स्टेट फारेस्ट रेंज आफिसर्स (राजपत्रित) अधिकारियों ने कांग्रेस विधायक को सौंपा ज्ञापन 


अनूपपुर/कोतमा

जिले कोतमा रेंज वा बिजुरी रेंज के स्टेट फारेस्ट रेंज आफिसर्स (राजपत्रित) अधिकारि वा वन कार्मचारियो ने अपनी मांगो को लेकर कोतमा विधायक सुनील सराफ को ज्ञापन सौंप। 

*वर्षों से लंबित है मांगे*

स्टेट फारेस्ट रेंज ऑफिसर्स (राजपत्रित) एसोसिएशन, मध्यप्रदेश द्वारा शासन से अपनी दीर्घकालिक लंबित मांगों के निराकरण हेतु लंबे समय से मांग की जा रही है, परंतु शासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। इन मांगों के सम्बन्ध में आज से 5 वर्ष पूर्व तत्कालीन वन मंत्री, गौरीशंकर शेजवार द्वारा मांग पूर्ण करने का लिखित आश्वासन दिया गया था, परन्तु आज 5 वर्ष पूर्ण होने के पश्चात भी शासन द्वारा कोई कार्यवाही इस सम्बन्ध में नहीं की गयी है। शासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित कराने हेतु स्टेट फारेस्ट रेंज ऑफिसर्स (राजपत्रित) एसोसिएशन, मध्यप्रदेश चरणबद्ध तरीके से विभिन्न माध्यमों से प्रयास करेगा। 

*विधायक के समक्ष राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन*

प्रदेश के एसोसिएशन के समस्त रेंज ऑसीसर्स द्वारा अपने-अपने जिले एवं तहसील के माननीय स्थानीय सांसद  एवं विधायक से मिलकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन राज्यपाल एवं  मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन के नाम से प्रस्तुत किया जावेगा। इसी के तहत आज कोतमा रेंज तथा बिजुरी रेंज के रेंजर जीतू सिंह बघेल तथा कोतमा रेंज के रेंजर विकास सेठ तथा वन कर्मचारी संगठन के वन कर्मचारियों ने कोतमा विधायक सुनील सराफ को ज्ञापन दिया गया। 

*चरणबद्ध तरीके से होगा आंदोलन*

कोतमा रेंज के रेंजर विकास सेठ तथा बिजुरी रेंज के रेंजर जीतू सिंह बघेल ने बताया कि एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी के द्वारा पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन होगा जिसमें दिनांक 4 को स्टेट फारेस्ट रेंज आफिसर्स के सदस्य अपर प्रमुख सचिव, वन, मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग के साथ मुलाकात करके उनके माध्यम से  मुख्य मंत्री मध्यप्रदेश शासन के नाम से ज्ञापन प्रस्तुत किया जायेगा। इसी ज्ञापन को जिला स्तर एवं वृत्त स्तर पर गठित एसोसिएशन के रेंज ऑफिसर्स के द्वारा अपनी- अपनी वृत्त के मुख्य वन संरक्षक के माध्यम से महामहिम राज्यपाल महोदय एवं  मुख्यमंत्री महोदय मध्यप्रदेश शासन के नाम से ज्ञापन प्रस्तुत किया जावेगा। जिसके पश्चात् दिनांक 09-05-2023 को वन मंत्री  एवं  मुख्य मंत्री  मध्यप्रदेश शासन से मांगों से सम्बंधित चर्चा हेतु स्टेट फारेस्ट रेंज ऑफिसर्स (राजपत्रित) एसोसिएशन, मध्यप्रदेश के प्रतिनिधियों द्वारा भेट/मुलाकात की जावेगी। दिनांक 11-05-2023 को रेंजर एसोसिएशन के आव्हान पर मध्यप्रदेश के सभी रेंज आफीसर्स एक दिन के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसके पश्चात् दिनांक 14-05-2023 को रेंजर एसोसिएशन के द्वारा भोपाल में रेंज ऑफिसर्स का राज्य स्तरीय अधिवेशन आह्वान कर  रणनीति तैयार की जावेगी। 

*यह है प्रमुख मांगे*

रेंजर एसोसिएशन की माँगों में प्रमुख रूप से वनरक्षक से लेकर रेंजर तक के पदों की वेतन विसंगति जो सभी राज्यों की तुलना में सबसे कम है, पदोन्नति के अवसर, सेवा भर्ती नियमों का प्रकाशन, पुरानी पेंशन बहाली, वन विभाग के कम्प्यूटर ऑपरेटरों के स्थाईकरण, वन सुरक्षा के दौरान स्वयं की सुरक्षा, प्रभारी सहायक वन संरक्षक का पद देने पर उस पद के वैधानिक अधिकार संबंधी मांगे है। 

*सरकार की होगी नैतिक जिम्मेदारी*

इस तय कार्यक्रम के पश्चात् मांगों का निराकरण नहीं होता है, तो 14 मई को भोपाल में रेंजर एसोसिएशन के महाधिवेशन के उपरांत रणनीति तैयार करके सख्त कदम उठाने के लिए रेंजर एसोसिएशन को मजबूर होना पड़ेगा जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी मध्यप्रदेश शासन एवं प्रशासन की होगी।

मजदूर दिवस को ही विलुप्त करने में लगा है शासन- विक्रमा सिंह


अनूपपुर

01 मई मजदूर दिवस को ही विलुप्त करने में लगा है शासन प्रशासन उक्ताश्य का वक्तव्य विक्रमा सिंह प्रदेश सचिव इंटक,मध्यप्रदेश ने बिजुरी कालरी में आयोजित मजदूर दिवस के अवसर पर दिया है । श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश के हर जिले में लेबर इस्पेक्टर पदस्थ है लेकिन आज के दिन में पुरे जिले में निर्माण मजदूर काम करते देखे जा रहे है। संबधित अधिकारी का दायित्व बनाता है कि आज के दिन तो कम से कम सामुहिक रूप से मजदूर अपने कल्याण ,जागरूकता कौशल विकास पर फिक्रमंद होकर उत्सव उत्साह समारोह में  में शामिल हो सके । यह दिन विश्व के मजदूरों के लिये अमूल्य दिन है । जो मजदूर शोषण के विरूध एक जुटता के साथ लड़कर प्राप्त हुआ है । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शंखधर ़ित्रपाठी ने कहा कि हमारे मजदूर पुर्वजो ने अपनी शहादत से आज का मजदूर दिवस प्राप्त किया है । आज के दिन मजदूरों के त्यौहार के रूप में मनाये जाने की अवश्यकता है । जो आज प्रदेश इंटक के बैनर तले यहॉ मजदूरों को सम्मानित और उत्साहित करने का सराहनीय हुआ है ।  कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त करते हुये बालेन्द्र सिंह ने कहा कि इंटक प्रदेश अध्यक्ष श्री आर.डी.त्रिपाठी जी के मंशानुसार मजदरों के साथ खड़ी है और समय समय पर आगे मजूदर हीत में कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी । अस अवसर पर भीम सेन गौड,उमाशंकर यादव, राधेश्याम ,राजेश पाण्डेय, बृजेश मिश्रा पप्पु ,रामनरेश महरा, रामबहोर जयसवाल,नानदाउ, तेजभान सिंह,छोटेलाल सिंह,भुपेन्द्र सिंह,मनोज सोनी, जानकीप्रसाद केवट महेन्द्र प्रताप यादव ,आदि को अंगबस्त्र, फुलमाला, से सम्मानित किया गया । इस अवसर पर ओमप्रकश त्रिपाठी ,सोनू सिंह , मुसाफिर शर्मा, योगेन््रद केवट, अनिल कोल,जितेन्द्र पटेल,कोमल कुमार, टीकाराम यादव, अखिलेश यादव, पिंटू सिंह,भीम सिंह, आदि शामिल रहे ।    कार्यक्रम का सफल संचालन इंटक नेता समेश यादव एवं अशोक तिवारी ने संयुक्त रूप से किया।

सूदखोरों के पक्ष में मंत्री का पत्र बना चर्चा का विषय, दर्जनों पीड़ितों ने कलेक्टर से लगाई आत्मदाह की गुहार


अनूपपुर

जिला मुख्यालय में लगातार सूदखोरी के प्रकरण बढ़ते चले जा रहे हैं स्थिति यह हो गई है कि एसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायतकर्ता द्वारा लगातार न्याय की याचिका करते हुए आत्मदाह तक की चेतावनी दे दी है। वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री पत्र लिखकर सूदखोरों को संरक्षण देने का कार्य कर रहे हैं, बीते दिनों कैबिनेट मंत्री का एक पत्र वायरल हुआ था जिस पर सूदखोर मालू के समर्थन में मंत्री ने पत्र लिखकर एसपी को दूसरे पक्ष पर कार्यवाही की मांग की थी। वही मंत्री के पत्र में सवाल उठ रहा है कि जिले भर में खाद्य विभाग सहित अन्य जगह लगातार हो रहे करोड़ों के भ्रष्टाचार को छोड़कर सूदखोरों की वकालत खाद्य मंत्री द्वारा की जा रही है। 

अनूपपुर

अनूपपुर में इन दिनों सूदखोरी के मामले को लेकर कानून व्यवस्था के साथ सफेदपोश नेताओं के संरक्षण में खिल्ली उड़ाते देखा जा रहा है। सूदखोरी के मामले में खाद्य मंत्री के वायरल हुए पत्र ने राजनीति और मुख्यालय में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। मनीष उर्फ मालू के दर्जनों मामले थानों में विचाराधीन है वही विगत दिनों पुलिस द्वारा मनीष उर्फ मालू को गिरफ्तार कर सूदखोरी की कार्यवाही भी की गई थी अब जब खाद मंत्री द्वारा सूदखोर मनीष उर्फ मालू के पक्ष में कार्यवाही की मांग की है तो कांग्रेस के साथ भारतीय जनता पार्टी के नेता भी कैबिनेट मंत्री के द्वारा सूदखोर को दिए गए संरक्षण पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। 

*यह है पूरा मामला*

अनूपपुर मुख्यालय में निवास करने वाले देवेश शुक्ला  एवं अन्य 18 इन दिनों सूदखोरों के आतंक से बेहद परेशान है। लगातार पत्र लिखकर पुलिस से न्याय की गुहार लगा रहे हैं वही अब सफेदपोश नेताओं के संरक्षण के कारण मामला पंजीबद्ध ना होने से आत्मदाह की चेतावनी भी दे डाली है। सूदखोर और अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति मालू ने षड्यंत्र व फर्जीवाड़े करते हुए अपनी मां नूतन गुप्ता के साथ मिल कर खसरा क्र. 306/2/1/1/1/1 और 306/2/1/1/2/1 को नूतन गुप्ता द्वारा  16 लाख 20 हजार में 12 मई 2020 हरिशंकर पटेल के नाम पर रजिस्ट्री करवा दी है। जिसके बाद नामांतरण ना होने का लाभ उठाते हुए 5 अगस्त को नूतन गुप्ता और उनके पुत्र मनीष द्वारा अपनी पहचान और सूदखोरी के साथियों के साथ मिलकर उक्त भूमियों पर 15 लाख रुपए का होमलोन प्रशासन और भूमि क्रेता को धोखे में रखकर ले लिया है। जिसके बाद शिकायतकर्ता द्वारा मनीष और मालू की शिकायत एसपी से की जाती है शिकायत होते ही मनीष उर्फ मालू बौखलाकर उल्टा फर्जी केस में फंसा देने की धमकी देते हुए पूर्व में संबंधों के लाभ उठा कर रखे हुए चेक जिसका खाता भी 2 साल पूर्व बंद हो चुका है को बाउंस करा मामला पंजीबद्ध कराने का प्रयास करते हैं। प्रयास सफल ना होने पर अपने संरक्षक कैबिनेट मंत्री से पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मामला पंजीबद्ध कराने का दबाव बनाया जा रहा है। 

*1 मंत्री ने लिखा सूदखोरों के पक्ष में तो दूसरे ने निष्पक्ष जांच की मांग*

अनूपपुर जिले में कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त करने वाले दो मंत्री है जो कि मध्य प्रदेश की राजनीति में अपना दखल और पैठ रखते हैं। वही अनूपपुर की कानून व्यवस्था को बिगड़ते देख कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त और कोल प्राधिकरण के अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने दोनों पक्षों के मामले को संज्ञान में लेते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है तो वही कैबिनेट मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने सूदखोरों के पक्ष में पत्र लिखते हुए पुलिस अधीक्षक पर दबाव बनाते हुए मामला पंजीबद्ध करने की मांग की है। दोनों मंत्रियों के द्वारा एक ही मामले में अलग-अलग तरीके से कार्यवाही को लेकर अनूपपुर में चर्चा का बाजार गर्म हो चुका है। सफेदपोश नेताओं के संरक्षण पाने से अनूपपुर मुख्यालय में सूदखोरी चरम पर है।

*आखिर क्या है सूदखोर और कैबिनेट खाद्य मंत्री का संबंध?*

सूदखोरों के पक्ष में पत्र कैबिनेट मंत्री के पत्र ने अनूपपुर जिले में राजनीति के बाजार गर्म कर दिया है कांग्रेसी और भाजपाइयों में मंत्री के पत्र की चर्चा जोरो से हो रही

एक और कैबिनेट मंत्री बिसाहूलाल ने मनीष उर्फ मालू के पक्ष में जब पत्र लिखा तो पीड़ितो ने कलेक्टर से आत्मदाह करने की इजाजत मांग ली है पीड़ितो ने जनसुनवाई में मंगलवार को अपर कलेक्टर को पत्र सौंपते हुए उक्त मामले में दुखी होकर अगले मंगलवार को आत्मदाह करने की चेतावनी दे डाली है अब मामला यह है कि आखिर कर सूदखोर और कैबिनेट मंत्री के बीच क्या संबंध है जो मंत्री को अपराधी के लिए पत्र लिखने को विवश करता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यालय के एक सफेद कुर्ताधारी व्यक्ति के आपसी संबंध के कारण मंत्री ने यह पत्र लिखा है।

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