प्रबंधन की दमनकारी नीतियों के विरोध में संयुक्त मोर्चा का आंदोलन, जोहिला क्षेत्र में श्रमिकों में व्यापक असंतोष
उमरिया
देश की मिनी रत्न कंपनी साउथ इस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड जोहिला क्षेत्र में श्रमिकों के जायज और संक्षिप्त 72 मांगों को लेकर पिछले सात दिनों से आंदोलन में बैठे हुए हैं, लेकिन प्रबंधन के कानो में जूं नहीं रेंग रही हैं। प्रबंधन के इस श्रमिकों के बीच में असंतोष भडक रहा है। बताया जाता है कि एस ई सी एल जोहिला क्षेत्र में जब से तत्कालीन महाप्रबंधक के कार्य शैली से जब तब आये दिन आंदोलन में होते रहे हैं, लेकिन इस कार्य शैली से व्यथित होकर जोहिला क्षेत्र के सभी श्रमिक संगठन आज आंदोलन की राह पकड लिये हैं ।
विदित होवे की जोहिला क्षेत्र में औद्योगिक संबंधों को महाप्रबंधक के अडियल रवैये के कारण शून्य हो गयें है और महाप्रबंधक के कृत्यों से श्रमिक संगठनों से कई बार अपमान के घूंट पीकर रह गया। श्रमिक संगठन के सीटू श्रमिक संघ के संयुक्त सलाहकार समिति के सदस्य ने प्रबंधन के कार्यों की निंदा करते हुए भष्ट्राचार, ठेका श्रमिको का प्रबंधन शोषण करते हुए उनके हाजिरी का अथाह पैसा लूटने में प्रबंधन जुटा हुआ है। कंचन ओपन कास्ट खदान में सुरक्षा नियमों की अनदेखी का मामला उठाते हुए कहा की प्रबंधन श्रमिकों की जान के साथ खेल रहा है। सीटू नेता ने शुद्ध जल पीने को भी नहीं मिलता है। विंध्या क्षेत्र में आज तीन दशक से पानी के शुद्ध पानी न मिल पाना, एस ई सी एल प्रबंधन के भष्ट कार्यशैली को उजागर रख दिया है । उल्लेखनीय है कि जोहिला क्षेत्र में सडकों की हालात जर्जर हो गयी है, लेकिन प्रबंधन इस काम में लीपापोती कर उनके नाम पर जब तब भारी धांधली कर मामले को रफा -दफा कर दिया जाता है। आज के आंदोलन में संयुक्त मोर्चा की ओर से अशोक पाण्डेय बी एम एस, बिहारी लाल पटेल एच एम एस, पारस नाथ एटक, दिलीप सोनी इंटक, कुंजमणि वर्मा सीटू का जत्था क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे। आंदोलन का आज सातवा दिवस है और इसी क्रम में संयुक्त मोर्चा प्रबंधन की दमनकारी नीतियों के विरोध में अनशन रत है। आज आंदोलन स्थल पर एक आम सभा रखी गयी जिसे श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित करते हुए प्रबंधन के काले कारनामे पर प्रकाश डाला। आज के आम सभा में अमृत लाल विश्वकर्मा सीटू, प्रीतम पाठक इंटक नागैन्द्र सिंह बी एम एस, राम कुंअर प्रजापति इंटक, अशोक पाण्डेय एटक, एस डी सिंह सीटू, मो फजल एटक नौमी शरण यादव बी एम एस अरूण मिश्रा एच एम एस आदि श्रमिक नेताओं की भागीदारी देखी गयी । श्रमिक संगठन ने प्रबंधन से आग्रह किया है कि शीघ्र जायज मांगो को स्वीकार कर लागू करें वरना क्षेत्र में और उग्र आंदोलन छेडा जायेगा। इस सबके बाद भी प्रबंधन की कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है।
ध्यान देने योग्य है कि भारतीय जनता पार्टी की देश की सरकार चल रही है फिर भी उसकी अनुषांगिक मजदूर संघ बी एम एस को भी जोहिला क्षेत्र के प्रबंधन के श्रमिक विरोधी नीतियों के चलते हडताल का रास्ता अख्तियार करना पड रहा है, जो बेहद निराशा जनक माना जा रहा है। श्रमिकों के हित बथ्द सरकार श्रमिकों के हित में कब तक कदम उठायेगी, यह भविष्य के गर्त में छिपा हुआ है।
