जिले में चलाया गया नाइट कांबिंग ऑपरेशन में पुलिस ने चलाया सघन चेकिंग 62 गिरफ्तार


अनूपपुर

प्रदेश व्यापी नाइट कांबिंग ऑपरेशन चलाए जाने हेतु पुलिस मुख्यालय भोपाल से निर्देश प्राप्त हुए थे। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिला अनूपपुर में रात्रि में कांबिंग गस्त ऑपरेशन चलाया गया। जिसमें 04 राजपत्रित अधिकारी सहित पुलिस के लगभग 200 अधिकारी कर्मचारी शामिल रहे। जिला मुख्यालय स्तर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर की उपस्थिति में समस्त बल को ब्रीफ किया गया एवं अलग-अलग सर्चिंग पार्टियां बनाई गयी। सर्चिंग पार्टियों के द्वारा गिरफ्तारी वारंटियों, स्थाई वारंटियों, फरार आरोपियों, इनामी बदमाशों, जिला बदर अपराधियों एवं अन्य अपराधियों की सघन रूप से चेकिंग की गयी। चेकिंग के दौरान पुलिस की सर्चिंग पार्टियों के द्वारा 43 गैर जमानती वारंटियों, 06 इनामी बदमाशों, 13 अन्य अपराधियों को गिरफ्तार किया गया एवं 11 जिला बदर अपराधियों व निगरानी बदमाशों की चेकिंग की गयीं।

भारतीय भाषा दिवस पर तुलनात्मक भाषा व संस्कृति अध्ययन शाला में भाषाई उत्सव का किया गया आयोजन 


इंदौर

भारतीय भाषा दिवस देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय इंदौर के तुलनात्मक भाषा एवं संस्कृति अध्ययन शाला में भारतीय भाषा दिवस पर भाषाई उत्सव का आयोजन किया गया।

11 दिसंबर को भारत के शिक्षा मंत्रालय द्वारा भारतीय भाषा उत्सव को प्रत्येक भाषा संस्थानों में प्रतिवर्ष मनाया जाना तय हुआ । केवल शिक्षा संस्थान ही नहीं अपितु यह हम सब भारतीय नागरिकों का नैतिक कर्तव्य भी है कि हम सब अपनी मातृभाषा का एंंव भारतीय सभी भाषाओं का सम्मान करें। हमारे संविधान में भी 22 भाषाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है । इनके अतिरिक्त भी अन्य भाषाएं, बोलियां एंंव उपबोलियां है। जिनमें प्रेम और आकर्षण है। जो मानव को मानव से जोड़ती है।

आज 11दिसंबर को भाषा 'सद्भाव'दिवस को भारतीय भाषा दिवस के रूप में मनाया गया। शीतल राघव द्वारा कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया। डॉ.  ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव जी द्वारा इस उत्सव का प्रारंभ एक महत्वपूर्ण उद्बोधन के साथ हुआ कि किस प्रकार सुब्रमण्यम भार्दयार चिन्नास्वामी के जन्मदिवस को अर्थात 11 दिसंबर 1882 को  भाषा दिवस के रूप में मनाया जाना तय हुआ । इसके अतिरिक्त सभी शिक्षकों को एंंव विद्यार्थियों को कार्यक्रम की अग्रीम शुभकामनाएं दी।

इसके उपरांत डाॅ पुष्पेंद्र दुबे जी ने एक व्याख्यान दिया जिसमें भारतीय सभी भाषाओं के सम्मान की बात कही तथा कम से कम एक अन्य भाषा तथा बोलियों की सीखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि सुब्रमण्यम चिन्नास्वामी तमिल के एक विख्यात कवि एवं भारतीय आन्दोलन में भाग लेनेवाले एक श्रेष्ठ कवि व कार्यकर्ता थे। सुब्रमण्यम जी ने भाषा के परिप्रेक्ष्य  में उद्घाटित  किया कि था कि किस प्रकार भाषा द्वारा एक देश बन भी सकता है एंंव बिगड़ भी सकता है । डाॅ पुष्पेंद्र दुबे जी का कहना है कि हमें स्वयं अन्य भाषाओं का परिचय प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए। अन्य भाषाओं कै सुनकर आंनद का अनुभव किया जाना चाहिए न कि परेशानी का अनुभव किया जाना चाहिए। क्योंकि प्रत्येक मनुष्य एक दुसरे की भाषा को भले ही न समझे परंतु हम एक दूसरे की भावनाओं को अवश्य समझते हैं। इसलिए प्रत्येक भाषा का सम्मान करें।

सर का यह भी मानना है कि भारत सरकार द्वारा कुछ भाषा संबंधी कदम भी उठाए जाने आवाश्यक है जैसे 6 महीने  से लेकर एक साल की अवधि के भाषा अध्ययन संबंधी निशुल्क पाठ्यक्रम चलाए जाने चाहिए। जिसके द्वारा भारत की सांस्कृतिक और भाषाई विरासत का विस्तार हो सके और  गौरव पूर्ण भाषाओं का संप्रेषण किया जा सके ।

डाॅ गुहा द्वारा भाषा के माध्यम से किस प्राय आपसी सद्भावना और सौहार्द का विस्तार हो सके बताया खूब। इस सुअवसर पर सर ने "फैज अहमद फ़ैज़" के शायराना के अंदाज से अवगत कराया कि किस प्रकार वह अपनी रचनाओं में रूमानियत के साथ साथ जीवन के कठोर तत्वों का समावेश किया करते थे। 

हिन्दी कवि एवं लेखक जैसे - कबीर, राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त, जयशंकर प्रसाद किस प्रकार जन जन के कवि बन गए।‌ कबीर हर घर की वाणी है क्योंकि वह सब को एक साथ आगे रखकर बढ़ने के पक्षपाती थे। 

बाबा भीमराव अम्बेडकर ने सभी भाषाओं का सम्मान करते हुए भारतीय संविधान की रूपरेखा को तैयार करते हुए भाषाओं को स्थान देकर भाषाई स्वतंत्रता प्रदान की । क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति भाषा द्वारा ही सोचता है समझता है एंंव अपनी भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति करता है क्योंकि भाषा ही एक ऐसा माध्यम है जो मानव को मानव के दिल तक पहुंचाता है। 

अंत में डाॅ मुकेश भार्गव जी द्वारा आभार वक्तव्य दिया गया। एंंव विद्यार्थियों को कार्यक्रम के लिए एंंव भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं । उन्होंने अपने वक्तव्य के दौरान अपनी मातृभाषा निमाड़ी के प्रति स्नेह व लगाव को रखते हुए अपने किसान मित्र की जनहित से सम्बन्धित बातों को भी सामने रखा कि किस प्रकार एक किसान मेहनत से कृषि क्षेत्र में काम करता है और सम्पूर्ण विश्व की उदरपूर्ती करता है।  सचमुच ही एक कृषक सम्मान का अधिकारी होता है। 

कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा संचालिका शीतल राघव द्वारा की गई। इस सुअवसर पर भिन्न भिन्न भाषा भाषी छात्र छात्राओं ने हिंदी, तमिल, मराठी, उर्दू, अंग्रेजी आदी पर अपने विचार रखे एवं गीत व कविताओं के माध्यम से सम्पूर्ण विभाग को बहुत गुंजायमान रखा। 

कोयला खदान चालू कराने पांच श्रम संगठन करेंगे चक्का जाम जिला प्रशासन पर लगा लापरवाही का आरोप


अनूपपुर/कोतमा

पिछले 12 अगस्त 2022 से एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र की आमाडांड खुली खदान परियोजना का उत्पादन कार्य पूरी तरह से इसलिए बंद पड़ा है कि वहां पर नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर कुछ पात्र तो कुछ अपात्र लोगों के द्वारा विवाद की स्थिति निर्मित की जा रही है जिसके कारण से उत्पादन कार्य बंद पड़ा हुआ है इस बात की जानकारी जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी है और एसईसीएल प्रबंधन जिला प्रशासन से खदान चालू कराने हेतु सहयोग की अपेक्षा लगातार कर रहा  है तो वहीं कुंभकर्णी निद्रा में सोए हुए जिला प्रशासन को जगाने के लिए 26 दिसंबर 2022 को नेशनल हाईवे 43 बदरा में पांचो पांडव यानी जमुना कोतमा क्षेत्र के पांचों श्रम संगठन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी अनिश्चितकालीन चक्का जाम कर खदान चालू करने हेतु अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

जमुना कोतमा अनूपपुर। जिले की एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र की खुली खदान परियोजना आमाडांड के कोयला उत्पादन का कार्य पिछले 5 माह से इस कारण से बंद है कि वहां पर कुछ पात्र तो कुछ अपात्र व्यक्तियों के द्वारा नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रकट किया जा रहा है और कार्य में अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है  जबकि परियोजना के लिए नीमहा कुहका एवं आमाडांड  की कुल भूमि रकबा 1729 अधिकृत किया जाकर अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा राज्य शासन के समक्ष एसईसीएल द्वारा जमा किया जा चुका है पात्रता के आधार पर पूर्व में 516 रोजगार मध्य प्रदेश पुनर्वास एवं कोलइंडिया पुनर्वास योजना के तहत प्रदान किया जा चुका है उसके अतिरिक्त कुल 116 रोजगार और भी प्रदान किए जा चुका हैं इस तरह से प्रभावित भू स्वामियों को कुल 26.15 करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है इसके बाद भी कुछ अपात्र लोगों के द्वारा खदान के संचालन में व्यवधान उत्पन्न कर कार्य को प्रभावित किया जा रहा है और कोयला खदान बंद पड़ी है। खदान बंद होने से हजारों मजदूरों के रोजी रोटी पर संकट गहराने लगा है तो वही मध्य प्रदेश के राजस्व को भी 29 . 87  लाख रुपए प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है। खदान को शीघ्र चालू कराने हेतु जमुना कोतमा क्षेत्र के पांचो श्रम संगठन लामबंद होकर 26 दिसंबर 2022 को बदरा नेशनल हाईवे 43 पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे जिसको लेकर 10 दिसंबर 2022 को सभी श्रम संगठन के प्रतिनिधियों ने कोतमा कालरी गेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता कर मीडिया के समक्ष अपनी बात रखी।

*जिला प्रशासन की लापरवाही-श्रीकांत शुक्ला*

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एचएमएस यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीकांत शुक्ला ने कहा कि जमुना कोतमा क्षेत्र का भविष्य आमाडांड खुली खदान परियोजना पर टिका हुआ है जहां हजारों मजदूरों का जीवन यापन चल रहा है और इस खदान का उत्पादन कार्य बंद होने से एक बड़ा संकट क्षेत्र पर मंडरा रहा है लेकिन अनूपपुर का जिला प्रशासन इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है और उनकी लापरवाही  के कारण आज ऐसी स्थिति बनी हुई है जहां पर चंद अपात्र लोग पहुंचकर खदान को बंद करा दे रहे हैं और जिला प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है। हमें अपने क्षेत्र के लोगों का भविष्य बचाने के लिए करो या मरो की स्थिति खड़ी हो गई है और हम सब मिलकर खदान चालू कराने हेतु चक्का जाम करेंगे और इसके आगे भी कोई कदम उठाना पड़ा तो उठाया जाएगा।

*हम श्रमिकों के भविष्य के लिए लड़ते हैं- संजय सिंह*

भारतीय मजदूर संघ जमुना कोतमा क्षेत्र के क्षेत्रीय महामंत्री संजय सिंह ने कहा कि हमारा संगठन हमेशा मजदूरों के भविष्य के लिए संघर्ष करता है आज आमाडांड खुली खदान परियोजना के बंद होने से हमारे मजदूरों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है वही  खदान बंद होने के कारण ठेका मजदूरों के पलायन की स्थिति निर्मित हो गई है हम सभी आमाडांड खुली खदान परियोजना के पात्र हितग्राहियों के विरोधी नहीं हैं लेकिन यहां पर अपात्र लोगों की संख्या ज्यादा है जिनका कोई अधिकार ना तो मुआवजा के लिए बनता है और ना ही नौकरी के लिए फिर भी अवरोध उत्पन्न कर खदान को बंद करा रहे हैं ऐसे लोगों के विरुद्ध जिला प्रशासन यदि समय रहते कठोर कदम उठाता तो आज यह नौबत नहीं आती, लेकिन आज भी जिला प्रशासन सोया हुआ है और ऐसे लोगों के हौसले बुलंद हैं चंद लोगों के कारण ही हजारों लोगों का भविष्य दांव  पर लगा हुआ है हम सब चक्का जाम करेंगे और जरूरत पड़ी तो रेल रोको आंदोलन भी करेंगे।

*अपात्र लोगों के विरुद्ध हो कार्यवाही- लालमन सिंह*

एटक यूनियन के क्षेत्रीय सचिव लालमन सिंह ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा की आमाडांड खुली खदान परियोजना में जो भी अपात्र व्यक्ति सामने आकर खदान के संचालन में व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं ऐसे कुछ चिन्हित लोग हैं जिनके खिलाफ जिला प्रशासन को कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए जिससे कि खदान का संचालन सुचारू रूप से संचालित हो सके जमुना कोतमा क्षेत्र की जीवन रेखा जिसका वार्षिक उत्पादन क्षमता 40 लाख टन है जिसकी रॉयल्टी मध्य प्रदेश सरकार को 29. 87 लाख रुपए प्रतिदिन दी जा रही है और चंद लोगों के कारण मध्य प्रदेश सरकार सहित कोल इंडिया को भारी नुकसान पहुंच रहा है जिला प्रशासन के द्वारा सहयोग ना किए जाने को लेकर हम सभी चक्का जाम करेंगे और आगे भी यह लड़ाई जारी रहेगी।

*जानकारी होने के बाद भी जिला प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान*

सीटू यूनियन के अध्यक्ष अनिल शर्मा एवं इंटक यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष रमेश कुशवाहा के द्वारा प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा गया कि जिला प्रशासन के पास सारी जानकारी होने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है नहीं तो इतना दिनों तक खदान का उत्पादन बंद नहीं होता खदान बंद होने से लगभग 300 कंपनी के कर्मचारियों को स्थानांतरण किए जाने की स्थिति निर्मित हो गई है तथा कोयला परिवहन एवं ठेकेदारी में लगे कामगारों के भी सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है अनूपपुर कलेक्टर को पांचों श्रम संगठन के प्रतिनिधियों द्वारा खदान को चालू कराने हेतु ज्ञापन सौंपा गया है अन्यथा 26 दिसंबर 2022 को अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा

प्रेस वार्ता के दौरान जमुना कोतमा क्षेत्र के श्रम संगठन बीएमएस के अध्यक्ष सुरेश राठौर महामंत्री संजय सिंह एचएमएस के अध्यक्ष श्रीकांत शुक्ला जेसीसी सदस्य विक्रम प्रसाद एटक के महामंत्री राजकुमार शर्मा लालमन सिंह सीटू के अध्यक्ष अनिल शर्मा सचिव आर एस यादव इंटक के अध्यक्ष रमेश कुशवाहा महामंत्री संजय कुमार उपस्थित रहे।

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