शादीशुदा महबूबा को पाने की सनक में पुत्र का गला घोंटकर की हत्या, कोयला खदान में फेंक दिया शव


शहडोल

जिले के थाना धनपुरी में जहां प्रेमिका को पाने की सनक में एक प्रेमी ने मासूमियत का गला घोंट दिया। सात साल के बच्चे को रास्ते का कांटा मानकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया और शव को बंद पड़ी कोयला खदान में फेंक दिया गया। दिल दहला देने वाला अपराध सामने आया है, जहां प्रेम की सनक में एक युवक ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। प्रेमिका के साथ रहने की चाह में प्रेमी ने अपने ही सात साल के मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को बंद पड़ी कोयला खदान में फेंक दिया। पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। 

पुलिस के अनुसार पुरानी बस्ती निवासी मोइसीन का झिल्ली दफाई क्षेत्र में मजदूरी करने वाली नंदनी कोल से प्रेम प्रसंग था। मोइशीन नंदनी को पाने के लिए इस कदर पागल हो चुका था कि वह उसके रास्ते की हर रुकावट खत्म करने को तैयार था। नंदनी ने उसके साथ रहने से इनकार कर दिया था, वजह उसके दो छोटे बच्चे थे। यही बात मोइशीन को खटक रही थी और उसने बच्चों को अपने प्रेम के बीच कांटा मान लिया।

आरोपी ने पहले नंदनी के सात साल के ऋतिक कोल को निशाना बनाया। वह मासूम को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और बगैय्या नाला के पास बंद पड़ी कोयला खदान में ले जाकर उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद उसने बच्चे के शव को खदान में भरे पानी में फेंक दिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दूसरे बच्चे को भी खत्म करने की योजना बना रहा था। 

गौरतलब है कि ऋतिक कोल, पिता बलराम कोल, बीते पांच दिनों से लापता था। परिजनों ने धनपुरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी और बच्चे की तलाश के लिए पांच हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई थी। आखिरकार कोयला खदान में पानी में तैरता हुआ शव मिला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

शव की हालत, नग्न अवस्था में बरामदगी और घटनास्थल की परिस्थितियों ने हत्या की आशंका को और मजबूत किया। कड़ी पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी मोइशीन को गिरफ्तार कर लिया, जिसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

खाकी का गौरव, थाना प्रभारी सुन्द्रेश सिंह ने राष्ट्रीय बैडमिंटन में जीता कांस्य पदक


अनूपपुर

पुलिस की व्यस्त कार्यशैली और कानून व्यवस्था की चुनौतियों के बीच अक्सर व्यक्तिगत शौक पीछे छूट जाते हैं, लेकिन अनूपपुर जिले के चचाई थाना प्रभारी सुन्द्रेश सिंह ने यह साबित कर दिया कि अगर जज्बा हो तो खेल के मैदान में भी तिरंगा फहराया जा सकता है।

हाल ही में महाराष्ट्र के पुणे में 27 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित '8वें राष्ट्रीय सुपर मास्टर्स गेम्स' में सुन्द्रेश सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बैडमिंटन प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर जिले और मध्य प्रदेश पुलिस का नाम रोशन किया है।

सुन्द्रेश सिंह का चयन उज्जैन में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुआ था। राष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद उन्होंने अपना धैर्य बनाए रखा और देश भर से आए खिलाड़ियों के बीच तीसरा स्थान प्राप्त कर पदक अपने नाम किया।

उनकी इस उपलब्धि पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों ने हर्ष व्यक्त किया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि थाना प्रभारी की यह जीत युवाओं के लिए प्रेरणा है कि अनुशासन और मेहनत से किसी भी क्षेत्र में सफलता पाई जा सकती है। सुन्द्रेश सिंह, थाना प्रभारी चचाई ने कहा की ड्यूटी की व्यस्तता के बीच खेल के लिए समय निकालना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन यह पदक मेरी मेहनत और विभाग के सहयोग का परिणाम है।


प्रताड़ना से कर्मचारी बीमार, अस्पताल में भर्ती, स्कूल बस बंद, पढ़ाई ठप्प, सैकड़ों बच्चों का भविष्य अधर में


अनूपपुर

ओसीएम अमाडांड परियोजना में अनुचित श्रम व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। खान प्रबंधक एम. रामकृष्ण एवं डिस्पैच नोडल अधिकारी नितिन बाल्के पर लिपिक ग्रेड–3 कर्मचारी अभिनव कुमार सिंह को प्रताड़ित करने के आरोप लगे हैं प्रताड़ना के चलते अभिनव कुमार सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें अपोलो चिकित्सालय, बिलासपुर में भर्ती कराना पड़ा, जहां उनका इलाज जारी है

जानकारी के अनुसार, अभिनव कुमार सिंह अपनी कुछ कार्यालयीन समस्याओं को लेकर खान प्रबंधक और नोडल अधिकारी से मिले थे आरोप है कि दोनों अधिकारियों द्वारा उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया इसी तनाव के चलते दिनांक 31 जनवरी 2026 को दोपहर लगभग 2:10 बजे खान प्रबंधक कार्यालय से निकलने के बाद अभिनव को चक्कर आया और वे गिर पड़े इस दौरान उनके दोनों पैर काम करना बंद कर गए उन्हें तत्काल क्षेत्रीय चिकित्सालय कोतमा कॉलरी में भर्ती कराया गया

घटना की सूचना मिलते ही भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष विजय सिंह, संगठन मंत्री कमलभान मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे और इलाज में सहयोग किया आरोप है कि इसके विपरीत खान प्रबंधक और नोडल अधिकारी ने कर्मचारी का हालचाल तक जानना उचित नहीं समझा

बीमारी की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने अभिनव को अपोलो अस्पताल बिलासपुर रेफर किया अभिनव न केवल एक योग्य शिक्षित कर्मचारी हैं, बल्कि बीएम एस ओसीएम शाखा के सह सचिव भी हैं संगठन का आरोप है कि उन्हें लंबे समय से किसी संगठन विशेष के दबाव में परेशान किया जा रहा था

इस पूरे मामले को लेकर ओसीएम अध्यक्ष फ्रांसिस एंथोनी ने उप क्षेत्रीय प्रबंधक एवं महाप्रबंधक को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है चेतावनी दी गई है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो जनाक्रोश के चलते बृहद आंदोलन किया जाएगा इस घटना से श्रमिकों में भारी रोष व्याप्त है और आवश्यकता पड़ने पर संगठन व पीड़ित परिवार पुलिस प्रशासन एवं न्यायालय की शरण ले सकता है


अनूपपुर जिले के कोयला मजदूर सभा एसएमएस के अध्यक्ष श्रीकांत शुक्ला के द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को उजागर किया गया है। विज्ञप्ति में बताया गया कि गोविंदा टाउनशिप से सेंट्रल स्कूल तक चलने वाली बस सितंबर 2025 के अंतिम सप्ताह से बंद पड़ी है, जिसके कारण सैकड़ों बच्चे स्कूल जाने से वंचित हैं।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस विषय में संगठन द्वारा कई बार प्रबंधन से चर्चा की गई, लेकिन न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही बस सेवा पुनः प्रारंभ की गई। परीक्षा का समय नजदीक होने के बावजूद प्रबंधन की उदासीनता से बच्चों का भविष्य अंधकार में जाता प्रतीत हो रहा है।

कोयला मजदूर सभा ने प्रबंधन से तत्काल बस संचालन शुरू करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन तंत्र की होगी। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह सदैव कामगारों एवं उनसे जुड़े सामाजिक मुद्दों को मजबूती से उठाता रहा है और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।

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