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कोयले का बड़ा खेल, कर्मचारियों की मिलीभगत से रोड सेल स्टॉक में रोजाना हो रही “छंटाई”, करोड़ों का नुकसान 

*एसईसीएल हसदेव क्षेत्र अंतर्गत राजनगर ओसीएम का मामला*

अनूपपुर

एसईसीएल हसदेव क्षेत्र अंतर्गत राजनगर ओसीएम के रोड सेल स्टॉक में कोयले की खुली “छंटाई” और कथित अवैध खेल का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। आरोप है कि यहां रोजाना प्राइवेट मजदूरों से कोयले के बड़े-बड़े टुकड़ों की अलग छंटाई कराकर चुनिंदा ट्रांसपोर्टरों और कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि एसईसीएल को हर महीने करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि यह पूरा खेल बिना कुछ एसईसीएल कर्मचारियों और स्थानीय प्रबंधन की जानकारी के संभव ही नहीं है। सूत्रों के अनुसार यार्ड में ट्रांसपोर्टरों के आदमी खुद खड़े होकर मजदूरों से कोयले की “छटाई” करवाते हैं और बाद में बड़े कोयले को अलग वाहनों में भरवाया जाता है। वहीं सामान्य ट्रांसपोर्टरों को डस्टयुक्त और कम गुणवत्ता वाला कोयला थमा दिया जाता है।

स्थानीय ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि जो लोग कथित रूप से अलग से रकम देते हैं, उन्हें बड़े और बेहतर गुणवत्ता वाले कोयले की सप्लाई कराई जाती है। जबकि पैसे नहीं देने वालों के वाहनों में डस्ट और खराब कोयला भर दिया जाता है। यार्ड में “लोडिंग सेटिंग” और “चकू से लोडिंग” के नाम पर अवैध वसूली की भी चर्चा जोरों पर है।

मौके से सामने आई तस्वीरें कई सवाल खड़े कर रही हैं। फोटो में साफ दिखाई दे रहा है कि भारी वाहनों के बीच कोयले के बड़े ढेर अलग-अलग किए गए हैं और मशीनों के जरिए चुनिंदा कोयले की लोडिंग की जा रही है। सवाल यह है कि यदि यह सब नियमों के विरुद्ध है तो आखिर जिम्मेदार अधिकारियों की नजर अब तक इस पर क्यों नहीं पड़ी।

जानकारों का कहना है कि यदि रोजाना इसी तरह बड़े कोयले की अलग छंटाई कर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, तो इससे एसईसीएल को हर महीने करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो सकता है। इसके बावजूद अब तक किसी बड़ी कार्रवाई का सामने न आना कई तरह के संदेह पैदा कर रहा है।

इनका कहना है।

इस मामले में राजनगर सवेरिया मैनेजर धर्मेंद्र रघुवंशी से बात की गई तो उन्होंने कहा “इस तरह की कोई छंटाई नहीं कराई जाती। अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

हसदेव क्षेत्र के जीएम बिश्नोई ने कहा “यदि इस तरह की गतिविधियां हो रही हैं तो यह गलत है। अगर इसमें एसईसीएल कर्मचारी शामिल पाए जाते हैं तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।

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बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल का नाम बदला जाना हमारे क्रांतिकारी विरासत का अपमान- कामरेड विजेंद्र सोनी 

अनूपपुर।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने के कार्य परिषद के प्रस्ताव को अनुचित और भारत के महान स्वाधीनता सेनानी का अपमान निरूपित करते हुए इस प्रस्ताव को अस्वीकार करने की मांग मध्य प्रदेश सरकार से की है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश के सहायक राज्य सचिव कॉमरेड विजेंद्र सोनी ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि " महान मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली , भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के उन अग्रणी क्रांतिकारियों में थे जिन्होंने देश के बाहर रहकर ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष किया। भोपाल में जन्मे बरकतुल्लाह के सम्मान में 1988 में भोपाल विश्वविद्यालय का नाम बदलकर बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय रखा गया।

बरकतुल्लाह का जन्म भोपाल के इतवारा मोहल्ले में हुआ था। उन्होंने भोपाल में शिक्षा प्राप्त की, बाद में बंबई और इंग्लैंड गए। वे अरबी, फ़ारसी, उर्दू, अंग्रेज़ी, जर्मन और जापानी सहित कई भाषाओं के विद्वान थे। विदेश प्रवास के दौरान उनका झुकाव ब्रिटिश-विरोधी राष्ट्रवादी राजनीति की ओर हुआ। 

शिक्षाविद्,स्वाधीनता सेनानी बरकत उल्ला भोपाली भोपाल के सपूत थे ,जिन्होंने भारत की आज़ादी के लिए सारी दुनिया में जाकर जुझारू सेनानी के रूप में काम किया।वे भारत की आज़ादी के आन्दोलन के दौरान गठित प्रथम निर्वासित सरकार के प्रधान मंत्री थे ।सारी दुनिया में भोपाल का नाम सबसे पहले बरकतउल्ला भोपाली के नाम से ही जाना गया ।विश्वविद्यालय की कार्य परिषद का नाम बदलने सम्बन्धी प्रस्ताव अनुचित और भोपाल के महान सपूत का अपमान है।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी इसकी कड़ी भर्त्सना करती है।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की मध्य प्रदेश सरकार से मांग है कि विश्वविद्यालय की कार्य परिषद के इस अनुचित प्रस्ताव को अस्वीकार किया जाए ।बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने का भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा कड़ा विरोध किया जाएगा।

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बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार और नीट घोटाले को लेकर में आप का, विरोध प्रदर्शन व हल्लाबोल

अनूपपुर

भारतीय जनता पार्टी की सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार, तानाशाही, पेपर लीक और महंगाई के खिलाफ आम आदमी पार्टी जिला इकाई अनूपपुर द्वारा आज जिला मुख्यालय में हल्लाबोल विरोध प्रदर्शन किया गया। अमरकंटक चौक से प्रारंभ होकर शंकर मंदिर चौक होते हुए, इंदिरा तिराहा तक निकाले गए मार्च में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के बाद आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने भाजपा सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा की महंगाई और भ्रष्टाचार से पूरा देश परेशान है। तहसील से थाने तक बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता। भाजपा सरकार ने जनता को लूटने का लाइसेंस दे रखा है। मोदी सरकार जनता के साथ धोखा कर रही है, आने वाले समय में जनता मुंहतोड़ जवाब देगी। गैस का दाम 1180 रुपये, पेट्रोल-डीजल सौ पार और बिजली 8.35 रुपये प्रति यूनिट पहुंच गई है। गरीब की थाली से दाल-सब्जी गायब हो गई है। आने वाले समय में जनता इस तानाशाही का जवाब देगी। उन्होंने बिजुरी नाबालिग मामले में थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित करने की मांग की।

नीट घोटाले पर हमला बोलते हुए कहा कि नीट का पेपर 30 लाख में बिका है। मध्यप्रदेश व्यापमं से लेकर नीट तक हर परीक्षा में घोटाला हुआ है। इसकी उच्च स्तरीय सीबीआई जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। युवाओं का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है।

जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा की बिजुरी में नाबालिग के मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। रेत-कोयला माफिया को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। आप ने मांग की है की नीट व पटवारी घोटाले की जांच हो। गैस सिलेंडर 450 रुपये व 200 यूनिट बिजली फ्री की जाए। किसानों को खाद-बीज आधे दाम पर उपलब्ध कराया जाए।   बिगड़ती कानून व्यवस्था पर रोक लगाई जाए। बिजुरी के थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित किया जाए।

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शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला फरार आरोपी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार

अनूपपुर

थाना बिजुरी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वर्ष 2025 से फरार चल रहे दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस टीम ने लगातार पीछा करते हुए दीगर राज्य उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है।

माह अक्टूबर 2025 में पीड़िता (निवासी जिला शहडोल) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी बाँबी सिंह पिता धर्मपाल सिंह (उम्र 19 वर्ष, निवासी मोहाड़ा दफाई, बिजुरी / मूल निवासी- जिला औरेया, उत्तर प्रदेश) ने उसे शादी का झांसा देकर प्रेम जाल में फंसाया। सितंबर 2025 में आरोपी उसे बिजुरी स्थित अपने किराए के कमरे पर ले गया और तीन दिनों तक उसका शारीरिक शोषण (बलात्कार) किया, जिसके बाद वह मुकर कर फरार हो गया। थाना बिजुरी में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।

घटना के बाद से ही शातिर आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए उत्तर प्रदेश भाग गया था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी बिजुरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों एवं साइबर सेल की मदद से आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

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दिव्यांग महिला व पुत्र आरटीओ कार्यालय के 6 माह से काट रहे हैं चक्कर, आत्महत्या की दी चेतावनी

समाचार

जिला उमरिया में रख ऐसा एक मामला जिले के कलेक्टर के सामने आया जो दिव्यांग महिला 6 माह से आर टी ओ कार्यालय के चक्कर लगा कर परेशान है, अब तो महिला और उसका पुत्र त्रस्त होकर आत्महत्या की चेतावनी दे दिया है।

ग्राम निपानिया निवासी ट्रक मालिक प्रमिला सिंह पत्नी कंछेदी सिंह का ट्रक क्रमांक एम पी 17 एच एच 1517 दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण पूर्ण रूप से खत्म हो गया था, ट्रक श्रीराम फाइनेंस कंपनी से फाइनेंस था और उसका बीमा भी था, ट्रक समाप्त होने के बाद वाहन की आर सी निरस्त करवाने की बीमा कंपनी ने कहा तो वाहन मालिक ने सारी किस्तों को जमा कर फाइनेंस कंपनी से एनओसी प्राप्त कर लिया, जिसके बाद बीमा कंपनी ने उसकी कुछ रकम प्रमिला सिंह को दे दिया, बाकी की रकम आर सी निरस्त करवाने के बाद देने को कहा, जिस पर प्रमिला सिंह ने आर टी ओ उमरिया रमा दुबे के पास आवेदन दिया एव परिवहन विभाग के पोर्टल में मांगी गई सारी जानकारी एव रकम जमा कर दिया, उसके बाद फिर से आर टी ओ मैडम के चक्कर काटती रही लेकिन मैडम हैं कि सप्ताह में मात्र एक दिन वह भी सोमवार को टी एल की मीटिंग के लिए, वहीं जब मिल जाती रहीं तो सीधे कहती हैं कि और पैसा जमा करो तब आर सी निरस्त होगी, लेकिन पोर्टल किसी तरह की रकम मांग ही नहीं रहा है, तब पैसा कहां जमा करें।

पीड़िता प्रमिला सिंह एक सीधी सादी दिव्यांग महिला होने के कारण अधिक बोल भी नहीं पाती जिसके कारण उसके पुत्र दुर्गेश सिंह ने बताया कि मेरी एक गाड़ी की समस्या है, आर सी निरस्त करवाने की है और आर टी ओ मैडम नहीं कर रही हैं, बोलती हैं कि आज नहीं अगले हफ्ता होगा, हम लोग जाते हैं तो मिलती नहीं हैं, हम उधर खड़े रहते हैं, परेशान रहते हैं, आज 6 माह से यही चल रहा है, बहुत परेशान करती हैं, हम अब क्या करें, अब यही एक रास्ता है कि हम आत्महत्या कर लें, और तो कुछ बचा ही नहीं। उमरिया आरटीओ सप्ताह में एक दिन ही मौजूद रहती है, जिसके चलते जिले के वाहन मालिक परेशान रहते हैं, वहीं यह कोई पहला मामला नहीं है जब पीड़िता आत्महत्या की चेतावनी दिया हो, इसके पूर्व भी लोग इनकी शिकायत कर चुके हैं।

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गाँजा वाले मामले पर लापरवाही, उपनिरीक्षक को पुलिस अधीक्षक ने किया निलंबित

शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में दर्ज गांजा तस्करी के एक पुराने मामले में फरार आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी में लापरवाही बरतने के आरोप में ब्यौहारी थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी को पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में 30 मई को हुई बड़ी गांजा जब्ती के मामले में फरार आरोपी का नाम सामने आने के बाद की गई।

जानकारी के अनुसार, 30 मई को जयसिंहनगर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी राहुल कुमार चर्मकार के कब्जे से करीब साढ़े तीन क्विंटल गांजा बरामद किया था। पुलिस ने दो वाहन भी जब्त किए थे। हालांकि वाहन में सवार तीन अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए थे। गिरफ्तार आरोपी राहुल कुमार चर्मकार से पूछताछ के दौरान उसने फरार आरोपियों के रूप में ग्राम चंदेला निवासी कन्हैयालाल जायसवाल और दो अन्य लोगों के नाम बताए। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी उसके साथ गांजे की तस्करी में शामिल थे।

जांच में सामने आया कि कन्हैयालाल जायसवाल पहले से ही ब्यौहारी थाने में दर्ज एक गांजा तस्करी के मामले में फरार चल रहा था। इस प्रकरण की जांच और केस डायरी की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी के पास थी। आरोप है कि उन्होंने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए और उसे लगातार फरार ही दर्शाते रहे। जयसिंहनगर में हुई गांजा जब्ती के मामले में जब कन्हैयालाल जायसवाल का नाम सामने आया, तब पता चला कि वह फरारी के दौरान भी क्षेत्र में सक्रिय रहकर गांजा तस्करी कर रहा था। मामले में उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी की गंभीर लापरवाही उजागर होने पर पुलिस अधीक्षक ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

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नौकरी-मुआवजे को लेकर किसानों ने किया धरना प्रदर्शन दी खदान बंद करने की चेतावनी, 25 पर हुई कार्रवाई

शहडोल 

जिले में रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर भू-आश्रित किसानों का आक्रोश एक बार फिर खुलकर सामने आया है। एसईसीएल सोहागपुर एरिया कार्यालय के सामने किसानों ने प्रदर्शन कर प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा, वहीं शारदा ओसियम खदान में नौकरी की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 25 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। दोनों घटनाओं ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ते असंतोष को उजागर कर दिया है।

एसईसीएल सोहागपुर एरिया के अंतर्गत आने वाले रामपुर बटुरा, बिछिया, अतरिया सहित आसपास के गांवों के भू-आश्रित किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एरिया महाप्रबंधक कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने रोजगार, पुनर्वास, पुनर्स्थापना और अधिग्रहित परिसंपत्तियों के पूर्ण मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से उनकी मांगें लंबित हैं, लेकिन एसईसीएल प्रबंधन केवल आश्वासन देकर मामले को टालता रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि हर आंदोलन और बैठक के बाद 15 दिन, एक माह या दो माह में समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया मगर कुछ नही होता। इससे पहले कलेक्टर की अध्यक्षता में सोहागपुर हाउस में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में कई मामलों के निराकरण के लिए समय-सीमा तय की गई थी, लेकिन आज तक अधिकांश समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संबंधित खदानों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कराया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन और प्रशासन की होगी।

उधर, शारदा ओसियम खदान में नौकरी की मांग को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन पर खदान संचालन प्रभावित हुआ था। मामले को गंभीरता से लेते हुए अमलाई पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। शारदा ओसियम खदान को बंद करने और विरोध प्रदर्शन में शामिल 25 लोगों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। 

समाचार 08 

नाबालिक से बलात्कार करने वाले आरोपी की जमानत निरस्त

अनूपपुर

लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा बताया गया कि आरोपी प्रिंयासू जायसवाल पिता कैजू उर्फ कंजू जायसवाल उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम चाका थाना व तहसील केातमा जिला अनूपपुर ने फोन के माध्यम से अभियोक्त्री से जान पहचान कर उसे अपने घर बुलाकर शादी करने का कहकर अभियोक्त्री के साथ शारीरिक संबंध बनाया और आष्वासन देकर कई बार गलत काम किया। अभियोक्त्री जब 02 माह की गर्भवती हो गयी तो आरोपी ने शादी से इंकार कर दिया ।

जिससे व्यथित होकर अभियोक्त्री ने थाना कोतमा में लिखित शिकायत की। उक्त अपराध के संबंध में थाना कोतमा में प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराध क्रमांक 178/2026 पाॅक्सो एक्ट में पंजीकृत किया गया और आरेापी को दिनांक 14 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया। मामले में आरोपी की ओर से माननीय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में जमानत पर छोड़े जाने हेतु जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया, बहस तथा मामले की गम्भीरता एवं परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने बलात्कार के आरोपी प्रियांषू जायसवाल की जमानत आवेदन को निरस्त कर दिया गया। आरोपी वर्तमान में जिला जेल अनूपपुर निरुद्ध है।           

समाचार 09 

विश्व क्लबफुट दिवस पर विशेष शिविर आयोजित

उमरिया

विश्व क्लबफुट दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल उमरिया में क्लबफुट (टेढ़े पैर) से प्रभावित बच्चों एवं उनके परिजनों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम और उपचार शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में इस जन्मजात विकृति की समय पर पहचान एवं शीघ्र उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्ही.एस. चंदेल ने कहा कि क्लबफुट का समय पर उपचार होने पर बच्चों के पैर पूरी तरह सामान्य हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में कई बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा चुका है और वे अब सामान्य बच्चों की तरह सभी गतिविधियों में भाग लेते हुए स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। शिविर में कुल 7 बच्चे उपस्थित हुए, जिनमें एक बच्चे की कास्टिंग (प्लास्टर) की गई तथा 6 बच्चों को क्लबफुट उपचार हेतु विशेष जूते प्रदान किए गए। वर्तमान में जिले के 29 बच्चे क्लबफुट उपचार कार्यक्रम से लाभान्वित हो रहे हैं।

कोयले का बड़ा खेल, कर्मचारियों की मिलीभगत से रोड सेल स्टॉक में रोजाना हो रही “छंटाई”, करोड़ों का नुकसान 

*एसईसीएल हसदेव क्षेत्र अंतर्गत राजनगर ओसीएम का मामला*


अनूपपुर/राजनगर

एसईसीएल हसदेव क्षेत्र अंतर्गत राजनगर ओसीएम के रोड सेल स्टॉक में कोयले की खुली “छंटाई” और कथित अवैध खेल का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। आरोप है कि यहां रोजाना प्राइवेट मजदूरों से कोयले के बड़े-बड़े टुकड़ों की अलग छंटाई कराकर चुनिंदा ट्रांसपोर्टरों और कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि एसईसीएल को हर महीने करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि यह पूरा खेल बिना कुछ एसईसीएल कर्मचारियों और स्थानीय प्रबंधन की जानकारी के संभव ही नहीं है। सूत्रों के अनुसार यार्ड में ट्रांसपोर्टरों के आदमी खुद खड़े होकर मजदूरों से कोयले की “छटाई” करवाते हैं और बाद में बड़े कोयले को अलग वाहनों में भरवाया जाता है। वहीं सामान्य ट्रांसपोर्टरों को डस्टयुक्त और कम गुणवत्ता वाला कोयला थमा दिया जाता है।

*“पैसा दो, अच्छा कोयला लो” — यार्ड में चल रहा कथित खेल*

स्थानीय ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि जो लोग कथित रूप से अलग से रकम देते हैं, उन्हें बड़े और बेहतर गुणवत्ता वाले कोयले की सप्लाई कराई जाती है। जबकि पैसे नहीं देने वालों के वाहनों में डस्ट और खराब कोयला भर दिया जाता है। यार्ड में “लोडिंग सेटिंग” और “चकू से लोडिंग” के नाम पर अवैध वसूली की भी चर्चा जोरों पर है।

मौके से सामने आई तस्वीरें कई सवाल खड़े कर रही हैं। फोटो में साफ दिखाई दे रहा है कि भारी वाहनों के बीच कोयले के बड़े ढेर अलग-अलग किए गए हैं और मशीनों के जरिए चुनिंदा कोयले की लोडिंग की जा रही है। सवाल यह है कि यदि यह सब नियमों के विरुद्ध है तो आखिर जिम्मेदार अधिकारियों की नजर अब तक इस पर क्यों नहीं पड़ी?

*करोड़ों का नुकसान, फिर भी चुप्पी क्यों?*

जानकारों का कहना है कि यदि रोजाना इसी तरह बड़े कोयले की अलग छंटाई कर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, तो इससे एसईसीएल को हर महीने करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो सकता है। इसके बावजूद अब तक किसी बड़ी कार्रवाई का सामने न आना कई तरह के संदेह पैदा कर रहा है।

*मैनेजर ने झाड़ा पल्ला*

जब इस पूरे मामले में राजनगर सवेरिया मैनेजर धर्मेंद्र रघुवंशी से बात की गई तो उन्होंने कहा “इस तरह की कोई छंटाई नहीं कराई जाती। अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

हसदेव क्षेत्र के जीएम बिश्नोई ने कहा “यदि इस तरह की गतिविधियां हो रही हैं तो यह गलत है। अगर इसमें एसईसीएल कर्मचारी शामिल पाए जाते हैं तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।”

*बड़ा सवालआखिर किसके संरक्षण में चल रहा पूरा नेटवर्क?*

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर राजनगर ओसीएम के रोड सेल स्टॉक में यह पूरा खेल किसके संरक्षण में चल रहा है? यदि मौके पर खुलेआम मजदूरों से कोयले की छंटाई हो रही है, ट्रांसपोर्टरों के लोग मौजूद रहते हैं और बड़े कोयले को अलग वाहनों में भरवाया जा रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारी अब तक अनजान कैसे हैं? यदि एसईसीएल प्रबंधन ने समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं कराई तो यह मामला आने वाले दिनों में बड़े कोयला घोटाले का रूप ले सकता है।

ट्रेन में चोरो ने 7 लाख का गहना किया था पार, आरपीएफ ने अंतरराज्यीय गिरोह के 2 आरोपी गिरफ्तार


शहडोल

चलती बेतवा एक्सप्रेस में महिला यात्री के पर्स पर हाथ साफ कर लाखों रुपये के जेवरात लेकर फरार हुए शातिर चोर आखिरकार आरपीएफ के हत्थे चढ़ गए। करीब 7 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषणों की चोरी के इस सनसनीखेज मामले में आरपीएफ ने अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों समेत चोरी का माल खरीदने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। लंबी पड़ताल और तकनीकी जांच के बाद चोरी की पूरी गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने अधिकांश जेवरात भी बरामद कर लिए हैं।

जानकारी के अनुसार 11 मई 2026 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी रवि प्रताप सिंह अपने परिवार के साथ ट्रेन नंबर 18204 बेतवा एक्सप्रेस से कानपुर से रायपुर जा रहे थे। यात्रा के दौरान उनकी पत्नी का लेडीज पर्स, जिसमें सोने-चांदी के आभूषण, नगदी और जरूरी दस्तावेज रखे थे, कटनी स्टेशन के बाद चोरी हो गया। पर्स में रखे सामान की कीमत करीब 7 लाख रुपये बताई गई।

मामले की शिकायत पर जीआरपी शहडोल ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया। इसके बाद आरपीएफ ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर दो संदिग्धों की पहचान हुई, जो ट्रेन से उमरिया स्टेशन पर उतरकर बस के जरिए शहडोल पहुंचे और फिर यहां से ट्रेन पकड़कर कानपुर चले गए।

तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरपीएफ टीम ने मुख्य आरोपी विनय प्रणामी को कानपुर में दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपने साथी प्रमोद कुमार यादव के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

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