राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का एक दिवसीय आयोजन शासकीय महाविद्यालय में अपूर्व सफलता के साथ सम्पन्न
शहड़ोल/केशवाही
शासकीय महाविद्यालय केशवाही में 'साहित्य का सामाजिक सरोकार और संस्कृति का वैश्विक परिप्रेक्ष्य' विषय पर केन्द्रित एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन सफलता के सोपानों को स्पर्श करते हुए पंजीयन और जलपान के उपरांत पूर्वान्ह 11.00 बजे आरंभ हुआ। कार्यक्रम का प्रारंभ आगन्तुक अतिथियों के द्वारा मों वीणापाणि सरस्वती की प्रतिमा में पूजन, अर्चन, माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन से हुआ। अतिथियों का स्वागत प्रभारी प्राचार्य डॉ. आई.के. बेक ने माल्यार्पण और बैच लगाकर किया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य वक्ता डॉ. रामकिंकर पाण्डे, प्रसिद्ध साहित्यकार एवं प्राचार्य शासकीय लाहिणी महाविद्यालय चिरीमिरी ने किया । "साहित्य के सामाजिक सरोकार और संस्कृति का वैश्विक प्ररिप्रेक्ष्य " का विषय प्रवर्तन राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के संयोजक डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने किया। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में विषय का बीज वक्तव्य डॉ. प्रदीप विश्वकर्मा, शहीद केदारनाथ महाविद्यालय मउगंज के हिन्दी विभागाध्यक्ष ने प्रस्तुत किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता शासकीय नेहरु स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. आशा अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रुप में डॉ. अनिल सक्सेना, प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय, डॉ. परमानंद तिवारी, सेवा निवृत्त प्राचार्य और डॉ. मंगलसिंह अहिरवार, सहा. प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय जयसिंह नगर और विक्रम सिंह, केशवाही रहे। इस अवसर पर राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में शासकीय नेहरु स्नातकोत्तर महाविद्यालय बुढार से डॉ. राधेश्याम नापित, डॉ. नागमणि मैडम, डॉ. एन. पी. प्रजापति, डॉ. कमलेश, डॉ. मनोज कुजूर की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। सभी अतिथियों गणमान्य नागरिकों महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं महाविद्यालय परिवार द्वारा भोजन के उपरांत राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का द्वितीय सत्र तकनीकी सत्र का प्रारंभ हुआ जिसमें डॉ. परमानंद तिवारी, विक्रम सिंह, केशवाही, डॉ. मंगलसिंह अहिरवार, डॉ. अनिल उपाध्याय, डॉ. गंगाधर ढोके, प्रगतिशील लेखक संघ अनूपपुर के अध्यक्ष गिरीश पटेल और प्रसिद्ध हास्य व्यंग्य कलाकार और साहित्यकार पवन छिब्बर ने अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया । राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का सफल संचालन डॉ. नीरज श्रीवास्तव, संगोष्ठी संयोजक ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय परिवार से डॉ. दीप्ति सिंह, राजकुमार गुप्ता, डॉ. राजमणि साकेत, राजेन्द्र गुप्ता, डॉ. गजाला बेगम, चांदनी बेगम, उत्कर्ष प्रताप सिंह, मुकेश वर्मा, जमुना प्रसाद नामदेव, वरिष्ठ पत्रकार चेतराम शर्मा, उपेन्द्र प्रताप सिह, लक्ष्मण सोनी, दिनेश साहू, योगेश प्रताप सिंह, रिंकू अग्रवाल, गणेश गुप्ता सहित गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राओं की अधिकाधिक उपस्थिति महत्वपूर्ण रही ।
समापन सत्र में साहित्य का सामाजिक सरोकार और संस्कृति का वैश्विक परिप्रेक्ष्य विषय पर केन्द्रित विषय पर विभिन्न अंचलों से पधारे विद्वानों एवं विषय विशेषज्ञों के गहन विचार मंथन एवं व्याख्यान के उपरांत इस अंचल के प्रसिद्ध साहित्यकार पंडित शंभूनाथ स्वशासी महाविद्यालय के प्राचार्य एवं हिन्दी विभागाध्यक्ष स्व. डॉ. यज्ञ प्रसाद तिवारी के स्मृति एवं सम्मान में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है, जिसमें ख्यातिलब्ध युवा रचना दीपक अग्रवाल, डॉ. परमानंद तिवारी, डॉ. गंगाधर, गिरीश पटेल, डॉ. नीरज श्रीवास्तव, भूपेन्द्र शर्मा, श्री विक्रम सिंह, रामनारायण पाण्डेय, पवन छिब्बर, ललित दुबे आदि कवियों ने अपना काव्यपाठ प्रस्तुत किया। कवि सम्मेलन का संचालन डॉ. परमानंद तिवारी एवं डॉ. गंगाधर ढ़ोके ने किया तत्पश्चात् उपरांत सायं 5 बजे डॉ. आई.के.बेक, प्रभारी प्राचार्य के आभार प्रदर्शन के साथ ही राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का समापन हुआ ।
