स्वास्तिक हेल्थ केयर अस्पताल में डॉक्टर पीयूष ने महिला को लगाया गलत इंजेक्शन, तड़पता छोड़ अस्पताल से भागा
*डॉक्टर के इलाज से पहले भी हो चुकी है मौत*
शहडोल
मानवता को शर्मसार और चिकित्सा जगत को कलंकित करने वाला एक सनसनीखेज मामला बुढ़ार के स्वास्तिक हेल्थ केयर अस्पताल का है। यहां एक तथाकथित मसीहा डॉक्टर ने न केवल अपनी मर्यादा लांघी, बल्कि इलाज के नाम पर एक मरीज की जिंदगी दांव पर लगा दी। डॉक्टर की बदतमीजी और लापरवाही का आलम यह रहा कि इंजेक्शन लगने के बाद महिला की आंखों की रोशनी पर संकट आ गया है और डॉक्टर ने बेशर्मी की सारी हदें पार करते हुए तड़पती महिला को बीच मझधार में छोडकर फरार हो गया।
पीड़ित मनोहर लाल जगवानी ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में बताया कि 11 फरवरी की शाम करीब 7:30 बजे वह अपनी पत्नी बबिता जगवानी को चक्कर आने की शिकायत पर स्वास्तिक अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहां मौजूद डॉ. पीयूष कुमार सिंह ने बिना किसी जांच के मरीज को तुरंत भर्ती करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब मनोहर लाल ने घर पास होने की बात कहकर सुबह आने को कहा, तो डॉक्टर आगबबूला हो गया और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा।
डॉक्टर की तानाशाही यहीं नहीं रुकी। बिना ब्लड रिपोर्ट, ईसीजी या एक्स-रे का इंतजार किए, डॉ. पीयूष ने महिला को ताबड़तोड़ तीन इंजेक्शन लगा दिए। इंजेक्शन लगते ही बबिता जगवानी की हालत अचानक गंभीर हो गई। उन्हें धुंधला दिखाई देने लगा और घबराहट बढ़ गई। जब घबराए परिजनों ने डॉक्टर से गुहार लगाई, तो जवाब सुनकर रूह कांप गई। डॉक्टर ने चिल्लाते हुए कहा जब मरने लगते हो तभी अस्पताल आते हो, मेरे भी बीबी-बच्चे हैं, रात भर तुम्हारी सेवा नहीं करता रहूंगा।
इंसानियत को ताक पर रखकर डॉ. पीयूष कुमार सिंह गंभीर हालत में मरीज को बिना किसी प्राथमिक उपचार या डिस्चार्ज प्रक्रिया के अकेला छोडक़र अस्पताल से रफूचक्कर हो गया। पूरी रात परिजन दहशत में रहे। अगली सुबह आनन-फानन में मरीज को शहडोल ले जाया गया, जहां डॉ. विमल प्रजापति के पास उनका उपचार शुरू हुआ। परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन की वजह से पीड़िता की आंखों में आज भी गंभीर तकलीफ है और उन्हें साफ दिखाई नहीं दे रहा है। पीड़ित परिवार ने बुढ़ार थाना प्रभारी को शिकायती पत्र सौंपकर आरोपी डॉ. पीयूष कुमार सिंह के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसके पहले भी डॉक्टर के इलाज के नाम पर रुपए ऐंठने व गलत इलाज करने पर मौत हो चुकी है।
