शासकीय स्कूल में गरीबों के 'संबल' को ही उनकी कमजोरी बनाकर 825 व 2025 रुपए की अवैध वसूली


शहडोल 

जिले के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बरगवां (24) में शिक्षा के नाम पर 'वसूली का व्यापार' चल रहा है। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि संबल कार्ड धारक छात्र-छात्राओं से परीक्षा शुल्क के नाम पर मात्र ₹25 लिए जाएं, लेकिन यहाँ प्रबंधन की शह पर खुलेआम लूट मची है।

पड़ताल में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि स्कूल प्रशासन छात्रों की जानकारी के अभाव का फायदा उठा रहा है। जिन छात्रों को पता है कि उनका संबल कार्ड बना है, उनसे नियमों को ताक पर रखकर ₹825 वसूले जा रहे हैं। जिन्हें अपने कार्ड की जानकारी नहीं है, उन मासूम ग्रामीण छात्रों से ₹2025 की मोटी रकम ऐंठी जा रही है। जबकि हकीकत यह है कि स्कूल के लगभग शत-प्रतिशत छात्रों के संबल कार्ड बने हुए हैं, फिर भी यह वसूली जारी है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्राचार्य के संरक्षण में अतिथि शिक्षक जागेश्वर बच्चों को डरा-धमकाकर यह राशि वसूल रहा है। आदिवासी बाहुल्य जिले में जहाँ छात्रों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए, वहाँ एक शिक्षक द्वारा बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर उनके हक का पैसा छीना जा रहा है।

आखिर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) की नाक के नीचे इतना बड़ा घोटाला कैसे चल रहा है? क्या विभाग के उच्च अधिकारियों को बरगवां स्कूल में चल रहे इस 'वसूली मॉडल' की भनक नहीं है? एक इंजीनियर और पत्रकार के नाते पत्रकारों ने सवाल उठाया है कि जब सारा डेटा ऑनलाइन उपलब्ध है, तो यह 'मैन्युअल लूट' किसके इशारे पर हो रही है? "शिक्षा के मंदिर में लूट की गूंज! ₹25 की फीस की जगह ₹825 और ₹2025 वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश। एक इंजीनियर की सटीक जांच और पत्रकार का यह बड़ा खुलासा।"

प्रबंधन की दमनकारी नीतियों के विरोध में संयुक्त मोर्चा का आंदोलन, जोहिला क्षेत्र में  श्रमिकों में व्यापक असंतोष 


उमरिया

देश की मिनी रत्न कंपनी  साउथ इस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड जोहिला क्षेत्र में श्रमिकों के जायज और संक्षिप्त 72 मांगों को लेकर पिछले सात दिनों से आंदोलन में बैठे हुए हैं, लेकिन प्रबंधन के कानो में जूं नहीं रेंग रही हैं। प्रबंधन के इस श्रमिकों के बीच में असंतोष भडक रहा है। बताया जाता है कि एस ई सी एल जोहिला क्षेत्र में जब से तत्कालीन महाप्रबंधक के कार्य शैली से जब तब आये दिन आंदोलन में होते रहे हैं, लेकिन इस कार्य शैली से व्यथित होकर जोहिला क्षेत्र के सभी श्रमिक संगठन आज आंदोलन की राह पकड लिये हैं ‌। 

विदित होवे की जोहिला क्षेत्र में औद्योगिक संबंधों को महाप्रबंधक के अडियल रवैये के कारण शून्य हो गयें है और महाप्रबंधक के कृत्यों से श्रमिक संगठनों से कई बार अपमान के घूंट पीकर रह गया। श्रमिक संगठन के सीटू श्रमिक संघ के संयुक्त सलाहकार समिति के सदस्य ने प्रबंधन के कार्यों की निंदा करते हुए भष्ट्राचार, ठेका श्रमिको का प्रबंधन शोषण करते हुए उनके हाजिरी का अथाह पैसा लूटने में प्रबंधन जुटा हुआ है। कंचन ओपन कास्ट खदान में सुरक्षा नियमों की अनदेखी का मामला उठाते हुए कहा की प्रबंधन श्रमिकों की जान के साथ खेल रहा है। सीटू नेता ने शुद्ध जल पीने को भी नहीं मिलता है। विंध्या क्षेत्र में आज तीन दशक से पानी के शुद्ध पानी न मिल पाना, एस ई सी एल प्रबंधन  के भष्ट कार्यशैली को उजागर रख दिया है ‌। उल्लेखनीय है कि जोहिला क्षेत्र में सडकों की हालात जर्जर हो गयी है, लेकिन प्रबंधन इस काम में लीपापोती कर उनके नाम पर जब तब भारी धांधली कर मामले को रफा -दफा कर दिया जाता है। आज के आंदोलन में संयुक्त मोर्चा की ओर से अशोक पाण्डेय बी एम एस, बिहारी लाल पटेल एच एम एस, पारस नाथ एटक, दिलीप सोनी इंटक, कुंजमणि वर्मा सीटू का जत्था क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे। आंदोलन का आज सातवा दिवस है और इसी क्रम में संयुक्त मोर्चा प्रबंधन की दमनकारी नीतियों के विरोध में अनशन रत है। आज आंदोलन स्थल पर एक आम सभा रखी गयी जिसे श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित करते हुए प्रबंधन के काले कारनामे पर प्रकाश डाला। आज के आम सभा में अमृत लाल विश्वकर्मा सीटू, प्रीतम पाठक इंटक नागैन्द्र सिंह बी एम एस, राम कुंअर प्रजापति इंटक, अशोक पाण्डेय एटक, एस डी सिंह सीटू, मो फजल एटक नौमी शरण यादव बी एम एस अरूण मिश्रा एच एम एस आदि श्रमिक नेताओं की भागीदारी देखी गयी ‌। श्रमिक संगठन ने प्रबंधन से आग्रह किया है कि शीघ्र जायज मांगो को स्वीकार कर लागू करें वरना क्षेत्र में और उग्र आंदोलन छेडा जायेगा। इस सबके बाद भी प्रबंधन की कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। 

ध्यान देने योग्य है कि भारतीय जनता पार्टी की देश की सरकार चल रही है फिर भी उसकी अनुषांगिक मजदूर संघ बी एम एस को भी जोहिला क्षेत्र के प्रबंधन के श्रमिक विरोधी नीतियों के चलते हडताल का रास्ता अख्तियार करना पड रहा है, जो बेहद निराशा जनक माना जा रहा है। श्रमिकों के हित बथ्द सरकार श्रमिकों के हित में कब तक कदम उठायेगी, यह भविष्य के गर्त में छिपा हुआ है।

केंद्रीय बजट पर सियासी घमासान तेज़, भाजपा ने बताया ‘विकसित भारत का रोडमैप’, कांग्रेस बोली एमपी को मिला झुनझुना 

*आम जनता के लिए निराशाजनक व दिशाहीन बजट*


शहडोल/अनूपपुर 

वित्त वर्ष 2026–27 के केंद्रीय बजट के संसद में प्रस्तुत होते ही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने बजट को विकसित भारत 2047 की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया, वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसे आम जनता, किसानों और मध्य प्रदेश के लिए निराशाजनक करार दिया।

*अपार अवसरों का राजमार्ग है बजट’ – राकेश गुप्ता*

भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक राकेश गुप्ता ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट भविष्य के स्वर्णिम अवसरों का राजमार्ग है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह बजट वर्तमान के सपनों को साकार करता है और 2047 के विकसित भारत की नींव को सशक्त करता है।

*किसान-युवा-महिला को समर्पित बजट – पवन "चीनी"*

नगर परिषद  बरगवां अमलाई के  पार्षद भाजपा युवा नेता  पवन चीनी ने बजट को दूरदर्शी और विकासोन्मुखी बताते हुए कहा कि यह मध्यम वर्ग, किसान, युवा, महिला और गरीब कल्याण को समर्पित है।उन्होंने ₹12 लाख तक की आय को कर-मुक्त करने को मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत बताया।किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, MSME और स्टार्टअप्स को आसान ऋण जैसे प्रावधानों को रोजगार सृजन में सहायक बताया।

*बजट केवल आंकड़े नहीं, विकास का रोडमैप – रविंदर कौर*

भाजपा  नेत्री अध्यक्ष नगर पालिका परिषद  धनपुरी रविंदर कौर छावड़ा ने बजट को गांव, गरीब, मजदूर, किसान, महिला और युवाओं के हित में ऐतिहासिक बताया।उन्होंने कहा कि यह बजट आर्थिक विकास को गति देने, जन-आकांक्षाओं को पूरा करने और सबका साथ–सबका विकास के संकल्प पर आधारित है। स्वास्थ्य क्षेत्र में एक लाख से अधिक प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैयार करने, मेडिकल टूरिज्म के लिए पांच नए क्षेत्रीय हब और आयुर्वेदिक साइंसेज के नए कॉरिडोर को उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताया।

*एमपी के साथ अन्याय, भरोसे के बदले निराशा– श्याम कुमार गुड्डू*

कांग्रेस  जिला अध्यक्ष अनूपपुर गुड्डू चौहान ने बजट को मध्य प्रदेश के साथ उपेक्षा का दस्तावेज़ बताया। उन्होंने कहा कि राज्य ने भाजपा को पूरा समर्थन दिया, लेकिन बजट में न बड़ी सिंचाई परियोजना है, न औद्योगिक पैकेज और न ही आदिवासी अंचलों के लिए कोई विशेष घोषणा। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण के बजट में कटौती का हवाला देते हुए इसे विकास के लिए गंभीर संकेत बताया।

*निराशाजनक और दिशाहीन बजट– आशीष त्रिपाठी*

नगर परिषद अनूपपुर क्षेत्र कांग्रेस के युवा नेता आशीष त्रिपाठी ने बजट को निराशाजनक और दिशाहीन करार देते हुए कहा कि इसमें बेरोज़गारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट समाधान का नहीं, बल्कि प्रचार का दस्तावेज़ है और कांग्रेस इसका हर स्तर पर विरोध करेगी।

*निष्कर्ष*

केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर एक ओर भाजपा इसे अमृतकाल का मजबूत आधार बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे कटौती और उपेक्षा का बजट करार दे रही है। आने वाले दिनों में बजट को लेकर सियासी बहस और तेज़ होने के आसार हैं।

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