बैंक के लाॅकर से अचानक लाखों की ज्वेलरी हुई गायब, बैंक की कार्यशैली संदेह के घेरे में

बैंक के लाॅकर से अचानक लाखों की ज्वेलरी हुई गायब, बैंक की कार्यशैली संदेह के घेरे में

*पुलिस थाना में पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत, जांच के बाद होगा खुलासा*


शहडोल

शहडोल जिले के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया बुढ़ार शाखा से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां बैंक के लाॅकर में रखे उपभोक्ता के 20 लाख से अधिक के जेवरात गायब हो गए। उपभोक्ता ने मामले की शिकायत बैंक प्रबंधन सहित पुलिस थाने में दर्ज कराई है। वहीं मामला तूल पकड़ता देख बैंक मैनेजर पल्ला झड़ते हुए उपभोक्ता पर ही आरोप लगा रहे हैं। बुढ़ार थाना क्षेत्र के रहने वाले व्यवसायी दातूमल विशनदासानी का यूनियन बैंक में बचत खाता है। उन्होंने जब से बैंक में लाॅकर की सुविधा शुरू हुई, तब से अपने लाॅकर नंबर-149 में परिवार के जेवरात रखते थे। इस दौरान वो आवश्यकता अनुसार, लाॅकर खोलते, बंद करते थे। किन्ही कारणों से उन्होंने लंबे समय से लाॅकर नहीं खोला। 16 फरवरी को वे अपने लाॅकर को काफी प्रयासों के बाद भी नहीं खोल पाए, जिसकी सूचना बैंक प्रबंधन को दी गई। दूसरे दिन बैंक प्रबंधन ने लाॅकर को उपभोक्ता के सामने खुलवाया। जिसे देखकर सभी के होश उड़ गए।

लाॅकर में रखे सभी जेवरात गायब थे। उन्होंने बैंक प्रबंधन से ज्वेलरी गायब होने की वजह पूछी, तो बैंक प्रबंधन पल्ला झाड़ते हुए उपभोक्ता को जिम्मेदार ठहराने लगा। इसके बाद इसकी शिकायत उपभोक्ता ने पुलिस में दर्ज कराई। इस मामले में बैंक प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बता दें कि जब किसी उपभोक्ता का लाॅकर खराब होने की स्थिति में तो उसे तुड़वाया या फिर किसी अन्य सोर्स से खुलवाया जाता है। इस दौरान बैंक की ओर से उसकी पूरी वीडियोग्राफी कराई जाती है। जो कि यूनियन बैंक के जिम्मेदारों ने नहीं कराई है, जो अब संदेह के घेरे में है।

इस मामले में बैंक मैनेजर प्रताप सिंह कुछ भी कहने से बचते रहे। उन्होंने उपभोक्ता द्वारा आरटीआई में कुछ जानकरी मांगी है और जवाब देने की बता कही है। वहीं वीडियोग्राफी नहीं के सवाल पर वह कैमरे से छुपते नजर आए। थाना प्रभारी संजय जैसवाल का कहना है कि बैंक के लाॅकर से ज्वेलरी गायब होने की एक शिकायत मिली है। इस शिकायत का संबंध बैंक से है। बैंक के आंतरिक जांच का विषय है। बैंक कोई जांच रिपोर्ट पेश करेगी, यदि कोई अपराध बनेगा तो मामला दर्ज किया जाएगा।मामला चाहे जो भी हो, लेकिन बैंक के लाॅकर से उपभोक्ता के ज्वेलरी गायब हाेना गंभीर मामला है। अब इस मामले की बारीकी से जांच के बाद ही स्थित स्पष्ट हो पाएगी। अब सवाल यह खड़ा होता कि ज्वेलरी गायब होने के पीछे बैंक प्रबंधन की कोई चाल है या फिर उपभोक्ता की कोई साजिश ? लेकिन बैंक प्रबंधन की ओर से लाॅकर तुड़वाने के दौरान वीडियोग्राफी नहीं करवाना ये कही और इशारा करती।

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