अरहर के खेत में उप सरपंच का मिला शव, हथियार से अज्ञात आरोपियों ने की हत्या

*मृतक के घरवाले बैठे धरने पर, डॉग स्कॉट के साथ-साथ फिंगर एक्सपर्ट भी मौके पर*


शहडोल

ब्यौहारी थाना क्षेत्र के बिजही गांव में राहर के खेत में बरहा टोला के उप सरपंच का खून से सना शव मिला है। परिजन एवम ग्रामीण शव के पास ही धरने में बैठ गए है और डॉग एस्कॉर्ट के साथ-साथ फिंगर एक्सपर्ट तथा विशेष जांच टीम को बुलाने की मांग पर अड़े है। पुलिस के अनुसार धारदार हथियार से उपसरपंच की अज्ञात आरोपियों ने हत्या कर दी है। जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह रोज की तरह मृतक उप सरपंच समय लाल साहू उम्र 42 वर्ष घर से सुबह शौच के लिए खेत की ओर गया था तभी अज्ञात हमलावरों ने उपसरपंच को धारदार हथियार से सर में और शरीर के कई स्थानों पर वार कर मौत की घाट उतार दिया। समय लाल साहू वर्तमान में बरहा टोला पंचायत का उप सरपंच था। रविवार की सुबह जब वह शौच के लिए गया लेकिन घर काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तब घर के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की घर से महज 500 मीटर की दूरी पर राहर के खेत में खून से सना शव परिजन देख हैरान रह गए। और मामले की जानकारी ग्रामीणों के साथ-साथ पुलिस की घडायल 100 को दी गई। घटनास्थल पहुंची पुलिस की डायल हंड्रेड ने मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जानकारी लगते ही पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है।.

*घटनास्थल पर ही चल रहा विरोध प्रदर्शन*

उपसरपंच की हत्या के बाद परिजनों के साथ-साथ ग्रामीण भी घटना स्थल पहुंचे और घटना स्थल पर ही विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया। लोगों की मांग है कि मौके पर डॉग स्कॉट के साथ-साथ फिंगर एक्सपर्ट एवं मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारी मौके पर आए और मामले की बारीकी से जांच कर जल्द से जल्द हत्या करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। राहर के खेत में सैकड़ो की तादाद में लोग बैठे हुए हैं और विरोध प्रदर्शन कर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े हैं।

*घटनास्थल में ही है शव*

राहर के खेत में शव के पास ही लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। घटना को 10 घंटे बीत गए हैं ,लेकिन पुलिस अब तक मृतक के शव को अपने कब्जे में नहीं ले सकी है। पुलिस का कहना है कि लोगों की मांग कि जब तक जिले से जांच की टीम शव के पास जांच करने नहीं पहुंचेगी तब तक स्थानीय पुलिस मौके से शव नहीं उठाएगी।

*डॉग स्कॉट के साथ-साथ फिंगर एक्सपर्ट भी मौके पर*

10 घंटे से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद स्थानिक पुलिस ने कई बार परिजन एवं ग्रामीणों से बातचीत करनी चाहिए लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं है ।जिसके बाद अब मौके पर डॉग स्कॉर्ट के साथ-साथ फिंगर एक्सपर्ट वा एसडीओपी मौके पर पहुंचे हैं। और मामले की जांच पर जुटे हैं ,लेकिन विरोध प्रदर्शन अभी जारी है। थाना प्रभारी मोहन पड़वार का कहना है कि उप सरपंच की धारदार हथियार से हत्या अज्ञात बदमाशों के द्वारा की गई है। मामले पर जांच की जा रही है, परिजन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, शहडोल मुख्यालय से डॉग स्कॉर्ट एवं फिंगर एक्सपर्ट की टीम मौके पर पहुंची गई है। इस मामले में पांच संदेहियों को हिरासत में लिया गया है, पूछताछ की जा रही है जल्द ही मामले पर खुलासा किया जाएगा।

आतंक मचाए हुए हाथी का 35 सदस्यीय टीम ने किया सफल रेस्क्यू, लोगो ने ली राहत की सांस

*दूसरे दिन में मिली सफलता, बांधवगढ़ के तीन ट्रेनी हाथियों की मदद से हाथी पर पाया काबू*


अनूपपुर

अनूपपुर जिले में एक किसान को कुचल कर मारने के बाद क्षेत्र में उत्पात मचा रहे आतंकी हाथी का रेस्क्यू कर लिया गया है। हाथी पर काबू पाने उमरिया बांधवगढ़ रिजर्व फॉरेस्ट की टीम अनूपपुर पहुंची थी। 3 ट्रेनी हाथी सहित 35 से ज्यादा अनुभवी वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पिछले कई घंटों से हाथी को पकड़ने में जुटे हुए थे, जिन्हें सफलता मिल गई है। बिगड़ैल हाथी पर लगाम कसने बांधवगढ़ से पहुंचे हाथी गौतम, लक्ष्मण और बांधवी के सहारे आतंक मचाए हाथी पर पाया काबू।

छत्तीसगढ़ से आये थे 2 हाथी जिसमे एक हाथी की करेंट से मौत हो गई थी उसके बाद यह हाथी पिछले कुछ दिनों से अनूपपुर जिले में आतंक मचाए हुआ था। हाथी ने मकानों व खेती को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद तीन दिन पहले एक किसान को कुचल कर मौत के घाट उतार दिया था। जिससे नाराज ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों पर पथराव कर दिया था। जिसके बाद क्षेत्र में तनाव की स्थित निर्मित हो गई थी। पुलिस की तरफ से की गई जवाबी फायरिंग में दो किसान को गोली लग गई थी। जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।

बांधवगढ़ के सबसे अनुभवी हाथी गौतम के साथ तेजतर्रार लक्ष्मण और मादा हाथी बांधवी हाथी की मदद से बिगड़ैल हाथी का जैतहरी रेंज के गोबरी बीट में RF 302 के झुरही तलैया के पास सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में तीन ट्रेनी हाथियों के अलावा 35 से अधिक वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं अब बाँधवगढ़ टाईगर रिज़र्व की टीम कान्हा नेशनल पार्क के लिए रवाना हो गई है। आतंकी हाथी को अब ट्रेनिंग देकर  विभागीय उपयोग में लिया जाएगा। रेस्क्यू किए गए जंगली हाथी को कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के लिए पिंजरे वाले ट्रक के माध्यम से रवाना किया गया है जंगली हाथी के रेस्क्यू कार्यवाही के दौरान वन संरक्षक शहडोल संभाग एलएल उईके, संजय गांधी टाइगर रिजर्व के संचालक तथा कलेक्टर आशीष वशिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह पवार वन मंडल अधिकारी अनूपपुर श्रद्धा पेन्द्रे,  जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय वशिष्ठ शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार सिंह सहित प्रशासनिक, पुलिस एवं वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी तथा वन जीव प्राणी संरक्षक शशिधर अग्रवाल उपस्थिति रहे।

एसईसीएल आमाडांड खुली खदान में हो रही आंदोलन की तैयारी, होगा वृहद आंदोलन- उदित मिश्रा


अनूपपुर

जमुना कोतमा कोल इंडिया की अनुसंगी कंपनी एसईसीएल अंतर्गत संचालित जमुना कोतमा क्षेत्र की आमाडांड खुली खदान परियोजना में प्रबंधन की मनमानियों के कारण उत्पादन फिर से ठप्प होने के कगार पर है। हिंद मजदूर सभा (एमएमएस) श्रमसंघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीकांत शुक्ला एवं युवा मोर्चा के उदित मिश्रा के द्वारा बताया गया है की आमाडांड खुली खदान में प्रभावित भू स्वामियों एवं किसानो को मुआवजे के भुगतान और भू आश्रित रोजगार प्रदान करने में अनावश्यक विलंब कर रही है जिससे प्रभावित किसान परेशान और दर दर ठोकर खाने को मजबूर है। प्रबंधन द्वारा स्थानीय निवासियों को कई बार आश्वाशन दिया गया था की आमाडांड के रोड में जहां से कोयला परिवहन का कार्य होता है नियमित पानी का छिड़काव करेंगे जिससे रोड में उड़ रहे धूल डस्ट से किसी भी राहगीर को परेशानी ना हो परंतु प्रबंधन द्वारा पानी छिड़काव के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है, सालो से जर्जर भालूमाड़ा - बरतराई रोड को प्रबंधन द्वारा शीघ्र बनवाने का आश्वाशन  भी दिया गया था परंतु उसे भी अमली जामा का रूप नहीं दिया गया है। ओसीएम में कार्यरत कर्मचारी गंदा पानी पीने को मजबूर है, श्रमसंघ ने जब - जब इस मुद्दे को उठाया तब-तब प्रबंधन  ने यही आश्वाशन दिया की कर्मचारियों के पीने के पानी की व्यवस्था के लिए  शीघ्र आर ओ सिस्टम लगवाया जायेगा परन्तु प्रबंधन अपने इस वादे को भी आज तक पूरा नहीं कर पाई है। इसी तरह एओसीपी से गोविंदा साइडिंग तक  कोयला परिवहन का कार्य कर रहे ट्रकों में परमीट से ज्यादा लोड कर कोयला  परिवहन किया जा रहा है। इतना ही नहीं मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा निर्देशों का भी कॉलरी प्रबंधन खुला उल्लंघन कर रही है जहां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा कोयला परिवहन करने वाले ट्रको को अच्छी तरह से तारपोलिन से ढकने के पश्चात ही कोयला परिवहन का निर्देश का जारी किया गया है पर जमुना कोतमा क्षेत्र और आमाडांड ओसीपी प्रबंधन को उक्त निर्देशों से कोई फर्क नहीं पड़ता ओसीपी से गोविंदा साइडिंग के मध्य चौबीसों घंटे चलने वाले ट्रक बिना तारपोलिन के चल रहे है, पूरे सड़क में धूल का गुबार बना रहता है, राहगीरों एवं सड़क के आस पास रहने वालो का जीना मुश्किल हो रखा है। धूल डस्ट के कारण लोग आए दिन बीमारी का शिकार हो रहे है और कॉलरी प्रबंधन मूक दर्शक बना देख रहा है। प्रबंधन के इस अड़ियल रवैया के विरुद्ध कोयला मजदूर सभा और यूथ एमएमएस अध्यक्ष उदित मिश्रा मजदूर और किसानों की इस समस्या के विरोध में संयुक्त आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने की रणनीति तैयार कर रही है।

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