रामघाट व कोटितीर्थ में अराजक तत्वों से श्रद्धालु असुरक्षित, मोबाइल चोर की जमानत निरस्त


अनूपपुर

प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थस्थल अमरकंटक में मां नर्मदा के पावन रामघाट, कोटितीर्थ घाट तथा गांधी कुंड क्षेत्र में इन दिनों अराजक एवं संदिग्ध तत्वों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में चिंता व्याप्त है।

सुबह से लेकर दोपहर तक रामघाट एवं नर्मदा मंदिर के सामने स्थित कोटितीर्थ क्षेत्र में कुछ संदिग्ध व्यक्ति और नाबालिग लड़के-लड़कियां चंदन-टीका लगाने के नाम पर घूमते रहते हैं। आरोप है कि ये लोग घाटों पर स्नान, ध्यान, पूजन-अर्चन एवं मां नर्मदा में डुबकी लगाने आए श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और अवसर मिलते ही उनके मोबाइल फोन, पर्स, नकदी तथा अन्य कीमती सामान चोरी कर फरार हो जाते हैं।

कई तीर्थयात्रियों एवं आगंतुकों ने बताया कि स्नान के दौरान घाट पर रखे गए उनके मोबाइल, पर्स तथा नकदी अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर ली गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि विगत दिनों बैंकटोला क्षेत्र के एक नाबालिग युवक को चोरी करते हुए पकड़ा गया था, जिसके पास से चोरी का सामान भी बरामद किया गया था। इसके बावजूद घाटों पर संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है।

नागरिकों का आरोप है कि कुछ अराजक तत्व मंदिर एवं घाट क्षेत्र में खुलेआम घूमते रहते हैं तथा कई बार शराब के नशे में श्रद्धालुओं को परेशान करते देखे जाते हैं। इससे न केवल श्रद्धालुओं को असुविधा होती है, बल्कि पवित्र नगरी अमरकंटक की धार्मिक एवं पर्यटन छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लोगो ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा नगर प्रशासन से कार्यवाही की मांग की है।

*मोबाईल चोरी करने वाले आरोपी की जमानत निरस्त*


अनूपपुर

लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा बताया गया कि आरोपी मो0 आजाद उर्फ सेानू उम्र 33 वर्ष पिता गौस मेाहम्मद निवासी ग्राम बडा मदार छल्ला शास्त्री बार्ड बाबा टोला, थाना हनुमान ताल, जिला जबलपुर (म0प्र0) को स्टेशन चेकिंग के दौरान यह व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में दिखा और पुलिस को देखकर भागने लगा। उसकेा रोका गया तेा उसके जेब कई मोबाईल दिख रखें थे, उससे पूछताछ के दौरान उसके पास से 05 नग मोबाईल मिले और उसने बताया कि मै इन मोबाईलों को चुराया हूँ और बेचने के लिये ग्राहक तलाश रहा हूँ। उसके पास मिले 05 मोबाईलो में से 01 मोबाईल शिकायतकर्ता की भी मिला जिसे उसे न्यायालय के आदेशानुसार सुपुर्दग कर दिया गया है। 

उक्त अपराध के संबंध में शासकीय रेल्वे पुलिस जबलपुर थाना शहडोल में अपराध क्रमांक 86/2026 भारतीय न्याय संहीता 2023 की धारा 317(2), 303(2) में पंजीकृत किया गया था। उसके बाद आरेापी गिरफ्तार हुआ। मामले में आरेापी की ओर से तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में जमानत पर छोड़े जाने हेतु याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए और शासन की ओर से पैरवी कर रहे लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा रखे गए तर्कों और बहस तथा मामले की गम्भीरता एवं परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी आरोपी मो0 आजाद उर्फ सेानू की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया गया।

चोरो ने घर मे घुसकर 7 लाख के सोना, चांदी के जेवर किये पार, आंगन में सोते रह गए घरवाले, मामला दर्ज


शहडोल 

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र स्थित कनाडी खुर्द गांव में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। घर के आंगन में परिवार गहरी नींद में सोता रहा और अज्ञात चोर मकान में घुसकर करीब 7 लाख रुपये के जेवरात व नकदी लेकर फरार हो गए। सुबह घटना का पता चलने पर परिवार के होश उड़ गए, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार किसान कुंज बिहारी गुप्ता के घर में चोरी की यह वारदात हुई है। पीड़ित किसान ने बताया कि गर्मी के कारण परिवार के सभी सदस्य रात में घर के आंगन में सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात चोर घर में घुस गए। बदमाशों ने पहले चैनल गेट का ताला तोड़ा, फिर कमरे में लगे अन्य तालों को भी तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद अलमारी में रखे कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।

किसान कुंज बिहारी गुप्ता के अनुसार चोर लगभग दो किलो चांदी, एक तोला सोना और एक लाख रुपये नकद लेकर भाग गए। उन्होंने बताया कि खेती-किसानी के काम और खाद-बीज खरीदने के लिए एक लाख रुपये घर में रखे थे, जिन्हें भी चोर अपने साथ ले गए। पीड़ित के मुताबिक चोरी गए सामान की कुल कीमत 7 लाख रुपये से अधिक है।

घटना की जानकारी सुबह तब लगी जब परिवार के सदस्य जागे और घर के भीतर सामान बिखरा हुआ देखा। इसके बाद तत्काल जयसिंहनगर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

नगर परिषद बनगंवा में कलेक्टर का बड़ा एक्शन, गेट बंद कर 2 घंटे चली जांच, फाइलें जप्त, कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश

*हाजिरी लगाकर गायब होने वालो पर निलंबन की कार्यवाही के निर्देश*


अनूपपुर

जिले के नगर परिषद बनगवा में उस समय हड़कंप मच गया जब अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली अचानक औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। बताया जाता है कि परिषद पहुंचते ही मुख्य द्वार बंद कराया गया और करीब दो घंटे तक हाजिरी रजिस्टर, वित्तीय अभिलेखों, निर्माण कार्यों से जुड़ी फाइलों एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान कई फाइलों और अभिलेखों की जांच के बाद अनियमितता की आशंका वाले दस्तावेजों को जप्त कर लिया गया। कलेक्टर के अचानक पहुंचे दल को देखकर परिषद कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारी पूरे समय सतर्क नजर आए।

सूत्रों के अनुसार निरीक्षण के दौरान परिषद के अकाउंटेंट एवं लेखपाल राजेश मिश्रा के कार्यों को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। चर्चा है कि उन्हें सोमवार से डूडा अटैच किए जाने के मौखिक निर्देश दिए गए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि आदेश जारी होने के बाद ही हो सकेगी।

*निलंबन की कार्यवाही की जाए*

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कर्मचारियों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने नगर परिषद के सीएमओ लखन पनिका को निर्देशित किया कि ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार की जाए जो लगातार अवकाश पर रहते हैं या कार्यालय में हाजिरी लगाने के बाद कार्यस्थल से गायब हो जाते हैं।

सूत्रों के मुताबिक कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाए तथा सोमवार तक पूरी रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाए। इस निर्देश के बाद परिषद के कर्मचारियों में खलबली मच गई है।

निरीक्षण के दौरान जो कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित नहीं पाए गए, चाहे वे नियमित हों, संविदा कर्मचारी हों या अन्य श्रेणी के कर्मचारी, सभी की जानकारी तलब की गई। कलेक्टर ने अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

*जप्त फाइलों पर जांच को लेकर बढ़ी चर्चाएं*

नगर परिषद बनगवा पिछले कुछ समय से विभिन्न निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रियाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रही है। ऐसे में कलेक्टर द्वारा फाइलों को जप्त कर जांच शुरू किए जाने के बाद नगर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

अब लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर उन फाइलों में ऐसा क्या मिला, जिसके कारण कलेक्टर को स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा? क्या यह कार्रवाई किसी बड़े वित्तीय या प्रशासनिक खुलासे की भूमिका है? और क्या आने वाले दिनों में परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी?

फिलहाल कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण ने नगर परिषद बनगवा के प्रशासनिक तंत्र में हलचल बढ़ा दी है और पूरे क्षेत्र की नजरें अब सोमवार को प्रस्तुत होने वाली रिपोर्ट तथा आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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