं के लिए तैयार रहें। इंटरैक्टिव लर्निंग टूल्स से युक्त कक्षाएं, जो शिक्षण को अधिक प्रभावी और आकर्षक बनाती हैं। 

छात्रों के लिए आरामदायक भोजन, आवास और मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध हैं ताकि उन्हें एक पूर्ण और संतुलित शैक्षणिक अनुभव मिल सके। छात्रों के करियर की योजना, इंटरव्यू की तैयारी और संचार कौशल पर सत्र आयोजित किए जाते हैं ताकि वे अपने करियर के लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें। कॉलेज में एक सक्रिय और जीवंत छात्र जीवन को प्रोत्साहित किया जाता है, जिसमें शैक्षणिक, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियाँ शामिल हैं, जो छात्रों के समग्र विकास में सहायक होती हैं।

41.

Paramount Academy English Medium Higher Secondary School

पैरामाउंट एकेडमी स्कूल, अनूपपुर जिले के जैतहरी में स्थित हैं। स्कूल मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) से मान्यता प्राप्त है। यहाँ पर अंग्रेज़ी माध्यम से शिक्षा प्रदान 

यह स्कूल छात्रों की शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए कई सुविधाएँ प्रदान करता है, जिनमें कंप्यूटर-आधारित शिक्षण सुविधाएँ, पुस्तकालय, कक्षाएँ और मनोरंजन क्षेत्र शामिल हैं। यह स्कूल शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों दोनों के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ एक समग्र (होलीस्टिक) शिक्षण दृष्टिकोण अपनाता है। स्कूल में कंप्यूटर आधारित शिक्षण प्रणाली, पुस्तकों से युक्त पुस्तकालय और विभिन्न कक्षाएँ उपलब्ध हैं। शिक्षा को और प्रभावी बनाने तथा छात्रों को भविष्य के लिए आवश्यक डिजिटल कौशल से लैस करने के लिए स्कूल में तकनीकी संसाधनों का एकीकरण किया गया है। भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए छात्रों को रामायण और श्रीराम जैसे प्रेरणादायक पात्रों के बारे में सिखाया जाता है।

छात्रों के समग्र विकास के लिए स्कूल में अत्याधुनिक सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यह संस्था छात्रों में आलोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान की क्षमता, और प्रभावी संवाद कौशल को विकसित करने पर विशेष ध्यान देती है। छात्रों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर सफलता हासिल की है, जैसे कि INSPIRE छात्रवृत्ति कार्यक्रम में भागीदारी, जो उभरते वैज्ञानिकों के लिए एक प्रमुख प्लेटफॉर्म है।

42.

New Stella Maris English Medium School jaithari

न्यू स्टेला मेरिस इंग्लिश मीडियम स्कूल अनूपपुर जिले के जैतहरी (लहरपुर) में स्थित है। यह अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल है। यह एक आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्कूल है जो शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का पूर्ण समर्थन करता है। यह स्कूल केरल प्रबंधन द्वारा संचालित किया जाता है और एक सह-शैक्षिक संस्था है। स्कूल का उद्देश्य एक पालन-पोषण से भरपूर वातावरण और समग्र विकास के लिए एक व्यापक पाठ्यक्रम प्रदान करना है। स्वतंत्रता दिवस व 26 जनवरी के समारोह में समारोह और वार्षिक उत्सव हर्षोल्लास से मनाया जाता है, छात्रों ने 85% से अधिक अंक प्राप्त किए और 100% उत्तीर्णता दर हासिल की है।

43.

Bellwether International School in Shahdol


वेल वेदर इंटरनेशनल स्कूल, शहडोल मुख्यालय के पास पचगांव में स्थित है। यह स्कूल CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) से संबद्ध है।
यहाँ पर कैंटीन, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल क्षेत्र, स्मार्ट बोर्ड और आधुनिक कक्षाओं जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्कूल का उद्देश्य छात्रों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है, जिसमें एक सुरक्षित परिसर, शारीरिक फिटनेस पर जोर, और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के भरपूर अवसर शामिल हैं। स्कूल में छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध है
उन्नत सीखने के लिए आधुनिक कक्षाएं, स्मार्ट बोर्ड और विज्ञान प्रयोगशालाएं उपलब्ध हैं। छात्रों के भोजन के लिए कैंटीन और अध्ययन सामग्री हेतु पुस्तकालय की सुविधा दी गई है। परिसर सुरक्षित और संरक्षित है, जो एक अनुशासित और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देता है। भावनात्मक बुद्धिमत्ता जैसे विषयों पर कार्यशालाएँ आयोजित की जाती हैं ताकि करुणा और समग्र व्यक्तित्व का विकास हो सके। 
सामूहिक पीटी सत्र और एक समर्पित फिटनेस कैंप जैसी गतिविधियाँ कराई जाती है।  विभिन्न इनडोर और आउटडोर खेलों की सुविधा है और हाल ही में लॉन टेनिस की सुविधा का उद्घाटन किया गया है। समर कैंप, हेरिटेज डे, जन्माष्टमी और रामनवमी जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

44.

पं. शम्भूनाथ शुक्ला जो अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति थे, उनकी प्रेरणा से अनूपपुर में महाविद्यालय खोलने के विचार का प्रसार हुआ। महाविद्यालयीन समिति का गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष पद पर मणीभाई पटेल जो जबलपुर में निवास करते थे, उन्होंने महाविद्यालय के लिए काफी बड़ी धनराशि चंदे के रुप में दी। कोषाध्यक्ष भाईलाल पटेल व सचिव पद पर शंकर प्रसाद शर्मा बने, मंजूर हसन, रामस्वरुप दुबे व कई लोग सदस्य के रुप में अपना सहयोग देने के लिए तैयार हुए तथा प्रत्येक सदस्य ने 500 रु. की राशि का भुगतान किया। इस तरह कुछ राशि हाथ आ जाने पर महाविद्यालय शुरु करने की तैयारी कर ली गई, महाविद्यालय का प्रारम्भिक वर्ष था और मात्र एक ही कक्षा बी.ए. प्रथम वर्ष की खोलनी थी इसलिए छोटी सी जगह भी फिलहाल महाविद्यालय के लिए पर्याप्त थी। ग्राम पंचायत का एक कमरा जो पहले कभी आजाद क्लब हुआ करता था, खाली था, उसे ही महाविद्यालय के लिए उपयुक्त जगह मानकर 1972 में अनूपपुर में महाविद्यालय का शुभारम्भ हुआ। उस समय अनूपपुर की जनसंख्या पुरानी बस्ती को मिलाकर बमुश्किल दस हजार से भी कम थी। ऐसे समय में महाविद्यालय प्रारम्भ करने की बात तो दूर, उसके बारे में कल्पना करना भी आसान नहीं था। प्राचार्य की आवश्यकता थी इसके लिए बी वी.पी. सिंह को सागर से अनूपपुर लाया गया और वे प्रभारी प्राचार्य के रुप में महाविद्यालय का कार्य देखने लगे। प्राध्यापक के रुप में अमरनाथ पाठक, यज्ञप्रसाद तिवारी, बी.एन. सिंह व मिश्रीलाल गुप्ता कार्यरत थे।  1974 में वाणिज्य संकाय का प्रारम्भ हुआ।

45.

St. Joseph's Convent School, Kotma, Anuppur

सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल, अनूपपुर जिले के कोतमा संचालित है। यहाँ पर अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाती हैं। शैक्षणिक सफलता, राष्ट्रीय खेल दिवस जैसे आयोजनों में भागीदारी जैसे विभिन्न उपलब्धियों और गतिविधियों को उत्साहपूर्वक मनाया जाता है। स्कूल द्वारा छात्रों को औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कराया जाता है। जिसमे हाल ही में Origin Oil Pvt. Ltd. का दौरा कराया गया। स्कूल के स्थापना के 25वें वर्ष (Silver Jubilee) की शुरुआत का जश्न मनाया, जो संस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विद्यालय अपने छात्रों में "Love and Serve" (प्रेम करो और सेवा करो) की भावना को विकसित करने का प्रयास करता है, ताकि वे स्वयं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। विद्यालय खेलों को उतनी ही प्राथमिकता देता है जितनी पढ़ाई को। राष्ट्रीय खेल दिवस जैसे आयोजनों को पूरे उत्साह से मनाया जाता है। विद्यालय छात्रों के लिए गर्मी की छुट्टियों में समर कैंप आयोजित करता है, जिससे वे पाठ्यक्रम से बाहर जाकर नई चीज़ें सीख सकें और विकास कर सकें। विद्यालय समय-समय पर करियर काउंसलिंग सेशन आयोजित करता है। उदाहरण के तौर पर, जुलाई 2025 में कक्षा 12 के छात्रों के लिए एक काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया था, जिससे वे अपने भविष्य की पढ़ाई और करियर के बारे में मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। विद्यालय एक समग्र शिक्षा पद्धति अपनाता है, जो न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता बल्कि चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों पर भी जोर देती है।

46.

DVM Public School Kotma, Anuppur


DVM पब्लिक स्कूल, अनूपपुर जिले  कोतमा में कई वर्षों से संचालित है। स्कूल में उपलब्धियों में शैक्षणिक उत्कृष्टता पर विशेष ध्यान व एक समग्र पाठ्यक्रम की पेशकश शामिल है जो शैक्षणिक विषयों के साथ-साथ कला और शारीरिक शिक्षा को भी जोड़ता है। यह संस्था बौद्धिक और मानवीय मूल्यों के निर्माण, दूरदर्शिता के विकास, और निर्णय लेने के लिए आवश्यक कौशल से छात्रों को सशक्त बनाने पर जोर देती है। स्कूल का उद्देश्य छात्रों को केवल अकादमिक विषयों में ही नहीं, बल्कि कला, शारीरिक शिक्षा, और साहस, बुद्धिमत्ता व ईमानदारी जैसे मानवीय मूल्यों के विकास में भी संतुलित शिक्षा प्रदान करना है। DVM पब्लिक स्कूल शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करने और छात्रों में गहन सोचने की क्षमता विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पाठ्यक्रम इस प्रकार से तैयार किया गया है कि यह छात्रों को आवश्यक ज्ञान और कौशल से लैस कर सके, जिससे मानसिक विकास व दूरदर्शिता का निर्माण हो। स्कूल में स्मार्ट सुविधाएँ और एक सुरक्षित, संरक्षित परिसर है, जो विभिन्न प्रकार की शिक्षण गतिविधियों को सहयोग प्रदान करता है। अनुभवी शिक्षकों की एक टीम प्रत्येक छात्र को सर्वोत्तम शिक्षा अनुभव देने के लिए समर्पित है और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन व सहयोग प्रदान करती है।

47. सरस्वती शिशु मंदिर बिजुरी, अनूपपुर

सरस्वती शिशु मंदिर बिजुरी, जिला अनूपपुर विद्या भारती द्वारा संचालित एक विद्यालय है, भारतीय संस्कृति व मूल्यों के अनुरूप शिक्षा प्रदान करता है, यह विद्यालय शिशुवाटिका, शिशु मंदिर, विद्या मंदिर, और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के रूप में शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है, विद्यालय का उद्देश्य भारतीय मूल्यों, राष्ट्रीयता, और संस्कार के साथ छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है।
यह भारत का सबसे बड़ा गैर-सरकारी शिक्षा संगठन है, जिसकी स्थापना 1977 में हुई थी और इसका मुख्य उद्देश्य समाज के छात्रों को शिक्षा और संस्कार प्रदान करना है। विद्या भारती का लक्ष्य भारतीय संस्कृति और मूल्यों के अनुरूप शिक्षा प्रदान करना है, ताकि छात्र राष्ट्र निर्माण में योगदान कर सकें। विद्या भारती प्राथमिक, माध्यमिक, वरिष्ठ माध्यमिक, उच्चतर शिक्षा संस्थान, और शोध संस्थानों के माध्यम से शिक्षा प्रदान करती है। यह मध्य प्रदेश के सरस्वती शिक्षा परिषद द्वारा संचालित होता है, जो विद्या भारती का एक हिस्सा है। विद्यालय न केवल अकादमिक शिक्षा देता है, बल्कि शारीरिक, योग, संगीत, संस्कृत, नैतिक, और आध्यात्मिक शिक्षा पर भी जोर देता है।

48.

शिशु भारती हायर सेकेंडरी स्कूल, कोतमा, अनूपपुर

शिशु भारती हायर सेकेंडरी स्कूल, कोतमा मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान है जो शिक्षा के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करता है। यह एक उच्च माध्यमिक विद्यालय है जहाँ बच्चों को समग्र विकास के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। स्कूल बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित करता है और खेल, शैक्षणिक भ्रमण, और रचनात्मक गतिविधियों सहित विभिन्न पाठ्येतर गतिविधियों का आयोजन करता है। टीमवर्क और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए खेलों का आयोजन किया जाता है। छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने और ज्ञान का विस्तार करने के लिए विभिन्न स्थानों का भ्रमण कराया जाता है। रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए छात्रों को हस्तकला और अन्य कलात्मक गतिविधियों में शामिल किया जाता है।
प्रदर्शनी और ओलम्पियाड: छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने और विज्ञान और अन्य विषयों में रुचि विकसित करने के लिए विभिन्न प्रदर्शनियों और ओलम्पियाड में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। छात्रों में विभिन्न संस्कृतियों के प्रति सम्मान बढ़ाने और उनके सांस्कृतिक ज्ञान को बढ़ाने के लिए भी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। "एक भारत श्रेष्ठ भारत" जैसी गतिविधियाँ छात्रों के बीच बातचीत और समझ बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। छात्रों को नेतृत्व कौशल विकसित करने और स्कूल की गतिविधियों का नेतृत्व करने के लिए अवसर प्रदान किए जाते हैं।

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