पौषी पूर्णिमा पर भक्त श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी, मां नर्मदा के दर्शन-पूजन से भक्तिमय वातावरण में सराबोर


अनूपपुर

पवित्र नगरी अमरकंटक में पौष माह की पावन पूर्णिमा के शुभ अवसर पर धार्मिक आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त श्रद्धालु, तीर्थ यात्री एवं दर्शनार्थी मां नर्मदा जी के पावन तट पर पहुंचे और पुण्य लाभ हेतु रामघाट, कोटि तीर्थ घाट एवं कुंडों में आस्था की डुबकी लगाकर स्नान किया।

प्रातःकाल से ही मां नर्मदा जी के पवित्र रामघाट के दोनों तटों पर स्नानार्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं द्वारा स्नान-डुबकी का क्रम सुबह से प्रारंभ होकर दोपहर तक अनवरत चलता रहा। स्नान उपरांत भक्तों ने मां नर्मदा जी के उद्गम स्थल मंदिर में पहुंचकर पूरे विधि-विधान एवं श्रद्धा भाव से पूजन-अर्चन किया तथा दर्शन कर परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान भक्त अपने परिजनों के साथ ध्यान-साधना और भक्ति भाव में लीन नजर आए।

पौषी पूर्णिमा के पावन अवसर पर अमरकंटक का संपूर्ण वातावरण भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म से सराबोर हो उठा। मां नर्मदा के जयकारों और मंत्रोच्चार से घाट एवं मंदिर परिसर गूंजायमान रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी इस पुण्य अवसर का लाभ लिया।

उल्लेखनीय है कि पौषी पूर्णिमा के साथ छत्तीसगढ़ प्रांत एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों में मनाए जाने वाले परंपरागत छेरछेरा पुन्नी पर्व का उल्लास भी अमरकंटक में देखने को मिला। इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक लोकसंस्कृति को जीवंत करते हुए सुप्रसिद्ध रीना नृत्य एवं गायन प्रस्तुत किया। महिलाएं अपने स्थानीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं में रीना गीत गाते हुए उत्साहपूर्वक नृत्य करती रहीं और पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया। बाहर एवं दूरस्थ अंचलों से आए पर्यटकों एवं तीर्थ यात्रियों ने इस लोक सांस्कृतिक आयोजन को अत्यंत जिज्ञासा एवं कौतूहल के साथ देखा। 

ससुराल में रस्सी में लटका हुआ मिला नवविवाहिता युवती का शव, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप


अनूपपुर 

जिले के चचाई थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बकही में एक 19 वर्षीय नवविवाहिता दयावती अगरिया का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। दयावती की शादी महज 6 महीने पहले कमलेश अगरिया से हुई थी। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है, जबकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में इसे आपसी विवाद से जुड़ी संभावित खुदकुशी माना जा रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दयावती और कमलेश की शादी ‘लव कम अरेंज्ड मैरिज’ थी। घटना वाले दिन कमलेश किसी पार्टी में गया था और घर लौटने में देर हो गई, जिससे दयावती नाराज हो गईं। दोनों के बीच इस बात को लेकर झगड़ा हुआ। जब पति किसी काम से बाहर गया, तब दयावती ने कमरे में फांसी लगा ली। हालांकि, मायके वालों का आरोप पूरी तरह अलग है। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दयावती के साथ मारपीट करते थे। उन्होंने दावा किया कि ससुराल वालों ने बेटी की हत्या की और फिर शव को फंदे पर लटका दिया ताकि इसे खुदकुशी दिखाया जा सके। मायके वाले बकही गांव पहुंचे और तब पुलिस को सूचना दी गई। लेकिन पुलिस आने से पहले ही ससुराल वालों ने शव को फंदे से नीचे उतार लिया था, जिससे मामला और ज्यादा संदिग्ध हो गया।

चचाई पुलिस की एएसआई किरण मिश्रा ने बताया कि स्थानीय लोगों के बयानों से पता चला है कि दयावती गुस्सैल स्वभाव की थीं और छोटी-मोटी बातों पर विवाद होने पर कमरा बंद कर लिया करती थीं। वह घटना से मात्र 2-3 दिन पहले ही मायके से लौटी थीं। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम जिला अस्पताल में कराया है और परिजनों को शव सौंप दिया है। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच जारी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी।

नर्मदा मंदिर के समीप कुएं में जा रहा सीवर लाइन का गंदा पानी, बदबूदार जल से नागरिक परेशान 

*स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा*


अनूपपुर

मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 14 में गंभीर जनसमस्या सामने आई है। नर्मदा उद्गम मंदिर के समीप स्थित एक पुराने कुएं में लंबे समय से सीवर लाइन का गंदा और बदबूदार पानी मिल रहा है, जिससे आसपास निवासरत नागरिकों में भारी आक्रोश एवं चिंता का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त कुआं लगभग 45 से 50 वर्ष पुराना है और वर्षों से आसपास के 5 से 7 परिवारों के साथ-साथ पर्यटक एवं तीर्थ यात्रियों के लिए भी जल का प्रमुख स्रोत रहा है। इसी कुएं के पानी का उपयोग पूर्व में पेयजल, स्नान, कपड़े धोने एवं दैनिक कार्यों के लिए किया जाता रहा है। किंतु जब से कुएं के समीप से सीवर लाइन निकाली गई है और पास में ही उसका चेंबर बनाया गया है, तब से चेंबर से रिसाव होकर गंदा, बदबूदार सीवर का पानी कुएं के जल स्रोत में जा मिल रहा है।

सीवर के दूषित पानी के लगातार रिसाव से कुएं का जल पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है। वर्तमान में स्थिति यह है कि कुएं का पानी अत्यधिक गंदा और दुर्गंधयुक्त हो गया है। मजबूरीवश स्थानीय रहवासी इस पानी का उपयोग केवल नहाने, कपड़े धोने एवं अन्य घरेलू कार्यों में कर रहे हैं, जबकि पीने के लिए उन्हें टैंकरों के माध्यम से या नगर परिषद की पेयजल पाइपलाइन से पानी लेना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रारंभिक समय में जानकारी के अभाव में कुछ समय तक उन्होंने इसी कुएं का पानी उपयोग किया, जिसके कारण कई लोगों को त्वचा रोग, पेट संबंधी बीमारियों एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद जब स्थिति की गंभीरता समझ में आई, तब जाकर कुएं के पानी का पीने में उपयोग बंद किया गया।

प्रभावित रहवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर नगर परिषद अमरकंटक के संबंधित अधिकारियों को  मौखिक रूप से अवगत कराया है। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस एवं कारगर कदम नहीं उठाया गया है, जिससे हालात जस के तस बने हुए हैं। नागरिकों में इस बात को लेकर रोष है कि स्वास्थ्य से जुड़ी इतनी संवेदनशील समस्या पर नगर परिषद की उदासीनता चिंता का विषय है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अमरकंटक जैसे पवित्र तीर्थ स्थल पर इस प्रकार की लापरवाही न केवल जनस्वास्थ्य के लिए खतरा है।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget