13 मवेशियों को लेकर बूचड़खाने जा रही पीकप को पुलिस ने पकड़कर किया जप्त, मामला दर्ज


शहडोल 

जिले में मवेशी तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ब्यौहारी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 मवेशियों से भरी एक पिकअप को पकड़ लिया। उत्तर प्रदेश के बूचड़खाने ले जाए जा रहे छह भैंस और सात पड़ों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया है, जबकि वाहन मालिक समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि जयसिंहनगर की ओर से एक पिकअप वाहन में बड़ी संख्या में मवेशियों को भरकर बूचड़खाने ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही ब्यौहारी पुलिस सक्रिय हुई और टंकी तिराहे पर घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया।

जांच के दौरान पिकअप क्रमांक यूपी 70 पीटी 6672 में छह भैंस और सात पड़ों सहित कुल 13 मवेशी ठूंस-ठूंसकर भरे पाए गए। वाहन में पशुओं के लिए चारा-पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। पुलिस ने चालक से मवेशियों के परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

पूछताछ में चालक ने अपना नाम मोहम्मद अब्दुल पुत्र मोहम्मद अतीत उर्फ राजू (21 वर्ष), निवासी उमरगंज, थाना नैनी, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) बताया। चालक ने पुलिस को बताया कि वाहन मालिक मोहम्मद अली, निवासी भड़रा थाना चाकघाट के कहने पर मवेशियों को लादा गया था।

पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(घ) एवं मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 के तहत अपराध क्रमांक 406/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान लगभग 2.20 लाख रुपये मूल्य के 13 मवेशी तथा करीब 7 लाख रुपये कीमत का पिकअप वाहन जब्त किया गया। 

लंदन का डॉक्टर बनकर विधवा शिक्षिका से 34 लाख की कर दी साइबर ठगी, महिला को जीवनसाथी की थी तलाश


शहडोल

शहडोल में एक शासकीय महिला शिक्षिका ऑनलाइन वैवाहिक साइट के जरिए ठगी का शिकार हो गई। ठग ने खुद को लंदन का डॉक्टर बताकर विश्वास जीता और विभिन्न बहानों से लगभग 34 लाख रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

एक शासकीय महिला शिक्षिका जो ऑनलाइन वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से ठगों के जाल में फंस गई। आरोपी ने खुद को लंदन (यूनाइटेड किंगडम) का डॉक्टर बताकर महिला से दोस्ती की और विश्वास जीतने के बाद करीब 34 लाख रुपये की ठगी कर ली।

पति का कुछ समय पहले निधन हो गया था। अकेलेपन के बीच उसने जीवनसाथी की तलाश में एक वैवाहिक वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल बनाया था। इसी दौरान उसकी पहचान एक व्यक्ति से हुई, जिसने अपना नाम डॉ. संजय प्रसाद सिंह बताया और खुद को लंदन निवासी डॉक्टर बताया। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही, लेकिन धीरे-धीरे आरोपी ने महिला का विश्वास जीत लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने विभिन्न बहानों से महिला से पैसों की मांग शुरू की। कभी उपहार भेजने, कभी कानूनी प्रक्रिया तो कभी अन्य जरूरी कारणों का हवाला देकर उसने महिला को कई बार अलग-अलग खातों में रकम जमा कराने के लिए राजी कर लिया। विश्वास में आकर महिला लगातार पैसे भेजती रही।

जब महिला ने अपने बैंक खाते की जांच की तो उसके होश उड़ गए। खाते से करीब 34 लाख रुपये निकल चुके थे। खुद के साथ हुई ठगी का एहसास होने पर महिला ने तत्काल पुलिस और साइबर सेल से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन लेन-देन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।

सीएसपी राजेंद्र मोहन दुबे ने बताया कि महिला द्वारा साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई है। प्रारंभिक जांच में लगभग 34 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश के लिए जांच जारी है। 

तीन माह से नही मिला वेतन, फिल्टर प्लांट कर्मचारी बैठे धरने पर, पानी सप्लाई बन्द करने की चेतावनी


शहडोल

जिले की धनपुरी नगरपालिका एक बार फिर कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। इस बार मामला नगर की जल व्यवस्था से जुड़े फिल्टर प्लांट कर्मचारियों का है, जिन्होंने तीन माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज होकर हड़ताल शुरू कर दी है। भीषण गर्मी में कर्मचारी फिल्टर प्लांट गेट के सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र के संग्राम सिंह दफाई स्थित फिल्टर प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों का आरोप है कि लगातार काम करने के बावजूद उन्हें पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं दिया गया। आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारियों ने अब काम बंद कर आंदोलन का रास्ता अपनाया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो नगर की जल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने की स्थिति में धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र में पानी सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मौके पर पहुंचे सहायक राजस्व निरीक्षक रामविशाल ने कर्मचारियों को जल्द वेतन भुगतान का आश्वासन दिया। कर्मचारियों ने आश्वासन पर भरोसा करने से इनकार करते हुए कहा कि जब तक खाते में वेतन नहीं आएगा, आंदोलन जारी रहेगा। सीएमओ ने बताया कि फिल्टर प्लांट के कर्मचारियों का भुगतान करा दिया जाएगा। पानी सप्लाई बंद नहीं होगा।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget