बर्फानी दादा के द्वितीय पुण्य तिथि पर बर्फानी आश्रम में होगा भण्डारे एवं भजन संध्या का आयोजन


अनूपपुर/अमरकंटक

बर्फानी आश्रम अमरकंटक के संस्थापक एवं चतुर्थ संप्रदाय के अध्यक्ष रहे साकेत वासी बर्फानी दादा के द्वितीय पुण्य तिथि के अवसर पर अमरकंटक स्थित बर्फानी आश्रम में 23 दिसंबर शुक्रवार को सुबह से लेकर शाम तक विभिन्न्ा प्रकार के धार्मिक, आध्यात्मिक आयोजन किया गया है। उक्त जानकारी देते हुये बर्फानी आश्रम अमरकंटक के महंत एवं दिगंबर अखाडे के महा मण्डलेष्वर आर्चाय लक्ष्मण दास बालयोगी ने बताया कि नर्मदा खण्ड के प्रसिद्ध संत एवं देष भर में धर्म आध्यात्म का अलख जगाने के लिये देष भर के विभिन्न्ा क्षेत्रो में 20 से ज्यादा आश्रमो का श्रंृखला बर्फानी धाम के नाम से सेवा का केन्द्र चलाने वाले चतुर्थ संप्रदाय के पूर्व अध्यक्ष एवं संत समाज में अपने अलौकिक दिव्य प्रकाष कंुज के कारण एक अलग पहचान बनाने वाले बर्फानी दादा जी की द्वितीय पुण्य तिथि के अवसर पर बर्फानी आश्रम अमरकंटक में कई तरह के धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन शुक्रवार को किया जा रहा है। लक्ष्मण दास बालयोगी ने बताया कि सुबह धार्मिक अनुष्ठान से शुरू होकर उक्त आयोजन दोपहर में विषाल भण्डारा और शाम को भजन संध्या के साथ समाप्त होगा। इस दौरान देष विदेष के दादा जी के भक्तो के साथ-साथ अमरकंटक एवं आस-पास के सभी परम्परा के संतो का भी आश्रम में आगमन हो रहा है। महा मण्डलेष्वर लक्ष्मण दास बालयोगी ने दादा जी के भक्तो से उक्त आयोजनों में शामिल होने की अपील की है।

शिकायते फिर भी मनमानी पर उतारू प्राचार्य, शिक्षकों ने दिया स्तीफा, मगर सब पर भारी प्रभारी


अनूपपुर/कोतमा

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवगवों में प्राभारी प्राचार्य एम एस साकिर विगत कई वर्षाे से पदस्थ है, जिनके प्रभारी प्राचार्य बनने के बाद इनकी कई बार मनमानी और नियम कानून से अलग हटकर कार्य करने की शिकायतें होती रही यही नही कई बार सीएम हेल्प लाइन में भी यहां के छात्रो अतिथि शिक्षको एवं गांव वालो ने प्रभारी प्राचार्य की शिकायतें की है। बताया जाता है कि गुरूवार को अतिथि शिक्षक आंचल मिश्रा, विपिन तिवारी, आस्था मिश्रा ने अपने शिक्षण कार्य से स्तीफा दे दिया। बताया जाता है कि प्रभारी प्राचार्य अपने मनमानी को आगे बढाते हुये इन अतिथि शिक्षको को मानसिक तौर से परेशान करने लगे जिससे तंग आकर उक्त शिक्षको ने स्तीफा दे दिया। 

*प्राचार्य की हो रही है लगातार शिकायते*

मनमर्जी तरीके से विभिन्न कार्यों में भ्रष्टाचार कर मापदण्ड के विपरीत कार्य करते हुऐ आर्थिक अनियमित्ता की गई है। जिसकी यथाशीघ्र जाँच कराकर उचित कार्यवाही की जाए जो कि निम्नानुसार है। यह कि सहायक आयुक्त कार्यालय अनूपपुर से 14 जनवरी 2022 को आदेश क्रमांक/122/शिक्षा स्था 03/जनजाति कल्याण विभाग/2021 के तहत पत्र जारी कर बिन्दुवार स्पष्ट्रीकरण प्रस्तुत किए जाने के आदेश जारी किए गए थे लेकिन आज तक प्रभारी प्राचार्य देवगवों द्वारा स्पष्ट्रकीरण का कोई जवाब नहीं दिया गया और ना ही सहायक आयुक्त अधिकारी द्वारा आज दिनांक तक कोई कार्यवाही की गई ? 

*चहेतों को अतिथि शिक्षक बनाने का आरोप*

यह कि देवगवाँ संकुल अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालय में कुछ शिक्षकों को अन्यत्र विद्यालय में विगत 2 वर्षाे से लगातार तैनात कर एवं भरे हुऐ पदो के जगह पर अपने चहेते को अतिथि शिक्षक भर्ती किया गया है जबकि सहायक आयुक्त द्वारा समस्त संलग्नीकरण पूर्णतः समाप्त कर दिए गए है जो कि आदेश क्रमांक/3406/सामा. स्था./जन जा. वि./ 2022 26 अगस्त 2022 का आदेश है। विद्यालय में रिक्त पदों से ज्यादा अतिथि शिक्षक भर्ती करने का मामला एवं बिना विज्ञापन के भर्ती कर लेना वह भी सत्र के बीच-बीच में शासकीय उ.मा.वि. देवगवॉ में हिन्दी के शिक्षक एस. एल. दीनकर को अतिशेष बता कर मा.शा. मुड़धोवा में सहायक आयुक्त कार्यालय से आदेश करवाकर अगले सत्र सितम्बर माह में अतिथि शिक्षक भर्ती कराया गया है।

*मानदेय देने में करते थे मनमानी*

यह कि संकुल देवगव अन्तर्गत कई प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय में जैसे प्राथमिक विधालय सरईटोला, मा०शाला लेदरा, प्राथव्शाला जमुनिहा सत्र 2020-21 में किचन सेट निर्माण की स्वीकृति दी गई थी लेकिन इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों द्वारा मापदण्ड के विपरीत निर्माण कराया गया था जिसे लेकर जिला पंचायत कार्यालय से नोटिस जारी की गई थी लेकिन उसका आज तक कोई जवाब नहीं दिया गया। अभी तक यह भ्रष्टाचार प्रभारी प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापकों द्वारा दबा कर रखा गया है। यह कि अतिथि शिक्षक मानदेय में प्राथमिक/माध्यमिक शिक्षकों के खाते के प्राप्त योग राशि से ज्यादा भुगतान सत्र 2021 के माह-जुलाई से सितम्बर तक का मानदेय जिन-जिन को ज्यादा प्राप्त हुआ उनसे प्राचार्य द्वारा वसूली कर चलान की कापी उक्त अतिथि शिक्षकों को आज तक नहीं दिया गया, प्रभारी प्राचार्य देवगवॉ अपने संकुल के अतिथि शिक्षक के वसूले गए पैसो की चालान की प्रतियों आज दिनांक तक उपलब्ध नहीं कराई गई। यह कि संकुल देवगवों एवं प्राभारी प्राचार्य एम.एस.साकिर के संरक्षण में एस.एम.बी.सी. एवं स्थानीय निधि का बिना मापदण्ड के खरीदी कर बिल वाउचर संलग्न किया गया है। इसकी भी जांच कर उचित कार्यवाही की जाएं। यह कि एस.एल.दिनकर को बिना नियम के ज्वाईन कराया गया है जबकि एस. एल. दिनकर मेडिकल अनफिट है एवं लंबी बिमारी के चलते एस. एल. दिनकर बच्चों को पढ़ाने लिखाने की स्थिति में नहीं है फिर भी प्रभारी प्राचार्य द्वारा उन्हें ज्वाईन कराया गया है। यह कि अतिथि शिक्षक मानदेय किस मापदण्ड किस आदेश के तहत किया जा रहा है एवं अतिथि शिक्षक को कालखण्ड 3 और 4 का मात्र भुगतान किया जा रहा है जबकि ऐसा आदेश नहीं बताया गया है। जबकि मानदेय सत्र 2018 में बढा था लेकिन बढे हुऐ मानदेय का पालन नहीं किया जा रहा है। प्रभारी प्राचार्य द्वारा बोला जा रहा है कि कालखण्ड 3 एवं 4 से ज्यादा का भुगतान नहीं किया जा सकेगा।

कबाड़ियों का आतंक, बंकर का बचा आधा हिस्सा भी ले गऐ कबाडी़, सिर्फ रह गया ढांचा


अनूपपुर/बिजुरी

अनूपपुर जिले के बिजुरी थाना क्षेत्र में स्थानीय पुलिस प्रशासन कि उदासीनता के कारण क्षेत्र में कबाड़ माफिया अब दिन-प्रतिदिन थाना क्षेत्र से लाखों रूपये के कीमती लोहे व कलपुर्जों पर हाथ साफ कर, पुलिस-प्रशासन को लगातार चुनौती दे रहे हैं। बावजूद इसके कार्यवाही से इतर पुलिस विभाग के जिम्मेदार कबाड़ माफियाओं के आगे बेबस व लाचार साबित हो रहे हैं। जिससे कबाडि़यों का हौसला बुलंद, और कारोबार दिन दुगनी रात चौगुनी तरक्की कर रहे हैं। लिहाजा बिजुरी थाना क्षेत्र को अपराधियों का गढ़ मान लिया जाऐ तो यकीनन अनुचित नही होगा।

*सिर्फ रह गया ढांचा*

मौजूदा वक्त में बिजुरी थाना क्षेत्र अन्तर्गत 04 भूमिगत कोयला खदानें संचालित है। और 04 कोयला खदानें बंद हो चुकी है। जिन सभी खुली व बंद पडी़ खदानों में क्षेत्र के कबाडि़यों का कहर अक्सर बरपता रहता है। और कबाड़ माफिया आऐ दिन इन खुली व बंद पडी़ खदानों से कीमती लोहा, तार व कलपुर्जों को निशाना बनाकर ठीहों तक बेखौफ ले जाते हैं। जिन्हे रोकने का सामर्थ्य कानून के पहरेदार बिल्कुल भी नही दिखा पा रहे हैं। नतीजतन क्षेत्र के कपिलधारा काॅलरी समीप बंद पडी़ बरघाट कोयला खदान में लगभग 65-70 लाख रूपये कि लागत से निर्मित 85 टन भारक क्षमता वाले बेंकर का 80% हिस्सा काटकर कबाडि़यों ने कुछ माह पूर्व ही अपनी जेबें गर्म की थी। और वहां सिर्फ लोहे का एक ढांचा व अन्य बडा़ हिस्सा भर रह गया था। लेकिन गत रात्रि कबाडि़यों ने बेंकर के उक्त बडे़ हिस्से को भी बकायदा गैंस कटर से काटकर पूरा ले गऐ। जिसकी अनुमानित कीमत काॅलरी के जानकार लगभग 2.50 से 03 लाख रूपये तक आंक रहे हैं।

*प्रबंधन की लापरवाही*

बंद पडी़ बरघाट कोयला खदान कोरजा उपक्षेत्रीय प्रबंधक के अधिकार क्षेत्र में आता है। किन्तु खदान के बंद होने पश्चात कोरजा उपक्षेत्रीय प्रबंधन ने उक्त बैंकर कि सुरक्षा व्यवस्था हेतु काॅलरी से किसी भी सुरक्षा कर्मी कि तैनाती नही की गयी है। जिससे उक्त बेंकर को किसी भोल्ले व चुनमुन कबाडी़ ने आमदनी का चारागाह बना लिया है। और कलपुर्जों को स्वलाभ का जरिया।

*कबाड़ी सब पर भारी*

थाना क्षेत्र बिजुरी प्रदेश व जिले का अंतिम छोर होने के कारण पडो़सी राज्य मनेन्द्रगढ़ के कबाडि़यों ने यहां डेरा जमा लिया है। जानकार बताते हैं कि पडो़सी मनेन्द्रगढ़ के कबाडी़ जंगल के रास्ते कपिलधारा समीप बंद पडी़ बरघाट खदान में पहुंचकर अपने कार्य को अंजाम दे रहा है। वहीं यह कबाडी़ नगर में भी प्रवेश कर भिन्न-भिन्न स्थानों पर लोहा, तार एवं काॅलरी के कीमती। कलपुर्जों को निशाना बना रहा है। जिस पर कार्यवाई, काॅलरी प्रशासन सहित पुलिस विभाग के लिऐ लोहे का चना चबाने जितना साबित हो रहा है।

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