आजाक थाने में यह कैसा विवेचक जो गवाह को ही दे रहा उल्टा फंसाने की धमकी

आजाक थाने में यह कैसा विवेचक जो गवाह को ही दे रहा उल्टा फंसाने की धमकी


शहडोल

जिला शहडोल का  अजाक थाना  जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने हरिजन आदिवासियों के हितार्थ अलग थाने की सुरक्षा हेतु व्यवस्था की है किंतु यहां पदस्थ प्रधान आरक्षक कमलसिंह नेकी द्वारा विवेचना करने की वजह उल्टा गवाह को धमकाने वा झूठा फंसाने का ऑडियो  सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा  है।

*यह है पूरा मामला*

दिनांक 27 09 2022 को ग्राम मजगमा निवासी दसुवां बैगा निवासी मजगबा ने आजाक थाना में अपना शिकायती आवेदन पत्र दाखिल करते हुए अपने साथ हुई मारपीट की घटना का आवेदन पत्र अजाक थाना शहडोल में दिया जिसकी विवेचना की जिम्मेदारी प्रधान आरक्षक कमल नेकी को सौंपी गई आवेदक ने अपने साथ हुई वारदात की सूचना पत्र वा बीच-बचाव करने वाले गवाहों के नाम भी आवेदन पत्र में दिया आवेदक के साथ स्थानीय मजगवा की,महिला श्रीमती प्रतिमा गुप्ता पति सुनील कुमार गुप्ता  द्वारा आवेदक दसुआ बैगा के साथ सार्वजनिक दुर्गा मंच पर मारपीट की गई साथ ही जातिगत गाली गलौज भी आवेदक के साथ प्रतिमा गुप्ता द्वारा किया गया जिस पर बीच-बचाव करने  से गवाह के रूप में,मंडल सिंहपुर के,किसान मोर्चा के महामंत्री संदीप जायसवाल का भी नाम दर्ज था विवेचक श्रीकमल नेकी ने थाने में ही बैठकर पूरा मामला रफा-दफा कर लिया और घटना स्थल पर जाने की ज़रूरत तक महसूस नहीं की रिपोर्ट दर्ज कराने आए दसुआ बैगा ने बताया की पत्थर से उसके सिर पर बार किया गया जिस पर उसे, सिर मेंचोट 

आई है जिससे वह लहूलुहान था जिसका ना तो मेडिकल कराया गया और ना ही पुलिस प्राथमिकी दर्ज की गई केवल सूचना बतौर आवेदन पत्र अजाक थाने में लिया गया और यह कहकर आवेदक को वापस कर दिया गया कि जांच उपरांत पुलिस प्राथमिकी दर्ज करेंगेऔर तो और विवेचना कर रहे कमलनेकी ने,गवाह  संदीप जयसवाल को फोन लगाकर सभी गवाहों को साथ मिलकर थाने में आकर,बयान देने की बात कहीं  तब गवाह संदीप जयसवाल ने अनुरोध किया कि आदरणीय आप विवेचना ग्राम मजगमा में घटना स्थल पर आकर करें जिससे आपको प्रकरण में पूरी पारदर्शिता मिल जाएगी,तो उल्टा विवेचक कमल नेकी ने गवाह को ही धमकी देने लगे और कहां मैं तुम्हें उल्टा फसा दूंगा उस महिला का पता भी नहीं है जिसके साथ मारपीट हुई है तब गवाह संदीप जयसवाल ने कहा श्रीमान जी इसमें मेरा क्या दोष है एक तो आपने पुलिस प्राथमिकी दर्ज नहीं की दूसरा आपने ना तो विवेचना किया तीसरा आप मुझे ही धमकी दे रहे हैं यह कहां का न्याय है आवेदक बार-बार गुहार लगाता रहा किंतु साहब का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़कर बोलता रहा अगर जनता के रक्षक ही भक्षक बनने का प्रयास करेंगे तो न्याय और सुरक्षा पर सवाल तो खड़े होते ही हैं अब देखने वाली बात यह होगी इस ऑडियो वायरल के पश्चात संबंधित वरिष्ठ अधिकारी,पुलिस कर्मचारी विवेचक के विरुद्ध कौन सी कार्यवाही करते हैं यह समय आने पर पता चलेगा और क्या दसुआ बैगा को न्याय मिल पाएगा,या नही।

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