ढाई वर्षो से मौन साधना कर रहे आचार्य शिवदयाल ने कन्या पूजन, विशाल भंडारा कर किया समापन

ढाई वर्षो से मौन साधना कर रहे आचार्य शिवदयाल ने कन्या पूजन, विशाल भंडारा कर किया समापन


अनूपपुर/अमरकंटक

मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक के रामगिरी कुटी माई बगिया रोड़ आश्रम मे सोमवार 27 नवंबर 2022 को चौबीस घंटो का अखंड मां नर्मदा संकीर्तन प्रारंभ कर रात्रि में विशेष हवन पूरी रात्रि उसके पश्चात अगले दिवस 28 नवंबर मंगलवार को प्रातः हवन की पूर्णाहुति कर 08 बजे से विशाल शोभा यात्रा ढोल नगाड़ों संकीर्तन के साथ मां उद्गम स्थल नर्मदा पूजन हेतु आश्रम से शोभा यात्रा निकाली गई , जिसमे साधु संतो की दर्जनों की भीड़ , भक्तो की अपार संख्या  के साथ शोभा यात्रा रामगिरी कुटी आश्रम से प्रारंभ होकर नर्मदा मंदिर चली । मां के द्वार उद्गम कुंड में पहुंच पूजन , आराधना कर मां का आशीर्वाद प्राप्त पश्चात वापस संतो , भक्तो के साथ पैदल यात्रा रामगिरी कुटी आश्रम पहुंच संतो के सानिध्य में धर्म संगोष्ठी चर्चा हुई । उसके बाद कन्या पूजन कर प्रसाद ग्रहण करा दक्षिणा दे कर आशीष लिया । इसके बाद विशाल संत , ब्राम्हण , पुजारी व भक्तगण भंडारे का प्रसाद ग्रहण किए , यथोचित दक्षिणा भेंट की गई।

मां नर्मदा एवम संत महापुरुषों की कृपा से आचार्य श्री शिव दयाल जी महाराज की मौन साधना विगत 21 जून 2020 से पतित पावनी मां नर्मदा के पावन उद्गम स्थल अमरकंटक में चल रहा था , जिसका आज 28 नवंबर 2022 को मौन साधना का समापन किया गया । थानापति पंचदश नाम जूना अखाड़ा के संत विवेक गिरी जी महाराज रामगिरी कुटी के पावन सानिध्य में यह कार्य संपन्न हुआ । पुण्य कार्य के संयोजक रहे श्री नर्मदानन्द गिरी जी महाराज गीता स्वाध्याय मंदिर अमरकंटक और प्रमुख आयोजन कर्ता राजराजेश्वरी मां नर्मदा एवम सिद्धेश्वर मठ गौरकापा (छ ग) रहे।

लगभग दो वर्ष पांच माह का मां नर्मदा तट पर मौन साधना कर अपने लक्ष्य को प्राप्त उपरांत भव्य पूजन , हवन , कन्या भोज , संत , ब्राम्हण भंडारा कर अपने साधना में सफल हुए।

Labels:

Post a Comment

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget