कोयले का बड़ा खेल, कर्मचारियों की मिलीभगत से रोड सेल स्टॉक में रोजाना हो रही “छंटाई”, करोड़ों का नुकसान 

*एसईसीएल हसदेव क्षेत्र अंतर्गत राजनगर ओसीएम का मामला*


अनूपपुर/राजनगर

एसईसीएल हसदेव क्षेत्र अंतर्गत राजनगर ओसीएम के रोड सेल स्टॉक में कोयले की खुली “छंटाई” और कथित अवैध खेल का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। आरोप है कि यहां रोजाना प्राइवेट मजदूरों से कोयले के बड़े-बड़े टुकड़ों की अलग छंटाई कराकर चुनिंदा ट्रांसपोर्टरों और कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि एसईसीएल को हर महीने करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि यह पूरा खेल बिना कुछ एसईसीएल कर्मचारियों और स्थानीय प्रबंधन की जानकारी के संभव ही नहीं है। सूत्रों के अनुसार यार्ड में ट्रांसपोर्टरों के आदमी खुद खड़े होकर मजदूरों से कोयले की “छटाई” करवाते हैं और बाद में बड़े कोयले को अलग वाहनों में भरवाया जाता है। वहीं सामान्य ट्रांसपोर्टरों को डस्टयुक्त और कम गुणवत्ता वाला कोयला थमा दिया जाता है।

*“पैसा दो, अच्छा कोयला लो” — यार्ड में चल रहा कथित खेल*

स्थानीय ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि जो लोग कथित रूप से अलग से रकम देते हैं, उन्हें बड़े और बेहतर गुणवत्ता वाले कोयले की सप्लाई कराई जाती है। जबकि पैसे नहीं देने वालों के वाहनों में डस्ट और खराब कोयला भर दिया जाता है। यार्ड में “लोडिंग सेटिंग” और “चकू से लोडिंग” के नाम पर अवैध वसूली की भी चर्चा जोरों पर है।

मौके से सामने आई तस्वीरें कई सवाल खड़े कर रही हैं। फोटो में साफ दिखाई दे रहा है कि भारी वाहनों के बीच कोयले के बड़े ढेर अलग-अलग किए गए हैं और मशीनों के जरिए चुनिंदा कोयले की लोडिंग की जा रही है। सवाल यह है कि यदि यह सब नियमों के विरुद्ध है तो आखिर जिम्मेदार अधिकारियों की नजर अब तक इस पर क्यों नहीं पड़ी?

*करोड़ों का नुकसान, फिर भी चुप्पी क्यों?*

जानकारों का कहना है कि यदि रोजाना इसी तरह बड़े कोयले की अलग छंटाई कर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, तो इससे एसईसीएल को हर महीने करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो सकता है। इसके बावजूद अब तक किसी बड़ी कार्रवाई का सामने न आना कई तरह के संदेह पैदा कर रहा है।

*मैनेजर ने झाड़ा पल्ला*

जब इस पूरे मामले में राजनगर सवेरिया मैनेजर धर्मेंद्र रघुवंशी से बात की गई तो उन्होंने कहा “इस तरह की कोई छंटाई नहीं कराई जाती। अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

हसदेव क्षेत्र के जीएम बिश्नोई ने कहा “यदि इस तरह की गतिविधियां हो रही हैं तो यह गलत है। अगर इसमें एसईसीएल कर्मचारी शामिल पाए जाते हैं तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।”

*बड़ा सवालआखिर किसके संरक्षण में चल रहा पूरा नेटवर्क?*

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर राजनगर ओसीएम के रोड सेल स्टॉक में यह पूरा खेल किसके संरक्षण में चल रहा है? यदि मौके पर खुलेआम मजदूरों से कोयले की छंटाई हो रही है, ट्रांसपोर्टरों के लोग मौजूद रहते हैं और बड़े कोयले को अलग वाहनों में भरवाया जा रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारी अब तक अनजान कैसे हैं? यदि एसईसीएल प्रबंधन ने समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं कराई तो यह मामला आने वाले दिनों में बड़े कोयला घोटाले का रूप ले सकता है।

ट्रेन में चोरो ने 7 लाख का गहना किया था पार, आरपीएफ ने अंतरराज्यीय गिरोह के 2 आरोपी गिरफ्तार


शहडोल

चलती बेतवा एक्सप्रेस में महिला यात्री के पर्स पर हाथ साफ कर लाखों रुपये के जेवरात लेकर फरार हुए शातिर चोर आखिरकार आरपीएफ के हत्थे चढ़ गए। करीब 7 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषणों की चोरी के इस सनसनीखेज मामले में आरपीएफ ने अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों समेत चोरी का माल खरीदने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। लंबी पड़ताल और तकनीकी जांच के बाद चोरी की पूरी गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने अधिकांश जेवरात भी बरामद कर लिए हैं।

जानकारी के अनुसार 11 मई 2026 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी रवि प्रताप सिंह अपने परिवार के साथ ट्रेन नंबर 18204 बेतवा एक्सप्रेस से कानपुर से रायपुर जा रहे थे। यात्रा के दौरान उनकी पत्नी का लेडीज पर्स, जिसमें सोने-चांदी के आभूषण, नगदी और जरूरी दस्तावेज रखे थे, कटनी स्टेशन के बाद चोरी हो गया। पर्स में रखे सामान की कीमत करीब 7 लाख रुपये बताई गई।

मामले की शिकायत पर जीआरपी शहडोल ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया। इसके बाद आरपीएफ ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर दो संदिग्धों की पहचान हुई, जो ट्रेन से उमरिया स्टेशन पर उतरकर बस के जरिए शहडोल पहुंचे और फिर यहां से ट्रेन पकड़कर कानपुर चले गए।

तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरपीएफ टीम ने मुख्य आरोपी विनय प्रणामी को कानपुर में दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपने साथी प्रमोद कुमार यादव के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रेम प्रसंग में अंधी हत्या का हुआ खुलासा, चार गिरफ्तार, आकाशीय बिजली गिरने से एक की हुई मौत


अनूपपुर 

02 जून 2026 को सूचना प्राप्त हुई की पोखरी डैम ओसीएम छोहरी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पानी में तैर रहा है, जिसकी तस्दीक की गई तो ग्राम छोहरी निवासी सनि उर्फ मोटू सहीस पिता रंजू सहीस उम्र 18 वर्ष का शव छत विछत हालत में कमर में रस्सी से रेत भरी बोरी बधी हुई पानी में उतराता हुआ दिखा, जिसे पानी से बाहर निकलवा कर, मृतक के पिता रंजू सहीस पिता संतराम सहीस निवासी ग्राम छोहरी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 148/2026 धारा 103(1), 238 बीएनएस का कायम कर विवेचना में लिया गया ।

हत्या जैसे गंभीर जाघन्य अपराध की गंभीरता को देखते  चार लोगो को अभिरक्षा में लेकर बारीकी से पूछताछ किया गया जो बताये की आरोपी की सगी भांजी एवं मोहल्ले का मृतक सनि सहीस का पिछले 3-4 वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसकी जानकारी लडकी के मामा व घर वालों को पता चलने पर सनि सहीस को कई बार समझाया गया, लेकिन सनि सहीस नही माना, जिस कारण लडकी के मामा ने 29 मई 2026 को अपने एक साथी व चचेरा भाई एवं पडोसी चारो लोग आपस में सनि सहीस की हत्या करने की योजना बनाकर रात्रि 08.30 बजे मोटर सायकल से सनि सहीस को बैठाकर ग्राम छोहरी के बडी पुलिया के पास ले गये और सनि सहीस का रस्सी से गला घोंट कर हत्या कर दिये, मृतक के शव को छिपाने के उद्देश्य से मोटर सायकल में रखकर ओसीएम के पोखरी डैम में ले जाकर फेंक दिये थे । घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल एवं मृतक का मोबाईल व दस्तावेज व हत्या में प्रयुक्त रस्सी को जप्त किया गया चारो आरोपीगणों को को गिरफ्तार किया जाकर न्यायालय पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

*आकाशीय बिजली गिरी अधेड़ की हुई मौत*

शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र के बडखेरा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। बडखेरा निवासी धन्नू पाव (50 वर्ष), पिता लेगरा पाव अपने घर के पास मवेशियों को पेड़ के निकट बांध रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। मौसम खराब होने के बीच अचानक आकाशीय बिजली उसी स्थान के आसपास गिर गई, जिसकी चपेट में धन्नू आ गए। बिजली गिरने की तेज आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो धन्नू अचेत अवस्था में पड़े मिले।

परिजन तत्काल उन्हें उपचार के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर सोहागपुर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

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