डॉक्टरों की हड़ताल आयुष व निजी चिकित्सकों के साथ सीएचओ की चिकित्सालयों में की गई तैनाती
डॉक्टरों की हड़ताल आयुष व निजी चिकित्सकों के साथ सीएचओ की चिकित्सालयों में की गई तैनाती
अनूपपुर
डॉक्टर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे हैं। अपनी मांगों को लेकर काम बंद आंदोलन शुरू कर दिया है। अनूपपुर जिले 51 सरकारी डॉक्टरों ने आंदोलन के तहत 2 घंटे तक ओपीडी का बहिष्कार करते हुए बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी हैं। जिले के अस्पतालों में तैनात सभी सरकारी डॉक्टर काम बंद हड़ताल कर रहे हैं, इस दौरान मरीज परेशान हुए। वहीं अनिश्चितकालीन हड़ताल से मरीजों को राहत देने के लिए अशासकीय चिकित्सकों व को एसईसीएल के चिकित्सकों की तैनाती की गई है। मध्यप्रदेश के 10 हजार से ज्यादा सरकारी डॉक्टरों ने आंदोलन के दूसरे दिन ओपीडी का बहिष्कार किया। मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा हैं। डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। डॉक्टरों का कहना है उनकी तरफ से बातचीत के प्रयास किए गए हैं, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। लिहाजा अब डॉक्टर आर- पार के मूड में नजर आ रहे हैं अब हड़ताल तभी खत्म होगी जब सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के लिए लिखित आदेश जारी करें। मध्यप्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ जनक सारीवान ने बताया कि ने बताया कि सरकार उच्च स्तरीय समिति के प्रतिवेदन को लागू न कर अनूपपुर सहित समस्त 10 हजार शासकीय चिकित्सकों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। 2 माह का समय बीतने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने से चिकित्सकों का धैर्य टूट गया। सोमवार को सरकार को चेतावनी देते हुए सभी चिकित्सको ने काली पट्टी बांध कर कार्य करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। जिसका कोई असर नहीं हुआ आज 2 मई को 11 से 1 बजे तक जीवन रक्षित आपातकालीन सेवा को छोड़ समस्त कार्य बंद कर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने का प्रयास किया गया, इसके बाद भी सरकार नहीं ध्यान दिया अब कल 3 मई से समूचे प्रदेश के चिकित्सक सम्पूर्ण चिकित्सकीय कार्य बंद करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जायेंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एससी राय ने बताया कि 3 मई से सरकारी चिकित्सकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को देखते हुए आयुष के चिकित्सकों, निजी चिकित्सालय एवं एसईसीएल जमुना कोतमा के चिकित्सकों के साथ सीएचओ की तैनाती विभिन्न चिकित्सालयों में की गई है।


