अध्यक्ष उपाध्यक्ष को लेकर राजनीतिक जोड़-तोड़ शुरू, तंत्र मंत्र विद्या का हो रहा उपयोग, 2 उपाध्यक्ष के बीच अस्तित्व की लड़ाई
इंट्रो:-नगरीय निकाय चुनाव सम्पन्न होते ही नपा अध्यक्ष उपाध्यक्ष बनाने के लिए भाजपा कांग्रेस दोनो दल अपना समीकरण में जुटी है भाजपा कांग्रेस दोनो ही दलों के 5-5 पार्षद चुन कर वही निर्दलीयों में भी 5 पार्षद बने है दोनों दलों ने अपना निशाना निर्दलीयों पर लगा रखा है।निर्दलीय पार्षद भी अपना तीर दोनो दलों पर ताने दिख रहे नगर पालिका परिषद बिजुरी का अध्यक्ष पद आदिवासी महिला होने से उपाध्यक्ष पद पर ज्यादा जोर लगाया जा रहा।
अनूपपुर/बिजुरी
नगर पालिका बिजुरी के 15 वार्डो मे से 13 महिला पार्षद और दो पुरुष पार्षद निर्वाचित होकर जीत का परचम लहराये जिसमे चार आदिवासी महिला वार्ड क्र.-03 भाजपा पार्षद शहबीन पनिका वार्ड क्र.-06 से निर्दलीय पार्षद नमिता कैलाश कोल वार्ड क्र.-08 कांग्रेस पार्षद नन्दनी सुरेश धनवार वही वार्ड क्र.-13 से भाजपा से पार्षद कलावती राम सिंह जीत दर्ज कर सभी का समीकरण बनते नजर नही आ रहा जोड़- तोड़ की राजनीति में निर्दलीयों को लुभाने की कोशिस में लगे है भाजपा कांग्रेस के नेताओ द्वारा अपने अपने प्रत्याशी को जिताने को दमख़म लगा रहे।
*उपाध्यक्ष बनाने लगा रहे दमखम*
वही उपाध्यक्ष पद को लेकर चार लोगों का नाम सामने आ रहा जिसमे वार्ड क्र.-11 से ज्ञानदेवी सिंह चौहान वार्ड क्र.-14 से मीरा प्रकाश महरा वार्ड क्र.-15 से अनुपमा अरुणेंद्र सिंह और वार्ड क्र.-04 से प्रीति सतीश शर्मा द्वारा दम्भ भरा जा रहा सूत्रों की माना जाये तो दोनो दलों में सबसे मजबूत निर्वाचित पार्षदों में एक जुटता विकास को गति देने में सार्थक हो सकते है वही प्रीति शर्मा के एक दो समर्थक को छोड़ दिया जाए तो सभी पार्षद उनके नाम पर सहमति नही जमा पा रहे कारण बताया जा रहा कि पिछले कार्यकाल में सतीश शर्मा के रिश्तेदारों व सहपाठियों के नाम पर करोड़ो रुपये का गोलमाल किया गया जिनका माननीय न्यायालय में विचाराधीन है आगे जोड़तोड़ का कार्यक्रम जारी है । वहीं पूर्व उपाध्यक्ष ज्ञान देवी सिंह चौहान का नाम विजयनगर के आम मतदाताओं के मुंह में सुनने को मिल रहा है कि इस बार जान देवी सिंह चौहान को जिस तरीके पर वार्ड क्रमांक 11 से प्रचंड मतों से जीता कर जनता ने परिषद में भेजा है ऐसी जन चर्चा है कि ठीक उसी तरीके से उनके पति डॉ व्ही पी एस चौहान के कुशल नीति की बदौलत उपाध्यक्ष पद पर आसीन हो सकती हैं।
*चिट-पट दोनों कब्जा जमाने जुगत भिड़ा रहा तांत्रिक*
वैसे तो कहा जाता है कि तंत्र-मंत्र की जो विद्या होती है कहीं ना कहीं लोगों को अपनी माया जाल में फंसा ले जाती है मगर बिजुरी नगर में एक तांत्रिक की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई है सोशल मीडिया में वायरल नगर के प्रतिष्ठित लोगों के द्वारा पोस्टों में तांत्रिक के तंत्र मंत्र को उपाध्यक्ष और अध्यक्ष के चुनाव में भी देखने को मिल रहा है हालांकि कुछ तांत्रिक जिनकी आदत होती है लोगों से तंत्र-मंत्र के बदले कुछ हासिल करना ठीक उसी तरीके से इन दिनों बिजुरी नगर की नगर पालिका में देखने को मिल रहा है तंत्र मंत्र की विद्या से परिपूर्ण तांत्रिक ब्लैक मेलिंग के माध्यम से अध्यक्ष उपाध्यक्ष पर अपना कब्जा जमाना जमकर पैसा कमाना तांत्रिक की आदत में शुमार है।
*गुटबाजी का दिख रहा है असर*
नगरी निकाय चुनाव में दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियों के बीच जमकर गुटबाजी देखने को मिला जो नगर की जनता के बीच एक चर्चा का विषय बना हुआ है! यह बात भी जमकर सुर्खियों में है कि राष्ट्रीय पार्टी का एक बड़ा नेता जो विधानसभा का सपना सजोकर अपने पार्टी के नेताओं को दरकिनार करते हुए हाथ के दम पर अध्यक्ष बनाने का गठबंधन कर डाला जिसका परिणाम होने वाले 17 अक्टूबर को अध्यक्ष उपाध्यक्ष के चुनाव परिणाम तय कर देंगे कहीं ना कहीं पिछले कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार को लेकर नगर के लोग असंतुष्ट दिखाई दे रहे हैं जिसका परिणाम निर्दलीय निर्वाचित 5 पार्षद हैं, जिनके बिना अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनना संभव नहीं है जिनका निर्वाचन के दौरान विशेष भूमिका होगी पिछले कार्यकाल में जीते पार्षद भी अध्यक्ष उपाध्यक्ष की मनमानी ढंग से कार्यप्रणाली के कारण नाराज दिखाई दे रहे हैं जिसका असर क्रास वोटिंग के रूप में देखने को मिल सकता है।
