अवैध रेत से भरे तीन ट्रैक्टर जप्त, एसडीएम ने की कार्यवाही, मामला हुआ दर्ज


शहडोल 

जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन ट्रैक्टर जब्त किए हैं। जयसिंहनगर एसडीएम काजोल सिंह (आईएएस) ने गोहपारू थाना क्षेत्र के टेटकी इलाके में कार्रवाई करते हुए रेत से भरे तीन ट्रैक्टर जब्त कर पुलिस के हवाले कर दिए। यह ट्रैक्टर अमझोर स्थित गोडना नदी से अवैध रूप से रेत निकालकर परिवहन कर रहे थे। प्रशासन की इस कार्रवाई ने जिले में सक्रिय रेत माफियाओं की बेखौफ गतिविधियों को फिर उजागर कर दिया है। हाल

जानकारी के अनुसार, जब्त किए गए ट्रैक्टरों के मालिक मुन्नू यादव, रनजीत मिश्रा और प्रभाकर तिवारी बताए जा रहे हैं, जो लमार क्षेत्र के निवासी हैं। गोहपारू पुलिस ने ट्रैक्टर चालकों और मालिकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

देवलौंद में स्थित नदियों के किनारे ट्रैक्टरों से रेत निकालकर अलग-अलग स्थानों पर जमा की जाती है। इसके बाद रात के समय जेसीबी की मदद से ट्रकों और हाइवा में रेत लोड कर रीवा और उत्तर प्रदेश तक भेजी जाती है। लोगों का कहना है कि इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों को किसी कार्रवाई का डर नहीं है।

जिले के कई इलाकों, खासकर देवलौंद के गोपालपुर सथनी सहित कई स्थानों से दिन रात चंबल की तर्ज में रेत चोरी हो रही है।जैतपुर के बिरौड़ी, गाड़ाघाट और जयसिंहनगर क्षेत्र में लगातार अवैध उत्खनन की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध है, जिसके चलते खनिज और राजस्व अमले की कार्रवाई भी कमजोर पड़ जाती है।

बिजली की पोल से गिरने पर मजदूर की हुई थी मौत,  इंजीनियर व सुपरवाइजर हुए सस्पेंड


शहडोल

जिले के एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत बंगवार भूमिगत कोयला खदान में हुए दर्दनाक हादसे में मेंटेनेंस कार्य के दौरान बिजली के पोल से गिरकर ठेका मजदूर की मौत के मामले में एसईसीएल प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मैकेनिकल इंजीनियर और इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर को सस्पेंड कर दिया है।

ग्राम डोंगरा टोला, पोस्ट चचाई निवासी 43 वर्षीय मोहे लाल सिंह, पिता ठुन्नू सिंह, एसईसीएल में ठेका मजदूर के रूप में काम करते थे। बुधवार को वे रोजाना की तरह ड्यूटी पर पहुंचे और खान प्रबंधक कार्यालय के सामने स्थित बिजली के पोल पर मेंटेनेंस कार्य करने के लिए चढ़े। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वे ऊंचाई से नीचे गिर पड़े। 

हादसे में उनके सिर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं,घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सहकर्मियों की मदद से उन्हें तत्काल केंद्रीय चिकित्सालय बुढ़ार ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए आदित्य अस्पताल शहडोल रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। 

मामले में लापरवाही सामने आने पर एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के निर्देश पर मैकेनिकल इंजीनियर विकास सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर जय कुमार वर्मा पर भी उप क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा निलंबन की कार्रवाई की गई है। एसईसीएल ने घटना की सूचना धनपुरी पुलिस को करीब 24 घंटे बाद दी, जिससे प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 

आधी रात नाचती है मामा की घोड़ी, चतुरा, लवली, संजय मामा, चंगा, राजेश व आलम है अवैध नाल के सौदागर

किसके संरक्षण में जंगल मे रोज हो रहा है लाखो का वारा न्यारा, संदेह के घेरे में पुलिस प्रशासन*


अनूपपुर

जिले भर में चल रहे अवैध कार्यों पर पूर्ण विराम लगाने का दम भरने वाली हमारी मध्य प्रदेश पुलिस के दावे चचाई थाना क्षेत्र की सीमा में आकर खोखले साबित हो रहे हैं, या फिर शायद कोयलांचल नगरी अमलाई मे खाकी की नजरे करम और जेब गरम है, हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि यदि पुलिस रिकॉर्ड पर अगर एक नजर डाली जाए  तो थाना चचाई अंतर्गत आने वाले अमलाई नगर के गुनहगारों ने अपने अवैध कृत्यो के दम पर जिले भर में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई है, या फिर यह कहना अतिशयोक्ति न होगा की निश्चित तौर पर जिले की आपराधिक रिकॉर्ड टॉप 10 सूची में एक महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है। अवैध शराब बिक्री कोयला कबाड़ आईपीएल जुआ सट्टा जैसे अवैध कार्यों का बेखौफ संचालन धड़ल्ले से करवाया जा रहा है, वही संजय मामा द्वारा जुआ का दूसरा स्वरूप घोड़ी का संचालन रात के अंधेरे में  जंगलों में करवा कर दोनों जिले शहडोल व अनूपपुर के अपराधियों का अपनी और ध्यान आकर्षित करवाते हुए, नगर को अपराधियों का चारागाह बना दिया है। कभी शिक्षा के क्षेत्र में अपना लोहा बनाने वाले होनहार विद्यार्थियों के नाम से विख्यात तो कभी अपनी आध्यात्मिक यात्रा को आगे बढ़ाने वाली नगरी अमलाई इन दिनों अपराधी तथा अवैध कार्यों का गढ़ बन कर रहे गई है, शाम ढलते ही डुमरिया टोला तथा गीता ग्राम के जंगलों में घोड़ी बेखौफ होकर नाचती है, लेकिन अचरज की बात है कि क्षेत्र मे रात भर में ग्रस्त कर रही हमारी कर्तव्य निष्ठ खाकी  की नजरे सैकड़ो जुआरिंयो के जमवाड़ा को देख नहीं पाती हैं, पुलिस के गैर जिम्मेदार नुमाइंदों के संरक्षण में चल रहे इस पूरे खेल को बकायदे सिंडिकेट बनाकर इसमें शामिल सदस्यों चतुरा धनपुरी, लवली धनपुरी संजय मामा, चंगा, राजेश तथा आलम को माध्यम बनाकर जंगलों में घोड़ी दौड़ाइ जा रही है। इस मामा की घोड़ी दौड़ाने से सैकड़ो घर बर्बाद हो रहे हैं। हजारो नौजवान इस अवैध कार्य मे लिप्त होकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे। इस कारण से इस क्षेत्र में अपराध बढ़ता ही जा रहा है। अगर प्रशासन इस ओर ध्यान नही दिया तो आने वाले समय मे पूरा क्षेत्र मामा की घोड़ी से बर्बाद हो जाएगा। वही जिले के अपराधियों के साथ सख्ती के साथ निपटने वाले जनप्रिय पुलिस अधीक्षक के अब तक मामला संज्ञान में ना आना यह समझ से परे हैं

*रोज होता है लाखों का वारा न्यारा*

रात के अंधेरों में जंगल की राह पर भरपूर जोश खरोस के साथ बिंदास नाच रही यह घोड़ी, किसी बारात मे दूल्हे के लिए नहीं सजाई जाती बल्कि रोज दूल्हा बनने वाले संजय मामा के जुआ फड़ में बिसात के तौर पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली यह घोड़ी लाखों रुपए की नाल  वसूली कर अपने कार्य को अंजाम दे रही है। वहीं सूत्रों की माने तो इस पूरे खेल में हर महीने लाखों रुपए के वारे न्यारे होते हैं, जिसमें से  एक टका लगभग 10 से 12 हजार प्रभारी की झोली में एवं कुछ से प्रशासनिक नुमाइंदों के चाय पान के खर्च इसी घोड़ी के दम पर पूरे होते हैं।

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