सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने के बाद भी नही मिल रही है मूलभूत सुविधाए, आम जनता परेशान
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने के बाद भी नही मिल रही है मूलभूत सुविधाए, आम जनता परेशान
अनूपपुर
पवित्र नगरी एवं प्रमुख पर्यटन स्थल अमरकंटक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दर्जा तो दे दिया गया है, किन्तु विडंबना यह है कि आज भी यह केंद्र मूलभूत चिकित्सा सुविधाओं से कोसों दूर नजर आ रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक जांच एवं उपचार की समुचित व्यवस्था न होने से स्थानीय नागरिकों सहित यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अमरकंटक क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे गंभीर समस्या जांच सुविधाओं का अभाव है। यहां मरीजों के खून की जांच सहित अन्य आवश्यक परीक्षणों के लिए सैंपल जिला मुख्यालय भेजना पड़ता है। स्थिति यह है कि आज लिया गया सैंपल 2 से 3 दिनों के बाद रिपोर्ट के रूप में वापस आता है। इस दौरान मरीज असमंजस और चिंता की स्थिति में बना रहता है, क्योंकि उसे अपनी बीमारी का सही निदान नहीं मिल पाता और उपचार भी प्रभावित होता है। कई बार मरीजों को बिना स्पष्ट जानकारी के दवाइयां लेनी पड़ती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है। सोनोग्राफी की भी व्यवस्था नही है।
अमरकंटक को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर दिया गया है और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया लेकिन सुविधा आज भी जस की तस है उसमें कोई परिवर्तन अब तक नहीं आया है अब भी विकासखंड मुख्यालय पुष्पराजगढ़ तथा जिला मुख्यालय अनूपपुर पर निर्भर होना पड़ रहा है। अमरकंटक एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है।


