पीआरटी महाविद्यालय में मनाया गया राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का कार्यक्रम

पीआरटी महाविद्यालय में मनाया गया  राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का कार्यक्रम

*जन सामन्य में विज्ञान के प्रति सोच को बढ़ाने की जरूरत -  डॉ. जे.के.संत*


अनूपपुर

नगर में संचालित पंडित रामगोपाल तिवारी महाविद्यालय अनूपपुर एवं मध्यनप्रदेश काउंसिल ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भोपाल के संयुक्त, तत्वायवधान में  राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन किया गया। इस उपलक्ष्य  में महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए पोस्टर मेकिंग, निंबध लेखन एवं विज्ञान प्रश्नोत्तरी, मॉडल इत्यादि  प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। सतत भविष्य के लिए विज्ञान विषय पर आधारित इस कार्यक्रम का मुख्य  उद्देश्य  भारत के महान वैज्ञानिक सर सी.वी. रमन के योगदान को याद कर विज्ञान के महत्वव को बताना था। इस कार्यक्रम मे मुख्ये अतिथि के रूप में शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर के प्राचार्य डॉ. जे.के. संत, महाविद्यालय के संचालक डॉ. देवेंद्र कुमार तिवारी एवं कार्यक्रम सह-संयोजक सहित समस्तव विभागाध्येक्ष, प्राध्यापक एवं छात्र - छात्राएं उपस्थित थे । 

सर्वप्रथम महाविद्यालय अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजा अर्चना  की गई। तत्पश्चात छात्राओं  द्वारा सरस्वती वंदना और स्वागत गीत की प्रस्तुति दी गई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. जे.के. संत ने अपने उद्बोधन कहा कि  विज्ञान दिवस के आयोजन के मूल उद्देश्य को बताया। उन्होने कहा कि हम सभी में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं व्यवस्थित ज्ञान का होना, हमे विज्ञान के निकट लाता है। उन्होने सर सी. वी. रमन द्वारा प्रतिपादित रमन इफेक्ट पर भी बात की। इस आयोजन पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह दिन विद्यार्थियो को विज्ञान के प्रति प्रेरित करने एवं लोगो को विज्ञान एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों के प्रति सजग बनाने के लिए आयोजित किया जाता है। विज्ञान ने हर युग में मानवीय सोच को एक नया आयाम दिया है। आज का यह दिन भारत की युवा पीढ़ी को अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित करता है। अंत में कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली है कि आपको महाविद्यालय में ऐसा मंच प्रदान किया जाता है जिससे आप अपना कौशल विकास कर सर्वश्रेष्ठक प्रर्दशन करते है। 

महाविद्यालय के संचालक डॉक्टर देवेंद्र तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सर सी. वी. रमन की उपलब्धि हमे गौरवान्वित करती है। आप सभी छात्राएं देश का भविष्य है।आप सभी में अपार संभावनाएं है। समाज मे विज्ञान व अनुसंधान के प्रति जागरूकता एवं रूचि जागृत करना आवश्यक है। यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी जड़ो की ओर लौटे। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस भारतीय इतिहास की महान विरासत का प्रतीक है। उन्होने कहा कि जिज्ञासु बने एवं अपने आत्म बल को मजबूत बनाएं। लक्ष्यि प्राप्त  करने के लिए रणनीति बनाकर कार्य करे। संचार कौशल को समृद्ध कर व्याक्तित्व  विकास करे।

तत्पश्चात अतिथियों द्वारा भ्रमण कर सभी विद्यार्थियों के द्वारा बनाये गये माडल का अवलोकन किया गया , विद्यार्थियों ने अपने बनाए गये माडल्स के विषय सम्पूर्ण कार्य प्रणाली को  बताया और अतिथियों ने उसे देखा और विद्यार्थियों के श्रुजन की प्रशंसा की और अपनी टिप्पणिया दी। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालयीन में हुए प्रतियोगिताओं पोस्टर मेकिंग , निबंध लेखन , विज्ञान प्रश्नोत्तरी, मॉडल इत्यादि के समस्त विजेताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्माोनित किया गया। महाविद्यालय प्रबंधन के द्वारा इस सफल आयोजन पर सभी कार्यकर्तायों को बधाईयां  दी। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार प्रदर्शन विजय कुमार तिवारी जी के द्वारा किया गया।

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