रुद्र गंगा एवं वन विद्यालय के समीप वन क्षेत्र में लगी आग, आग पर पाया काबू


अनूपपुर

पवित्र पर्वत नगरी अमरकंटक के समीप स्थित जमुना दादार नवोदय क्षेत्र के वन में अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें तेज़ हवाओं के साथ फैलती हुई वन क्षेत्र के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लेती जा रही हैं, जिससे आसपास के पर्यावरण, वन्यजीवों एवं जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इसी तरह अमरकंटक वन पर क्षेत्र के रुद्र गंगा में भी आग की घटना हुई है इसके एक दिवस पूर्व वार्ड क्रमांक चार एवं पांच के वन क्षेत्र में आग लगी हुई थी वन विभाग के द्वारा बुझाने प्रयास किया गया नगर परिषद अमरकंटक का दमकल संयंत्र वन क्षेत्र में आग बुझाने में ना काफी साबित हो रहा है। आग इस कदर भीषण हो रही की बुझाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। वन क्षेत्र में आग लगने से पर्यावरण प्रभावित हो रहे हैं तथा तापमान भी बढ़ रहा है । 

यह स्थिति स्थानीय नागरिकों में गहरी चिंता और आक्रोश का कारण बन रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया, तो यह और अधिक भयावह रूप ले सकती है तथा आसपास के वन में खतरा उत्पन्न कर सकती है।

वन क्षेत्र में लगी यह आग न केवल हरित संपदा को भारी नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि अनेक वन्य प्राणियों के जीवन पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। धुएं के गुबार से वातावरण दूषित हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका भी बढ़ गई है।

त्रिकोणीय प्रेम मामले में महिला की हुई थी हत्या, धोखाधड़ी में फरार आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

15 अप्रैल 2026 को शैलेष कुमार महरा पिता प्रेमलाल महरा उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम सिंघौरा थाना जैतहरी जिला अनूपपुर द्वारा 14 अप्रैल 2026 को सुबह अपनी पत्नी गुडिया महरा के रेल्वे स्टेशन निगौरा से गुमने संबधी रिपोर्ट चौकी वेंकटनगर मे लेख कराया था। उक्त रिपोर्ट पर गुम इंसान क्रं. 34/2026 कायम कर जाँच मे लिया गया। दौरान गुम इंसान जांच दिनांक 18 अप्रैल 2026 को जंगल बीट क्र. 313 उमरिया बीट के चौकीदार द्वारा सूचना दी गई कि जंगल बीट क्र. 313 सिध्दबाबा मंदिर की पहाडी के पीछे पहाडी के नीचे कोसम के पेड़ की डगाली मे एक महिला फांसी लगी मृत अवस्था में लटकी हुई है। सूचनाकर्ता की रिपोर्ट पर मर्ग क्र. 24/2026 धारा 194 बीएनएसएस कायम कर मौके पर पुलिस द्वारा पहुंचकर कोसम के पेड़ में लटके हुऐ मृतिका के शव की शिनाख्त गुड़िया बाई महरा के रूप में की गई, शव का पंचनामा कार्यवाही कर मृतिका के शव का पी.एम. कराया गया । जो पी.एम. रिपोर्ट में डॉक्टर टीम द्वारा मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक होना बताया गया, जो थाना जैतहरी मे अप.क्र.153/2026 धारा 103(1) बीएनएस पंजीबध्द कर विवेचना मे लिया गया ।विवेचना के दौरान मृतिका के परिजनो से पूछताछ की गई जो यह तथ्य सामने आया कि मृतिका को अंतिम बार शैलेष महरा एवं उसकी नाबालिक प्रेमिका के साथ देखा गया था, जो मृतिका गुडिया महरा के पति शैलेष महरा को अभिरक्षा मे लेकर पूछताछ की गई जिसने बताया कि अपने नाबालिक प्रेमिका के प्रेम संबधो के कारण दिनांक 14 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 09 बजे अपनी नाबालिक प्रेमिका एवं ग्राम सिघौरा निवासी अपने नाबालिक साथी के साथ मिलकर गुडिया महरा के दुपट्टे से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी और घटना को आत्म हत्या दर्शाने के लिये तीनो ने मिलकर गुडिया महरा के शव को कोसम के पेड की डाली पर फांसी के फंदे पर लटका दिया ।

मुख्य आरोपी शैलेष कुमार महरा पिता प्रेमलाल महरा उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम सिंघौरा थाना जैतहरी जिला अनूपपुर को गिरफ्तार किया जाकर न्यायालय अनूपपुर पेश किया जाकर आरोपी का पुलिस रिमांड लिया जाकर घटना के संबध मे विस्त्रत पूछताछ की जा रही है एवं अपचारी बालिका उम्र 16 वर्ष 11 माह निवासी चोरभठी एवं अपचारी बालक उम्र 17 वर्ष 11 माह निवासी ग्राम सिंघौरा को अभिरक्षा मे लेकर बाल न्यायालय अनूपपुर मे पेश किया गया जो न्यायालय के आदेशानुसार अपचारी बालिका को सम्प्रेक्षण गृह शहडोल एवं अपचारी बालक को सम्प्रेक्षण गृह रीवा दाखिल कराया जा रहा है । 

*दो वर्षों से फरार आरोपी को गिरफ्तार*

अनूपपुर जिले के थाना भालूमाड़ा की टीम द्वारा अप. क्र. 350/2024 धारा 420, 406, 409, 120बी ता.हि. तथा निपेक्षकों के हितों का संरक्षण अधिनियम की धारा 6 एवं अप.क्र. 400/2024 धारा 420, 34 भा.दं.वि. निपेक्षकों के हितों का संरक्षण अधिनियम की धारा 6 में करोडों रुपये की ठगी करने वाला मुख्य आरोपी उमेश कांतिलाल पटेल पिता कांतिलाल पटेल निवासी प्लाट नं. 14/420 विवेकानंद नगर चांदखेडा जिला अहमदाबाद गुजरात जो घटना दिनांक से लगातार दो वर्षो से फरार चल रहा था जिसे थाना प्रभारी के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर दो वर्षो से फरार आरोपी न्यायालय कोतमा/अनूपपुर के प्रोडक्शन वारंट के पालन में तलोज जेल नवी मुम्बई महाराष्ट्र से लाकर न्यायालय के आदेशानुसार गिरफ्तार किया जाकर न्यायालय कोतमा/अनूपपुर पेश किया गया जहाँ से आरोपी को जेल भेजा गया।

पंचायत में कर्मचारियों के रिश्तेदारों के नाम लग रहें लाखों के बिल, बह रही भष्ट्राचार की गंगा


उमरिया

जिले के ग्राम पंचायतों में सामग्री क्रय करने के लिए शासन व्दारा भले ही मापदंडों का निर्धारण कर दिया गया हो लेकिन उसका पालन कही पर भी होता दिखाई नहीं देता, खरीदी तो उन्हीं लोगों से होगी जो कार्य एजेंसी के मन मुताबिक देयक और बढे हुई सामग्री का हिसाब बराबर चुकता करेंगे। उमरिया जिले की ग्राम पंचायतों में इस तरह के कईं वेंडर धारियों की निशाने में आये है, जिनकी  न तो दूकानें है न फर्म और ना ही क्रेसर पर बिल दर्जनों ग्राम पंचायतों में बराबर देखने को मिलता है, न जाने ग्राम पंचायतों के इस धांधली भरे खेल पर कब और कौन रोका लगायेगा।जिले भर में ग्राम पंचायतों के देयको की झलकियाँ देखें तो पता चलता है की जिन लोगों की दुकानो का कही रता पता नहीं है, उनसे भी सामग्री क्रय बताकर लाखों रूपयों के शासकीय धन राशि का दोहन ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव करते देखें जा रहे हैं। कुल मिलाकर देखा जाये की जिसकी जहाँ पर सेंटिग बैठ गयी उसी के नाम का देयक लगाये जाते हैं। ऐसी ही एक झलकी पाली जनपद पंचायत के मलहदू ग्राम पंचायत में देखने में आयी है। देखने में आया है की मलहदू ग्राम पंचायत में ग्राम रोजगार सचिव ने अपने सगे पिता के नाम का बिल ग्राम पंचायत में लगाकर लाखों रूपये का आहरण किया है। यद्यपि रोजगार सहायक के पास वित्तीय अधिकार तो नहीं है फिर भी इतना अधिकार तो है ही की पिता की दूकानदारी की चमक तो बढ़ा ही सकते हैं। सरपंच - सचिव को उनका कमीशन और बढी हुई सामग्री का बिल और उसकी राशि ईमानदारी से मिल जाये तो वह कोई भी विक्रेता बन सकता है।

ग्राम पंचायत मलहदू में हुई इस अवैध खरीदी की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के यहाँ की गयी है, जिसमें बताया गया है कि दुकान दार ने बिना जी एस टी  के बिलों लगभग 18 देयको के माध्यम से  1,84,350  रूपये के सीमेंट के बिल लगाकर शासकीय धन राशि का दोहन किया गया है। 

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