जिले भर के लगभग 300 संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों ने शुरू किया हड़ताल

जिले भर के लगभग 300 संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों ने शुरू किया हड़ताल

*सिर्फ 90 कर्मचारियों पर जिले भर के डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत प्रवाह का भार*


इन्ट्रो- विद्युत विभाग के संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों का विभागीय संविलियन न होने से जिले भर के कर्मचारी नाराज होकर 21 जनवरी से अनिष्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं जिससे एक ओर जिले भर मे सुचारू विद्युत व्यवस्था पर जहां प्रतिकूल असर देखा गया वही कर्मचारियों के हड़ताल से विभाग को भी बेहतर व्यवस्था बनाने मे पसीना आ रहा है। 

अनूपपुर

कई वर्षों से की जा रही बहुतप्रतीक्षित मांग पूरी न होने पर अंततः विद्युत विभाग के संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का मन बना लिया और इसकी शुरूआत भी 21 जनवरी से कर दी गई जिससे एक ओर जिले भर मे विद्युत व्यवस्था चरमरा गई वही विद्युत उपभोक्ताओं को भी काफी परेषानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल के पहले ही दिन जिले भर मे व्यापक असर देखा गया। जिले भर कई फीडरों मे जहां 33 व 11 केव्ही फीडरों मे फाल्ट आने से विभागीय नियमित अमले को दौड़ भाग करते देखा गया वही समय पर विद्युत आपूर्ति बहाल नही होने से उपभोक्ताओं के रोष का सामना करना पड़ा। शनिवार को हड़ताल के दौरान हड़ताल स्थल अधीक्षण अभियंता कार्यालय अनूपपुर के सामने जनपद पंचायत जैतहरी के अध्यक्ष राजीव सिंह पहुंचकर हड़तालियों का मनोबल बढ़ाते हुये अपनी सहमति दी एवं कहा कि विद्युत कर्मचारियों की मांग जायज है तथा आपकी मांगो को मैं अपने स्तर से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं वर्तमान सरकार तक जरूर पहुंचाउंगा। उन्होने कहा कि विद्युत कर्मचारियों को नियमित करने का संकल्प कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र मे है।

*आंदोलन का यह है कारण*

6 जनवरी 2023 से म.प्र. विदयुत अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ, म.प्र.वि.मं. तकनीकी कर्मचारी संघ, म.प्र. बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संघ, म.प्र. वाह्य स्त्रोत विदयुत कर्मचारी संगठन द्वारा किये जा रहे धरना प्रदर्शन एवं संपूर्ण कार्य बहिष्कार का मध्यप्रदेश यूनाइटेड फोरम, मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कर्मचारी जनता यूनियन, विद्युत पेंशन हितरक्षक संघ द्वारा आंदोलन का समर्थन प्रदान किया गया था जिसको ध्यान में रखते हुये ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा 5 जनवरी को सभी संगठन प्रमुखों से हुई विस्तृत चर्चा में यह निष्कर्ष निकाला गया था कि अधिकतर मांगे मुख्यमंत्री स्तर की है एवं प्रमुख सचिव द्वारा चर्चा के दौरान इंदौर में हो रहे प्रवासी भारतीय एवं इन्वेस्टर मीट को मद्देनजर रखते हुये मुख्यमंत्री से 15 दिवस के अन्दर चर्चा कराकर इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लेने हेतु आश्वासन दिया गया था एवं आन्दोलन वापिस लेने का अनुरोध किया गया था। जिस पर संगठन आंदोलन को वापस लेने का निर्णय लिया गया था, परंतु 12 दिन बीत जाने के बाद भी प्रमुख सचिव द्वारा संगठन के साथ मुख्यमंत्री की बैठक की तिथि निर्धारण नहीं कराते हुए कोई भी कदम नहीं उठाया गया।

*बैठक कर बनाई रणनीति*

अपनी मांगों को लेकर संविदा व आउटसोर्स कर्मचारी इंजीनियर एलएन सोनवानी, खीरसागर पटेल, सुनील पटेल, विवेक चैहान के नेतृत्व मे जिला मुख्यालय मे पहले भी बैठक कर चुके हैं तथा विगत दिवस शुक्रवार को भी बैठक का आयोजन कर हड़ताल मे संबंध मे रणनीति तैयार किया गया जिसमे शांतिपूर्वक हड़ताल की रूपरेखा तैयार की गई तथा सभी संविदा व आउटसोर्स अधिकारी कर्मचारियों के शामिल होकर कार्य बहिष्कार पर भी चर्चा की गई।

*इन संगठनों की रहेगी भूमिका*

विद्युत विभाग मे शनिवार से हो रहे अनिष्चितकालीन आंदोलन मे मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ, विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ, मध्य प्रदेश बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन, मध्य प्रदेश बाह्य स्त्रोत विद्युत कर्मचारी संगठन, विद्युत आउट सोर्स परिषद भोपाल एवं विंध्य आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के तत्वाधान मे संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों के विभागीय संविलयन को लेकर कई बार ज्ञापन सौंपा है, लेकिन अभी तक मध्य प्रदेश सरकार की ओर से संविदा और आउटसोर्स दोनों वर्गों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया है। जिसके कारण उक्त संगठन 21 जनवरी शनिवार से प्रदेश व्यापी हड़ताल पर चला गया है।

*लड़खड़ाई निर्बाध विद्युत व्यवस्था*

ज्ञात हो कि जिले भर मे 9 वितरण केन्द्र अंतर्गत लगभग डेढ़ लाख विद्युत उपभोक्ता हैं जिन्हे सतत विद्युत प्रदाय का भार जिले भर मे 36 संविदाकर्मी तो 244 आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे था वही नियमित कर्मचारियांे की संख्या मात्र 90 है। 90 नियमित कर्मचारियों मे से 40 कर्मचारियों को विद्युत उपकेन्द्रों व फीडरों मे ड्यूटी लगाई गई है शेष 50 नियमित कर्मचारियों के भरोसे जिले के डेढ़ लाख उपभोक्ताओं की विद्युत व्यवस्था का भार है। जिससे स्पष्ट है कि जिले भर मे विद्युत विभाग मे संविदा व आउटसोर्स कर्मचारी तथा नियमित कर्मचारी के आंकड़े लगभग 70 व 30 प्रतिशत है। अगर संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों का कल से होने वाला हड़ताल सफल होता है तो यह स्पष्ट है कि विभाग के 70 प्रतिशत कर्मचारियों की मौजूदगी नही होगी, ऐसी स्थिति मे 30 प्रतिशत कर्मचारी किस तरह अपने तथा 70 प्रतिशत कम हुये कर्मचारियों के कार्यों की भरपाई करेंगे अर्थात जिले भर मे विद्युत की सुचारू व्यवस्था पर निश्चित ही व्यवधान होगा। जिसका व्यापक असर जिला ही नही प्रदेश स्तर पर देखने को मिलेगा।  

*विभाग ने नियमित कर्मचारियों की लगाई ड्यूटी*

कल से होने वाले आंदोलन के मद्देनजर जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग के अधिकारियों ने विद्युत की सुचारू व्यवस्था के लिए नियमित अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी के लिए आदेश जारी कर दिये हैं परंतु यदि सब स्टेशन व फील्ड मे एक साथ फाल्ट आने पर वे कब और कहां जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारेंगे यह बड़ा सवाल है इस बीच विद्युत उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। 

*इनका कहना है*

संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों के विभागीय संविलयन जब तक नही होगा तक हमारी हड़ताल जारी रहेगी।

*एल एन सोनवानी, इंजीनियर अनूपपुर जिला प्रभारी, विद्युत संविदा एवं आउटसोर्स संघ*

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