सरपंच पर लगे शराब बनाने के आरोप, सचिव को झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी, कलेक्टर से हुई शिकायत
अनूपपुर/पुष्पराजगढ़
जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में भले ही जिला प्रशासन के द्वारा प्रदेश के मुखिया के निर्देशन में नशा मुक्ति का अभियान चलाया जा रहा हो, लेकिन यहां जब जनप्रतिनिधियो पर ही अवैध शराब बनाने के आरोप लग रहे हों और जांच या फिर कार्यवाही न हो रही हो तो फिर अभियान की शार्थकता कितनी होगी समझ के परे है। ग्राम पंचायत बहपुर अपने आप में नषा मुक्ति की पहचान लिये प्रशासन के मानस पटल पर है, लेकिन जब ग्रामीणो के द्वारा निर्वाचित सरपंच बेला बाई पर यह आरोप लगाकर शिकायत की है कि वह अपने ही घर में अवैध शराब का निर्माण करती हैं तो इसकी जांच होनी चाहिये। ग्राम पंचायत बहपुर के ग्रामीणो ने कलेक्टर इसकी लिखित शिकायत की है और उसमें स्पष्ट उल्लेख किया है कि सरपंच बेला कोल के द्वारा अपने घर में प्रतिदिन 100 लीटर अवैध शराब बनाकर उसका विक्रय किया जाता है और इसके इस अवैध कारोबार में क्षेत्र के प्रभावशाली व्यक्तियों के द्वारा उसका साथ दिया जाता है। बहरहाल इस पूरी शिकायत की सच्चाई तभी सामने आयेगी जब इसकी जांच आबकारी व पुलिस के द्वारा गोपनीय तरीके से की जायेगी।
*सचिव को झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी*
ग्राम पंचायत बहपुर के ग्रामीणो ने कलेक्टर को की गई शिकायत में यह भी बताया कि क्षेत्र के प्रभावशाली व्यक्ति लाल बिहारी महरा, मुकेश कुमार चंद्रवंशी व पूर्व जनपद सदस्य नंद कुमार महरा के अलावा बंगाला महरा और बब्बू प्रसाद चंद्रवंशी के द्वारा बिना कार्य करवाये सरपंच के माध्यम से पांच लाख रूपये का बिल लगाकर सचिव से भुगतान के लिये कहा गया, लेकिन सचिव गुलाब प्रसाद साकेत के द्वारा मना करने पर प्रभावशालियों व्यक्तियों ने सचिव की झूठी शिकायत करने के साथ ही उसे झूठे मुकदमे मे फंसाने व अन्यंत्र स्थानांतरण कराने तक की धमकी दी है। जिससे सचिव भयभीत है।
*संयुक्त खाता न होने से रूके विकास कार्य*
ग्राम पंचायत बहपुर की नव निर्वाचित सरपंच बेला बाई कोल के द्वारा अब तक सचिव के साथ संयुक्त खाता हस्ताक्षरित नही किया गया है, जिससे ग्राम पंचायत के विकास कार्य रूके हुये हैं, जबकि प्रदेश के मुखिया के द्वारा नव निर्वाचित संरपचो को स्पष्ट निर्देश दिये गये थे कि ग्राम के विकास में आपसी मन-मोटाव को छोड़कर कार्य किया जाये। लेकिन यहां सरपंच के द्वारा अपनी मनमानी चलाने के लिये अब तक संयुक्त खाता हस्ताक्षरित नही किया गया है जिससे कि वह जो कहे सचिव उसे आंख मूदकर करता जाये। लेकिन सचिव के द्वारा इस प्रकार नही किया जा रहा है इसलिये शायद उसे प्रभावशालियों का कोप भाजन होना पड़ रहा है।
*इनका कहना है*
इस मामले को लेकर जिला पंचायत सीईओ सोजान सिंह रावत को कॉल किया गया तो उनका मोबाइल बन्द आ रहा था।
मेरे संज्ञान में यह मामला नही है मैं पूरे मामले को दिखवा लेता हूँ।
*अभिषेख चौधरी एसडीएम पुष्पराजगढ़*
आअवैध शराब के खिलाफ लगातार मुहिम चल रही है। मुझे महिला सरपंच के शराब बेचे जाने की कोई जानकारी नही है अगर ऐसा है तो जांच कर उचित कार्यवाही की जाएगी।
*सोनाली गुप्ता एसडीओपी पुष्पराजगढ़*
