खेत की जुताई से पहले ट्रैक्टर पलटा, चालक की दबकर मौत, अवैध खनन पर दो ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त 


शहडोल

जिले के खैरहा थाना क्षेत्र अंतर्गत सारंगपुर रोड पर एक दर्दनाक हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौत हो गई। खेत की जुताई करने जा रहा ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे चालक इंजन के नीचे दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शनिवार पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए जांच शुरू की है।घटना की जानकारी के बाद लोगों की मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई थी।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान हाफिज पिता सफीक (36) के रूप में हुई है। वह ट्रैक्टर लेकर खेत की जुताई करने के लिए निकला था। इसी दौरान सारंगपुर रोड पर ट्रैक्टर का इंजन असंतुलित होकर पलट गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और वह ट्रैक्टर के नीचे दब गया।

घटना की सूचना मिलते ही खैरहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से ट्रैक्टर इंजन को सीधा कराया गया और उसके नीचे दबे चालक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्राथमिक जांच में हादसे का कारण ट्रैक्टर का अनियंत्रित होना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस द्वारा घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

थाना प्रभारी उमा शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि घर से खेत के लिए ट्रैक्टर जा रहा था, तभी रास्ते में इंजन पलट गया और चालक की दबने से मौत हुई है। सूचना पर पुलिस टीम को मौके पर भेजा था। शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर कार्यवाही की, फिलहाल मामले पर हमने मर्ग कायम किया है आगे की जांच कर रहे है।

*अवैध खनन पर दो ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त*

शहडोल जिले में खनन माफियाओ के खिलाफ पुलिस ने सख्त अभियान छेड़ दिया है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रेत की चोरी करते दो ट्रैक्टर जब्त कर आरोपियों पर कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। 

पहली कार्रवाई देवलौंद थाना क्षेत्र के सोनघड़ियाल गोपालपुर में हुई।  पुलिस ने प्रतिबंधित क्षेत्र से रेत उत्खनन कर परिवहन कर रहे ट्रैक्टर को धर दबोचा। थाना प्रभारी सुभाष दुबे ने बताया कि आरोपी विनय मिश्रा के खिलाफ खनिज अधिनियम एवं वन्य जीव संरक्षण अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। इसी तरह दूसरी कार्रवाई ब्यौहारी थाना क्षेत्र में की गई। ग्राम खामडांड से रेत चोरी करते एक ट्रैक्टर को जब्त किया गया। इस मामले में राहुल उर्फ सोनी खैरवार (30) एवं हिमांशु सिंह, दोनों निवासी खामडांड, के खिलाफ मामला दर्ज किया गया

स्वास्तिक हेल्थ केयर अस्पताल में डॉक्टर पीयूष ने महिला को लगाया गलत इंजेक्शन, तड़पता छोड़ अस्पताल से भागा

*डॉक्टर के इलाज से पहले भी हो चुकी है मौत*


शहडोल

मानवता को शर्मसार और चिकित्सा जगत को कलंकित करने वाला एक सनसनीखेज मामला बुढ़ार के स्वास्तिक हेल्थ केयर अस्पताल का है। यहां एक तथाकथित मसीहा डॉक्टर ने न केवल अपनी मर्यादा लांघी, बल्कि इलाज के नाम पर एक मरीज की जिंदगी दांव पर लगा दी। डॉक्टर की बदतमीजी और लापरवाही का आलम यह रहा कि इंजेक्शन लगने के बाद महिला की आंखों की रोशनी पर संकट आ गया है और डॉक्टर ने बेशर्मी की सारी हदें पार करते हुए तड़पती महिला को बीच मझधार में छोडकर फरार हो गया। 

पीड़ित मनोहर लाल जगवानी ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में बताया कि 11 फरवरी की शाम करीब 7:30 बजे वह अपनी पत्नी बबिता जगवानी को चक्कर आने की शिकायत पर स्वास्तिक अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहां मौजूद डॉ. पीयूष कुमार सिंह ने बिना किसी जांच के मरीज को तुरंत भर्ती करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब मनोहर लाल ने घर पास होने की बात कहकर सुबह आने को कहा, तो डॉक्टर आगबबूला हो गया और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा।

डॉक्टर की तानाशाही यहीं नहीं रुकी। बिना ब्लड रिपोर्ट, ईसीजी या एक्स-रे का इंतजार किए, डॉ. पीयूष ने महिला को ताबड़तोड़ तीन इंजेक्शन लगा दिए। इंजेक्शन लगते ही बबिता जगवानी की हालत अचानक गंभीर हो गई। उन्हें धुंधला दिखाई देने लगा और घबराहट बढ़ गई। जब घबराए परिजनों ने डॉक्टर से गुहार लगाई, तो जवाब सुनकर रूह कांप गई। डॉक्टर ने चिल्लाते हुए कहा जब मरने लगते हो तभी अस्पताल आते हो, मेरे भी बीबी-बच्चे हैं, रात भर तुम्हारी सेवा नहीं करता रहूंगा।

इंसानियत को ताक पर रखकर डॉ. पीयूष कुमार सिंह गंभीर हालत में मरीज को बिना किसी प्राथमिक उपचार या डिस्चार्ज प्रक्रिया के अकेला छोडक़र अस्पताल से रफूचक्कर हो गया। पूरी रात परिजन दहशत में रहे। अगली सुबह आनन-फानन में मरीज को शहडोल ले जाया गया, जहां डॉ. विमल प्रजापति के पास उनका उपचार शुरू हुआ। परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन की वजह से पीड़िता की आंखों में आज भी गंभीर तकलीफ है और उन्हें साफ दिखाई नहीं दे रहा है। पीड़ित परिवार ने बुढ़ार थाना प्रभारी को शिकायती पत्र सौंपकर आरोपी डॉ. पीयूष कुमार सिंह के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसके पहले भी डॉक्टर के इलाज के नाम पर रुपए ऐंठने व गलत इलाज करने पर मौत हो चुकी है।

कार्यवाही से असंतुष्ट,पीजी पोर्टल शिकायत, जिला सीईओ पर भ्रष्ट सचिव श्रवण द्विवेदी को अभयदान देने का आरोप

*पंचायती राज्य मंत्रालय" ने प्रमुख सचिव को भेजा पत्र*


अनूपपुर

जिले के ग्राम पंचायत चुकान निवासी मूलचंद गुप्ता द्वारा भारत सरकार की CPGRAMS पोर्टल पर ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई गई है। CPGRAMS केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली) पोर्टल भारत सरकार का एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल है, जो नागरिकों को सरकारी सेवाओं से जुड़ी अपनी शिकायतें सीधे मंत्रालयों या विभागों के समक्ष दर्ज कराने की सुविधा देता है।जिसका उद्देश्य शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निवारण करना है। 

शिकायतकर्ता मूलचंद गुप्ता निवासी ग्राम पंचायत चुकान के द्वारा दिनांक 24 जनवरी 2026 को CPGRAMS पोर्टल पर (रजिस्ट्रेशन आईडी DORLD/E/2026/0001016) दर्ज कराई गई है।जिसमे शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया है कि ग्राम पंचायत चुकान के प्रभारी सचिव श्रवण द्विवेदी द्वारा पूर्व में हो चुके निर्माण कार्य जिनका पूर्ण भुगतान भी तत्कालीन सरपंच एवं सचिव द्वारा किया जा चुका था, उन्ही कार्यों की राशि ई-ग्रामस्वराज पोर्टल से दूसरे वर्ककोड के माध्यम से शौंचालय,और पुलिया की राशि का प्रभक्षण कर लिया गया है,साथ ही जांच में शिकायत सत्य भी पायी गई है। किन्तु जिला पंचायत अनूपपुर के विहित अधिकारी अर्चना कुमारी द्वारा दोषी और भ्रष्ट सचिव श्रवण को अभयदान दिया जा रहा है। उसके विरूद्ध कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही नही की गई और न ही पंचायत अधिनियम के तहत धारा 189/92 की कार्यवाही कर ग्राम पंचायत की प्रभक्षित राशि ग्राम पंचायत चुकान के खाते में अब तक जमा नही करायी गई है।शिकायतकर्ता के अनुसार जिला पंचायत सीईओ द्वारा विगत 05 माह से कार्यवाही को रोककर रखना कई बड़े सवालो को जन्म देती है।

शिकायतकर्ता मूलचंद गुप्ता द्वारा CPGRAMS पोर्टल पर जिला अधिकारी द्वारा कार्यवाही करने का झूठा आश्वासन देकर सीएम हेल्पलाईन को बंद कराने की भी शिकायत है।शिकायतकर्ता की मांग है कि ऐसे गैर जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्यवाही होनी चाहिए जो कि अपने कर्तव्यों के विपरीत आचरण करते हुए जनता को झूठे आश्वासन देकर गुमराह करते है,और कार्यवाही के नाम पर लीपापोती करने की कोशिश करते है।

शिकायतकर्ता द्वारा CPGRAMS में दर्ज शिकायत में उल्लिखित मुद्दे,राज्य सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं होने के कारण शिकायत को,पंचायती राज मंत्रालय के पत्र संख्या एम-11015/68/2021-शासन दिनांक 30.01.2026 के माध्यम से,आवश्यक कार्रवाई हेतु मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी को भेजकर शिकायत पर जल्द कार्यवाही किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है।

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