फॉरेक्स ट्रेडिंग स्कैम, पैसा दोगुना करने का लालच देकर ठगने वाला मास्टरमाइंड का 'झूठा ऑडियो' हुआ वायरल
अनूपपुर
मध्य प्रदेश सहित पूरे भारतवर्ष में फॉरेक्स मार्केट (Forex Market) के जरिए रातों-रात पैसा दोगुना करने का झांसा देकर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने वाला मास्टरमाइंड उमेश कांति लाल पटेल आखिरकार कानून के शिकंजे में है। गुजरात के अहमदाबाद का रहने वाला यह महाठग वर्तमान में अनूपपुर जेल की सलाखों के पीछे है। हजारों निवेशकों की गाढ़ी कमाई डकारने वाले इस आरोपी ने जब देखा कि उसका भंडाफोड़ होने वाला है, तो उसने निवेशकों को गुमराह करने और समय काटने के लिए एक ऑडियो जारी किया था। निवेशकों का पैसा पूरी तरह डूबने से पहले का यह ऑडियो अब इस बड़े घोटाले में आरोपी की चालाकी का अहम सबूत बन गया है।
ठगी का शिकार हुए निवेशकों का गुस्सा शांत करने और पुलिस शिकायतों से बचने के लिए आरोपी उमेश पटेल ने एक ऑडियो संदेश जारी कर झूठे वादों की झड़ी लगा दी थी। सामने आए इस ऑडियो ट्रांसक्रिप्ट में आरोपी बड़ी ही चालाकी से कहता सुना जा सकता है कि, "काम हमारा बिल्कुल पक्का हो गया है... उनके पास फंड की कोई कमी नहीं है, फंड रेडी है।" अपनी बातों में उलझाने के लिए उसने एक 'तीसरे ग्रुप' की मनगढ़ंत कहानी रची, जो कथित तौर पर सिक्योरिटी (गारंटी) देने वाला था। उसने निवेशकों को यह कहकर बेवकूफ बनाया कि उसके पास अपनी कोई एसेट्स (संपत्ति) नहीं है, इसलिए एक अन्य ग्रुप कागजी कार्रवाई कर रहा है।
आरोपी ने अपने ऑडियो संदेश में कागजी कार्रवाई (पेपर वर्क) और डॉक्यूमेंटेशन का बहाना बनाकर निवेशकों से 10 नवंबर तक धैर्य रखने की मार्मिक अपील की थी। उसने ऑडियो में दावा किया था: "10 तारीख तक पॉसिबिलिटी 100% है कि हमारी तरफ से एक छोटी सी शुरुआत हो जाए... और उसके बाद एक बड़ा फंड भी ये लगा देंगे।" दरअसल, यह निवेशकों को कानूनी कार्रवाई से दूर रखने की एक सोची-समझी चाल थी। वह बार-बार 'प्रोसीजर' और 'लिक्विडिटी' जैसे भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल करके निवेशकों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहा था कि उनका पैसा सुरक्षित है।
उमेश पटेल के 10 नवंबर के वादे के बाद किसी भी निवेशक को एक फूटी कौड़ी वापस नहीं मिली और पूरा सिस्टम क्रैश कर दिया गया। लेकिन निवेशकों का पैसा लेकर फरार होने की उसकी योजना धरी की धरी रह गई। प्रशासन और पुलिस की सख्ती के बाद इस गुजराती ठग को अनूपपुर जिले के वरिष्ठ पत्रकार संतोष चौरसिया की रिपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया है और अब वह अनूपपुर जेल में बंद है।
