आपत्तिजनक वीडियो पर बघेली कलाकार गिरफ्तार, भेजा गया जेल, पहले से चोरी के 5 मामले है लंबित


रीवा/जबलपुर

रीवा के यूट्यूबर मनीष कुमार पटेल को ब्राह्मण समाज और समाज की युवतियों को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। जस्टिस रामकुमार चौबे की एकल पीठ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। सिविल लाइन पुलिस रीवा ने आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार रीवा जिले के लौर थाना क्षेत्र के ग्राम खुटहा निवासी मनीष कुमार पटेल ने वेलेंटाइन वीक के दौरान एक वीडियो बनाकर उसे यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पोस्ट किया था। वीडियो में ब्राह्मण समाज की युवतियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। वीडियो वायरल होने के बाद जिले में ब्राह्मण समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया और पुलिस से शिकायत की गई।

शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइंस थाना में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। ईटौरा निवासी आशीष तिवारी की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(ए) और 353(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पैनल अधिवक्ता रघुवर प्रजापति और आपत्तिकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनिल तिवारी ने पक्ष रखा।

राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही चोरी के पांच आपराधिक मामले लंबित हैं, इसलिए उसे अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस रामकुमार चौबे की एकल पीठ ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

बताया गया कि आरोपी इससे पहले भी निचली अदालत में जमानत याचिका दायर कर चुका था, जिसे 9 फरवरी 2026 को रीवा के चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि आरोपी पहले भी ब्राह्मण समाज के धार्मिक कर्मकांडों को लेकर आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट कर चुका है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ने लगा तो आरोपी ने पोस्ट में कुछ शब्द बदल दिए, लेकिन सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी। इससे समाज के लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।

ब्राह्मण समाज के लोगों का आरोप है कि वीडियो के जरिए जानबूझकर समाज की बेटियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई। फिलहाल पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह पहला मौका नहीं है जब मनीष पटेल विवादों में घिरा हो। इससे पहले भी उसके सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। पूर्व में उसने सेना के जवानों को लेकर भी आपत्तिजनक कंटेंट साझा किया था।

22 लीटर अवैध शराब मोटरसाइकिल जब्त, रेत के अवैध उत्खनन पर कार्यवाही, दो वाहन जब्त


अनूपपुर

कस्बा भ्रमण के दौरान ग्राम कदमसरा में मुखबिर द्वारा सूचना दी गई की एक व्यक्ति आई-स्मार्ट स्पलेण्डर मोटर सायकल से बोरी में भरकर अंग्रेजी शराब अनूपपुर तरफ से छत्तीसगढ़ की ओर ले जा रहा है। सूचना पर ग्राम कदमसरा पुलिस टीम सड़क में रूककर आने जाने बाले वाहनो की चेकिंग की गई जो कुछ देर बाद  एक व्यक्ति आई-स्मार्ट स्पलेण्डर मोटर सायकल क्र. CG 12वAQ 1027 से अनूपपुर तरफ से आता दिखा, जिसे रोका गया नाम पता पूछां गया तो अपना नाम इतवार सिंह पिता बान सिंह उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम बेतलो थाना पसान जिला कोरबा (छ.ग.) का होना बताया, उक्त व्यक्ति अपने कंधो में सामने तरफ एक ग्रे रंग का बेग लटकाया हुआ था एवं मोटर सायकल पिछली सीट पर एक सफेद रंग की बोरी बांधा हुआ था, बैग एवं बोरी को खोलकर चैक किया गया तो बोरी एवं बेग के अंदर अंग्रेजी शराब गोवा विस्की के क्वाटर रखे हुये मिले। उक्त शराब रखने एवं बेंचने का कोई कागजात अनुज्ञप्ति नही होना बताया। शराब को बोरी से निकालकर पृथक पृथक गिनती किया गया तो एक सफेद रंग के प्लास्टिक की बोरी जिसमें सामने रोयल किंग लिखा हुआ था बोरी में भरी 104 नग शीशी अंग्रेजी शराब गोवा मात्रा 18.72 लीटर एवं एक ग्रे रंग का बेग जिसमें भरी 22 नग शीशी अंग्रेजी शराब गोवा मात्रा 3.96 लीटर शराब कुल मात्रा 22.68 लीटर कुल कीमती 17010/- रूपये  होना पाया गया जो मौके पर उक्त शराब एवं स्पलेण्डर मोटर सायकल कीमती करीब 50 हजार रूपये को जप्त किया गया। आरोपी इतवार सिंह  का कृत्य धारा 34(1) आबकारी एक्ट के तहत दण्डनीय पाये जाने से आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

*रेत के अवैध उत्खनन पर कार्यवाही, दो वाहन जब्त*


शहडोल कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के निर्देशन एवं खनिज अधिकारी के मार्गदर्शन में जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग की टीम ने ब्यौहारी एवं सोहागपुर क्षेत्र में दबिश देकर अवैध रेत परिवहन में संलिप्त दो वाहनों को जब्त किया है।

जानकारी के अनुसार, 25 मई 2026 को खनिज विभाग द्वारा ग्राम मटोला क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध रेत परिवहन करते पकड़ा गया। टीम ने मौके से लगभग 200 घनफीट रेत जब्त कर वाहन को अभिरक्षा में लिया।

इसके बाद 27 मई 2026 की देर रात लगभग 2 बजे तहसील सोहागपुर अंतर्गत ग्राम पिपरिया में रेत से भरा एक मेटाडोर वाहन पकड़ा गया। वाहन क्रमांक MP 19 GA 4357 अवैध रूप से रेत परिवहन करते पाया गया, जिसे विभागीय टीम ने तत्काल जब्त कर लिया।

खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित वाहन मालिकों एवं चालकों के विरुद्ध मध्यप्रदेश खनिज (अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

महिला से भाजपा पार्षद पर लगाया ठगी का आरोप, भूमि के नाम पर ठगे लाखो रुपए, कलेक्टर से हुई शिकायत


अनूपपुर

नगर पालिका परिषद अनूपपुर के वार्ड क्रमांक 2 के भाजपा पार्षद संजय चौधरी एवं सूर्य चौधरी पर एक गरीब मजदूर महिला से शासकीय भूमि को निजी पट्टे की जमीन बताकर लाखों रुपये लेने का गंभीर आरोप लगा है। मामले को लेकर पीड़िता ने कलेक्टर के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता रजनी रजक पति स्वर्गीय लाला रजक, निवासी वार्ड क्रमांक 6 सामतपुर, थाना, तहसील एवं जिला अनूपपुर ने आवेदन में बताया कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। वर्ष 2023-24 में वार्ड क्रमांक 2 निवासी सूर्य चौधरी एवं भाजपा पार्षद संजय चौधरी उनके घर पहुंचे और मॉडल स्कूल के पास स्थित भूमि को अपना पट्टे की जमीन बताते हुए विक्रय करने की बात कही।पीड़िता के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पहले विद्युत ठेकेदार करतार केवलानी के सामने 50 हजार रुपये लिए। इसके बाद दो अलग-अलग अवसरों पर उनके घर पहुंचकर उनके बेटे के सामने 50-50 हजार रुपये और लिए। इस प्रकार कुल 1 लाख 50 हजार रुपये उनसे ले लिए गए। वहीं जमीन पर बाउंड्री निर्माण कराने के नाम पर महिला से दो गाड़ी मुरूम और दो गाड़ी ईंट भी गिरवाई गई, जिसमें लगभग 50 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च हुए। इस तरह पीड़िता को करीब दो लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई।

महिला ने आवेदन में बताया कि घरेलू समस्याओं के चलते वह तीन माह तक बाउंड्री निर्माण नहीं करा सकीं। इसी दौरान उक्त जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी गई। बाद में जानकारी मिली कि जिस भूमि को निजी पट्टे की जमीन बताया गया था, वह वास्तव में शासकीय भूमि है।

पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो दोनों आरोपियों द्वारा लगातार टालमटोल की जाती रही। आज तक न तो राशि लौटाई गई और न ही कोई जमीन दिलाई गई। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि उनसे ली गई पूरी राशि वापस दिलाई जाए तथा दोनों आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

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