मंदिर की दीवार के पास खेल रहे दो मासूम के ऊपर गिरी दीवार, दोनों की मौके पर हुई मौत
अनूपपुर
अनूपपुर जिले के बिजुरी थाना अंतर्गत दीवार गिरने से दो बालकों की मौत मौके पर हो गई हैं। पुलिस मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में लग गई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुल्लीडाड गांव में 28 दिसंबर की दोपहर अचानक एक मंदिर की दीवार गिरने से दीवाल के पास खेल रहे दो मासूमो की दीवाल में दबने के कारण मौत हो गयी घटना की सूचना पर बिजुरी पुलिस मौके में पहुच कर कार्यवाही कर रही है।
आईटीआई में पदस्थ बाबू सीताराम महरा पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप, कलेक्टर से हुई शिकायत
*कोतमा एवं अनूपपुर में साईं स्टेशनरी से मिली भगत कर लाखों का गोलमाल*
अनूपपुर
दुर्गेश कुमार पटेल पिता बुद्ध सेन पटेल निवासी ग्राम धिरौल तहसील व जिला अनूपपुर के द्वारा कलेक्टर के नाम पर पत्र सौंप कर आईटीआई कॉलेज कोतमा से अनूपपुर में पदस्थ बाबू सीताराम महरा जिसके द्वारा कोतमा एवं अनूपपुर में स्टेशनरी खरीदी के नाम पर साईं स्टेशनरी दुकान अनूपपुर के संचालक साहू के साथ मिली भगत कर लाखों रुपए का गबन कर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा है और जिसके संबंध में जांच व कार्यवाही की मांग की गई है।
*यह पूरा मामला*
प्रार्थी आवेदक दुर्गेश पटेल के द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए पत्र में लेख किया है कि वह स्वयं प्रयाग कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर फर्म के नाम पर कार्य करता है जो कोतमा आईटीआई कॉलेज में भी कई उपकरणों का सप्लाई करता आया है परंतु सप्लाई के बदले में पदस्थ बाबू सीताराम महरा के द्वारा हमेशा कमीशन की मांग की जाती रही है और मना करने पर वह हमसे सप्लाई लेना बंद कर दिया और साईं स्टेशनरी एवं सप्लायर अनूपपुर के साथ मिली भगत कर उपकरण एवं सामग्री लेने लगा और फर्जी तरीके से बिल लगाकर वर्ष 2014-15 से लगातार गोलमाल व भ्रष्टाचार खरीदी के नाम पर करते चला आ रहा है जिनके पास आज अवैध तरीके से कमाई हुई अकूत करोड़ की चल अचल संपत्ति अपने नात रिश्तेदारों के नाम पर बनाकर रखी गई है जिसका जांच आवश्यक है। आईटीआई में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है वर्तमान समय में बाबू सीताराम महरा पैसे देकर अपना तबादला शासकीय आईटीआई कोतमा से अनूपपुर में करवा लिया है और बड़े जोर शोर से स्टेशनरी संबंधित खरीदी साईं स्टेशनरी के मालिक साहू के साथ मिलकर फर्जी बिल लगा करके शासन के पैसों को खयानत करते जा रहे हैं जिस पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है। पूर्व में कोतमा आईटीआई कॉलेज में पदस्थ प्राचार्य यश के पनाडिया के विश्वास का फायदा उठाकर भी बाबू सीताराम महरा बिलों एवं चेकों में हस्ताक्षर कर लेता था और भ्रष्टाचार करता रहा है परंतु जब प्राचार्य को इसकी जानकारी हुई और विरोध किया गया तो उल्टा उन्हें ही खयानत के आरोप में जांच करवा सीताराम महरा बाबू के द्वारा पैसे व पहचान के दम पर पद से पृथक करवा दिया गया जबकि उक्त प्राचार्य कुशल व्यवहार एवं अपने कर्तव्य के प्रति सजग व्यक्ति थे जब मुझे इस संबंध में जानकारी हुई तो मुझे बड़ा ही अफसोस हुआ कि फर्जी कार्य किसी और के द्वारा किया गया और निर्दोष व्यक्ति को पद से बाहर होना पड़ा।
*न्याय की आस*
प्रार्थी ने कलेक्टर अनूपपुर को पत्र के माध्यम से निवेदन किया है कि वास्तव में पूर्व में कोतमा में पदस्थ प्राचार्य एस के पनाडिया दोषी नहीं है पूरा भ्रष्टाचार का दारोमदार सीताराम महारा पदस्थ बाबू है जिसके द्वारा विश्वास का फायदा उठाकर गलत तरीके से चेकों में हस्ताक्षर करवा लिया गया और भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया परंतु हस्ताक्षर व जिम्मेदार व्यक्ति प्राचार्य के होने के कारण जांच में दोषी पाने पर पद से बाहर होना पड़ा अतः निवेदन है कि आईटीआई कोतमा एवं अनूपपुर में पदस्थ सीताराम बाबू तथा साईं स्टेशनरी के बीच लेनदेन के फर्जीवाड़ा का सूक्ष्म जांच कराया जाकर दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग की गई है।
सरपंच व पंचों ने सचिव को हटाने के लिए की हुई शिकायत, पंचायत के कार्य हो रहे हैं प्रभावित
*बिना सरपंच की जानकारी के फर्जी बाउचर लगाकर निकाल लेता हैं रुपय*
अनूपपुर
जनप्रतिनिधि ग्राम प्रधान राजू प्रसाद पनिका सहित पंचों ने सचिव संजय कुमार मिश्रा को हटाने का मांग किए हैं, जनसुनवाई के माध्यम से सचिव को हटाने का शिकायत कलेक्टर से कर बताएं कि नियमित रूप से सचिव के न जाने से कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत कोलमी में अब तक स्थाई सचिव का पद स्थापना नहीं होने से सकरा में पदस्थ सचिव संजय मिश्रा को प्रभार दी गई है परंतु नियमित रूप से पंचायत नहीं पहुंचने से समस्त कार्य काफी प्रभावित हो रहे हैं| सरपंच राजू पनिका सहित ग्रामीणों ने बताया कि सचिव के नए पद स्थापना के लिए पूर्व में जिला पंचायत से मांग कर चुके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई प्रभार युक्त सचिव कभी कबार ही पंचायत पहुंचता है सरकार द्वारा संचालित योजनाएं की जानकारी पंच सरपंचों को नहीं बताता जिस वजह से ग्रामीणों में खासा रोष व्याप्त है यह भी बताया कि कोरे विल व वाउचर में सरपंच से हस्ताक्षर करवा कर अवैध तरीके से विल लगाकर शासकीय पैसा का आहरण कर रहा है। जिसकी भनक सरपंच तक को नहीं है।
* व्हीलचेयर खरीदी के नाम से लगाया फर्जी बिल *
पांचो सहित सरपंच ने यह बताया कि विधानसभा चुनाव के समय कोलमी, छुलकारी पोलिंग बूथ के लिए तीन नग के नाम से बिना बताएं ही दीपक मेडिकल स्टोर्स के नाम से 26 हजार रुपए का अवैध बिल लगाकर पैसा निकाला है जबकि उक्त पोलिंग बूथ स्थान में पूर्व से ही व्हीलचेयर है जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी लगी तब आनन फानन में व्हीलचेयर खरीद कर रखवाया है ऐसे ही अन्य कामों के हवाले से तथा सामग्री क्रय के नाम से बिल लगाकर पैसा आहरण करने का आरोप लगाया गया है। मजदूरी भुगतान में लेट लतीफी करने का भी का आरोप है पंचायत स्तर में हो रहे निर्माण कारों में लापरवाही बरत रहा निर्माण कार्य में खुलकर कमीशन की मांग करता है मांग पूरी न होने पर भुगतान नहीं करवाता है।
* सरपंच के बिना जानकारी के लगाता हैं फर्जी बिल*
सरपंच राजू पनिका ने बताया पंचायत कभी कभार चंद समय के लिए आता है शासन की योजनाएं के बारे में ग्रामीणों को नहीं बताता। बिना काम के सादा विल में हस्ताक्षर करवा कर अपने पास रख लेता है कहता है आने का समय नहीं मिल पाता किसी निर्माण सामग्री का भुगतान करवाना हो तो फोन करना और बेवजह बिना काम के अवैध तरीके से बिल लगाकर पैसा निकाल लेता है मनरेगा की मास्टर रोल में दस्तखत नहीं करता जिससे मजदूरी भुगतान में समस्या आ रही पंचायत के काम में सक्रिय नहीं होने से अनेक काम प्रभावित हो रहे हैं तथा उक्त सचिव को हटाकर दूसरे सचिव का पद स्थापना करे ताकि सुचारू रूप से पंचायत के कार्य चल सके। सचिव के विरुद्ध जांच करवाकर कठोर कार्यवाही किया जाए।