भूमिगत खदान में ठेका श्रमिकों का शोषण, मजदूरी दिलाने की मांग को लेकर सांसद कार्यालय में सौपा ज्ञापन


अनूपपुर/कोतमा

हाली मे बिजुरी क्षेत्र के एसईसीएल हसदेव क्षेत्र की कुरजा भूमिगत खदान में कार्यरत दर्जनों ठेका श्रमिकों ने 27 फरवरी 2026 को शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह के कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर मजदूरी से जुड़े गंभीर मुद्दों की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में खदान में काम करने वाले ठेका श्रमिकों को सरकार द्वारा निर्धारित वेतन बैंक खातों में जमा किया जाता है, लेकिन ठेकेदार के दबाव में उनसे लगभग 75 प्रतिशत राशि वापस वसूली जाती है। इस वजह से उन्हें वास्तविक रूप से केवल 25 प्रतिशत मजदूरी मिल पाती है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि वसूली गई राशि को जीएम, सब एरिया मैनेजर, वेलफेयर और सर्वेयर सहित अन्य अधिकारियों तक पहुँचाने का आरोप है। इस प्रक्रिया के कारण श्रमिक अपनी पूरी मेहनताना प्राप्त नहीं कर पाते और लंबे समय से असंतोष व्याप्त है। यदि कोई श्रमिक पूरी मजदूरी की मांग करता है या पैसे वापस देने से इनकार करता है, तो उसे काम से हटाने या काम बंद कराने की धमकी दी जाती है। भुगतान और बिल पास कराने की प्रक्रिया में दबाव बनाए जाने की बात भी दर्ज की गई है।

श्रमिकों का कहना है कि उन्हें न्यूनतम वेतन का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। बैंक खातों में पैसा आने के बाद भी ठेकेदार द्वारा बड़ी राशि वापस लेने के कारण उनकी वास्तविक आमदनी बहुत कम रह जाती है। इस पूरे मामले ने खदान प्रबंधन और उप क्षेत्रीय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आवेदन में मांग की गई है कि ठेका कर्मियों को नियमित पेमेंट स्लिप उपलब्ध कराई जाए और न्यूनतम वेतन का पूरा भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बोनस, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं और कॉलोनी में खाली पड़े क्वार्टर जरूरतमंद परिवारों को दिए जाएं। इस मामले में जब कुरजा भूमिगत खदान के प्रबंधन को मोबाइल से कॉल किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

कई माह से पशु अस्पताल पर लटक रहा है ताला, पशुपालक परेशान, पशु विभाग मौन

*इलाज न होने से पशुओं की हो रही है मौत*


अनूपपुर

जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम बेलिया बड़ी में स्थित पशु अस्पताल विगत दो माह से बंद पड़ा है, जिससे आसपास के चार-पांच गांवों के किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तालाबंदी की वजह से बीमार पशुओं का इलाज नहीं हो पा रहा है, और किसान मजबूर होकर दवा व इलाज के लिए दूसरे गांवों में भटक रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार अस्पताल में डॉक्टर प्रभारी के रूप में तो हैं, लेकिन वे सिर्फ कागजों पर ही सीमित हैं। वास्तविकता यह है कि पिछले दो महीनों से अस्पताल एक भी दिन नहीं खुला। यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि वर्षों से यह अस्पताल इसी हालत में है। बावजूद इसके विभागीय अधिकारियों ने आज तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।।

हाल ही में एक स्थानीय किसान अपने बीमार पशु के लिए दवा लेने बेलिया बड़ी पशु अस्पताल पहुंचा। उसे उम्मीद थी कि यहां पहुंचकर दवा मिल जाएगी जिससे उसके पशु को राहत मिलेगी, लेकिन वहां पहुंचते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। अस्पताल के दरवाजों पर लगा भारी ताला देख उसे निराशा हाथ लगी। किसान का कहना था कि उसने सोचा था कि यहां दवा मिल जाएगी, लेकिन पता चला कि यह अस्पताल तो आए दिन बंद ही रहता है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस अस्पताल के बंद रहने से बेलिया बड़ी समेत आसपास के कई गांवों के सैकड़ों पशुपालक प्रभावित हो रहे हैं। वे बार-बार प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और पशुपालन विभाग से मांग की है कि या तो अस्पताल में नियमित डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए, या फिर किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। पशु उनकी अजीविका का आधार हैं और इलाज के अभाव में उनकी जान पर बन आती है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।    

*इनका कहना है।

जल्द ही पशु विभाग से कर्मचारी को भेज कर अस्पताल खोला जाएगा। 

*डॉ. बी बी चौधरी, उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवा अनूपपुर*

समाचार 01 फ़ोटो 01

कई माह से पशु अस्पताल पर लटक रहा है ताला, पशुपालक परेशान, पशु विभाग मौन

*इलाज न होने से पशुओं की हो रही है मौत*

अनूपपुर

जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम बेलिया बड़ी में स्थित पशु अस्पताल विगत दो माह से बंद पड़ा है, जिससे आसपास के चार-पांच गांवों के किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तालाबंदी की वजह से बीमार पशुओं का इलाज नहीं हो पा रहा है, और किसान मजबूर होकर दवा व इलाज के लिए दूसरे गांवों में भटक रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार अस्पताल में डॉक्टर प्रभारी के रूप में तो हैं, लेकिन वे सिर्फ कागजों पर ही सीमित हैं। वास्तविकता यह है कि पिछले दो महीनों से अस्पताल एक भी दिन नहीं खुला। यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि वर्षों से यह अस्पताल इसी हालत में है। बावजूद इसके विभागीय अधिकारियों ने आज तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।।

हाल ही में एक स्थानीय किसान अपने बीमार पशु के लिए दवा लेने बेलिया बड़ी पशु अस्पताल पहुंचा। उसे उम्मीद थी कि यहां पहुंचकर दवा मिल जाएगी जिससे उसके पशु को राहत मिलेगी, लेकिन वहां पहुंचते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। अस्पताल के दरवाजों पर लगा भारी ताला देख उसे निराशा हाथ लगी। किसान का कहना था कि उसने सोचा था कि यहां दवा मिल जाएगी, लेकिन पता चला कि यह अस्पताल तो आए दिन बंद ही रहता है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस अस्पताल के बंद रहने से बेलिया बड़ी समेत आसपास के कई गांवों के सैकड़ों पशुपालक प्रभावित हो रहे हैं। वे बार-बार प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और पशुपालन विभाग से मांग की है कि या तो अस्पताल में नियमित डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए, या फिर किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। पशु उनकी अजीविका का आधार हैं और इलाज के अभाव में उनकी जान पर बन आती है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।    

*इनका कहना है।

जल्द ही पशु विभाग से कर्मचारी को भेज कर अस्पताल खोला जाएगा। 

*डॉ. बी बी चौधरी, उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवा अनूपपुर*

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दिगंबर जैन सर्वोदय तीर्थ क्षेत्र जैन मंदिर में 1008 श्री आदिनाथ भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव

अनूपपुर

मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित दिगंबर जैन सर्वोदय तीर्थ क्षेत्र जैन मंदिर में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) का 1008वां जन्म कल्याणक महोत्सव 12 मार्च 26, गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक विधि-विधान के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर जैन समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में एकत्रित होकर भगवान आदिनाथ की पूजा-अर्चना एवं अभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।

महोत्सव के अवसर पर प्रातःकाल से ही जैन मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो जाएगी। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रातः 8: बजे भगवान आदिनाथ का महामस्तकाभिषेक किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुजन पवित्र जल, पंचामृत एवं विभिन्न द्रव्यों से भगवान का अभिषेक करेंगे। इसके पश्चात प्रातः 8:30 बजे शांतिधारा का आयोजन होगा, जिसमें विश्व शांति, समाज की सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण की मंगल कामनाएं की जाएंगी।

 श्रद्धालु भगवान आदिनाथ के गुणों का स्मरण करते हुए धार्मिक विधान एवं पूजन करेंगे। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण रहेगा और श्रद्धालु भक्ति, साधना एवं धर्माराधना में लीन रहेंगे। जैन मंदिर परिसर में विशाल नगर भंडारा (सामूहिक भोजन प्रसादी) का आयोजन किया जाएगा, वहीं संध्या काल शाम 7: बजे संगीतमय महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसे खुशी जैन (जबलपुर) द्वारा भक्ति भाव के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। बाहर से आने वाले जैन समाज के बंधुओं के लिए जैन मंदिर परिसर में निःशुल्क आवास एवं भोजन की समुचित व्यवस्था भी की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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अमृत मित्र महोत्सव में सहभागिता हेतु शहडोल की अमृत मित्र महिलाएं दिल्ली रवाना

*अध्यक्ष व सीएमओ ने यूनिफॉर्म प्रदान कर दी शुभकामनाएं*

शहडोल

भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा 13 मार्च 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में “अमृत मित्र महोत्सव” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में देशभर से चयनित महिला प्रतिनिधि सहभागी बनकर अपने-अपने शहरों में किए जा रहे नवाचारों, अनुभवों तथा सफल पहलों को साझा करेंगी।

इसी क्रम में नगर पालिका परिषद शहडोल अंतर्गत संचालित दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) से जुड़ी 5 अमृत मित्र महिलाएं इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए शहडोल से भोपाल होते हुए नई दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी हैं। इनके साथ जिला नोडल अधिकारी प्रतीक्षा शुक्ला एवं पी.डी.एम.सी. सोशल एक्सपर्ट भी कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।

कार्यक्रम में सहभागिता से पूर्व 10 मार्च 2026 को नगर पालिका परिषद कार्यालय में एक संक्षिप्त कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी आशा जितेंद्र भंडारी द्वारा अमृत मित्र महिलाओं को यूनिफॉर्म वितरित कर सम्मानपूर्वक शुभकामनाएं दी गईं।

उल्लेखनीय है कि अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत शहडोल नगर में  Women for Trees अभियान, जल गुणवत्ता परीक्षण तथा विवेकानंद पार्क के संधारण एवं प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में 11 स्व-सहायता समूहों की लगभग 25 महिलाएं ‘अमृत मित्र’ के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। ये महिलाएं पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, हरित विकास एवं सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए निरंतर सराहनीय कार्य कर रही हैं। इन्हीं सक्रिय अमृत मित्रों में से 5 महिलाओं का चयन राज्य स्तर से नई दिल्ली में आयोजित अमृत मित्र महोत्सव में सहभागिता हेतु किया गया है, जो शहडोल नगर के लिए गौरव एवं उपलब्धि का विषय है। अमृत मित्र महिलाएं राष्ट्रीय मंच पर शहडोल नगर में किए जा रहे कार्यों एवं अनुभवों को साझा कर शहर की सकारात्मक पहचान स्थापित करेंगी। 

समाचार 04 फ़ोटो 04

भूमिगत खदान में ठेका श्रमिकों का शोषण, मजदूरी दिलाने की मांग को लेकर सांसद कार्यालय में सौपा ज्ञापन

अनूपपुर/कोतमा

हाली मे बिजुरी क्षेत्र के एसईसीएल हसदेव क्षेत्र की कुरजा भूमिगत खदान में कार्यरत दर्जनों ठेका श्रमिकों ने 27 फरवरी 2026 को शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह के कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर मजदूरी से जुड़े गंभीर मुद्दों की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में खदान में काम करने वाले ठेका श्रमिकों को सरकार द्वारा निर्धारित वेतन बैंक खातों में जमा किया जाता है, लेकिन ठेकेदार के दबाव में उनसे लगभग 75 प्रतिशत राशि वापस वसूली जाती है। इस वजह से उन्हें वास्तविक रूप से केवल 25 प्रतिशत मजदूरी मिल पाती है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि वसूली गई राशि को जीएम, सब एरिया मैनेजर, वेलफेयर और सर्वेयर सहित अन्य अधिकारियों तक पहुँचाने का आरोप है। इस प्रक्रिया के कारण श्रमिक अपनी पूरी मेहनताना प्राप्त नहीं कर पाते और लंबे समय से असंतोष व्याप्त है। यदि कोई श्रमिक पूरी मजदूरी की मांग करता है या पैसे वापस देने से इनकार करता है, तो उसे काम से हटाने या काम बंद कराने की धमकी दी जाती है। भुगतान और बिल पास कराने की प्रक्रिया में दबाव बनाए जाने की बात भी दर्ज की गई है।

श्रमिकों का कहना है कि उन्हें न्यूनतम वेतन का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। बैंक खातों में पैसा आने के बाद भी ठेकेदार द्वारा बड़ी राशि वापस लेने के कारण उनकी वास्तविक आमदनी बहुत कम रह जाती है। इस पूरे मामले ने खदान प्रबंधन और उप क्षेत्रीय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आवेदन में मांग की गई है कि ठेका कर्मियों को नियमित पेमेंट स्लिप उपलब्ध कराई जाए और न्यूनतम वेतन का पूरा भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बोनस, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं और कॉलोनी में खाली पड़े क्वार्टर जरूरतमंद परिवारों को दिए जाएं। इस मामले में जब कुरजा भूमिगत खदान के प्रबंधन को मोबाइल से कॉल किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

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नाबालिग चोर को पुलिस ने किया गिरफ्तार, झाड़ियों में छिपाए गए दो मोटरसाइकिल जप्त

शहडोल

जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र में कुछ ही घंटों के अंतराल में एक ही स्थान से दो मोटरसाइकिल चोरी होने का मामला सामने आया था, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और मुखबिर की सूचना पर एक नाबालिग आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात कबूल कर ली, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर कोटमा रोड स्थित टांकी नाला के पास झाड़ियों से चोरी की दोनों मोटरसाइकिल बरामद कर ली गईं।

जानकारी के अनुसार बाणगंगा क्षेत्र के पास से अलग-अलग समय पर दो मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। दोनों घटनाएं एक ही स्थान से होने के कारण पुलिस भी हैरान रह गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।

फरियादी रविशंकर जायसवाल (40) निवासी ग्राम पटासी और दिलीप मिश्रा (47) निवासी बाणगंगा पेट्रोल पंप के पीछे, थाना सोहागपुर ने 10 मार्च को अपनी-अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर थाना सोहागपुर में क्रमशः अपराध क्रमांक 97/26 और 98/26 धारा 305 (बी) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

मुखबिर की सूचना पर  पुलिस ने बाणगंगा कॉलोनी वार्ड नंबर 17 निवासी 14 वर्ष 10 माह के एक अपचारी बालक को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने दोनों मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर कोटमा रोड स्थित टांकी नाला के पास झाड़ियों में छिपाकर रखी गई दोनों मोटरसाइकिलें बरामद कर ली गईं, जिनकी कुल कीमत लगभग एक लाख रुपये बताई जा रही है। इसके बाद पुलिस ने अपचारी बालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की।

समाचार 06 फ़ोटो 06

जीजा-साले का झगड़ा, मोटरसाइकिल में लगा दी आग, आरोपी हुआ फरार, पुलिस जांच में जुटी

शहडोल

 शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के गोदावल में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। जीजा-साले के बीच चल रहे झगड़े के चलते साले ने घर के बाहर खड़ी बाइक में आग लगा दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाते हुए मामले की जांच शुरू कर दी।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गोदावल तिराहे के पास रहने वाले मोनू कुमार सोनी के घर के बाहर उनकी बाइक खड़ी थी। जीजा-साले के बीच हुए विवाद के बाद साले ने गुस्से में आकर बाइक में आग लगा दी। आग लगने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

आग लगने की घटना के बाद घर में सो रहे मोनू कुमार सोनी और उनके परिजन जाग गए। उन्होंने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था और बाइक बुरी तरह जलने लगी। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय संसाधनों की मदद से आग को बुझाया गया। हालांकि तब तक बाइक को काफी नुकसान हो चुका था। घटना के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मोनू कुमार सोनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

समाचार 07 फ़ोटो 07

तीन दिवसीय जिला स्तरीय आत्मा एवं मिलेट्स मिशन योजना अंतर्गत मेला का हुआ समापन

उमरिया

जिला मुख्यालय उमरिया के कृषि उपज मंडी में तीन दिवसीय जिला स्तरीय आत्मा एवं मिलेट्स मिशन योजना अंतर्गत मेला का समापन हुआ।समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसानों का कल्याण करना राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित कर खेती को लाभ का धंधा बनाने और किसानों की आय आय बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। कृषि विभाग द्वारा किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं और गतिविधियां संचालित की गई हैं , जिसका लाभ भी किसानों को मिल रहा है और वे खेती को लाभ का धंधा बना रहे है।  

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आसुतोष अग्रवाल ने कहा कि तीन दिवसीय मेले में जिले भर के किसानों का एक छत के नीचे समागम हुआ है । मेले के माध्यम से कृषि वैज्ञानिकों व्दारा खेती किसानी करने के तरीकों को विस्तार से बताया गया है। किसान परंपरागत खेती से हटकर नई नई पध्दतियों से खेती करें जिससे किसान को कम लागत आएगी और अधिक उत्पादन होगा। कार्यक्रम को कमलेश गुप्ता सहित अन्य अतिथियों ने संबोधित किया।कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों व्दारा किसानों को खेती किसानी के तौर तरीके, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण आदि की जानकारी प्रदाय की गई । 

कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित जिला स्तरीय आत्मा एवं मिलेट्स मिशन योजना अंतर्गत आयोजित मेले में हितग्राही मूलक योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई गई। इस अवसर पर पशु पालन विभाग व्दारा दुग्ध समृध्दि संपर्क अभियान अंतर्गत हितग्राहियों के चयन, योजना का स्वरूप,इकाई लागत,अनुदान राशि,पशुओं का चयन,आवेदन प्रक्रिया,पशु धन बीमा योजना, आचार्य विद्यासागर गो संवर्धन योजना,समुन्नत पशु प्रजनन कार्यक्रम योजना, कृषि विभाग व्दारा सुपरसीडर,जीरो टिल सीड कम फर्टिलाईजर ड्रिल,कटर यंत्र,उद्यानिकी विभाग व्दारा पीएम एफएमई ,प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना, महिला बाल विकास विभाग व्दारा बेटी बचाओ , बेटी पढाओ, वन स्टॉप सेंटर सखी, साईबर क्राइम, के साथ ही झटका मशीन , स्प्रिंकलर,पाईपलाईन तथा स्व सहायता समूह कि महिलाओं व्दारा प्राकृतिक खेती उत्पाद,प्राकृतिक खेती से तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई जिसका अवलोकन किसानों व्दारा किया गया।

समाचार 08 फ़ोटो 08

जन अभियान परिषद द्वारा प्रस्फुटन समितियों का क्षमता वर्धन प्रशिक्षण संपन्न

उमरिया

मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला उमरिया के निर्देशन में सेक्टर क्रमांक 4 चंदिया में प्रस्फुटन समितियों का क्षमता वर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम व्यास धाम सेवा समिति के सौजन्य से जनपद पंचायत करकेली अंतर्गत सेक्टर क्रमांक 4 चंदिया में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक रविंद्र शुक्ला के मुख्य आतिथ्य में किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत में प्रस्फुटन समितियों के गठन,उनकी भूमिका और कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान शासन की योजनाओं को गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में समितियों की भूमिका पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला समन्वयक रविंद्र शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि हमें अपने जीवन के विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन और शादी की सालगिरह को यादगार बनाने के लिए वृक्षारोपण करना चाहिए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हमारी संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में परामर्शदाता राघवेंद्र द्विवेदी ने प्रशिक्षणार्थियों को शासन की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं और निर्धारित विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

समाचार 09

दादी ने लगवाया पोती को एचपीवी का टीका

उमरिया

बल्लू चौधरी निवासी ग्राम दुलहरा द्वारा अपनी नातिन कुमारी किरण चौधरी को सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारियों से बचाव हेतु एचपीवी का टीका लगवाने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर विकासखंड मानपुर लाया गया। उन्होंने बताया कि इस टीका से कोई डर नहीं यह टीका कैंसर जैसी घातक बीमारियों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही एचपीवी का टीका की खुराक निःशुल्क एवं बेहद अनुकूल वातावरण में टीका प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा लगवाया गया है । उन्होेने बताया कि इस टीके के लिए प्राइवेट में 4000 से 5000 रुपए तक खर्च करना पड़ता है। उन्होंने समस्त ग्राम के अभिभावक से अनुरोध किया है कि सभी परिवार अपने घर के 14 वर्ष पूर्ण कर चुके एवं 15 वर्ष तीन माह तक की किशोरी बालिका को टीका लगाकर इस घातक कैंसर रोग से बचाया जा सकता है।

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