पति ने पत्नी को तीन बार तलाक बोलकर छोड़ा, पुलिस ने मामला किया दर्ज


शहडोल

तीन बार तलाक बोलकर पत्नी को तलाक देने वाले पति के विरुद्ध थाना जैतपुर में मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। यह मामला जैतपुर थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने संज्ञेय अपराध पाते हुए जांच प्रारंभ कर दी है।

पुलिस के अनुसार पीड़िता का विवाह 5 नवंबर 2022 को मोहम्मद सलील पिता मुस्तकीम निवासी ग्राम केशवाही के साथ हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही पति द्वारा पीड़िता के साथ प्रताड़ना की जाने लगी, जिसके चलते उसे मायके भेज दिया गया। पीड़िता ने बताया कि पति द्वारा उसे मानसिक एवं शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था।

पीड़िता ने अपने भरण-पोषण के लिए न्यायालय जैतपुर में प्रकरण भी प्रस्तुत किया है, जिसकी सुनवाई वर्तमान में न्यायालय में जारी है। इसी बीच बीती 23 दिसंबर को आरोपी पति ने पीड़िता के पिता एवं भाई के समक्ष तीन बार तलाक बोलकर विवाह समाप्त करने की बात कही। परिजनों द्वारा समझाने का प्रयास किया गया लेकिन आरोपी ने अपने बयान को दोहराया।

पीड़िता के अनुसार आरोपी ने यह बात अन्य लोगों के सामने भी कही जिन्होंने पुलिस के समक्ष इस घटना की पुष्टि की है। इसके बाद पीड़िता ने थाना जैतपुर पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर जैतपुर पुलिस ने आरोपी पति के विरुद्ध मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 की धाराओं के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया है। जैतपुर थाना प्रभारी जिया उल हक ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी तथ्यों की गंभीरता से जांच की जा रही है। आगे की वैधानिक कार्रवाई जल्द की जाएगी। पुलिस का कहना है कि कानून के तहत पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

धान चोरी के विवाद में पिता ने की पुत्र की हत्या, गांव में दहशत का माहौल


अनूपपुर

जिले के फुनगा चौकी क्षेत्र अंतर्गत देवरी ग्राम के मोहरी देवान टोला में धान चोरी को लेकर हुए पारिवारिक विवाद ने दर्दनाक रूप ले लिया। विवाद के दौरान एक पिता ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से हमला कर अपने ही पुत्र की हत्या कर दी। घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान राजबहोर सिंह  उम्र 39 वर्ष के रूप में हुई है। बताया गया कि राजबहोर सिंह द्वारा बार-बार धान चोरी किए जाने से पिता अमेरा सिंह नाराज थे। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक विवाद में बदल गई। आरोप है कि गुस्से में आकर अमेरा सिंह ने कुल्हाड़ी से अपने पुत्र पर हमला कर दिया, जिससे राजबहोर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही फुनगा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया तथा मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। सोने सिंह परस्ते चौकी प्रभारी ने बताया कि आरोपी फरार है शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्टॉपडेम बंधान कार्य में गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप, 30 हजार का हुआ फर्जी भुगतान, जांच की उठी मांग

*स्टॉपडेम बंधान कार्य तीन स्थानों पर भुगतान चार स्थानों का*


अनूपपुर

जिले के कोतमा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत गोहंड्रा में स्टॉपडेम बंधान कार्य को लेकर एक बार फिर गंभीर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत गोहंड्रा के सरपंच सूरज अगरिया एवं सचिव चितामणि केवट पर शासकीय राशि के दुरुपयोग और फर्जी भुगतान के आरोप लगाए गए हैं।

सोशल मीडिया में वायरस लगातार हो रहा है कि वर्ष 2024 में ग्राम पंचायत द्वारा चेक डेम में ईंट, रेत और सीमेंट सामग्री से स्टॉपडेम बंधान का कार्य कराया गया था, जिसका विधिवत भुगतान भी किया गया। लेकिन वर्ष 2025 की बरसात के दौरान प्रभावित किसानों द्वारा पानी की निकासी के लिए नीचे की ओर एक-एक फीट जगह छोड़ते हुए केवल अस्थायी फोड़ किया गया, जबकि ऊपर का जोड़ाई कार्य पूर्व की तरह यथावत रहा।

इस वर्ष 2025 में नीचे के बंधान हेतु स्टॉपडेम के पास ईंट बनाने वाले मजदूरों और स्थानीय किसानों द्वारा स्वयं बंधान कार्य किया गया। इस कार्य में ग्राम पंचायत की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं रही। इसके बावजूद आरोप है कि स्टॉपडेम बंधान कार्य तीन स्थानों पर होना दर्शाया गया, जबकि भुगतान चार स्थानों का किया गया, जो स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2025 में ग्राम पंचायत द्वारा एक भी स्टॉपडेम बंधान कार्य नहीं कराया गया, बल्कि यह कार्य किसानों और ईंट बनाने वाले मजदूरों के सहयोग से किया गया। यदि ग्राम पंचायत द्वारा कार्य कराया गया है, तो यह स्पष्ट किया जाए कि कितने मजदूरों द्वारा कार्य किया गया, कौन-कौन से मिस्त्री एवं मजदूर लगे थे तथा उनका नाम, ऑनलाइन भुगतान विवरण एवं भुगतान पत्रक सार्वजनिक किया जाए। सामग्री सप्लायर साकेत ट्रेडर्स के प्रोपराइटर द्वारिका प्रसाद ने बताया कि मेरे से सिर्फ बिल लिया गया है सामग्री नहीं ली गई है। 

आरोप है कि सरपंच एवं सचिव द्वारा अपने व्यक्तिगत हित लाभ के लिए एक वेंडर के माध्यम से 30,680 रुपये का भुगतान किया गया, जो गंभीर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार को दर्शाता है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस प्रकरण की जांच नहीं हुई, तो वे उच्च अधिकारियों एवं संबंधित विभागों से शिकायत कर आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

इनका कहना है।

आरोप लगाते रहते हैं जनप्रतिनिधियों को सब सुनना पड़ता है। 

*सूरज अगरिया, सरपंच ग्राम पंचायत गोहंड्रा*

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