नर्मदा जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पहुंचे अमरकंटक विभिन्न कार्यक्रमों में की शिरकत

*प्रशासन की बड़ी चूक मंदिर प्रांगण में स्वागत के लिए बिछाए पुष्प हस्तक्षेप के बाद समेटा*


अनूपपुर

प्रदेश के मुख्मंत्री डॉ.मोहन यादव नर्मदा जन्मोत्सव के उपलक्ष में गत दिनांक 16 फरवरी 2024 को अनूपपुर जिले के अमरकंटक प्रवास पर पहुंचे जहां पोड़की हेलीपेड पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया  इसके पश्चात मुख्यमंत्री मां नर्मदा के उद्गम स्थल में पहुंचकर मां नर्मदा की पूजा अर्चना की तथा प्रदेश के नागरिकों के कल्याण और सुख समृद्धि के लिए कामना की तथा नर्मदा मंदिर परिसर में कन्या पूजन एवं कन्या भोज कार्यक्रम में शामिल हुए। तत्पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अमरकंटक में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट सहित अनूपपुर जिले के विभिन्न विभागों के अंतर्गत कराए गए 55 करोड़ 24 लाख 01 हजार रुपये की लागत से निर्मित 11 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री के नर्मदा मंदिर दर्शन आने के दौरान प्रशासन की बड़ी चूक देखने को मिली जहां पर मंदिर प्रांगण के अंदर कार्पेट बिछाया गया था उसके ऊपर प्रशासनिक अम्लों के द्वारा पुष्प भी बिछा दी गई जिस पर उपस्थित पत्रकारों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और तब आनन फानन में प्रशासनिक अम्लों के द्वारा पुष्प को झाड़ू व हाथ से बिन कर सहेजा गया। चर्चा का विषय यह रहा की क्या राजा या महाराज या मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री ईश्वर से बड़े हैं की प्रशासनिक अमला इतनी बड़ी ना समझी करने जा रही थी और मंदिर प्रांगण के अंदर स्वागत में पुष्प बिछा दिए गए जिसके ऊपर चलकर मुख्यमंत्री माता के दर्शन को जाने वाले थे। एक खास बात और देखने को यह मिली की पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के रहते अमरकंटक में नर्मदा जन्मोत्सव महोत्सव के रूप में मनाया जाता रहा है और उनकी लोकप्रियता के चलते भारी जन सैलाब अपनी श्रद्धा लिए उमडती दिखाई देती थी और तरह-तरह के आयोजन भी होते थे जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री सुबह की पूजा से लेकर शाम की महा आरती तक शामिल होकर के श्रद्धा व आस्था को लोगों के बीच संजोने का काम करते रहे थे लेकिन वर्तमान स्थिति में नर्मदा जयंती तो थी लेकिन आयोजन और व्यवस्था नाम मात्र का दिखा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अपनी औपचारिकता पूर्ण कर रवाना हो गए और यहां पर भक्त व श्रद्धालु जो नर्मदा दर्शन को रोज का आना-जाना लगा रहता है वही सिर्फ दिखाई दिया।

युवा नेता के प्रयास जर्जर विद्यालय मामले में मंत्री जी ने लिया संज्ञान, जल्द बन सकता है नया भवन


अनूपपुर/बिजुरी

अनूपपुर जिले के कोतमा विधानसभा क्षेत्र के बिजुरी नगर से महज लगभग 8 किलोमीटर के आसपास ग्राम पंचायत अंतर्गत का मामला है꫰ इस जगह के विद्यालय भवन में जान जोखिम रखकर छोटे छोटे तकरीबन 300 से भी अधिकांश विद्यार्थी पढ़ने एवं शिक्षक पढ़ाने को विवश हैं꫰ प्नाप्त जानकारी अनुसार विद्यालय की स्थापना 1957 ई. में हुआ रहा जो अब काफी अत्यधिक रूप से जर्जर हो चुका है꫰ जिसे सही मायने में ध्वस्त कर नई बिल्ड़िंग भवन का निर्माण कार्य कराया जाना चाहिए, जिससे विद्यालय में शिक्षक विद्यार्थियो को जहाँ निर्भय होकर शिक्षा दे पाएं वहीं अध्ययनरत विद्यार्थी भी निर्भीक रुप में पढ़ाई कर सके साथ ही विद्यार्थियो के अभिभावक भी चिंता दूर हो꫰ विद्यालय की स्थिति को देखते हुए क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व कलेक्टर एवं शिक्षा विभाग को खबर के जरिए अवगत कराने की कोशिश की गई, जिससे अध्ययनरत नौनिहालों का शिक्षा के साथ किसी बड़े अप्रिय अनहोनी होने से इनका जीवन भी सुरक्षित हो पाए। युवा नेता शिवमूरत केवट (भाजपा मंड़ल महामंत्री राजनगर) द्वारा भोपाल पहुँच पहले पत्र देकर फिर वही प्नकाशन खबर दिखाकर मंत्री को पूरे मामले से अवगत कराया। पत्र एवं खबर देखने पश्चात मामले की गंभीरता को समझ तत्काल शिवमूरत केवट के समक्ष मंत्री जी ने अनूपपुर कलेक्टर को फोन के माध्यम से एवं पत्र लिखकर शीघ्र समीक्षा निरीक्षण कर नवीन शाला भवन स्वीकृत या मरम्मत किए जाने आवश्यक कार्यवाही करने निर्देशित किया गया है꫰ अब देखना यह होगा कि इस आदेश का पालन कब तक होता हैं या फिर वही खानापूर्ति साबित होगी।

पहले दिन के गिद्ध गणना में मिले 155 गिद्ध, 40 गिद्धों के रहवास स्थल, घोसला चट्टाने मिली


अनूपपुर

मध्यप्रदेश वनविभाग द्वारा आदेशित तीन दिवसीय गिद्ध गणना के प्रथम दिन अनूपपुर वनमंडल में अहिरगवां एवं अनूपपुर वन परिक्षेत्र में गणना के दौरान 155 गिद्धों का प्रत्यक्ष दर्शन कर गणना किया गया तथा 39 गिद्धों के रहवास स्थल,घोसला चट्टानों एवं पेड़ पाए गए।

मध्यप्रदेश शासन वनविभाग द्वारा 16 से 18 फरवरी के मध्य तीन दिनों तक प्रदेश स्तरीय गिद्ध गणना कार्य के दौरान अनूपपुर वन मंडल ने 16 फरवरी के पहले दिन वन परिक्षेत्र अहिरगवां के पूर्व एवं पश्चिम कठौतिया,जुगवारी बीट में 121 वयस्क एवं अवयस्क गिद्धों के साथ 36 गिद्धों के घोसला मिले जबकि वन परिक्षेत्र अनूपपुर के बड़हर बीच में 34 गिद्धों के साथ 4 गिद्धों के घोसले पाए गए इस दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी अहिरगवां अजेंद्र सिंह के साथ वनविभाग का मैदानी अमला एवं वन्यजीव संरक्षक अनूपपुर शशिधर अग्रवाल वायलेंटियर के रूप में गिद्ध गणना में सम्मिलित रहे,तीन दिनों तक चलने वाले इस गिद्ध गणना पर गणना पूर्ण होने पर जिले मे गिद्धों की संख्या स्पष्ट हो सकेगी।

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