मोजर बेयर में श्रमिक के साथ होता है गाली गलौच व रंगभेद की टिप्पणी, कलेक्टर, एसपी से हुई शिकायत

मोजर बेयर में श्रमिक के साथ होता है गाली गलौच व रंगभेद की टिप्पणी, कलेक्टर, एसपी से हुई शिकायत


अनूपपुर/जैतहरी

जिला अनूपपुर आदिवासी जिला है । आदिवासी जिला कहने का आशय  यह है कि यहां के नागरिकों में स्नेह, प्यार ,ममता, भाईचारा , कूट-कूट करके भरा हुआ है । लेकिन जब से मोजर बेयर पावर प्लांट का पदार्पण हुआ है तब से इस जिला का ताना-बाना एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में ग्रहण सा लगता जा रहा है । मोजर बेयर पावर प्लांट के कारण इस जिला में उस राज्य के लोगों का पदार्पण हुआ ,जिस राज्य में अशांति एवं आतंक का वातावरण विद्यमान है । अशांति एवं आतंक के वातावरण से पले बढे लोग मोजर बेयर पावर प्लांट में अधिकारी बने हुए हैं । जो रात दिन कोई न कोई खुरपेच करके यहां के नागरिकों का सद्भाव एवं शांति पूर्ण वातावरण को ध्वस्त करने में तुले हुए हैं। और कानून के पहरेदार इन आतंकी सोच के चिकनी चुपड़ी चेहरा को देखकर,उनके क्रूरता को नजरंदाज कर उन्हें सही ठहरा रहे है।

मामला मोजर बेयर पावर प्लांट के प्रभावित खातेदार श्याम लाल पिता बैजू राठौर के पुत्र गणेश राठौर का है जोकि मोजर बेयर पावर प्लांट में न्यायालय कलेक्टर अनूपपुर के आदेश के अनुसार 1 जुलाई 2022 से पावर प्लांट में ऑपरेटर के पद पर कार्य कर रहा था। 

ऑपरेटर गणेश प्रसाद राठौर दिनांक 20 नवंबर 2022 एवं 27 नवंबर 2022 को तबीयत खराब होने के कारण अधिकारियों को सूचित करके छुट्टी कर लिया था। जिस के संबंध में दूसरे दिन मोजर बेयर पावर प्लांट के एच ओ डी त्रिदीप दत्ता के द्वारा अनुपस्थिति का कारण पूछा गया। श्रमिक गणेश राठौर तबीयत खराब होने का कारण बताया। श्रमिक का जवाब सुनकर मन बढ अधिकारी त्रिदीप दत्ता श्रमिक को मां बहन का भद्दी भद्दी गाली दिया और करिया कह कर के रंगभेद कर अपमानित किया। जिस पर श्रमिक उक्त बर्ताव करने के लिए मना किया । क्योंकि इसके पूर्व भी श्रमिक के साथ उक्त अधिकारी इसी तरह का मां बहन का भद्दी भद्दी गाली एवं करिया कह कर के अपमानित कर चुका था । जिसकी सूचना परियोजना के अधिकारी गौरव पाठक को दिया जा चुका था किंतु उनके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई।

श्रमिक को गाली गलौज करने से मना करना इतना महंगा पड़ गया कि दिनांक 15 दिसंबर 2022 को मोजर बेयर पावर प्लांट के प्रबंधन द्वारा श्रमिक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया । श्रमिक ने कारण बताओ नोटिस का जवाब लिखित में दिया लेकिन प्रबंधन को श्रमिक का जवाब पसंद नहीं आया और कहने लगा कि तुम्हें अगर नौकरी करना है तो माफीनामा लिखकर दो नहीं तो तुम्हें परियोजना में नौकरी नहीं मिलेगी । श्रमिक उक्त कारण बताओ नोटिस का जवाब की प्रतिलिपि आवश्यक कार्यवाही हेतु श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जैतहरी एवं श्रीमान थाना प्रभारी जैतहरी को दिया था । थाना प्रभारी जैतहरी के द्वारा जांच के लिए एएसआई श्री रंगनाथ मिश्रा को दिया । उन्होंने भी प्रबंधन के सुर में सुर मिलाते हुए कहने लगा कि माफीनामा लिख देने से क्या होना जाना है नौकरी करना है तो माफीनामा लिख दो । जिस पर श्रमिक का कहना है कि आखिर मेरा कसूर क्या है जिसके कारण मैं प्रबंधन को माफीनामा लिखकर दू। फिलहाल श्रमिक जनसुनवाई में कलेक्टर जिला अनूपपुर एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को लिखित शिकायत देते हुए मोजर बेयर के उस बदतमीज अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही किए जाने एवं काम पर वापस करवाए जाने , माह दिसंबर का मजदूरी भुगतान करवाए जाने ,का आवेदन दिया है।

उक्त आशय की जानकारी संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन सीटू के अध्यक्ष कामरेड जुगुल किशोर राठौर ने देते हुए बताया कि गणेश राठौर का मामला यह पहला मामला नहीं है, बल्कि इसके पूर्व भी दर्जनों मजदूरों के साथ मां बहन का भद्दी भद्दी गाली गलौज, मना करने पर कारण बताओ नोटिस और नोटिस के जवाब में माफीनामा मांगे जाने का प्रबंधन का यह पुराना रिवाज है । श्रमिक भीमसेन केवट से लेकर गणेश राठौर तक इस तरह के दर्जनों मामला आ चुके हैं । लेकिन हमारे शासन प्रशासन में बैठे लोगों के लिए मोजर बेयर पावर प्लांट के प्रबंधन के चिकनी चुपड़ी चेहरा में अपराध नहीं दिखाई देता है । आखिर कब तक यहां के लोग इन बेहूदा एवं बदतमीज अधिकारियों को झेलते रहेंगे और यहां के नेता मंत्री विधायक सांसद एवं अफसर कंपनी के ऊंची पहुंच और पैसों के प्रभाव में आकर के यहां के लोगों के हक़ को कुचलते रहेंगे । कानून व्यवस्था की हिफाजत करने के बजाय उन्हें कुचलते रहेंगे यह विचारणीय प्रश्न है।

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