एसईसीएल आमाडांड खुली खदान में हो रही आंदोलन की तैयारी, होगा वृहद आंदोलन- उदित मिश्रा

एसईसीएल आमाडांड खुली खदान में हो रही आंदोलन की तैयारी, होगा वृहद आंदोलन- उदित मिश्रा


अनूपपुर

जमुना कोतमा कोल इंडिया की अनुसंगी कंपनी एसईसीएल अंतर्गत संचालित जमुना कोतमा क्षेत्र की आमाडांड खुली खदान परियोजना में प्रबंधन की मनमानियों के कारण उत्पादन फिर से ठप्प होने के कगार पर है। हिंद मजदूर सभा (एमएमएस) श्रमसंघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीकांत शुक्ला एवं युवा मोर्चा के उदित मिश्रा के द्वारा बताया गया है की आमाडांड खुली खदान में प्रभावित भू स्वामियों एवं किसानो को मुआवजे के भुगतान और भू आश्रित रोजगार प्रदान करने में अनावश्यक विलंब कर रही है जिससे प्रभावित किसान परेशान और दर दर ठोकर खाने को मजबूर है। प्रबंधन द्वारा स्थानीय निवासियों को कई बार आश्वाशन दिया गया था की आमाडांड के रोड में जहां से कोयला परिवहन का कार्य होता है नियमित पानी का छिड़काव करेंगे जिससे रोड में उड़ रहे धूल डस्ट से किसी भी राहगीर को परेशानी ना हो परंतु प्रबंधन द्वारा पानी छिड़काव के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है, सालो से जर्जर भालूमाड़ा - बरतराई रोड को प्रबंधन द्वारा शीघ्र बनवाने का आश्वाशन  भी दिया गया था परंतु उसे भी अमली जामा का रूप नहीं दिया गया है। ओसीएम में कार्यरत कर्मचारी गंदा पानी पीने को मजबूर है, श्रमसंघ ने जब - जब इस मुद्दे को उठाया तब-तब प्रबंधन  ने यही आश्वाशन दिया की कर्मचारियों के पीने के पानी की व्यवस्था के लिए  शीघ्र आर ओ सिस्टम लगवाया जायेगा परन्तु प्रबंधन अपने इस वादे को भी आज तक पूरा नहीं कर पाई है। इसी तरह एओसीपी से गोविंदा साइडिंग तक  कोयला परिवहन का कार्य कर रहे ट्रकों में परमीट से ज्यादा लोड कर कोयला  परिवहन किया जा रहा है। इतना ही नहीं मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा निर्देशों का भी कॉलरी प्रबंधन खुला उल्लंघन कर रही है जहां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा कोयला परिवहन करने वाले ट्रको को अच्छी तरह से तारपोलिन से ढकने के पश्चात ही कोयला परिवहन का निर्देश का जारी किया गया है पर जमुना कोतमा क्षेत्र और आमाडांड ओसीपी प्रबंधन को उक्त निर्देशों से कोई फर्क नहीं पड़ता ओसीपी से गोविंदा साइडिंग के मध्य चौबीसों घंटे चलने वाले ट्रक बिना तारपोलिन के चल रहे है, पूरे सड़क में धूल का गुबार बना रहता है, राहगीरों एवं सड़क के आस पास रहने वालो का जीना मुश्किल हो रखा है। धूल डस्ट के कारण लोग आए दिन बीमारी का शिकार हो रहे है और कॉलरी प्रबंधन मूक दर्शक बना देख रहा है। प्रबंधन के इस अड़ियल रवैया के विरुद्ध कोयला मजदूर सभा और यूथ एमएमएस अध्यक्ष उदित मिश्रा मजदूर और किसानों की इस समस्या के विरोध में संयुक्त आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने की रणनीति तैयार कर रही है।

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