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सार्वजनिक तालाब पाटने, पेड़ों को नुकसान पहुंचाने जेसीबी जब्ती के बाद छोड़े जाने पर उठे सवाल
अनूपपुर/कोतमा
कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक 07 मे स्थित नेशनल हाईवे-43 के समीप स्थित सार्वजनिक तालाब क्षेत्र में मिट्टी भराव किए जाने तथा तालाब की मेड़ पर लगे फलदार एवं इमारती वृक्षों को नुकसान पहुंचाए जाने के आरोपों ने क्षेत्र में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। ग्रामीणों, स्थानीय नागरिकों एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने मामले को सार्वजनिक हित, जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मीरा वर्मन की भूमि के समीप स्थित सार्वजनिक तालाब क्षेत्र में जेसीबी मशीन की सहायता से मिट्टी डालकर भराव कार्य किए जाने की सूचना सामने आई। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान तालाब की मेड़ पर वर्षों से खड़े फलदार एवं इमारती वृक्षों को नुकसान पहुंचाया गया अथवा उखाड़ दिया गया। स्थान लोगों का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियां सार्वजनिक जल स्रोतों और हरित क्षेत्र को प्रभावित करती हैं, जिससे पर्यावरणीय संतुलन और जल संरक्षण व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना दी। सूचना के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और स्थल का निरीक्षण किया। तहसीलदार कोतमा दशरथ सिंह के अनुसार, तालाब क्षेत्र में मिट्टी भराव की सूचना मिलने पर कार्य में प्रयुक्त जेसीबी मशीन को जब्त कर आवश्यक निर्देश दिए गए। मशीन को थाने में खड़ा कराया गया। बाद में जेसीबी मशीन छोड़े जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी और सवाल खड़े हो गए हैं।
इनका कहना है।
मीरा बर्मन की भूमि पर तालाब मिट्टी से पाटा जा रहा था मौके से प्रयुक्त जेसीबी मशीन जप्त कर हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
*दशरथ सिंह, तहसीलदार कोतमा*
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ससुर ने बहू के साथ किया गाली गलौच, डंडे से हमला करने का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मामला
अनूपपुर/कोतमा
कोतमा थाना कोतमा क्षेत्र अंतर्गत गोविंदा कॉलोनी में घरेलू विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। बहू द्वारा गाली-गलौज का विरोध करने पर ससुर द्वारा डंडे से हमला किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। घटना के बाद पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
माया यादव (35 वर्ष), पति रामप्रसाद यादव, निवासी वार्ड क्रमांक 12 गोविंदा कॉलोनी, थाना कोतमा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपने पति और बच्चों के साथ अलग आवास में निवास करती है, जबकि उसके ससुर एवं देवर अलग मकान में रहते हैं। उसका पति रामप्रसाद यादव घर के बाहर अपने पिता रतूलाल यादव के साथ बैठा हुआ था। इसी दौरान घरेलू बात को लेकर कथित रूप से ससुर रतूलाल यादव अचानक नाराज हो गए और गाली-गलौज करने लगे।
आरोप है कि जब पीड़िता ने इसका विरोध करते हुए गाली देने से मना किया तो ससुर ने हाथ में रखे लकड़ी के डंडे से उस पर हमला कर दिया। इस हमले में महिला के हाथ, गाल और सिर पर गंभीर चोटें आईं तथा सिर से खून बहने लगा। घटना के दौरान उसे जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पीड़िता ने डायल-112 की सहायता से थाना कोतमा पहुंचकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी ससुर रतूलाल यादव के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 115(2), 351(2) एवं अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
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ऑल इंडिया ट्रेक कैंप में राष्ट्रीय एकता का संदेश, 510 एनसीसी कैडेटों ने प्रकृति, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का लिया अनुभव
अनूपपुर
पवित्र एवं प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध अमरकंटक की वादियों में आयोजित ऑल इंडिया अमरकंटक ट्रेक कैंप 2026 का सफलतापूर्वक आयोजन संपन्न हुआ। मैकल पर्वत श्रृंखला पर स्थित अमरकंटक, जहां विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमालाओं का अद्भुत संगम होता है तथा जहां से जीवनदायिनी मां नर्मदा का उद्गम होता है, वहां आयोजित इस राष्ट्रीय शिविर ने देश के विभिन्न राज्यों से आए युवाओं को एकता, अनुशासन, साहस और सांस्कृतिक समन्वय का अनूठा अनुभव प्रदान किया।
यह प्रतिष्ठित ट्रेक कैंप तीन चरणों में आयोजित किया गया। प्रथम चरण 1 जून से 8 जून 2026, द्वितीय चरण 9 जून से 16 जून 2026 तथा तृतीय चरण 17 जून से 24 जून 2026 तक संचालित हुआ। शिविर के प्रथम चरण में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से आए लगभग 510 एनसीसी कैडेटों तथा 15 एनसीसी अधिकारियों ने सहभागिता की। कैंप के शुभारंभ अवसर पर लेफ्टिनेंट कर्नल ए. के. शर्मा ने कैडेटों को प्रेरक उद्बोधन देते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के महत्व पर प्रकाश डाला तथा उन्हें शिविर के उद्देश्यों से अवगत कराया।
शिविर का आयोजन ब्रिगेडियर ग्रुप कमांडर, जबलपुर के मार्गदर्शन तथा लेफ्टिनेंट ऑफिसर कमांडिंग, 7 एमपीओ (ई) कंपनी एनसीसी शहडोल) एवं लेफ्टिनेंट कर्नल फिसर कमांडिंग, 24 एमपी बटालियन एनसीसी छिंदवाड़ा) के नेतृत्व एवं देखरेख में किया गया।
शिविर के दौरान कैडेटों ने अमरकंटक की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों का भ्रमण किया। प्रदेशों की लोक संस्कृति, लोकगीत, नृत्य, नाटक एवं रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता का परिचय कराया। ऑल इंडिया अमरकंटक ट्रेक कैंप 2026 ने देश के विभिन्न राज्यों से आए युवाओं को एक सूत्र में पिरोते हुए यह सिद्ध कर दिया कि विविधताओं से भरे भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकता, सांस्कृतिक समृद्धि और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना है।
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108 दंडवत प्रणाम कर कर रहे मां नर्मदा परिक्रमा, 85 दिनों में मात्र साढ़े तीन किलोमीटर ही चल सके दंडवत महाराज
*कठिन हठयोग साधना और अटूट श्रद्धा का अद्भुत उदाहरण*
अनूपपुर
पवित्र नगरी अमरकंटक में इन दिनों एक साधक की कठिन तपस्या और अटूट श्रद्धा का अद्भुत दृश्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मां नर्मदा परिक्रमा के कठिन संकल्प के साथ निकले दंडवत महाराज वनमार्ग एवं दुर्गम रास्तों से गुजरते हुए दंडवत प्रणाम कर अपनी यात्रा आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी इस कठिन साधना, त्याग और हठयोग को देखकर लोग आश्चर्यचकित होने के साथ-साथ श्रद्धा से नतमस्तक हो रहे हैं।
दंडवत महाराज परिक्रमा के दौरान एक बार में 108 दंडवत प्रणाम करते हैं। प्रत्येक दंडवत के साथ वे मां नर्मदा का स्मरण करते हुए लगभग साढ़े सात फुट आगे बढ़ते हैं और फिर पुनः दंडवत लगाकर यात्रा जारी रखते हैं। यह क्रम लगातार चलता रहता है। उनकी दंडवत परिक्रमा यात्रा प्रतिदिन प्रातः 5 बजे से प्रारंभ होकर सायं 6 बजे तक अनवरत चलती रहती है।
यात्रा के दौरान वे मौन व्रत का पालन करते हैं तथा किसी से बातचीत नहीं करते। श्रद्धालु जो भी फलाहार या अन्य सामग्री श्रद्धापूर्वक अर्पित करते हैं, उसे स्वीकार कर लेते हैं, किंतु स्वयं किसी से कुछ नहीं मांगते। उनकी यह साधना अटूट आस्था, अनुशासन और पूर्ण समर्पण का परिचायक है।
दंडवत महाराज रायसेन जिले के उदयपुरा क्षेत्र के समीप स्थित एक आश्रम से जुड़े हुए हैं तथा वैष्णव संप्रदाय से दीक्षित हैं। उन्होंने 5 मार्च 2026 को मां नर्मदा की माई की बगिया से दंडवत नर्मदा परिक्रमा प्रारंभ की थी। आश्चर्यजनक रूप से 85 दिनों की कठिन साधना के बाद भी वे मात्र लगभग साढ़े तीन किलोमीटर की दूरी ही तय कर सके हैं।
दंडवत नर्मदा परिक्रमा पूर्ण होने में लगभग 13 से 14 वर्ष का समय लग सकता है। उनकी यह यात्रा आस्था, संकल्प और साधना का ऐसा प्रेरणादायी उदाहरण है, जो हर किसी को प्रभावित और प्रेरित कर रहा है।
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वृक्षारोपण कार्यक्रम कर्मचारी गायब, सीएमओ ने जताई नाराजगी, अवैतनिक कर नोटिस जारी करने के निर्देश
अनूपपुर
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नगर परिषद बनगवा द्वारा वार्ड क्रमांक-02 स्थित मां दुर्गा मंदिर के पीछे वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। "आओ मिलकर पेड़ लगाएं, धरती को खुशहाल बनाएं" के संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना था, लेकिन परिषद के कई जिम्मेदार कर्मचारियों की अनुपस्थिति ने पूरे आयोजन पर सवाल खड़े कर दिए।
जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी सहित जनप्रतिनिधि एवं कुछ कर्मचारी उपस्थित रहे, जबकि कई प्रभारी एवं कर्मचारी बिना किसी सूचना के कार्यक्रम से गायब रहे। इसे लेकर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों में भारी नाराजगी देखी गई।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद परिषद के आधिकारिक ग्रुप में CMO द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए कि "विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को अवैतनिक करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए, चाहे वह कोई भी कर्मचारी या प्रभारी क्यों न हो।" साथ ही स्थापना प्रभारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शासन और प्रशासन पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार अभियान चला रहा है, तब स्वयं निकाय के कर्मचारी ही सरकारी निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। वृक्षारोपण जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिम्मेदार कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर नगर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कर्मचारियों पर प्रशासन कितना सख्त रुख अपनाता है और क्या वास्तव में जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होती है या मामला केवल नोटिस तक ही सीमित रह जाएगा।
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विश्व पर्यावरण दिवस पर युवाओं ने थाना परिसर व मुक्तिधाम में पौधारोपण कर लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
उमरिया
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर के जिले की सक्रिय युवाओं की टोली युवा टीम उमरिया के द्वारा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन पर उमरिया कोतवाली थाना परिसर व मुक्तिधाम पाली परिसर में 30 पौधा का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली।पर्यावरण प्रेमियों ने पौधे लगाकर लोगों से प्रकृति को बचाने का आह्वान किया। लोगों से सुरक्षित जीवन और पर्यावरण संतुलन के लिए पौधे लगाने और उनकी देखरेख करने की अपील की गई।
उमरिया कोतवाली थाना प्रभारी मदनलाल मरावी ने कहा कि पूरा विश्व पर्यावरण बदलाव के दौर से गुजर रहा है और हमें आने वाले भविष्य की चिंता करते हुए हर वर्ष पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और उसकी देखभाल करनी चाहिए।
पंडित प्रकाश पालीवाल ने वायु प्रदूषण को रोकने के लिए पेड़ लगाने और जनमानस को सजग होने की बात कही।उन्होंने नागरिकों से कम-से-कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। नगर पालिका परिषद पाली सीएमओ भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ एवं शुद्ध रखने के लिए पेड़ लगाने चाहिए ताकि हमारा पर्यावरण स्वच्छ और शुद्ध रह सके ।पौधारोपण कर देने मात्र से हमारा उत्तरदायित्व समाप्त नहीं हो जाता है। उसे बचाना भी हमारा उद्देश्य उत्तरदायित्व है।पेड़ लगा कर स्वस्थ समाज बनाना है।
कार्यक्रम संयोजक हिमांशु तिवारी ने कहा कि हरियाली बढ़ाना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए पौधरोपण को जनभागीदारी का अभियान बनाना आवश्यक है।बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक पौधे लगाए और उनकी देखभाल सुनिश्चित करे।वृक्ष केवल पर्यावरण को शुद्ध नहीं करते, बल्कि मानव जीवन, पशु-पक्षियों और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अमूल्य धरोहर हैं।
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112 में तैनात आरक्षक से मारपीट गाली-गलौच करना पड़ा, पांच आरोपियों पर मामला हुआ दर्ज
शहडोल
शहडोल में पुलिस आरक्षक के साथ मारपीट करना भारी पड़ गया। सीधी थाना क्षेत्र के चरहेट गांव में डायल 112 में तैनात एक आरक्षक के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में आरक्षक के सिर में चोट आई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार चरहेट गांव में एक साइकिल और मोटरसाइकिल के बीच टक्कर हो गई थी, जिसमें साइकिल सवार व्यक्ति घायल हो गया। घटना की सूचना डायल 112 को दी गई। सूचना मिलते ही डायल 112 में तैनात आरक्षक सतीष सिंह मौके पर पहुंचे और घायल साइकिल सवार को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया।
बताया गया कि दुर्घटना में शामिल मोटरसाइकिल को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर थाने ले जाने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और विवाद की स्थिति बन गई। आरोप है कि विवाद के दौरान आरक्षक के साथ गाली-गलौज की गई तथा उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसके सिर में चोट आई।
आरक्षक की शिकायत पर पुलिस ने चरहेट निवासी विपिन पांडे, सुदीप पांडे, ओमकार सेन, राजा नापित और नन्हू पनिका के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, गाली-गलौज करने, मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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विश्व पर्यावरण दिवस पर किया गया पौधरोपण
शहडोल
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, शहडोल द्वारा एक पेड़ मॉ के नाम अभियान अंतर्गत विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं हरित वातावरण को बढावा देना। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव देवेन्द्र सिंह, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अशोक तिवारी, एस.एन. शुक्ल विश्वविद्यालय की प्राध्यापक मनीषा शुक्ला, विवेक पांडेय जिला समन्वयक मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, कल्याणी बाजपेयी तथा नवांकुर संस्था के लोकनाथ नामदेव सहित छात्र-छात्राओं एवं गणमान्य नागरिकों ने पौधरोपण किया एवं अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया। सभी प्रतिभागियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया तथा समाज में हरियाली बढ़ाने एवं जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
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पुलिस अधीक्षक ने यातायात आरक्षक को किया निलंबित
शहडोल
पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने यातायात आरक्षक विवेकानंद तिवारी को गत 15 दिनों से बिना सूचना के ड्यूटी से गैरहाजिर रहने पर विभिन्न स्थानों पर वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम व सोशल मीडिया में निजी लाभ एवं प्रचार के लिए अपलोड किए जाने को पुलिस रेग्यूलेशन 64 के सेवा की सामान्य शर्तों का उलंघन मानते हुए निलंबित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि आरक्षक अपने शासकीय ड्यूटी पर न जाकर निजी लाभ के लिए सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने में सक्रिय पाये गए हैं। सोशल मीडिया वीडियो में देखा जा रहा था कि वे पुलिस की निर्धारित वर्दी में मोनो हटाकर शेष वर्दी धारण कर सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।