साहित्य आकाश में सूर्य की भांति चमक रहे है, डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’- कवि संगम त्रिपाठी



     साहित्य समाज का दर्पण होता है तो उसे चरितार्थ करने की क्षमता भी होनी चाहिए। सिर्फ कह देने मात्र से कुछ नहीं होता उसे वास्तविक धरातल पर भी उतारने की महती आवश्यकता है। जिसे पूरा करने में सतत रूप से क्रियान्वित करने में एक ऋषि की भांति डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’, लखनऊ अपनी रचनात्मक ऊर्जा के साथ लगे हुए हैं।

          डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्यायन’ श्रंखला के साथ अपनी रचनाओं का संकलन कर रहे है। प्रति दिन देश की विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में उनकी रचनाएं प्रकाशित हो रही हैं। डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र जी की अब तक बारह किताबें भी प्रकाशित हुई हैं, साथ ही चार ई काव्य संग्रह भी प्रकाशित हुए हैं। प्रकाशित पुस्तकें हैं:-

‘आदित्यायन’, ‘

‘आदित्यायन-अनुभूति’, ‘आदित्यायन-संकल्प’, ‘आदित्यायन-सृजन’, ‘आदित्यायन-अभिलाषा’, ‘आदित्यायन-भुवन राममय’

‘आदित्यायन-अमृतकाल’

‘आदित्यायन-वतन से प्यार जो करते’, 

‘आदित्यायन- पुण्य भारी पड़ रहा है’, 

‘आदित्यायन-अमृत कलश’, ‘आदित्यायन-सुभाषितम’, ‘आदित्यायन- जीवन अमृत’

तथा ई काव्य संग्रह:-

‘आदित्यायन-मायाजाल’,

‘आदित्यायन-शब्दों का भ्रमजाल’,

‘आदित्यायन- प्रयास’ और ‘आदित्यायन-उद्गार’। इनकी रचनाएँ लगभग 75-80 साझा काव्य संग्रह में भी प्रकाशित हो चुकी हैं। जो समाज को संदेश देते हुए राष्ट्र जागरण का काम कर रही हैं। नित्य प्रति उन्हें देश की संस्थाएं सम्मानित कर रही हैं जो उनकी गतिशीलता का ठोस प्रमाण है। अब तक 760 से अधिक राष्ट्रीय/ अंतर्राष्ट्रीय सम्मान पत्र, प्रशस्ति पत्र और प्रमाण पत्र उन्हें प्राप्त हो चुके हैं।

          डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र जी राष्ट्र निर्माण की धारा से जुड़े ऐसे व्यक्तित्व है जिनमें राष्ट्र प्रेम कूट कूट कर भरा है। 37 वर्ष की सेना सेवा के उपरान्त डॉ कर्नल आदिशंकर मिश्र अपनी दमदार लेखनी के माध्यम से हिंदी प्रचार करते हुए समाज को लखनऊ की धरा से दिशा प्रदान कर रहे हैं।

          77 वर्षीय डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र विभिन्न संस्थाओं से जुड़े हैं और मानो तो वे स्वयं एक संस्था है....। उनके मन मस्तिष्क में देश समाज के लिए चिंतन है। हम राष्ट्रभक्तों को ऐसे व्यक्तित्व के कृतित्व से प्रेरणा लेकर राष्ट्र उत्थान की ओर अग्रसर होना चाहिए।

कवि संगम त्रिपाठी, जबलपुर (मध्य प्रदेश)

ओसीएम खदान के डैम में युवक की तैरते हुए मिली लाश, हाथ पैर रस्सी से बंधे थे, हत्या, की आशंका


अनूपपुर

जिले के थाना भालूमाड़ा अंतर्गत ग्राम छोहरी में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव निवासी मोटू उर्फ सनी (18 वर्ष), पिता रंजू सहीस का शव छोहरी ओसीएम खदान के डैम में संदिग्ध परिस्थितियों में तैरता हुआ मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। शव की स्थिति देखकर हत्या की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार रविवार को ग्रामीणों ने डैम के पानी में एक शव तैरता हुआ देखा। सूचना मिलते ही ग्राम सरपंच ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि शव लगभग तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा था, जो पानी के ऊपर आ गया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव को बाहर निकलवाया तो उसके हाथ और पैर नायलॉन की रस्सी से बंधे हुए पाए गए। इतना ही नहीं, मृतक की पीठ पर एक बोरी बंधी हुई थी, जिसमें रेत भरी हुई थी।

शव की स्थिति और मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को देखते हुए घटना को बेहद गंभीर माना जा रहा है। मृतक के शरीर पर कई स्थानों पर चोट के निशान भी दिखाई दिए हैं, जिससे यह मामला और अधिक संदिग्ध हो गया है। क्षेत्र में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उमेश उपाध्याय पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे। उनके साथ पुलिसकर्मी दशरथ बागड़ी, कृपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए तथा पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस हर पहलू से जांच की जा रही है। मृतक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, उसे डैम तक कैसे पहुंचाया गया तथा घटना के पीछे कौन लोग हो सकते हैं, इन सभी बिंदुओं पर जांच जारी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। 

तहसील कार्यालय में लोकायुक्त ने मारा छापा, 75 हजार की रिश्वत लेते सहायक खंड लेखापाल हुआ गिरफ्तार


शहडोल

जिले के ब्यौहारी तहसील परिसर में रीवा लोकायुक्त की टीम ने  लोकायुक्त पुलिस ने ब्यौहारी तहसील कार्यालय में पदस्थ सहायक खंड लेखापाल लल्लू प्रजापति को 75,000 रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मचारी एक सरकारी मकान से जुड़े मामले को निपटाने और उस पर से अवैध कब्जा हटाने के एवज में पीड़ित से मोटी रकम का सौदा कर रहा था।

​बाणसागर के रहने वाले शिकायतकर्ता रमेश प्रसाद रजक पिता मंगल प्रसाद रजक ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में इस बात की शिकायत दर्ज कराई थी कि तहसील के सहायक खंड लेखापाल लल्लू प्रजापति उनके सरकारी मकान के मामले को रफा-दफा करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि शिकायतकर्ता रमेश प्रसाद रजक कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि नगर परिषद खांड की उपाध्यक्ष सुधा रजक के पति हैं। जनप्रतिनिधि के परिवार से जुड़े होने के बावजूद आरोपी कर्मचारी उन पर लगातार पैसों के लिए दबाव बना रहा था।

लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लल्लू प्रजापति ने पीड़ित रमेश रजक से सरकारी मकान का मामला पूरी तरह सुलझाने के नाम पर बड़ा सौदा किया था। इस सौदे के तहत आरोपी ने शिकायतकर्ता से पूर्व में ही 35,000 रूपये की राशि एडवांस के रूप में ऐंठ ली थी। इसके बाद भी वह बाकी की रकम के लिए लगातार दबाव बना रहा था, जिससे परेशान होकर पीड़ित ने कानून की मदद लेने का फैसला किया।

शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त रीवा की टीम ने ब्योहारी तहसील कार्यालय में घेराबंदी की। तय रणनीति के मुताबिक, जैसे ही रमेश प्रसाद रजक ने आरोपी लल्लू प्रजापति को 75,000 रूपये की नकद राशि थमाई, वैसे ही सादे कपड़ों में मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने धावा बोल दिया। आरोपी को रिश्वत के पैसों के साथ रंगे हाथों दबोच लिया गया और उसके हाथ धुलवाए जाने पर वे गुलाबी हो गए।

15 दिन पहले ही लोकायुक्त रीवा की टीम ने ब्योहारी में कार्यालय में भी एक अन्य कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए दबोचा था। लोकायुक्त पुलिस आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कागजी और कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

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