ओपीएम प्रबंधन की लापरवाही से सुरक्षा कर्मी की गई जान
अनूपपुर
अमलाई कागज कारखाना प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा आज फिर एक सुरक्षाकर्मी को अपनी जान गवा कर चुकाना पड़ा आपको बता दें कि इससे पहले भी प्रबंधन की लापरवाही के कई कारनामे उजागर हुए हैं लेकिन प्रबंधन की शासन-प्रशासन सत्ता पर उपरी पकड़ की वजह से मामलों की लीपापोती कर जांच की दिखावटी चादर से ढक दिया जाता है ओपीएम फैक्ट्री मे ठेका लेकर काम कर रही है प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी एमएसएस मे हुई सुरक्षाकर्मी दीपक गर्ग की मौत एक बार फिर से प्रबंधन व सिक्योरिटी कंपनी की लापरवाही उजागर करता है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक सुरक्षाकर्मी को अभी कुछ दिनों पहले ही बिना किसी सुरक्षा ट्रेनिंग के भर्ती कर लिया गया था चुकी सिक्योरिटी कंपनी और ओपीएम के सुरक्षा अधिकारी रवि कुमार शर्मा अधिक लाभ कमाने के चक्कर में आपस में साठगांठ कर सुरक्षाकर्मियों से नियम को ताक में रखकर काम करवा रहे थे फैक्ट्री में लगने वाले पर्याप्त सुरक्षाकर्मियों की संख्या से काफी कम सुरक्षा कर्मी ही रखे गए हैं जिसका नतीजा यह निकला की कंपनी की रेलवे ट्रैक पर रैक आने पर 4 सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी लगती है लेकिन इसके विपरीत एक ही सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी लगाई गई थी बावजूद उसके मृतक से ओवर टाइम भी करवाया जा रहा था ऐसा बताया जाता है कि अधिक काम करने की वजह से मृतक काफी थका हुआ था अनट्रेंड था जिसकी वजह से वह कंपनी की ट्रेन इंजन की चपेट में आकर काल के गाल में समा गया और एक हंसता खेलता परिवार तबाह हो गया घटना के 4 घंटे बीत जाने के बाद भी मानवता को शर्मसार कर देने वाला ओपीएम प्रबंधन अब तक घटनास्थल से नदारद है स्थानीय अमलाई पुलिस एवं कंपनी का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अभी तक घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाया है और ना ही मृतक के परिजनों को मुआवजा तत्काल राहत राशि या फिर मृतक के परिवार के भरण-पोषण के लिए परमानेंट नौकरी देने की बात प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारी द्वारा कही जा रही है।
