3 हाथी करनपठार, 1 हाथी खांड़ा के जंगल में किया फसलो को नुकसान, दीवार तोड़ा
3 हाथी करनपठार, 1 हाथी खांड़ा के जंगल में किया फसलो को नुकसान, दीवार तोड़ा
*हाथी के हमले से घायल मृत वृद्ध के परिजनों को नहीं मिली सहायता राशि*
अनूपपुर
छत्तीसगढ़ राज्य से दो अलग-अलग समूह में आये चार हाथियों में से तीन हाथियों का समूह शुक्रवार को 103 वें दिन राजेंद्रगाम के करनपठार के जंगल में विश्राम कर रहे हैं। वहीं एक अकेला हाथी जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर पोंड़ी एवं खांडा के जंगल में आज चौथे दिन ठहरा हुआ है। हाथियों के समूह द्वारा ग्रामीण जनों के फसलों तथा एक घर को खाने की तलाश में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया है। बरबसपुर,पोंड़ी,खांड़ा के ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को हाथी के विचरण की सूचना समय पर मुनादी एवं अन्य माध्यम से नहीं दिए जाने का आरोप लगाया है। दो माह के बाद भी ग्राम बरबसपुर में हाथी के हमले से मृत वृद्ध के परिजनों को वन विभाग द्वारा सहायता राशि नहीं दिए जाने से ग्रामीण परेशान एवं आक्रोश की स्थिति में है।
109 दिन पूर्व तीन हाथियों का समूह छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही इलाके की सीमा को पार करते हुए, अनूपपुर जिले के जैतहरी,अनूपपुर से बुढार,अहिरगवां एवं डिंडौंरी में विचरण अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम के तुलरा वन बीट में सात दिनो तक घूमते तीनों हाथी, गुरुवार की रात से करनपठार बीट में प्रवेश कर शुक्रवार के दिन अतरिया,कुर्सेरा एवं बेनीबारी के बीच जंगल में ठहरे हुये है, यह इलाका बेनीबारी,अतरिया एवं कुसेरा गांव की सीमा के मध्य स्थित है। तीनों हाथियों द्वारा दिन में जंगल में विश्राम कर देर शाम एवं रात को जंगल से निकल कर आहार की तलाश में ग्रामीण जनो के घरों एवं खेतों में लगी,रखी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। विगत कई दिनों से हाथियों के समूह को ग्रामीणों द्वारा अपने इलाके से बाहर किए जाने हेतु मशाल एवं अन्य माध्यमों से बाहर किए जाने हेतु खदेडे जाने पर हाथियों का समूह आक्रामक होकर ग्रामीण पर हमला करने का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं। वन विभाग का अमला हाथियों के विचरण पर निरंतर निगरानी रखते हुए ग्रामीण जनों को सतर्क एवं सचेत रहने की समझाइए दी है।
एक अकेला हाथी जो 3 अप्रैल की रात एक माह बाद फिर से अपने साथी हाथियों की तलाश में, छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा को पार कर अनूपपुर जिले के जैतहरी इलाके में 3 दिन विचरण कर, विगत 5 दिनों से जिला मुख्यालय अनूपपुर 6 से 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित भोलगढ एवं पोंडी बीट के जंगल, जो ग्राम पंचायत बरबसपुर के बरबसपुर भोलगढ ग्राम पंचायत पोंड़ी के ग्राम पोंड़ी एवं मानपुर एवं ग्राम पंचायत खांड़ा के खांड़ा बाध के समीप स्थित जंगल में दिन के समय अकेले रहकर शाम एवं रात होते ही, शहडोल से कोतमा मनेद्रगढ़ की ओर गई राष्ट्रीय राजमार्ग, अनूपपुर खांडा, रामपुर मार्ग को कई स्थानों से रात एवं सुबह पार करते हुए ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर खेतों में लगी फसलों को अपना आहार बना रहा है। विगत चार दिनों के मध्य यह हाथी ग्राम पंचायत बरबसपुर निवासी एवं ग्राम पंचायत के सरपंच बिसाहूलाल रौतेल,जमुना,गंगा पांडेय आदि के खेतों में लगे फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ बरबसपुर निवासी गंगाराम पांडेय के खेत में बने मकान की दीवार में तोड़फोड़ कर,खेतों में रखें सिंचाई हेतु पाइपों को तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचा है। सुबह होने पर यह फिर से खांड़ा बांध के पास के जंगल में जाकर दिन में ठहर जाता है। ग्राम बरबसपुर,पोंड़ी,खांड़ा एवं मानपुर के ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों पर इस आकमक एवं खतरनाक इस हाथी के ग्रामीण अंचलों में आने की सूचना ग्रामीणों को मुनादी एवं अन्य माध्यमों से समय पर नहीं दिए जाने हाथी द्वारा फसल एवं घरों की नुकसान दौरान पटाखा एवं उपकरणों का उपयोग नहीं करने देर से स्थल पर पहुंचकर टॉर्च ले कर खड़े होकर ग्रामीण जनों के हो रहे नुकसान का तमाशा देखते देखते रहने का आरोप लगाया है। ग्रामीण जन अपनी फसलों घर ऑन एवं इलाकों से हाथी को दूर किए जाने की कोशिश स्वयं मशाल एवं अन्य माध्यम से किए जाने की बात कही है, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं बरबसपुर निवासी ज्ञानेंद्र सिंह परिहार ने वन विभाग के अधिकारियों को देर रात गांव में हाथी के विचरण की सूचना मिलने पर अवगत कराते हुए तत्काल समुचित व्यवस्था किए जाने की बात कहीं।


