कोहरे के कारण पीकप पलटी, चालक की हुई मौत, परिचालक गंभीर घायल, अस्पताल में भर्ती


शहडोल

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह घने कोहरे के चलते एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जयसिंहनगर–सीधी मार्ग पर झारा फॉरेस्ट चौकी के पास तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे पलट गया। इस हादसे में वाहन चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 18 जीए 4298 सीधी से जयसिंहनगर की ओर आ रहा था। सोमवार सुबह करीब 10 बजे इलाके में घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई थी। इसी दौरान झारा फॉरेस्ट चौकी के पास वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा और पिकअप सड़क से नीचे जा पलटी। बताया जा रहा है कि वाहन खाली था, बावजूद इसके तेज रफ्तार और कोहरे के कारण यह बड़ा हादसा हो गया।

हादसे में चालक मार्तंड सिंह कवर, निवासी चारहेट थाना सीधी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं परिचालक बाबू बैगा गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना होते ही आसपास मौजूद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जयसिंहनगर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल परिचालक को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया।

पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण घना कोहरा और तेज रफ्तार बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

दो पक्षो के बीच विवाद सुलझाने पहुँचे पुलिस से धक्का-मुक्की, जान से मारने की धमकी व हमला, एएसआई घायल


शहडोल

देवलौंद थाना अंतर्गत बाणसागर बाजार में दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब मौके पर शांति व्यवस्था बनाने पहुंचे सहायक उप निरीक्षक पर ही एक आरोपी ने हमला कर दिया। आरोपी ने पुलिस कर्मी के साथ धक्का-मुक्की, अभद्र व्यवहार करते हुए जान से मारने की धमकी दी, जिससे ASI के हाथ में चोट आई।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बाणसागर बाजार में दुकान को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की सूचना देवलौंद थाने को मिली थी। सूचना मिलते ही सहायक उप निरीक्षक महेश झा मौके पर पहुंचे। उस समय दोनों पक्ष आपस में झगड़ रहे थे और कुछ लोग घायल भी हो चुके थे। ए एस आई ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाने और विवाद शांत कराने का प्रयास किया।

इसी दौरान मौके पर मौजूद सुनील सोनी ने अचानक ए एस आई महेश झा पर हमला कर दिया। आरोपी ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देने लगा। हमले के दौरान ए एस आई के हाथ में चोट आई। घटना की जानकारी मिलते ही थाने से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनील सोनी को हिरासत में ले लिया। सहायक उप निरीक्षक महेश झा की शिकायत पर आरोपी के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा डालने, पुलिस कर्मी से अभद्रता करने और जान से मारने की धमकी सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विवेचना में जुटी है। घटना के बाद बाणसागर बाजार में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल रहा, हालांकि पुलिस की तत्परता से स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई। जिस विवाद को शांत कराने पुलिस कर्मी पहुंचे थे उस मामले में भी दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।

दूषित पेयजल और बंद नगरपालिका लाइब्रेरी के संबंध में प्रलेस के तत्वाधान में बैठक सम्पन्न 


अनूपपुर

जिला मुख्यालय के सीपीआई कार्यालय में प्रगतिशील लेखक संघ अनूपपुर के तत्वावधान में बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रलेस के सदस्यों के अलावा प्रबुद्ध नागरिकों ने भी शिरकत की। इसके बारे में जानकारी देते हुए प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष गिरीश पटेल ने बताया कि-सर्वप्रथम नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष जीवेंद्र सिंह ने अपने सर्वेक्षण के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि नगरपालिका अनूपपुर का फिल्टर प्लांट जो कि अनूपपुर की पूर्व दिशा में बहती नदी “तिपान” में स्थापित किया गया है और इसी नदी में जिला अस्पताल से निकला दूषित पानी अस्पताल की डिस्पोजल दवाओं, वहां के मल-मूत्र से उत्सर्जित जल, पोस्टमार्टम का कचरा तथा अनूपपुर की विभिन्न कॉलोनियों का अवशिष्ट जल सब इसी नदी में लगातार प्रवाहित होता रहता है। नदी में जो फिल्टर प्लांट स्थापित किया गया है वह केवल प्राकृतिक जल का ही शोधन कर सकता है पर गंदगी, मल-मूत्र और बेक्टीरिया युक्त जल का शोधन करने के लिए अन्य प्लांटों की ज़रूरत होती है, इसके अभाव में यह जल कदापि पीने योग्य नहीं बन सकता। ऐसे जल के परिशोधन के लिए दो तरह के प्लांट होते हैं- पहला एस टी पी ( सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और दूसरा ई टी पी ( एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट) एस टी पी घरों और कॉलोनियों से निकले गंदे जल का परिशोधन करता है, यह अपेक्षाकृत सस्ता प्लांट है जबकि ई टी पी कारख़ानों, उद्योगों से निःसरित ज़हरीले रसायनों से युक्त जल का शोधन करता है और अपेक्षाकृत मंहगा है। जब तक उपयुक्त प्लांट स्थापित होकर कार्य नहीं करने लग जाते तब तक यह पानी पीने योग्य क़तई नहीं हो सकता। जल के सीवरेज सिस्टम का पूरा वीडियो जिला अस्पताल और कॉलोनियों से होता हुआ जहाँ यह अपशिष्ट जल नदी में मिलता है, जीवेंद्र सिंह ने बनाया है, जिसे सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया गया है।

ऐसा अपशिष्ट जल साधारण फिल्टर प्लांट से शोधित नहीं किया जा सकता, अवशिष्ट जल ज़रूर फिल्टर प्लांट से शोधित हो सकेगा पर अपशिष्ट जल कदापि नहीं। ऐसे में नगरपालिका साधारण फिल्टर प्लांट में अपशिष्ट जल डालकर पेयजल के रूप में पूरे शहर में सप्लाई कर रही है, जोकि आमजन के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। अभी हाल ही में दूषित पेयजल के कारण इंदौर, धार और गांधीनगर में तमाम मौतें हो चुकी हैं, अनूपपुर प्रबंधन और आमजन को सचेत हो जाना चाहिये और ऐसे जल का उपयोग पीने और भोजन पकाने में कदापि नहीं करना चाहिए पर सवाल यह उठता है कि यहाँ की पूरी जनता न तो आर ओ का भार वहन कर सकती है और न ही बोतल बंद पानी का फिर आम जनता करे तो क्या करे, यह एक यक्ष प्रश्न है, जिसका जवाब किसी के पास नहीं है।इसी क्रम में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रामखेलावन ने जल आपूर्ति का पूरा खाका खींचा जोकि उनके कार्यकाल में चल रहा था और वर्तमान परिस्थिति में जो जल आपूर्ति है, उस पर गहन चिंता व्यक्त की। नगरपालिका परिषद से संबंधित विनोद सोनी ने बताया कि अभी हाल ही में पेयजल की जाँच कराई गई और पीने के योग्य पाया गया है पर यह बात किसी के गले नहीं उतरी। इस संबंध में एडवोकेट हीरालाल राठौर,शिवकांत त्रिपाठी,तौहीद खान,पवन छिब्बर, बाल गंगाधर सेंगर और एडवोकेट विजेंद्र सोनी ने अपने विचार प्रस्तुत किए इनके अतिरिक्त दिनेश पटेल, अमित पोखरियाल,रामनारायण पाण्डेय, डॉक्टर असीम मुखर्जी, विवेक यादव और मोहन सिंह परस्ते भी उपस्थित रहे।सभी ने समवेत स्वर में कहा कि, हमारा यह पूरा प्रयास रहेगा कि इस समस्या का निराकरण होने तक हम अडिग रूप से डटे रहेंगे। नगरपालिका लायब्रेरी जो वर्षों से बंद पड़ी हुई है जिसके लिए मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका अध्यक्ष, कलेक्टर और कमिश्नर सभी से मुलाकात कर निवेदन किया गया पर नतीजा रहा वही ढाक के तीन पात। इसके लिए भी मुहिम छेड़ी जाएगी।इस कार्यक्रम का संचालन गिरीश पटेल ने किया और आभार प्रदर्शन प्रलेस के सचिव रामनारायण पाण्डेय ने किया। आगामी बैठक 8 फ़रवरी दिन रविवार सायं 4 बजे सीपीएम कार्यालय ( होटल मंदाकिनी के बगल ) में रखी गई है और प्रलेस की ओर से सभी पत्रकारों और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की गई है कि इस बैठक में शामिल होने की कृपा करें।

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