अवैध रेत परिवहन पर पुलिस की कार्रवाई, 4 ट्रैक्टर जप्तकर मामला किया दर्ज


अनूपपुर

जिले के बिजुरी पुलिस के द्वारा अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की गई। थाना बिजुरी पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्षेत्र अंतर्गत बिना वैध अनुमति के रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की गई, घेराबंदी देखकर ट्रेक्टर ट्राली ड्राइवर कुछ दूर पहले ही ट्रेक्टर खडा कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया, जिसकी तलाश की गयी पर पता नही चला मौके से रेत से भरा बिना नंबर के वाहन ट्रैक्टर को जप्त किया गया। 

कोतमा पुलिस द्वारा अवैध खनिज परिवहन करने वालों के विरूध्द कार्यवाही की। मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम गढ़ी तरफ से एक व्यक्ति एक नीले सफेद रंग की स्वाराज ट्रेक्टर की ट्राली में बिना टीपी के गिट्टी लोड करके गोविंदा गांव तरफ परिवहन करते लेकर जा रहा है। सूचना पर कोतमा सब्जी मंडी के पास से नीले सफेद  रंग का स्वाराज कम्पनी का ट्रैक्टर जिसका रजिस्ट्रेशन न0 MP 65 AA 3912  जिसके पीछे एक नीले रंग की बिना नम्बर की ट्राली लगी जिसमें 03 घन मीटर अवैध गिट्टी लोड थी, जिसका चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग गया था, धारा 303(2),317(5) बी एन एस एवं 4/21 खान एवं खनिज अधिनियम में जप्त किया।

कोतमा पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी की ट्रेक्टर मे गोडारू नदी से अवैध रेत लोड कर बेचने हेतु जमगांव तरफ ले जाने वाला है ,मुखबिर के बताये स्थान पर घेराबंदी कर  रेड कार्यवाही हेतु  गोडारू नदी  घाट मे पहुचे तभी लाल रंग का ट्रेक्टर आते दिखा पुलिस को देखकर ट्रेक्टर चालक दूर से ही ट्रेक्टर को खडा कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया लाल रंग की ट्रेक्टर बिना नंबर के ट्राली में तकरीबन 3 घन मीटर रेत लोड था मौके पर से चालक फरार हो गया  बिना नंबर की ट्रेक्टर मेसी कम्पनी की ट्राली मे जप्त किया।

*ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, चालक मौके से फरार*


शहडोल

रेत माफिया पर शिकंजा कसते हुए जयसिंहनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। ग्राम बतौडी के नाले से अवैध रूप से रेत निकालकर ले जाई जा रही दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को पुलिस ने जब्त कर लिया, जबकि पुलिस की भनक लगते ही चालक मौके से फरार हो गए। एसपी के सख्त निर्देशों के बाद जिले में अवैध रेत कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

पुलिस के मुताबिक शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बतौडी गांव के स्थानीय नाले में अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की गाड़ी देखते ही चालक और खनन माफिया ट्रैक्टर छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। पुलिस ने कुछ दूरी तक पीछा भी किया, लेकिन आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे।

थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा ने बताया कि मौके से दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर थाने लाया गया है। वाहन चालकों और मालिकों की पहचान की जा रही है। जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। मामले में खनिज अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

पुलिस आरक्षक ने सर्विस रायफल से खुद को गोली मारकर की आत्महत्या, मौके से टूटा मोबाइल बरामद


शहडोल

पुलिस लाइन से दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां नाइट ड्यूटी पर तैनात पुलिस आरक्षक ने अपनी सर्विस रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस लाइन के रक्षित केंद्र के आरक्षक शिशिर सिंह राजपूत ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

जानकारी के अनुसार, आरक्षक शिशिर सिंह राजपूत ड्यूटी के दौरान कुर्सी पर बैठे हुए थे, इसी दौरान उन्होंने 7.62 एमएम सर्विस रायफल से अपने सिर में गोली मार ली। गोली सिर के आर-पार हो गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण के दौरान मौके से आरक्षक का टूटा हुआ मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। प्रारंभिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि आत्मघाती कदम उठाने से पहले आरक्षक किसी से मोबाइल पर बात कर रहा था और किसी बात को लेकर वे अत्यधिक आवेश में आ गए, इसी दौरान उन्होंने मोबाइल तोड़ दिया और फिर खुद को गोली मार ली।

पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। इस घटना ने पुलिस महकमे में कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर ड्यूटी के दौरान मानसिक दबाव और तनाव को लेकर। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। एसपी रामजी श्रीवास्तव ने कहा मामले की पड़ताल की जा रही है।

सौंफ धोने से पानी हरा, तिल धोए तो पानी काला, बाजार में जमकर मिलावट खोरी, स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़


अनूपपुर 

जिले के बिजुरी कस्बे में किराना दुकानों से खरीदे गए रोजमर्रा के खाने-पीने के सामान की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दो अलग-अलग किराना दुकानों से खरीदी गई मोटी सौंफ और काले तिल में कृत्रिम रंग मिलाए जाने का मामला सामने आया है। ग्राहक ने जब उपयोग से पहले अपने घर पर सामान्य तरीके से सामान धोकर देखा तो सौंफ से पानी में हरा रंग घुलता दिखा, वहीं काले तिल के मामले में भी पानी का रंग असामान्य रूप से बदल गया। जांच के दौरान कंकड़-पत्थर और अन्य अशुद्धियां भी अलग हुईं।

ग्राहक के मुताबिक मोटी सौंफ को पानी में भिगोया गया तो कुछ ही देर में पानी का रंग बदलकर हरा हो गया। अलग-अलग बर्तनों में अलग-अलग स्तर का रंग निकलना यह संकेत देता है कि सौंफ में रंग या चमक बढ़ाने वाला पदार्थ मिलाया गया है। वहीं काले तिल को धोने पर भी पानी में काला रंग दिखाई देने लगा। इसके बाद सामग्री को छानकर देखा गया तो उसमें छोटे कंकड़-पत्थर भी मिले।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी मिलावट सिर्फ स्वाद या वजन बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि सीधे-सीधे स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। सबसे अधिक खतरा बच्चों और बुजुर्गों को होता है, जिनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। दुकानदारों से शिकायत करने पर वे अपनी गलती मानने को तैयार नहीं होते। ग्राहक ने बताया कि जब उन्होंने दुकानदार को रंग निकलने और अशुद्धियां मिलने की बात बताई तो दुकानदारों ने साफ मना कर दिया और उल्टा बहाना बना दिया कि “ऐसा तो होता रहता है” और “माल सही है”। ग्राहक को बिल भी नही देते।

इस घटना के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि बाजार में खुले में बिकने वाले सामान की नियमित जांच और सैंपलिंग न होने से मिलावटखोर बेखौफ हो गए हैं। मांग की जा रही है कि खाद्य विभाग बिजुरी बाजार में किराना और मसाले की दुकानों से सैंपल लेकर जांच कराए, रिपोर्ट सार्वजनिक करे और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई हो।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget